AAP ने हरियाणा सरकार पर लगाया आरोप, पंजाब में विधायकों को खरीदने की रच रही साजिश
आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी अनुराग ढांडा ने हरियाणा सरकार पर आरोप लगाया है कि पंजाब में विधायकों को खरीदने का खेल चलाया जा रहा है. उन्होंने कहा कि यह लोकतंत्र पर सीधा हमला है और जनता के विश्वास के साथ धोखा है. अनुराग ढांडा ने कहा कि हरियाणा आज बेरोजगारी, बदहाल कानून व्यवस्था, टूटी सड़कों, नशे के फैलते जाल और खिलाड़ियों की अनदेखी जैसी गंभीर समस्याओं से जूझ रहा है. नौ महीनों से खिलाड़ियों को उनकी डाइट का पैसा नहीं मिला. बुजुर्गों की पेंशन को काटा जा रहा है. महिलाओं की योजनाओं में कटौती हो रही है. युवा नौकरी के लिए दर-दर भटक रहे हैं.
लोकतंत्र को अस्थिर करने में खर्च किया जा रहा
उन्होंने कहा कि यदि हरियाणा सरकार के पास इतना पैसा और ऊर्जा है, तो उसे अपने प्रदेश की व्यवस्था सुधारने में लगाना चाहिए, न कि पंजाब जाकर विधायकों को तोड़ने की कोशिश में. यह बेहद शर्मनाक है कि हरियाणा की जनता के टैक्स का पैसा लोकतंत्र को अस्थिर करने में खर्च किया जा रहा है.
62,000 से अधिक युवाओं को बिना सिफारिश के नौकरियां
अनुराग ढांडा ने कहा कि दूसरी ओर पंजाब में भगवंत मान के नेतृत्व में आम आदमी पार्टी की सरकार ने मात्र चार वर्षों में 62,000 से अधिक युवाओं को बिना सिफारिश और बिना भ्रष्टाचार के सरकारी नौकरियां दी हैं. पारदर्शिता और ईमानदारी के आधार पर शासन चलाया जा रहा है. उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी के विधायक बिकाऊ नहीं हैं. वे ईमानदारी की राजनीति के प्रतीक अरविंद केजरीवाल की विचारधारा से प्रेरित सच्चे कार्यकर्ता हैं. उन्हें पैसे या पद का लालच देकर तोड़ा नहीं जा सकता.
खरीद-फरोख्त की राजनीति सफल नहीं होने दी जाएगी
अनुराग ढांडा ने साफ किया है कि लोकतंत्र की खरीद-फरोख्त की राजनीति को किसी भी कीमत पर सफल नहीं होने दिया जाएगा. बेहतर होगा कि हरियाणा सरकार अपनी शेष अवधि जनता की सेवा में लगाए, न कि लोकतांत्रिक सरकारों को अस्थिर करने की नाकाम कोशिशों में.
केरल : दस महीने का बच्चा राज्य में सबसे कम उम्र का ऑर्गन डोनर बना
तिरुवनंतपुरम, 13 फरवरी (आईएएनएस)। एक दिल दहला देने वाला लेकिन बहुत प्रेरणा देने वाला काम करते हुए, एक 10 महीने की बच्ची, जिसकी सड़क दुर्घटना में जान चली गई थी, केरल में सबसे कम उम्र की ऑर्गन डोनर बन गई है और मौत में भी दूसरों को उम्मीद और इलाज दे रही है। अधिकारियों ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।
पठानमथिट्टा जिले के मल्लापल्ली की रहने वाली एलिन शेरिन अब्राहम को एक दुखद सड़क दुर्घटना के बाद ब्रेन डेड घोषित कर दिया गया था। इतने दुख के बीच कि सोच भी नहीं सकते कि उसके माता-पिता ने उसके अंग दान करने का फैसला किया ताकि दूसरों की जान बचाई जा सके।
उनके इस फैसले ने राज्य भर में कई लोगों के दिलों को छू लिया है। बच्ची की किडनी, लिवर और हार्ट वाल्व दान किए जा रहे हैं। उसकी दोनों किडनी तिरुवनंतपुरम मेडिकल कॉलेज से जुड़े एस.ए.टी. हॉस्पिटल में इलाज करा रहे एक 10 साल के बच्चे को ट्रांसप्लांट की जाएंगी।
समय पर ट्रांसप्लांटेशन प्रोसेस पक्का करने के लिए अंगों को सड़क के रास्ते ले जाया जा रहा है। राज्य की स्वास्थ्य मंत्री वीना जॉर्ज ने परिवार के इस अनोखे काम के लिए बहुत तारीफ की। अपनी संवेदनाएं जाहिर करते हुए, उन्होंने कहा कि इतने गहरे निजी दुख के समय में भी दूसरों की जिंदगी के बारे में सोचने का माता-पिता का फैसला जबरदस्त हिम्मत और इंसानियत दिखाता है। उन्होंने यह भी कहा कि राज्य सरकार दुखी परिवार के साथ खड़ी है।
वीना जॉर्ज ने अपने सोशल मीडिया पेज पर कहा, बच्चे को खोना एक बहुत बड़ी दुखद घटना है। फिर भी, ऑर्गन डोनेशन का रास्ता चुनकर, एलिन शेरिन के माता-पिता ने अपने निजी दर्द को उन परिवारों के लिए उम्मीद की किरण में बदल दिया है जो जान बचाने वाले ट्रांसप्लांट का इंतजार कर रहे हैं। उनका यह काम केरल में ऑर्गन डोनेशन के बारे में बढ़ती जागरूकता और ऐसे फैसलों के जीवन को मजबूत करने वाले असर को दिखाता है।
हालांकि उनकी बेटी के नुकसान की भरपाई कुछ भी नहीं कर सकता, लेकिन यह जानकर कि उसके ऑर्गन दूसरे बच्चों और परिवारों को जिंदगी का नया मौका देंगे, कुछ सुकून मिल सकता है।
मंत्री जॉर्ज ने कहा, एलिन शेरिन को याद करते हुए, केरल उनके माता-पिता की शांत ताकत को भी याद करता है, जिन्होंने सबसे मुश्किल समय में, निराशा के बजाय दया और नुकसान के बजाय जिंदगी को चुना।
--आईएएनएस
एससीएच
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