Puri Rath Yatra के रथों के पहिए राष्ट्रपति भवन में होंगे प्रदर्शित
(संपादकीय सुधार के साथ) भुवनेश्वर, चार अगस्त पुरी की वार्षिक रथयात्रा में इस्तेमाल होने वाले तीनों रथों के पहिए राष्ट्रपति भवन में प्रदर्शित किए जाएंगे। एक अधिकारी ने मंगलवार को यह जानकारी दी। श्री जगन्नाथ मंदिर प्रशासन (एसजेटीए) के मुख्य प्रशासक अरविंद पाढ़ी ने बताया कि उन्होंने भुवनेश्वर स्थित लोक भवन में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात की और उनके समक्ष यह प्रस्ताव रखा।
उन्होंने एक बयान में कहा, ‘‘राष्ट्रपति इस बात पर सहमत हो गईं कि तीनों रथों के पहिये राष्ट्रपति भवन में प्रदर्शित किए जाएं। यह हम सभी के लिए गर्व का क्षण है।’’ अधिकारियों ने बताया कि भगवान जगन्नाथ के ‘नंदीघोष’, भगवान बलभद्र के ‘तालध्वज’ और देवी सुभद्रा के ‘दर्पदलन’ रथों के पहियों को नयी दिल्ली भेजा जाएगा और ओडिशा की सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक विरासत के स्थायी प्रतीक के रूप में प्रदर्शित किया जाएगा। उन्होंने बताया कि वार्षिक रथयात्रा के दौरान इस्तेमाल किए जाने वाले तीनों रथों को हर साल उत्सव के बाद खोल दिया जाता है।
जहां लकड़ी का एक हिस्सा जगन्नाथ मंदिर की रसोई में इस्तेमाल होता है, वहीं रथों के महत्वपूर्ण हिस्सों की श्रद्धालुओं के बीच नीलामी की जाती है। उन्होंने बताया कि उत्सव के लिए नए रथों के निर्माण के वास्ते हर साल नयी लकड़ी का उपयोग किया जाता है। यह पहली बार नहीं है जब ओडिशा की विरासत को राष्ट्रपति भवन परिसर में जगह मिलने जा रही है।
अधिकारियों ने बताया कि इससे पहले 29 अक्टूबर 2024 को प्रतिष्ठित कोणार्क पहियों की बलुआ पत्थर से बनी चार प्रतिकृतियों को राष्ट्रपति भवन सांस्कृतिक केंद्र और अमृत उद्यान में प्रदर्शित किया गया था, ताकि आगंतुकों के सामने भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को प्रदर्शित किया जा सके।
IMD अलर्ट के बीच उत्तरी Kerala में भारी बारिश से निचले इलाके जलमग्न
तिरुवनंतपुरम, चार अगस्त केरल के विभिन्न हिस्सों में भारी बारिश का दौर जारी है और मंगलवार सुबह साढ़े पांच बजे तक के पिछले 21 घंटे की अवधि के दौरान उत्तरी जिलों में सबसे अधिक बारिश दर्ज की गई। मौसम विभाग ने यह जानकारी दी। बारिश जारी रहने से अलप्पुझा, पत्तनमथिट्टा, कोट्टायम और कोझिकोड के कई निचले और नदी के तटीय इलाके अब भी जलमग्न हैं जिससे लोगों को राहत शिविरों में जाने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है।
इस आपदा में लोगों के अहम दस्तावेज और बच्चों की स्कूल की किताबें भी बह गई हैं। राज्य के पर्यटन मंत्री पी.सी. विष्णुनाथ ने कहा कि बाढ़ में गुम हुए दस्तावेजों को दोबारा बनवाने के लिए विशेष अदालतें लगाई जाएगीं और सरकार यह सुनिश्चित करेगी कि बच्चों को आवश्यक पाठ्यपुस्तकें और अन्य अध्ययन सामग्री मिले। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार ने फिलहाल प्रत्येक वार्ड में सफाई कार्य के लिए 25,000 रुपये मंजूर किए हैं और कई स्वयंसेवी संगठन उन घरों की सफाई में मदद के लिए आगे आए हैं जहां पानी घुस गया था।
इसके अलावा, मुख्यमंत्री ने घोषणा की है कि जिन लोगों ने अपने घर और आजीविका खो दी है, उन्हें बिना किसी देरी के वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने आज के लिए राज्य के 12 जिलों में ‘ऑरेंज अलर्ट’ और दो जिलों में ‘येलो अलर्ट’ जारी किया था। आईएमडी के अनुसार कासरगोड के बायार में तीन अगस्त तड़के तीन बजे से आधी रात तक राज्य में सबसे अधिक 121.5 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई।
कासरगोड के ही मुलियार में 81 मिलीमीटर, कन्नूर हवाई अड्डे पर 74 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। कोझिकोड के उरुमी में 65 मिलीमीटर बारिश हुई। कन्नूर के चेरुवंचेरी और कासरगोड के आरएआरएस पिलिकोड में 59.5-59.5 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई।
वहीं एर्णाकुलम के नेरियामंगलम में 59 मिलीमीटर बारिश हुई। आईएमडी 24 घंटों की अवधि के भीतर 60 मिलीमीटर या उससे अधिक बारिश को ‘भारी बारिश’ मानता है। आधिकारिक जानकारी के अनुसार, मुवाट्टुपुषा और तोडुपुषा नदियों का जलस्तर मंगलवार सुबह चेतावनी के निशान से ऊपर बना हुआ है, हालांकि पानी का स्तर अब कम हो रहा है।
अधिकारियों ने बताया कि सुबह आठ बजे मुवाट्टुपुषा नदी का जलस्तर 11.60 मीटर पर दर्ज किया गया, जो 10.92 मीटर के चेतावनी स्तर से ऊपर और 11.93 मीटर के खतरे के निशान के करीब है। उन्होंने कहा कि जलस्तर घट रहा है। तोडुपुषा नदी में सुबह आठ बजे जलस्तर 11.50 मीटर दर्ज किया गया।
इस नदी का चेतावनी स्तर 10.78 मीटर और खतरे का निशान 11.79 मीटर है। इस बीच, कलियारा नदी 12.26 मीटर पर बह रही थी, जो इसके चेतावनी स्तर 13.10 मीटर और खतरे के स्तर 14.10 मीटर से नीचे है। इन नदियों का जलस्तर भी कम हो रहा है।
अधिकारी नदियों पर लगातार नजर रख रहे हैं और उन्होंने तटवर्ती इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है, क्योंकि मानसून के कारण राज्य के कई हिस्सों में बारिश का दौर जारी है।
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