लखनऊ के फैजुल्लागंज में तटबंध निर्माण के लिए 182 करोड़ रुपये मंजूर, Rajnath Singh ने दिया भरोसा
रक्षा मंत्री और लखनऊ से सांसद राजनाथ सिंह ने बृहस्पतिवार को राजधानी के बाढ़ प्रभावित फैजुल्लागंज के लोगों को आश्वस्त किया कि क्षेत्र में बार-बार आने वाली बाढ़ की समस्या के समाधान के लिए धन की कमी नहीं होने दी जाएगी। राजनाथ ने कहा कि भविष्य में ऐसी स्थिति से बचने के लिए तटबंधों को मजबूत करने और स्थायी समाधान तलाशने के प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने फैजुल्लागंज में बाढ़ प्रभावित लोगों को राहत सामग्री वितरित करने के लिए आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि वह स्थिति पर लगातार नजर रख रहे हैं और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, जिला प्रशासन तथा क्षेत्रीय विधायक नीरज बोरा के संपर्क में हैं।
रक्षा मंत्री ने कहा, यह भाषण देने का समय नहीं है। मैं आपको भरोसा दिलाने आया हूं कि संकट की इस घड़ी में हम आपके साथ खड़े हैं। उन्होंने बताया कि बाढ़ की समस्या पर चर्चा के बाद मुख्यमंत्री ने तटबंध निर्माण के लिए 182 करोड़ रुपये की घोषणा की है।
सिंह ने कहा कि वह भारतीय प्रबंधन संस्थान (आईआईएम) से फैजुल्लागंज तक प्रस्तावित तटबंध की आधारशिला रखने की प्रक्रिया में तेजी लाने के लिए मुख्यमंत्री से आग्रह करेंगे। उन्होंने कहा कि परियोजना को आगे बढ़ाने और जल्द निर्माण शुरू कराने के लिए लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए) के अधिकारियों के साथ भी चर्चा की गई है। सिंह ने कहा कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्र में राहत एवं पुनर्वास कार्यों के लिए धन की कमी नहीं होने दी जाएगी।
उन्होंने कहा कि समस्या के स्थायी समाधान के लिए निरंतर प्रयास करने होंगे। रक्षा मंत्री ने बताया कि प्रभावित लोगों के बीच करीब 10 हजार और राहत पैकेट वितरित किए जाएंगे। उन्होंने विधायक बोरा से यह सुनिश्चित करने को कहा कि कोई भी जरूरतमंद परिवार राहत सामग्री से वंचित न रहे।
रक्षा मंत्री ने कहा कि बाढ़ का पानी उतरने के बाद बीमारियां फैलने की आशंका को देखते हुए जिला प्रशासन सतर्क है, आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं और राहत कार्यों में चिकित्सकों को भी तैनात किया गया है। उन्होंने कहा कि वह स्थानीय विधायक और अन्य जनप्रतिनिधियों के साथ मिलकर प्रभावित लोगों को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने के लिए प्रयासरत रहेंगे। सिंह ने कहा कि संकट के समय लोगों की मदद करना जनप्रतिनिधियों का कर्तव्य है, कोई एहसान नहीं।
उन्होंने कहा कि जनता ने अपने प्रतिनिधियों पर भरोसा जताया है और उस भरोसे पर खरा उतरना उनकी जिम्मेदारी है। सिंह ने कहा कि सरकार ऐसी व्यापक व्यवस्था विकसित करने की दिशा में काम कर रही है जिससे फैजुल्लागंज के लोगों को भविष्य में बार-बार आने वाली बाढ़ की समस्या से राहत मिल सके।
ज्ञानेश कुमार के समर्थन में उतरे 30000 लोग, बयान से तहलका!
सरकार और चीफ इलेक्शन कमिश्नर के समर्थन में 3000 से ज्यादा जेन-जी युवा सड़कों पर उतर आए हैं। इसे देखकर कॉकरोचों के होश उड़ गए हैं। कुछ लोग सोशल मीडिया पर लिख रहे हैं कि एक कॉकरोच के मुकाबले 10,000 देशभक्त सड़कों पर आ गए हैं। दिल्ली एयरपोर्ट पर कॉकरोच जनता पार्टी से परेशान लोगों ने अभिजीत दीपके के परखच्चे उड़ा दिए। दिल्ली एयरपोर्ट पर अभिजीत दीपके को देखते ही लोगों ने गुस्से में चिल्लाकर कहा कि देश को क्यों खराब कर रहा है? आपको बता दें कि दिल्ली के लोगों के अलावा व्यापारी भी इन कॉकरोचों और विपक्षी दलों से बेहद परेशान हैं। दिवाली आने वाली है। नवरात्रि का त्यौहार शुरू हो चुका है। लेकिन विपक्षी दलों और कॉकरोच जनता पार्टी के प्रदर्शनों की वजह से व्यापारियों का काम पूरी तरह से ठप रहा। नवरात्रि के पहले तीन शुभ दिन निकल गए। लेकिन इस शुभ मौके पर कॉकरोचों की वजह से दिल्ली के व्यापारियों को अपनी दुकानें बंद रखनी पड़ी। दिल्ली को हजारों करोड़ों का नुकसान हो रहा है। मगर राहुल गांधी अड़ गए हैं कि ज्ञानेश कुमार, पीएम मोदी, गृह मंत्री अमित शाह सबका इस्तीफा लेकर रहूंगा। हालांकि राहुल गांधी ने अभी तक जेएनयू के प्रोफेसर और कांग्रेस सांसद बिमोल अकोइजम से इस्तीफा नहीं मांगा है।
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आपको बता दें कि बिमोल अकोइजम पर यौन उत्पीड़न के आरोप लग चुके हैं। उन्हें जेएनयू से बर्खास्त कर दिया गया है। बहरहाल कॉकरोचों को छोड़िए। असम के लोग सरकार, ज्ञानेश कुमार और एसआईआर के समर्थन में सड़कों पर उतर आए हैं। 3000 से ज्यादा जेन-जी युवा सड़कों पर हैं। इन लोगों का कहना है कि एसआईआर का मकसद इस देश से अवैध घुसपैठियों को लात मारकर भगाने का है और हम इसका समर्थन करते हैं। असम के मुख्यमंत्री हेमंत विश्व शर्मा ने कहा है कि राहुल गांधी फ्रस्ट्रेटेड आदमी हो गए हैं। सत्ता की भूख के लिए उन्होंने देश को अराजकता की तरफ धकेल दिया है। बहरहाल इसी बीच ज्ञानेश कुमार का एक बयान फिर तहलका मचा रहा है। सोशल मीडिया पर लोगों का कहना है कि ज्ञानेश कुमार का यह वो बयान है जिसका जवाब आज तक राहुल गांधी नहीं दे पाए। 400 दिनों से ज्यादा समय बीत चुका है। एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में ज्ञानेश कुमार ने राहुल गांधी द्वारा वोटर लिस्ट पर लगाए गए धांधली के आरोपों पर यह कहा था कि राहुल गांधी अपने आरोपों के समर्थन में सात दिनों में सबूत दें हलफनामा दाखिल करें नहीं तो देश से माफी मांगे। लेकिन राहुल गांधी ने अभी तक कोई सबूत नहीं दिए।
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अब तो राहुल गांधी यह बोल रहे हैं कि मुझे लगता है कि वोट चोरी हुए हैं। सबूत अब मैं नहीं दूंगा पीएम मोदी देंगे। 17 अगस्त 2025 को ज्ञानेश कुमार ने कहा था कि दुनिया का सबसे बड़ा जनतंत्र है भारत। दुनिया का सबसे बड़ी मतदाता सूची हमारे पास है। लगभग 90 करोड़ से 100 करोड़ के बीच में। सबसे बड़ी मतदाता सूची, सबसे बड़े चुनाव कर्मियों की फौज, सबसे ज्यादा मतदान करने वाले लोगों की संख्या और इन सबके समक्ष सारे मीडिया के समक्ष यह कहना कि अगर मतदाता सूची में आपका नाम एक बार और है तो आपने दो बार मतदान किया होगा और कानूनी अपराध किया होगा और मेरे सारे मतदाताओं को अपराधी बनाना और चुनाव आयोग शांत रहे। संभव नहीं। हलफनामा देना होगा या देश से माफी मांगनी होगी। तीसरा विकल्प नहीं है। आपके माध्यम से मैं यह भी कहना चाहता हूं अगर सात दिन में हलफनामा नहीं मिला तो इसका अर्थ ये सारे आरोप निराधार हैं। और हमारे मतदाताओं को यह कहना कि वह फर्जी हैं। इसके ऊपर जो भी इस बात को बोल रहा है उसको माफी मांगे।
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