Varunastra और GSAT-7C से बढ़ेगी सैन्य ताकत, एंटी-सबमरीन व संचार क्षमता के लिए 4,106 करोड़ का करार
रक्षा मंत्रालय (MoD) ने भारत के सैन्य संचार नेटवर्क और पानी के भीतर युद्ध क्षमताओं को मजबूत करने के लिए लगभग 4,106 करोड़ रुपये के दो बड़े रक्षा अनुबंधों पर हस्ताक्षर किए हैं। इन समझौतों में भारतीय वायु सेना (IAF) के लिए GSAT-7C संचार उपग्रह और भारतीय नौसेना के लिए 'वरुणास्त्र' हैवीवेट टॉरपीडो की खरीद शामिल है, जिससे स्वदेशी रक्षा निर्माण को बढ़ावा मिलेगा। ये अनुबंध गुरुवार (15 अक्टूबर) को नई दिल्ली में रक्षा विभाग के अतिरिक्त सचिव और महानिदेशक (अधिग्रहण) ए. अनबारासु की उपस्थिति में हस्ताक्षरित किए गए। इन दोनों समझौतों का उद्देश्य सशस्त्र बलों की परिचालन तैयारियों को बेहतर बनाना है। साथ ही, ये सरकार की 'आत्मनिर्भर भारत' और 'मेक-इन-इंडिया' पहलों के तहत महत्वपूर्ण रक्षा तकनीकों में आत्मनिर्भरता लाने की कोशिशों को भी आगे बढ़ाते हैं।
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रक्षा मंत्रालय ने GSAT-7C सैटेलाइट क्षमता के लिए बेंगलुरु की न्यू स्पेस इंडिया लिमिटेड (NSIL) को 2,563 करोड़ रुपये का अनुबंध दिया है। स्वदेशी रूप से डिज़ाइन, विकसित और निर्मित यह सैटेलाइट भारतीय वायु सेना के संसाधनों के बीच सुरक्षित और निर्बाध संचार को मजबूत करेगा। सैन्य अभियानों में तालमेल बिठाने और वायु सेना के विभिन्न प्लेटफॉर्मों के बीच कनेक्टिविटी बनाए रखने के लिए विश्वसनीय और सुरक्षित संचार बहुत महत्वपूर्ण है। GSAT-7C क्षमता का उद्देश्य एक अधिक मजबूत संचार नेटवर्क प्रदान करना है, जिससे भारतीय वायु सेना को अपने परिचालन समन्वय और प्रभावशीलता को बेहतर बनाने में मदद मिलेगी। यह अनुबंध देश के भीतर रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण अंतरिक्ष और संचार तकनीकों को विकसित करने और बनाने के भारत के प्रयासों को भी मजबूत करता है, जिससे महत्वपूर्ण सैन्य जरूरतों के लिए बाहरी स्रोतों पर निर्भरता कम होती है।
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भारतीय नौसेना 'वरुणास्त्र' टॉरपीडो हासिल करेगी
एक अलग समझौते में, रक्षा मंत्रालय ने भारतीय नौसेना के लिए 'वरुणास्त्र' हेवीवेट टॉरपीडो की आपूर्ति हेतु हैदराबाद की भारत डायनेमिक्स लिमिटेड (BDL) के साथ 1,543 करोड़ रुपये का अनुबंध किया है। 'वरुणास्त्र' एक स्वदेशी, जहाज से लॉन्च किया जाने वाला एंटी-सबमरीन (पनडुब्बी-रोधी) टॉरपीडो है, जिसे नेवल साइंस एंड टेक्नोलॉजिकल लेबोरेटरी द्वारा विकसित किया गया है। दुश्मन की पनडुब्बियों को निशाना बनाने के लिए डिज़ाइन किए गए इस हथियार में बेहतरीन पैंतरेबाज़ी (manoeuvring) की क्षमता है और यह लंबी दूरी से भी दुश्मन की पनडुब्बियों को अपना निशाना बना सकता है। इस खरीद से नौसेना की एंटी-सबमरीन युद्ध क्षमता मजबूत होने की उम्मीद है, जो समुद्री सुरक्षा का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। जहाज से लॉन्च किए जाने वाले टॉरपीडो नौसैनिक जहाजों को पानी के भीतर मौजूद खतरों से निपटने में सक्षम बनाते हैं। ये दुश्मन की पनडुब्बियों का पता लगाने और उन्हें बेअसर करने के अभियानों में एक महत्वपूर्ण संसाधन साबित होते हैं।
CJP के 16 अक्टूबर के मार्च से कारोबार पर असर की याचिका, High Court में Delhi Police ने दिया भरोसा
दिल्ली पुलिस ने गुरुवार को हाई कोर्ट को भरोसा दिलाया कि 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) के 16 अक्टूबर के विरोध-प्रदर्शन को नियंत्रित करने के लिए पर्याप्त कदम उठाए गए हैं। यह भरोसा पालिका बाजार के एक विक्रेता की याचिका के दौरान दिया गया, जिसने कारोबार में रुकावट और आजीविका के नुकसान को लेकर चिंता जताई थी। हाई कोर्ट ने इस आश्वासन को रिकॉर्ड पर ले लिया है और मामले की अगली सुनवाई 3 नवंबर के लिए तय की है। दिल्ली हाई कोर्ट ने CJP के संस्थापक अभिजीत दिपके को कनॉट प्लेस में विरोध प्रदर्शन करने से रोकने का आदेश देने से भी इनकार कर दिया।
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CJP ने दिल्ली के कनॉट प्लेस में एक नए विरोध प्रदर्शन की घोषणा की है। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दिपके ने बुधवार को 16 अक्टूबर को दिल्ली के मुख्य व्यावसायिक केंद्र, कनॉट प्लेस के सेंट्रल पार्क में तिरंगा मार्च निकालने का आह्वान किया है। उन्होंने देशभक्तों से राष्ट्रीय ध्वज के साथ इकट्ठा होने की अपील की है। उनका आरोप है कि CJP के सदस्य सौरव दास और आशुतोष रांका को "सिर्फ तिरंगा फहराने के लिए जेल में डाल दिया गया है। दास और रांका को पांच दिन की न्यायिक हिरासत में तिहाड़ जेल भेज दिया गया है। उन पर आरोप है कि उन्होंने अपने 'पीस बॉन्ड' (शांति बनाए रखने के समझौते) का उल्लंघन किया और जंतर-मंतर में प्रवेश किया, जिसे अब विरोध प्रदर्शन के लिए निर्धारित क्षेत्रों की सूची से हटा दिया गया है। दिपके ने कहा कि वे दिखा देंगे कि तिरंगा फहराना कोई अपराध नहीं है। उन्होंने उन लोगों से भी अपील की जो दिल्ली नहीं आ सकते, कि वे अपने-अपने शहरों में तिरंगा मार्च निकालें। उन्होंने यह भी आशंका जताई कि उन्हें भी जेल हो सकती है।
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दिपके ने कहा जैसा कि आप जानते हैं, सौरव और आशु को सिर्फ तिरंगा फहराने के लिए जेल में डाल दिया गया है। मैं तिरंगे से प्यार करने वाले सभी देशभक्तों से अपील करता हूं कि वे 16 अक्टूबर को शाम 5 बजे राष्ट्रीय ध्वज लेकर कनॉट प्लेस के सेंट्रल पार्क में आएं। हम दिखा देंगे कि तिरंगा फहराना कोई अपराध नहीं है। उन्होंने कहा जो लोग दिल्ली नहीं आ सकते, वे अपने शहरों में शाम को तिरंगा मार्च निकालें और दिखाएं कि तिरंगा हमारा गौरव है। CJP के संस्थापक ने आगे कहा, "इसके बाद मुझे भी जेल हो सकती है, लेकिन मुझे कोई चिंता नहीं है। तिरंगा मेरा गौरव है, और मैं इसे जरूर फहराऊंगा।
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