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Explainer: किस देश के नागरिक हैं इमरान खान? जानें भारत में विदेशियों के प्रदर्शन पर क्या कहता है कानून

Imran Khan Citizenship: आमिर खान के भांजे और बॉलीवुड एक्टर इमरान खान इन दिनों अपनी फिल्मों के बजाय कानूनी मामले को लेकर चर्चा में हैं. हाल ही में इमरान को मुंबई में एक विरोध प्रदर्शन में शामिल होने के बाद भारत छोड़ने का नोटिस दिया गया है. रिपोर्ट्स के मुताबिक, उन्हें 28 अक्टूबर 2026 तक भारत छोड़ने के लिए कहा गया है. ये मामला मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ मुंबई में हुए प्रदर्शन से जुड़ा है. इस खबर के सामने आने के बाद लोग जानना चाहते हैं कि इमरान खान किस देश के नागरिक हैं. वहीं, लोग ये भी जानना चाह रहे हैं कि क्या विदेशी नागरिक भारत में प्रदर्शन कर सकते हैं और ऐसा करने पर उनके खिलाफ क्या कार्रवाई हो सकती है?

किस देश के नागरिक हैं इमरान खान?

फिल्म 'जाने तू... या जाने ना' से पहचान बनाने वाले इमरान खान का जन्म अमेरिका के विस्कॉन्सिन के मैडिसन शहर में हुआ था. वो अमेरिकी नागरिक हैं. उनके पास ओवरसीज सिटिजन ऑफ इंडिया यानी OCI कार्ड भी है. ऐसे में कई लोगों को लगता है कि OCI कार्ड होने का मतलब भारतीय नागरिक होना है, लेकिन ऐसा नहीं है. OCI कार्ड भारतीय मूल के योग्य विदेशी नागरिकों को दिया जाता है. इसकी मदद से उन्हें भारत आने-जाने और यहां रहने जैसी कई सुविधाएं मिलती हैं. हालांकि, OCI कार्डधारकों को भारतीय नागरिकों के सभी अधिकार नहीं मिलते. जैसे ये लोग भारत में वोट नहीं दे सकते और न ही चुनाव लड़ सकते हैं. 

भारत छोड़ने का मिला नोटिस

भारतीय नागरिक न होते हुए भी, हाल ही में इमरान खान ने मुंबई के अगस्त क्रांति मैदान में हुए प्रदर्शन में हिस्सा लिया था. ये प्रदर्शन10 अक्टूबर को चीफ इलेक्शन कमिश्नर ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) की मांग के समर्थन में आयोजित किया गया. उस दौरान एक्टर और बाकी कई अन्य लोगों को पुलिस ने हिरासत में भी लिया था. इमरान की एक क्लिप भी सामने आई थी, जिसमें वो पुलिस की गाड़ी में बैठे दिखे थे. फिर बाद में उन्हें रिहा कर दिया गया था. इसके बाद ही एक्टर की जांच की गई और अब उन्हें 28 अक्टूबर तक भारत छोड़ने का नोटिस दिया गया. 

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क्या विदेशी नागरिक भारत में प्रदर्शन कर सकते हैं?

बता दें, संविधान के अनुच्छेद 19 के तहत भारतीय नागरिकों को अपनी बात रखने और शांतिपूर्वक प्रदर्शन करने का अधिकार दिया गया है. हालांकि, इन अधिकारों पर कुछ कानूनी पाबंदियां भी लागू होती हैं. विदेशी नागरिकों को संविधान के अनुच्छेद 19 के तहत ये अधिकार भारतीय नागरिकों की तरह नहीं मिलते. विदेश भारत में रहकर भारतीय नागरिकों के समान राजनीतिक अधिकारों का इस्तेमाल नहीं कर सकते. वहीं, OCI कार्ड रखने वाले लोग भी भारतीय नागरिक नहीं होते है. 

भारत में विदेशी नागरिकों के लिए कानून

भारत में विदेशी नागरिकों के आने, रहने और देश छोड़ने से जुड़े कई नियम है. इनमें  Immigration and Foreigners Act, 2025 यानी आव्रजन और विदेशी नागरिक अधिनियम, 2025 लागू है. इस कानून की धारा 7 के तहत सरकार विदेशी नागरिकों के भारत में रहने से जुड़ी शर्तों को नियंत्रित कर सकती है. वहीं, धारा 29 के तहत कुछ परिस्थितियों में विदेशी नागरिक को भारत से बाहर जाने का निर्देश दिया जा सकता है. वहीं, अगर किसी विदेशी नागरिक पर इन नियमों को तोड़ने का आरोप लगता है, तो संबंधित अधिकारी कानून के तहत कार्रवाई की जा सकती है. 

क्या OCI कार्ड रद्द हो सकता है?

OCI कार्डधारक को भारत में कई सुविधाएं मिलती हैं, लेकिन इसका मतलब ये नहीं है कि उसका कार्ड सुरक्षित रहेगा. कई ऐसी परिस्थितियां है, जिसके तहत भारत सरकार OCI कार्ड रद्द कर सकती है. इनमें गलत जानकारी देकर कार्ड हासिल करना और कानून में बताए गए कुछ गंभीर मामले शामिल हैं. हालांकि, भारत छोड़ने का नोटिस मिलना और ओसीआई कार्ड रद्द होना दो अलग-अलग बातें हैं. अगर किसी व्यक्ति को देश छोड़ने का नोटिस दिया जाता है, तो जरूरी नहीं कि उसका ओसीआई कार्ड भी रद्द किया जाए.  वहीं, इमरान खान के ओसीआई कार्ड कार्ड को लेकर ज्यादा जानकारी फिलहाल सामने नहीं आई है. 

क्या कानूनी कदम उठा सकते हैं इमरान

वहीं, इमरान खान का अब तक भारत छोड़ने वाले नोटिस पर कोई रिएक्शम सामने नहीं आया है. दूसरी ओर कई लोगों के मन में सवाल है कि क्या इमरान इस नोटिस के खिलाफ कानूनी का दरवाजा खटखटा सकते हैं. तो बता दें कि अगर किसी व्यक्ति को सरकार की ओर से ऐसा नोटिस मिलता है, तो वो कानून के तहत अपने पास मौजूद विकल्पों का इस्तेमाल कर सकता है. अगर उसे लगता है कि नोटिस गलत है, तो वो इसे अदालत में चुनौती भी दे सकता है. लेकिन सिर्फ अदालत जाने से नोटिस रद्द नहीं होगा. वहीं,  इमरान खान के मामले में आगे क्या होगा, ये आने वाला समय बताएगा.

इमरान खान का वर्कफ्रंट 

इमरान खान के फिल्मी वर्कफ्रंट की बात करें तो उन्होंने 'जाने तू... या जाने ना', 'आई हेट लव स्टोरीज' और 'मेरे ब्रदर की दुल्हन' जैसी फिल्मों से पहचान बनाई है. लंबे समय तक फिल्मों से दूर रहने के बाद अब वो वापसी की तैयारी में हैं. उनकी अपकमिंग फिल्म 'अधूरे हम अधूरे तुम' है, जिसमें वो भूमि पेडनेकर के साथ नजर आने वाले हैं. अब देखना होगा कि भारत छोड़ने का नोटिस मिलने के बाद एक्टर का करियर क्या मोड़ लेता है.

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Explainer: लद्दाख की बदली तस्वीर! लेह एयरपोर्ट पर 35 लाख यात्रियों की क्षमता, सेना के लिए नया रास्ता और किसानों को पानी समेत बहुत कुछ...

Ladakh Development Projects: बर्फ से ढके पहाड़, दुर्गम रास्ते और मौसम की कठिन चुनौतियां लद्दाख की पहचान हैं. यहां विकास का मतलब केवल नई इमारतें बनाना नहीं बल्कि दूर-दराज के गांवों तक पहुंच आसान करना, बिजली की उपलब्धता बेहतर बनाना और खेती के लिए पानी सुरक्षित रखना भी है. इसी जरूरत को ध्यान में रखते हुए केंद्र सरकार ने लद्दाख में करीब 3,350 करोड़ रुपये की पांच प्रमुख विकास परियोजनाओं को आगे बढ़ाया है.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 15 अक्टूबर 2026 को इन परियोजनाओं का उद्घाटन और लोकार्पण किया. इनमें लेह एयरपोर्ट का नया यात्री टर्मिनल, निम्मू-पदुम-दारचा सड़क, हाइड्रोपावर और बिजली ट्रांसमिशन परियोजनाएं, प्राचीन शैल-चित्रों के संरक्षण के लिए पार्क और 40 गांवों में जल निकाय शामिल हैं. इनका उद्देश्य पर्यटन और संपर्क बढ़ाने के साथ स्थानीय लोगों की रोजमर्रा की जरूरतों को भी बेहतर तरीके से पूरा करना है. 

लद्दाख में ₹3,350 करोड़ के कौन-कौन से पांच प्रोजेक्ट शुरू हुए हैं?

- लेह एयरपोर्ट का नया टर्मिनल, इस पर 640 करोड़ रुपये की लागत आई है.

- निम्मू-पदुम-दारचा सड़क मार्ग, ये सड़क 298 किलोमीटर की है जो लद्दाख को हिमाचल प्रदेश के दारचा से जोड़ती है.

- बिजली परियोजनाएं,  9 मेगावाट का हनु स्मॉल हाइड्रोइलेक्ट्रिक प्रोजेक्ट और 66 केवी की दाह-हनु-खालत्सी डबल-सर्किट ट्रांसमिशन लाइन लोगों के घर बिजली पहुंचाएगी.

- पेट्रोग्लिफ संरक्षण पार्क, लेह के सिंधु घाट पर प्राचीन चट्टानों पर उकेरी गई आकृतियों को सुरक्षित रखने की ये पहल सरकार का पर्यावरण संरक्षण की तरफ महत्वपूर्ण कदम है.

- प्रोजेक्ट हिम सरोवर, ये 40 गांवों में 40 जल निकायों का विकास और जलापूर्ति पूरी करेगा.

लेह एयरपोर्ट के नए टर्मिनल से यात्रियों को क्या फायदा होगा?

केंद्र सरकार के अनुसार लेह के कुशोक बकुला रिम्पोछे एयरपोर्ट पर नया यात्री टर्मिनल 640 करोड़ रुपये की लागत से तैयार किया गया है. बता दें इसका क्षेत्रफल लगभग 23800 वर्ग मीटर का है और इसे सालाना 35 लाख यात्रियों को संभालने की क्षमता के हिसाब से डिजाइन किया गया है. मीडिया रिर्पोटों के अनुसार इसका सीधा फायदा उन यात्रियों को मिल सकता है जो पर्यटन, कारोबार, शिक्षा, सरकारी काम या अन्य जरूरतों के लिए लद्दाख आते-जाते हैं. बता दें टर्मिनल में आधुनिक यात्री सुविधाओं के साथ लद्दाख की स्थानीय कला और संस्कृति से प्रेरित डिजाइन भी शामिल है. इसमें जियोथर्मल एनर्जी का इस्तेमाल किया गया है जिससे ऊर्जा दक्षता बढ़ाने और कार्बन उत्सर्जन कम करने में मदद मिलेगी. 

298 किलोमीटर की नई सड़क से स्थानीय लोगों को कैसे फायदा होगा?

निम्मू-पदुम-दारचा सड़क इस परियोजना समूह का अहम हिस्सा है. स्थानीय प्रशासन के अधिकारियों ने बताया कि सीमा सड़क संगठन (BRO) ने इसका निर्माण किया है. यह मार्ग लेह के पास निम्मू को हिमाचल प्रदेश के दारचा से जोड़ता है और जंस्कार घाटी से होकर गुजरता है. अब तक लद्दाख तक पहुंचने के लिए श्रीनगर-लेह और मनाली-लेह राजमार्ग प्रमुख मार्ग रहे हैं. नया रास्ता इनके अतिरिक्त एक वैकल्पिक संपर्क उपलब्ध कराता है. इससे बड़ी संख्या में लोगों को फायदा मिलेगा.

नई सड़क से सेना को क्या रणनीतिक फायदा मिलेगा?

लद्दाख सामरिक दृष्टि से संवेदनशील क्षेत्र है. यहां सेना तक जवानों, ईंधन, राशन, उपकरण और दूसरे जरूरी सामान को पहुंचाने के लिए मजबूत सड़क नेटवर्क की अहम भूमिका होती है.निम्मू-पदुम-दारचा मार्ग श्रीनगर-लेह और मनाली-लेह राजमार्गों के अतिरिक्त एक और संपर्क विकल्प उपलब्ध कराता है. इससे सैन्य आवाजाही और रसद पहुंचाने की व्यवस्था को मजबूती मिल सकती है. बता दें भूस्खलन, बर्फबारी या दूसरी वजहों से यातायात प्रभावित होने पर भी इसका फायदा मिलेगा.

9 मेगावाट का हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट क्या करेगा?

लद्दाख में बिजली की भरोसेमंद उपलब्धता बड़ी चुनौती है. साथ में यहां की भौगोलिक स्थिति और कठोर मौसम ऊर्जा व्यवस्था को जटिल बनाते हैं. इसी दिशा में 9 मेगावाट की हनु स्मॉल हाइड्रोइलेक्ट्रिक परियोजना शुरू की गई है. इसके साथ 66 केवी की दाह-हनु-खालत्सी डबल-सर्किट ट्रांसमिशन लाइन पर काम होगा. दोनों प्रोजेक्ट लद्दाख में उर्जा व्यवस्था को बेहतर बनाने में मदद करेंगे. यहां बता दें हाइड्रोपावर परियोजना पानी की ऊर्जा से बिजली पैदा करने में मदद करेगी, जबकि ट्रांसमिशन लाइन बिजली को आगे पहुंचाने के नेटवर्क को मजबूत करेगी. इससे स्थानीय परिवारों, छोटे कारोबारों और दूसरी बिजली-आधारित गतिविधियों को लाभ मिलने की संभावना है. 

प्रोजेक्ट हिम सरोवर से किसानों को क्या फायदा होगा?

लद्दाख में खेती की एक बड़ी चुनौती पानी की उपलब्धता का सही समय पर न होना है. बर्फ पिघलने और ग्लेशियरों से कुछ मौसमों में पानी उपलब्ध होता है, लेकिन बुवाई जैसे महत्वपूर्ण समय पर किसानों को पानी की कमी का सामना करना पड़ सकता है. प्रोजेक्ट हिम सरोवर के तहत 40 गांवों में 40 जल निकाय विकसित किए गए हैं. इनका उद्देश्य पानी को संरक्षित करना और जरूरत के समय उसके इस्तेमाल की संभावना बढ़ाना है. इसका फायदा खेती करने वाले परिवारों को मिलेगा. 

भारत का पहला पेट्रोग्लिफ संरक्षण पार्क क्यों महत्वपूर्ण है?

लद्दाख की पहचान केवल पहाड़ों और बौद्ध मठों तक सीमित नहीं है. यहां की चट्टानों पर हजारों साल पुराने मानव जीवन, वन्यजीवों और प्रतीकों से जुड़ी आकृतियां भी उकेरी गई हैं. इन्हें पेट्रोग्लिफ कहा जाता है. लेह के सिंधु घाट पर बनाया गया ये पेट्रोग्लिफ संरक्षण पार्क ऐसी ही  पुरातात्विक धरोहर को सुरक्षित रखने के उद्देश्य से शुरू किया गया है. इसका मकसद इन आकृतियों के संरक्षण के साथ लोगों को उनके ऐतिहासिक महत्व से परिचित कराना भी है. इससे इतिहास और पुरातत्व में रुचि रखने वाले लोगों को अपनी विरासत के बारे में पता चलेगा. 

इन परियोजनाओं से आम आदमी को सबसे ज्यादा फायदा कहां मिलेगा?

हर परियोजना का लाभ अलग-अलग वर्ग तक पहुंचेगा, जैसे...

- पर्यटक और हवाई यात्री में लेह एयरपोर्ट के नए टर्मिनल से बेहतर यात्री प्रबंधन और सुविधाओं की उम्मीद है.

- स्थानीय निवासियों को सड़क संपर्क से स्वास्थ्य सेवाओं, शिक्षा और बाजारों तक पहुंच आसान होने की उम्मीद है

- सेना को  वैकल्पिक सड़क मार्ग से आवाजाही और रसद व्यवस्था को मजबूती मिल सकती है.

- किसान को जल निकायों से सिंचाई के लिए पानी संरक्षित करने में मदद मिल सकती है.

- स्थानीय परिवार और कारोबारियों को बिजली नेटवर्क मजबूत होने से ऊर्जा की उपलब्धता में सुधार की संभावना है.

- गाइड और पर्यटन कारोबारियों के लिए सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण से पर्यटन से जुड़े नए अवसर पैदा होंगे. 

क्या ₹3,350 करोड़ के इन प्रोजेक्ट से लद्दाख की तस्वीर तुरंत बदल जाएगी?

इन परियोजनाओं से लद्दाख के विकास के लिए जरूरी बुनियादी ढांचे को मजबूत करने का प्रयास किया गया है. एयरपोर्ट की क्षमता बढ़ाना, वैकल्पिक सड़क संपर्क तैयार करना, बिजली नेटवर्क मजबूत करना और जल संरक्षण पर काम करना लंबे समय में उपयोगी होगा. परियोजनाएं केवल एक एयरपोर्ट या सड़क तक सीमित नहीं हैं. इनका संबंध यात्रा, सामरिक संपर्क, बिजली, खेती, जल संरक्षण और ऐतिहासिक विरासत से है.

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