जे.जे. अस्पताल में हाई-रिस्क सर्जरी सफल, खोपड़ी में फंसी गोली निकाली
मुंबई, 15 अक्टूबर (आईएएनएस)। मुंबई के सर जे.जे. अस्पताल में न्यूरोसर्जन और ईएनटी विशेषज्ञों की टीम ने खोपड़ी के बेस के बेहद जटिल और नाजुक हिस्से में फंसी लगभग 1 सेमी की गोली को सफलतापूर्वक निकाल दिया है।
यह सर्जरी न्यूरोसर्जरी विभाग के प्रमुख डॉ. वर्नोन वेल्हो और ईएनटी विभाग के प्रमुख प्रोफेसर डॉ. श्रीनिवास चव्हाण के मार्गदर्शन में की गई, जिसमें न्यूरोसर्जरी विभाग के डॉ. हृषिकेश और ईएनटी विभाग के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. नवीन सिंह ने सक्रिय रूप से भाग लिया।
यह केस सर्जरी के लिए एक बड़ी चुनौती था, क्योंकि गोली खोपड़ी के बेस में फंसी थी, जहां तक पहुंचना आसान नहीं था। दरअसल, यह गोली इंटरनल कैरोटिड आर्टरी के बेहद करीब थी, जो दिमाग तक खून पहुंचाने वाली मुख्य नसों में से एक है। छोटी गोली होने के कारण उसे ढूंढने और सुरक्षित रूप से निकालने में और ज्यादा मुश्किल थी, जिसकी वजह से यह सर्जरी तकनीकी रूप से काफी चुनौतीपूर्ण थी और इसमें बहुत सावधानी से प्लानिंग की जरूरत थी।
एडवांस्ड न्यूरोनेविगेशन टेक्नोलॉजी, सी-आर्म इमेजिंग और एंडोस्कोपिक तकनीक की मदद से ईएनटी और न्यूरोसर्जरी की संयुक्त टीम ने गोली की सही जगह का पता लगाया और उसे सफलतापूर्वक निकाल दिया। पूरी प्रक्रिया आसानी से पूरी हो गई, जो यह दिखाती है कि खोपड़ी के बेस से जुड़ी जटिल स्थितियों से निपटने में एडवांस्ड टेक्नोलॉजी, सटीक सर्जिकल एक्सपर्टीज और टीम वर्क कितना जरूरी है।
असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. अनंतन कृष्णन और एसआर डॉ. अरुनंधी की एनेस्थीसिया टीम ने सर्जरी के दौरान सहयोग दिया था और इस ऑपरेशन को सफल बनाने में अहम भूमिका निभाई। यह उपलब्धि चुनौतीपूर्ण और हाई-रिक्स सर्जिकल मामलों को संभालने में सर जे.जे. अस्पताल की क्लिनिकल एक्सपर्टीज, टीम वर्क और तकनीकी क्षमताओं को दर्शाती है।
यह जटिल स्कल बेस सर्जरी में, खासकर दिमाग की नाजुक नसों से जुड़े मामलों में, ईएनटी और न्यूरोसर्जरी विभागों के बीच सहयोग के महत्व को भी उजागर करती है।
टीम ने सर जे.जे. अस्पताल के डीन डॉ. भंडारवार, एसोसिएट डीन डॉ. रंजीत मानकेश्वर और मेडिकल सुपरिंटेंडेंट डॉ. संजय सुरासे का उनके लगातार प्रोत्साहन, मार्गदर्शन और सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया, जिससे ईएनटी और न्यूरोसर्जरी विभागों को मजबूत बनाने और मरीजों को बेहतर इलाज देने में मदद मिली है। यह सफल सर्जरी अस्पताल की एडवांस्ड, मल्टीडिसिप्लिनरी और मरीज-केंद्रित हेल्थकेयर देने की निरंतर प्रतिबद्धता का एक उदाहरण है।
--आईएएनएस
एनएस/वीसी
डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.
अमेरिका में हिंदुओं की सामूहिक हत्या के प्रयास पर भारत ने जताई चिंता, राइफल जाम होने की वजह से नहीं हो सका अटैक
भारत ने अमेरिका के एक हिंदू मंदिर में बड़े पैमाने पर गोलीबारी करने की कथित साजिश पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने इस पर चिंता जताई है. विदेश मंत्रालय ने इस साजिश को नस्लवादी और हिंदू विरोधी करार देते हुए कहा कि यह घटना बहुत परेशान करने वाली है. विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि इलिनोइस के ऑरोरा इलाके में एक हिंदू मंदिर को निशाना बनाकर बड़े पैमाने पर गोलीबारी करने की कथित साजिश थी. इन खबरों से हम बहुत ज्यादा चिंतित हैं. कथित साजिश का हिंदू-विरोधी और नस्लवादी स्वरूप और खासकर भारतीय मूल के लोगों की सामूहिक हत्या का प्रयास चिंताजनक है.
क्या है मामला?
अमेरिका में 19 साल के युवक को गिरफ्तार किया गया है. उस पर इलिनोइस के ऑरोरा इलाके में स्थित एक हिंदू पूजा स्थल को संभावित रूप से निशाना बनाने की साजिश रचने का आरोप है. आरोपी युवक का नाम- एलेक्जेंड्रोस पैपोराकिस है, जो पैलेटाइन का रहने वाला है. पुलिस अधिकारियों के अनुसार, कथित सामूहिक गोलीबारी की साजिश की जांच के दौरान, उसके पास एक घोषणापत्र बरामद हुआ. घोषणापत्र में श्वेत वर्चस्व वाली विचारधाराएं थीं, इसमें भारतीय मूल के लोगों के खिलाफ हिंसा का भी जिक्र था.
विदेश मंत्रालय ने क्या कहा?
जयसवाल ने प्रेस ब्रीफ्रिंग में आगे कहा कि हमने अमेरिका के पूर्व कानून प्रवर्तन अधिकारियों द्वारा की गई कार्रवाई को देखा, जिसमें संदिग्ध की गिरफ्तारी और उस पर लगाए गए आरोप शामिल हैं. नस्लवादी शत्रुता और भारत-विरोधी नफरत के बढ़ते मामलों की ओर इशारा करते हुए नई दिल्ली ने ऐसी घटनाओं के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाने का आह्वान किया है.
विदेश मंत्रालय के बयान में यह उम्मीद भी जताई गई है कि अमेरिकी अधिकारी इस मामले की जांच करेंगे और न्याय सुनिश्चित करेंगे. उन्होंने कहा, "हम उम्मीद करते हैं कि अमेरिकी अधिकारी इस मामले की पूरी जांच करेंगे, दोषियों को न्याय के दायरे में लाएंगे और ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए सभी जरूरी कदम उठाएंगे."
अब जानें क्या है पूरा मामला
पैपोराकिस ऑरोरा स्थित श्री वेंकटेश्वर स्वामी मंदिर में भारतीय समुदाय के लोगों पर अंधाधुंध गोलीबारी की साजिश रची थी. 11 अक्टूबर को जब वह भारी भीड़ के दौरान हमला करने पहुंचा तो उसकी AR-स्टाइल राइफल जाम हो गई, जिससे वह वहां से भाग निकला. आरोपी ने घर लौटकर इंटरनेट पर बंदूक ठीक करने का तरीका खोजा और अपने एक सहकर्मी को नाकाम हमले की बात बताई. सहकर्मी की मुस्तैदी से पुलिस ने उसे दोबारा हमला करने से पहले ही गिरफ्तार कर लिया.
पैपोराकिस पैलेटिन इलाके के एक टैको बेल में कैशियर का काम करता है और वह नफरती होने की वजह से हिंदुओं और भारतीयों को निशाना बनाना चाहता था. पुलिस को आरोपी के घर की तलाशी के दौरान एक मॉडिफाइड AR-स्टाइल राइफल, 300 कारतूस (10 मैगजीन), बॉडी आर्मर, पेट्रोल के डिब्बे और कई नाजी स्वास्तिक चिह्न मिले हैं.
होम
जॉब
पॉलिटिक्स
बिजनेस
ऑटोमोबाइल
गैजेट
लाइफस्टाइल
फोटो गैलरी
Others
News Nation











