प्रधानमंत्री आज एशियन गेम्स के मेडलिस्ट से मिलेंगे:भारत ने जीते 21 गोल्ड सहित 85 पदक, कॉमनवेल्थ विजेताओं से भी मिले थे पीएम
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज शाम 4:30 बजे भारतीय दल और एशियन गेम्स 2026 के गोल्ड मेडलिस्ट खिलाड़ियों से मुलाकात करेंगे। यह इवेंट नई दिल्ली के मेजर ध्यानचंद नेशनल स्टेडियम में होगा। आइची-नागोया में हुए एशियाई खेलों में भारत ने कुल 85 पदक जीते। इनमें 21 गोल्ड, 27 सिल्वर और 37 ब्रॉन्ज शामिल हैं। भारत पदक तालिका में चौथे स्थान पर रहा। PM मोदी पहले भी कई मौकों पर भारतीय खिलाड़ियों से मुलाकात कर चुके हैं। पिछली बार वे 9 अगस्त को कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 के मेडलिस्ट से मिले थे। तीरंदाजी-बॉक्सिंग में 8 गोल्ड; क्रिकेट, हॉकी और कबड्डी की दोनों टीमें चैंपियन भारत ने तीरंदाजी, बॉक्सिंग, शूटिंग, हॉकी, क्रिकेट, कुश्ती, कबड्डी, एथलेटिक्स और गोल्फ समेत कई खेलों में पदक जीते। भारतीय तीरंदाजों ने 5 गोल्ड सहित 9 मेडल जीते। वहीं, भारतीय मुक्केबाजों ने 3 गोल्ड और 3 ब्रॉन्ज समेत 6 पदक जीते। क्रिकेट में भारतीय महिला और पुरुष दोनों टीमों ने गोल्ड जीता। हॉकी और कबड्डी में भी भारत की दोनों टीमें चैंपियन बनीं। 5 खिलाड़ियों ने मेडल हैट्रिक लगाई 5 खिलाड़ियों ने मेडल की हैट्रिक लगाई, जबकि 23 खिलाड़ियों ने 2-2 मेडल जीते। भारत को सबसे ज्यादा डबल मेडल एथलेटिक्स में मिले। आर्चरी और शूटिंग के 5-5 खिलाड़ी ने दोहरे पदक जीते। स्क्वैश के चार और गोल्फ की प्रणवी उर्स को 2 मेडल मिले। आखिरी में फाइनल मेडल टैली देखिए…
MP में बिल्डिंग परमिशन के लिए नजूल NOC की अनिवार्यता होगी खत्म! नियम में होगा संशोधन, ड्राफ्ट नोटिफिकेशन जारी
मध्य प्रदेश वासियों के लिए राहत भरी खबर है। प्रदेश में अब नया घर, मकान, दुकान या कोई भी निर्माण कराना आसान होने वाला है। राज्य की मोहन सरकार बिल्डिंग परमिशन के लिए सरकार अब नजूल एनओसी की अनिवार्यता खत्म करने जा रही है। इस संबंध में बुधवार,14 अक्टूबर को नगरीय विकास एवं आवास विभाग ने मध्य प्रदेश भूमि विकास नियम, 2012 में संशोधन का ड्राफ्ट नोटिफिकेशन जारी किया है।
फिलहाल प्रस्तावित संशोधन पर 15 दिनों के भीतर आम लोगों से दावे आपत्ति और सुझाव मांगे गए हैं। इसके बाद इन दावे-आपत्ति और सुझावों पर विचार कर संशोधन को लागू किया जाएगा।संशोधन लागू होने के बाद ही नई व्यवस्था प्रभावी होगी। इसके बाद भवन निर्माण का नक्शा पास कराने के लिए नजूल एनओसी की सर्टिफाइड कॉपी लगाने की अनिवार्यता खत्म हो जाएगी।
दरअसल, वर्तमान में ‘मप्र भूमि विकास नियम 2012’ के नियम 16(11) के प्रावधानों के तहत निर्माण अनुमति के आवेदन के साथ भू-स्वामित्व प्रमाणित करने वाले 3 दस्तावेज अनिवार्य रूप से देने होते हैं। इनमें विक्रय विलेख या पट्टा विलेख (रजिस्ट्री), खसरा-नक्शा और खतौनी अभिलेख के साथ नजूल एनओसी की प्रमाणित प्रति शामिल है। संशोधन प्रस्ताव के ड्राफ्ट नोटिफिकेशन के मुताबिक, नियम 16 के उपनियम (11) के खंड (ग) को पूरी तरह से विलोपित (हटाया) किया जाएगा, जबकि खंड (क) और (ख) यथावत बने रहेंगे। इस बदलाव के बाद अब आवेदकों को आवेदन के साथ केवल रजिस्ट्री/पट्टा और खसरा, खतौनी-नक्शा ही लगाना होगा।
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