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Mary Millben बोल सकती हैं तो Imran Khan क्यों नहीं? Leave India Notice पर भड़के Abhijeet Dipke

मुंबई पुलिस द्वारा 'भारत छोड़ो' (लीव इंडिया) का नोटिस जारी किए जाने के बाद, CJP कार्यकर्ता अभिजीत दिपके ने बॉलीवुड अभिनेता इमरान खान के समर्थन में बात कही है। गुरुवार को, दिपके ने अमेरिकी गायिका मैरी मिलबेन और इमरान खान के मामलों के बीच का अंतर उजागर किया। मैरी मिलबेन ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) के पक्ष में बात की थी, जबकि OCI (ओवरसीज सिटीजन ऑफ इंडिया) कार्डधारक इमरान खान को पार्टी की आलोचना करने के कारण पाबंदियों का सामना करना पड़ रहा है।

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दिपके ने X पर लिखा कि एक अमेरिकी, मैरी मिलबेन, BJP के पक्ष में बोल सकती हैं। लेकिन एक OCI कार्डधारक, इमरान, BJP के खिलाफ कुछ नहीं कह सकते। इमरान खान, जिनके पास अमेरिकी पासपोर्ट है और जो बॉलीवुड अभिनेता आमिर खान के भतीजे हैं, उन्हें 28 अक्टूबर तक भारत छोड़ने का निर्देश दिया गया है। यह नोटिस मुंबई के अगस्त क्रांति मैदान में हुए एक विरोध प्रदर्शन में इमरान खान के शामिल होने के बाद आया है, जहाँ प्रदर्शनकारियों ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की थी। अधिकारियों ने खान के खिलाफ इमिग्रेशन एक्ट की धारा 29 और 7 के तहत कार्रवाई शुरू की है। आरोप है कि भारतीय नागरिक न होने के बावजूद वे इस विरोध प्रदर्शन में शामिल हुए।

शनिवार को विरोध प्रदर्शन के दौरान मुंबई पुलिस ने खान को हिरासत में ले लिया। उन्होंने पुलिस वैन में बैठे हुए अपनी एक तस्वीर शेयर की, जिसके साथ कैप्शन लिखा था कि लगता है मैं ड्राइव पर जा रहा हूँ। पत्रकारों से बात करते हुए खान ने कहा कि मेरी कोई मांग नहीं है। मैं यहाँ एक नागरिक के तौर पर हूँ, एक ऐसे व्यक्ति के रूप में जो इसी शहर में रहता है। मैं यह देखने आया हूँ कि लोगों की आवाजाही की आज़ादी पर रोक क्यों लगाई जा रही है? लोगों की आवाज़ क्यों दबाई जा रही है? बस इसीलिए मैं यहाँ हूँ।

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बीजेपी नेता किरीट सोमैया ने खान की तुरंत गिरफ्तारी और उन्हें देश से बाहर निकालने (डिपॉर्ट करने) की मांग की है। उन्होंने आरोप लगाया है कि खान ने राजनीतिक प्रदर्शन में हिस्सा लेकर OCI (ओवरसीज सिटीजन ऑफ इंडिया) के नियमों और वीज़ा शर्तों का उल्लंघन किया है। सोमैया का दावा है कि उन्होंने पुलिस को विरोध प्रदर्शन के दौरान खान के भाषणों और उनके पहले दिए गए बयानों के सबूत सौंप दिए हैं।

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Delhi Police के फैसले पर Supreme Court का सवाल, पूछा- Jantar Mantar को क्यों 'डीनोटिफाई' किया?

सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को एक नोटिस जारी किया है। यह नोटिस दिल्ली पुलिस के उस फैसले को चुनौती देने वाली याचिका पर दिया गया है, जिसके तहत जंतर-मंतर को विरोध-प्रदर्शन के लिए तय जगहों की सूची से हटा दिया गया था। कोर्ट ने सरकार से यह भी पूछा है कि जंतर-मंतर को इस सूची से हटाने का फैसला क्या कोर्ट की मौखिक टिप्पणियों के आधार पर लिया गया था, या फिर सार्वजनिक विरोध-प्रदर्शन स्थल के रूप में इस जगह की उपयोगिता के स्वतंत्र मूल्यांकन के आधार पर? सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कोर्ट को बताया कि यह फैसला सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणियों पर आधारित नहीं था। उन्होंने कहा कि पहले गठित एक समिति ने इस मामले की जांच की थी और एक विस्तृत रिपोर्ट सौंपी थी।

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सुप्रीम कोर्ट ने CCTV फुटेज सुरक्षित रखने का आदेश दिया


सुप्रीम कोर्ट ने कानून लागू करने वाली एजेंसियों को दिल्ली विरोध प्रदर्शनों से जुड़े सभी CCTV फुटेज और अन्य डिजिटल सामग्री को सुरक्षित रखने का निर्देश दिया है। साथ ही, निजी पक्षों को भी वीडियो सुरक्षित रखने और उन्हें सबूत के तौर पर अदालत में पेश करने की अनुमति दी है। अदालत ने सरकार से यह भी पूछा कि जंतर-मंतर को विरोध प्रदर्शन स्थल के रूप में हटाए जाने का फैसला क्या सुप्रीम कोर्ट की मौखिक टिप्पणियों पर आधारित था, या फिर सार्वजनिक प्रदर्शनों के लिए उस जगह की उपयोगिता का अलग से आकलन किया गया था? सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने अदालत को बताया कि यह फैसला सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणियों पर आधारित नहीं था, बल्कि पहले गठित एक समिति ने इस मामले की जांच की थी और एक विस्तृत रिपोर्ट सौंपी थी। इसके अलावा, सुप्रीम कोर्ट ने 'भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता' (BNSS) की धारा 172 की संवैधानिक वैधता को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर नोटिस जारी किया है। इस धारा के तहत लोगों को पुलिस अधिकारियों द्वारा दिए गए कानूनी निर्देशों का पालन करना होता है, और जो लोग इन निर्देशों को नहीं मानते, उन्हें पुलिस हिरासत में ले सकती है या गिरफ्तार कर सकती है।

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  Sports

सिर्फ 2 टेस्ट मैच खेले, अब ये गेंदबाज बनेगा टीम इंडिया का सेलेक्टर, कभी धोनी के साथ जड़ी थी फिफ्टी

अजीत अगरकर के जाने के बाद से ही मेंस सेलेक्शन कमेटी में एक जगह खाली और नियमों के हिसाब से वेस्ट जोन से ही नया सेलेक्टर भी चुना जाएगा. ऐसे में मुंबई के इस पूर्व खिलाड़ी का नाम रेस में आगे है. Thu, 15 Oct 2026 17:06:14 +0530

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