भारत-अमेरिका व्यापार समझौता अंतिम चरण में, मार्को रुबियो की भारत यात्रा से पहले हो सकता है ऐलान: सर्जियो गोर
नई दिल्ली, 15 अक्टूबर (आईएएनएस)। भारत और अमेरिका द्विपक्षीय व्यापार समझौते को अंतिम रूप देने के बेहद करीब पहुंच चुके हैं। अधिकांश प्रमुख मुद्दों पर सहमति बन चुकी है और अब केवल कुछ शेष बिंदुओं पर बातचीत जारी है। भारत में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने गुरुवार को यह जानकारी दी।
नई दिल्ली में आयोजित ब्लूमबर्ग न्यू इकॉनमी फोरम में बोलते हुए गोर ने कहा कि प्रस्तावित समझौते का व्यापक ढांचा लगभग तैयार हो चुका है और उन्हें भरोसा है कि दोनों देश जल्द ही इसे अंतिम रूप दे देंगे।
उन्होंने कहा, बड़ी तस्वीर, व्यापक ढांचा और प्रमुख मुद्दों पर काम पूरा हो चुका है।
इस बीच, उन्होंने इन वार्ताओं को दो बड़ी अर्थव्यवस्थाओं के बीच होने वाली सबसे तेजी से आगे बढ़ रही व्यापार चर्चाओं में से एक बताया।
गोर ने कहा कि बातचीत अब उत्पाद-विशिष्ट और शुल्क स्तर से जुड़े मुद्दों तक पहुंच चुकी है, जिसमें अमेरिका के व्यापार प्रतिनिधि जेमीसन ग्रीर और भारत के वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल सहित वरिष्ठ अधिकारी शामिल हैं।
उन्होंने माना कि दो बड़ी अर्थव्यवस्थाओं के बीच व्यापार समझौते पर बातचीत स्वाभाविक रूप से जटिल होती है, लेकिन दोनों देश समझौते को अंतिम रूप देने के बहुत करीब हैं।
द्विपक्षीय संबंधों की मजबूती पर प्रकाश डालते हुए अमेरिकी राजदूत ने भारत को अमेरिका का एक भरोसेमंद रणनीतिक साझेदार बताया।
उन्होंने उभरती प्रौद्योगिकियों के क्षेत्र में पहल को आगे बढ़ाने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार की सराहना की और कहा कि भारत उन शुरुआती देशों में शामिल रहा है, जिन्हें महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय प्रौद्योगिकी साझेदारियों में आमंत्रित किया गया।
गोर ने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई), प्रौद्योगिकी विकास, स्वच्छ ऊर्जा और असैन्य परमाणु ऊर्जा के क्षेत्रों में बढ़ता सहयोग दोनों देशों के लिए नए अवसर पैदा करेगा।
उन्होंने गूगल, माइक्रोसॉफ्ट, एडोबी और माइक्रोन जैसी प्रमुख अमेरिकी प्रौद्योगिकी कंपनियों द्वारा भारत में बढ़ाए जा रहे निवेश का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि यह साझेदारी दोनों देशों के लिए लाभकारी है और रोजगार सृजन में मदद करती है।
रक्षा संबंधों पर उन्होंने कहा कि भारत किसी भी अन्य देश की तुलना में अमेरिका के साथ अधिक संयुक्त सैन्य अभ्यास करता है। हाल के संयुक्त अभ्यासों और भारत में एफ-35 लड़ाकू विमानों की भागीदारी को उन्होंने बढ़ते रणनीतिक विश्वास का प्रमाण बताया।
गोर ने यह भी घोषणा की कि अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो जल्द ही भारत की यात्रा करेंगे। उनकी मुंबई और जामनगर में कई बैठकें और कार्यक्रम प्रस्तावित हैं।
उन्होंने कहा कि तेजी से बढ़ते द्विपक्षीय आर्थिक संबंधों के बीच इस यात्रा का प्रमुख फोकस व्यापार, निवेश और कारोबारी साझेदारियों पर रहेगा।
रूस से जुड़े प्रस्तावित अमेरिकी प्रतिबंधों को लेकर उठ रही चिंताओं पर गोर ने कहा कि ये कदम किसी विशेष देश को निशाना बनाने के लिए नहीं हैं, बल्कि संघर्ष समाप्त करने के उद्देश्य से उठाए जा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि इस मुद्दे पर चर्चा अभी जारी है और अंतिम निर्णय आने वाले दिनों में अमेरिकी प्रशासन द्वारा लिया जाएगा।
--आईएएनएस
डीबीपी
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MP में लाड़ली बहना योजना के नए पंजीयन पर मंत्रियों के विरोधाभासी बयान, उमंग सिंघार ने मुख्यमंत्री से मांगा जवाब
मध्यप्रदेश के नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने लाड़ली बहना योजना में नए पंजीयन को लेकर प्रदेश सरकार पर सवाल उठाए हैं। योजना का पोर्टल दोबारा खोलने को लेकर सरकार के दो मंत्रियों के अलग-अलग बयान सामने आने के बाद उन्होंने इसे सरकार के भीतर तालमेल की कमी का मामला बताया है।
कांग्रेस नेता ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से इस मुद्दे पर स्पष्ट रुख सामने रखने की मांग की है। उन्होंने कहा है कि योजना से अब तक बाहर रह गई महिलाओं को जोड़ने को लेकर सरकार की ओर से स्पष्ट जानकारी मिलनी चाहिए ताकि महिलाओं को यह पता चल सके कि उन्हें योजना का लाभ पाने के लिए दोबारा आवेदन करने का अवसर मिलेगा या नहीं।
क्या है मामला
लाड़ली बहना योजना में नए पंजीयन को लेकर विवाद की शुरुआत 14 अक्टूबर को स्वास्थ्य राज्य मंत्री नरेंद्र शिवाजी पटेल के बयान से हुई। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने योजना से छूट गई महिलाओं की संख्या का आकलन करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि इन महिलाओं के नाम जोड़ने के संबंध में मुख्यमंत्री ने जल्द निर्णय लेने की बात कही है।
इसके बाद 15 अक्टूबर को महिला एवं बाल विकास मंत्री निर्मला भूरिया ने नए पंजीयन को लेकर अलग बात कही। उन्होंने कहा कि फिलहाल योजना का पोर्टल दोबारा खोलने की कोई योजना नहीं है और विभाग के पास नए नाम जोड़ने का कोई प्रस्ताव लंबित नहीं है। उन्होंने दूसरे मंत्रियों के बयानों पर भी टिप्पणी करते हुए कहा कि कुछ मंत्री बयान दे देते हैं लेकिन अभी ऐसा कुछ नहीं है।
उमंग सिंघार ने मुख्यमंत्री से मांगा जवाब
दो मंत्रियों के अलग-अलग बयानों को लेकर उमंग सिंघार ने प्रदेश सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा है कि एक ओर नए नाम जोड़ने की संभावना जताई जा रही है तो दूसरी ओर संबंधित विभाग की मंत्री किसी प्रस्ताव से ही इनकार कर रही हैं। इससे योजना में शामिल होने की प्रतीक्षा कर रही महिलाओं के बीच असमंजस पैदा हो रहा है। कांग्रेस नेता ने मुख्यमंत्री से स्पष्ट करने को कहा है कि सरकार वास्तव में योजना से वंचित पात्र महिलाओं को जोड़ना चाहती है या नहीं। कांग्रेस का सवाल है कि जब योजना के विस्तार को लेकर मंत्रियों के बीच ही एकराय नहीं दिख रही तो महिलाओं को आगे की प्रक्रिया और अपने अधिकारों के बारे में भरोसेमंद जानकारी कैसे मिलेगी।
लाड़ली बहना का भविष्य खतरे में, सरकार में तालमेल गायब!
लाड़ली बहना योजना के नए रजिस्ट्रेशन को लेकर भाजपा सरकार के दो मंत्रियों के अलग-अलग बयान सरकार के भीतर तालमेल की कमी उजागर कर रहे हैं। एक मंत्री पोर्टल खुलने का दावा कर रहे हैं, तो दूसरी मंत्री इससे इनकार कर रही हैं।
जब… pic.twitter.com/zgYni45okE
— Umang Singhar (@UmangSinghar) October 15, 2026
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