Chicago Hindu Temple Attack | भारतीयों को निशाना बनाने की खतरनाक साजिश नाकाम, हिंदू मंदिर पर हमले की योजना बनाने वाला श्वेत वर्चस्ववादी गिरफ्तार
अमेरिका के शिकागो से एक बेहद चौंकाने वाली और खौफनाक खबर सामने आई है। 11 अक्टूबर को 19 साल के एक युवक ने शिकागो के सबसे बड़े हिंदू मंदिर में "बड़ी संख्या में भारतीयों को मारने" की साजिश रची थी। गनीमत यह रही कि अंतिम समय में उसकी राइफल में तकनीकी खराबी आ गई और उसके एक सहकर्मी की सूझबूझ के चलते पुलिस ने समय रहते उसे दबोच लिया, जिससे एक बड़ा नरसंहार टल गया।
यह घटना ऐसे समय में सामने आई है जब भारतीय-अमेरिकी समुदाय नवरात्रि के पहले दिन के जश्न की तैयारियों में जुटा हुआ था। आरोपी की पहचान 'टैको बेल' में कैशियर के रूप में काम करने वाले एलेक्जेंड्रोस पैपोराकिस (Alexandros Paporakis) के रूप में हुई है, जिसे पुलिस ने तुरंत गिरफ्तार कर लिया। इस घटना ने पश्चिमी देशों में धीरे-धीरे पैर पसार रहे हिंसक 'श्वेत वर्चस्ववादी' (White-Supremacist) विचारधारा के छिपे हुए खतरे को बेनकाब कर दिया है।
'द वाशिंगटन पोस्ट' की एक रिपोर्ट के अनुसार, पैपोराकिस ने श्री वेंकटेश्वर स्वामी बालाजी मंदिर को अपना निशाना बनाया था। रविवार के दिन इस मंदिर में हजारों (अनुमान के मुताबिक 3,000 से ज्यादा) श्रद्धालु आते हैं। पिछले हफ्ते नवरात्रि का जश्न शुरू होने के कारण, 11 अक्टूबर को वहां लोगों की भीड़ और भी ज्यादा रही होगी। यह साफ नहीं है कि पैपोराकिस ने जानबूझकर इसी तारीख को चुना था ताकि वह कोई बड़ा नरसंहार कर सके।
इस घटना ने जुलाई 2025 में यूटा के इस्कॉन श्री श्री राधा कृष्ण मंदिर में हुई गोलीबारी की यादें ताजा कर दी हैं। उस मामले में मंदिर पर दो दर्जन से ज्यादा गोलियां चलाई गई थीं, जिससे मंदिर को काफी नुकसान पहुंचा था। इसे 'हेट क्राइम' (नफरत से प्रेरित अपराध) माना गया था, हालांकि उस घटना में कोई घायल नहीं हुआ था।
भारतीयों को मारने की अमेरिकी युवक की साजिश के बारे में हम क्या जानते हैं?
अदालत में पेश किए गए दस्तावेजों और उसके सहकर्मियों के बयानों से पता चलता है कि पैपोराकिस काम की जगह पर खुद को खुले तौर पर 'श्वेत वर्चस्ववादी' बताता था। अभियोजकों के अनुसार, उसने 'टैको बेल' में अपने सहकर्मियों से यह भी कहा था कि वह "भारतीयों को मारने के लिए और इंतजार नहीं कर सकता" और रविवार का दिन "एक खास दिन" होने वाला है। जाहिर है, उसके सहकर्मियों ने उसकी बातों को गंभीरता से नहीं लिया।
आखिरकार, पैपोराकिस की उम्र सिर्फ 19 साल है। देखने में वह अपनी उम्र से भी काफी छोटा लगता है। लेकिन 11 अक्टूबर को, मासूम चेहरे वाला यह युवक किसी युद्ध के लिए पूरी तरह तैयार होकर निकला था। NBC की एक रिपोर्ट के अनुसार, पैपोराकिस एक मॉडिफाइड AR-स्टाइल राइफल लेकर पैलेटाइन में अपनी माँ के घर से 40 मील दूर स्थित एक बड़े मंदिर की ओर गया। उसका मकसद बड़े पैमाने पर लोगों की जान लेना था। लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर था।
कोर्ट के रिकॉर्ड के मुताबिक, जब पैपोराकिस ने ट्रिगर दबाया, तो बंदूक नहीं चली - वह जाम हो गई। फिर भी, पैपोराकिस ने अपना इरादा नहीं बदला। वह वापस अपनी माँ के घर गया और इंटरनेट पर खोजा कि राइफल को कैसे ठीक (अनजाम) किया जाए। उसने अपने एक सहकर्मी को भी फोन किया और उसे बताया कि वह बड़े पैमाने पर गोलीबारी (मास शूटिंग) करने की योजना बना रहा है।
फोन कॉल के बाद, 19 वर्षीय युवक ने सिग्नल ऐप पर उस सहकर्मी को मैसेज किया। उसने राइफल की तस्वीरें भेजीं और बताया कि ट्रिगर दबाने पर बंदूक कैसे नहीं चली। उसने टैक्टिकल वेस्ट (सुरक्षा जैकेट) पहने हुए अपनी एक फोटो भी भेजी। वह फोन कॉल और उसके बाद भेजे गए मैसेज बहुत अहम साबित हुए। रिपोर्ट्स के अनुसार, उस सहकर्मी ने पुलिस को सतर्क कर दिया। इससे पहले कि पैपोराकिस वापस मंदिर पहुँच पाता, पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया।
अलेक्जेंड्रोस पैपोराकिस के बारे में हम क्या जानते हैं?
जांचकर्ताओं ने जब उसके घर की तलाशी ली, तो उसकी तैयारियों का एक खौफनाक सच सामने आया और उसके कट्टर विचारों का पता चला।
जांचकर्ताओं को 300 राउंड कारतूस मिले - जो 10 मैगजीन भरने के लिए काफी थे। इसके अलावा, उन्हें बॉडी आर्मर, दक्षिण एशियाई लोगों के खिलाफ अपमानजनक शब्दों वाला एक गैस कैनिस्टर, और नाजी प्रतीकों व स्वास्तिक के निशान वाली कई चीजें मिलीं।
उसके घर से एक घोषणापत्र (मेनिफेस्टो) भी मिला, जिसमें उसने खुद को 'ऑरोरा शूटर' बताया है। उसकी लिखी बातों से पता चलता है कि पैपोराकिस भारतीयों, यहूदियों, अफ्रीकी-अमेरिकियों और अन्य गैर-श्वेत समुदायों से नफरत करता था। मेनिफेस्टो में उसने खुद को "श्वेत वर्चस्ववादी नव-नाजी" (व्हाइट सुप्रीमेसिस्ट नियो-नाजी) बताया और लिखा कि वह हर दिन बड़े पैमाने पर हत्याओं के बारे में सोचता था।
ये खुलासे एक ऐसे युवक की भयावह तस्वीर पेश करते हैं, जो न केवल भारतीयों, बल्कि सभी गैर-श्वेत लोगों के प्रति नस्लीय नफरत से भरा हुआ था।
अमेरिकी मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, कोर्ट के दस्तावेजों से पता चलता है कि पैपोराकिस मानसिक और भावनात्मक स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रहा था। इस घटना ने अमेरिका में हिंदू धार्मिक संस्थानों को मिल रही धमकियों और वहां रहने वाले भारतीय-अमेरिकियों की सुरक्षा को लेकर चिंताएं फिर से बढ़ा दी हैं। ऐसा ऐसे समय में हुआ है जब डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन के दौरान 'हेट क्राइम' (नफरत से प्रेरित अपराध) की घटनाओं में बढ़ोतरी देखी गई है।
'हिंदू अमेरिकन फाउंडेशन' के अनुसार, पिछले चार वर्षों में अमेरिका में हिंदू मंदिरों में तोड़फोड़ की 20 से अधिक घटनाएं हुई हैं, जिनमें कैलिफोर्निया और न्यूयॉर्क के मंदिर सबसे ज्यादा निशाना बने हैं।
Bigg Boss 20: नकुल के घर से बाहर होते ही यंग और स्काउट की दोस्ती में आई दरार, शो में होगा ड्रामा
Bigg Boss 20 Update: रियलिटी शो बिग बॉस 20 (Bigg Boss 20) में रिश्ते तेजी से बदल रहे हैं. शो में नकुल धुल की एंट्री के बाद काफी कुछ बदल गया है. नकुल के आने के बाद स्काउट ओपी उनके साथ ज्यादा रहने लगे थे और यंग डीएसए के साथ कम नजर आते थे. वहीं, नकुल के घर से बाहर होने के बाद अब यंग और स्काउट की दोस्ती के बीच दरारा आने वाली है. शो का जो प्रोमो सामने आया है, उसमें यंग टास्क में स्काउट के खिलाफ जाएंगे.
Ex-captains ke haath mein hai agle captain ki kismat! Dekhiye #BiggBoss20 ka naya episode, har roz raat 9 baje #JioHotstar par aur 10:30 baje #Colors par. #BiggBoss20 #BiggBossOnJioHotstar https://t.co/NxVShmh5II
— JioHotstar Reality (@HotstarReality) October 15, 2026
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