Aaj Ka Mausam: देश के 22 राज्यों में आज तबाही मचाएगी आंधी-तूफान और बारिश! IMD ने जारी किया अलर्ट
Aaj Ka Mausam: उत्तर भारत के पहाड़ों से लेकर मैदानी इलाकों तक धीरे-धीरे तापमान गिरने लगा है. हालांकि देश के कई राज्यों में अभी भी दक्षिण-पश्चिम मानसून का असर देखने को मिल रहा है. जिसके चलते कुछ इलाकों में बारिश का दौर भी जारी है. इस बीच मौसम विभाग ने आज यानी गुरुवार (15 अक्टूबर) को देश के 22 राज्यों में बारी बारिश की चेतावनी जारी की है.
आईएमडी के मुताबिक इस दौरान कुछ स्थानों पर 75 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं भी चल सकती हैं. ऐसे में पहाड़ी राज्यों के लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है. भारी बारिश के चलते उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश जैसे पहाड़ी राज्यों में भूस्खलन की भी संभावना है.
भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के मुताबिक, पश्चिमी विक्षोभ जम्मू के ऊपर, उत्तरी हरियाणा के आसपास और बंगाल की खाड़ी के उत्तर पश्चिम में ऊपरी तरफ चक्रवाती परिसंचरण के रूप में बना हुआ है. ऐसे में मौसम विभाग ने आंधी और बारिश के समय लोगों से सतर्क रहने की सलाह दी गई है.
इन राज्यों में आज हो सकती है भारी बारिश
आईएमडी के मुताबिक, देश के 22 राज्यों में आज भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है. इस दौरान कुछ स्थानों पर 75 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने का भी अनुमान है. मौसम विभाग की मानें तो गुरुवार को दिल्ली-एनसीआर के साथ उत्तर प्रदेश, बिहार, मध्य प्रदेश, राजस्थान, हरियाणा, पंजाब, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, उत्तराखंड, झारखंड, छत्तीसगढ़, ओडिशा, पश्चिम बंगाल, गुजरात, महाराष्ट्र, तेलंगाना, कर्नाटक, तमिलनाडु, केरल, असम और उरुणाचल प्रदेश में बारिश होने का अनुमान है.
दिल्ली में आज कैसा रहेगा मौसम?
राजधानी दिल्ली में आज के तापमान में गिरावट देखने को मिलेगी. आईएमडी के मुताबिक, दिल्ली-एनसीआर में बारिश के बाद तापमान में तेज गिरावट देखने को मिल सकती है. मौसम विभाग ने गुरुवार को दिल्ली में बारिश का अलर्ट जारी किया है. इस दौरान 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं भी चल सकती हैं. ऐसे में दिल्ली में आज अधिकतम तापमान 27 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 21 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है.
यूपी-बिहार में भी आज भारी बारिश का अनुमान
वहीं उत्तर प्रदेश के भी कई जिलों में आज भारी बारिश की आशंका है. मौसम विभाग के मुताबिक, गुरुवार को यूपी के गाजियाबाद, मेरठ, बिजनौर, कानपुर, प्रयागराज, गोरखपुर, बाराबंकी, अयोध्या, वाराणसी, जौनपुर, मथुरा और आगरा में आंधी-तूफान के साथ बारिश का अनुमान है. इस दौरान 75 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं. वहीं दूसरी ओर बिहार के कटिहार, खगड़िया, सुपौल, किशनगंज, सहरसा, पूर्णिया, मधुबनी, दरभंगा, समस्तीपुर, मुजफ्फरपुर, वैशाली, सारण, शेखपुरा, नालंदा, औरंगाबाद, रोहतास और गया में भारी बारिश का अनुमान है. इस दौरान आंधी-तूफान आने का भी अनुमान है.
राजस्थान और मध्य प्रदेश में आज कैसा रहेगा मौसम?
उधर राजस्थान के भी कई जिलों में आज भारी बारिश हो सकती है. इस दौरान उदयपुर, पाली, टोंक, बारां, कोटा, हनुमानगढ़, झुंझुनू, बीकानेर, अलवर, सीकर, जयपुर और श्रीगंगानगर में भारी बारिश के साथ आंधी-तूफान का भी अलर्ट जारी किया गया है. इस दौरान 50 किमी की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं. जबकि मध्य प्रदेश के पन्ना, सीधी, उमरिया, सतना, इंदौर, भोपाल, देवास, अलीराजपुर, झाबुआ, श्योपुर और मुरैना में भी आज भारी बारिश और आंधी-तूफान की चेतावनी दी गई है. इस दौरान 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तूफानी हवाएं चलने का अनुमान है.
पहाड़ी राज्यों में भी आज भारी बारिश का अनुमान
मौसम विभाग के मुताबिक, वहीं पहाड़ी राज्य हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर के भी कई जिलों में आज भारी बारिश का अनुमान है. इस दौरान हिमाचल प्रदेश के सिरमौर, सोलन, ऊना, किन्नौर, बिलासपुर, चंबा, कुल्लू और मंडी में भारी बारिश और आंधी आने का अनुमान है. इस दौरान 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं.
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इस दौरान मनाली में अधिकतम तापमान 7 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 1 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है. वहीं उत्तराखंड के नैनीताल, रुद्रप्रयाग, उधमसिंह नगर, हरिद्वार, पौड़ी गढ़वाल, बागेश्वर और ऋषिकेश में भी आज भारी बारिश और तेज हवाएं चलने का अनुमान है. इस दौरान 50 से 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं.
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यूरोप ने रूस से 30 लाख करोड़ का तेल-गैस खरीदा:इस साल भी इम्पोर्ट जारी, 2025 में भारत की रिफाइनरी पर प्रतिबंध लगाए थे
रूस से तेल खरीदने पर भारत पर दबाव बनाने वाला यूरोप खुद भी उससे बड़े पैमाने पर तेल-गैस खरीद रहा है। 2022 से अब तक यूरोपीय देशों ने रूस से करीब 30 लाख करोड़ रुपए का ईंधन खरीदा है। दूसरी ओर, यूरोपीय संघ ने जुलाई 2025 में गुजरात स्थित नायरा एनर्जी की रिफाइनरी पर प्रतिबंध लगाए थे, जिसमें रूस की तेल कंपनी रोसनेफ्ट की हिस्सेदारी रही है। 2026 के शुरुआती नौ महीनों में भी करीब 2.03 लाख करोड़ रुपए की खरीद हुई। रूस के मुताबिक, जिन रास्तों से रूसी ऊर्जा खरीदने की छूट है, उनके जरिए यूरोप को तेल और गैस की सप्लाई जारी है। रूस से ईंधन छूट के नियम अलग-अलग यूरोप के सभी देशों की स्थिति एक जैसी नहीं है। वहीं, भारत की रूस से तेल खरीद को लेकर अमेरिकी प्रशासन अतिरिक्त आयात शुल्क लगा चुका है। ऐसे में सवाल उठता है कि भारत पर दबाव और यूरोपीय देशों को मिली छूट के नियम अलग-अलग क्यों हैं। भास्कर एनालिसिस: खरीद रोकने से यूरोप को मंहगाई का डर तेल-गैस महंगी हो सकती है यूक्रेन युद्ध शुरू होने के बाद यूरोप में गैस और बिजली की कीमतें बढ़ी थीं। रिपोर्ट में गैस की कीमतों में 46% और बिजली की कीमतों में 21% तक बढ़ोतरी का दावा किया गया है। रूस से सप्लाई पूरी तरह बंद होने पर कीमतें फिर बढ़ सकती हैं। इससे आम लोगों के बिल और कंपनियों की लागत बढ़ने का डर है। 2026 में भी रूस से गैस खरीद बढ़ी यूरोपीय संघ की ऊर्जा नियामक एजेंसी के आंकड़ों के मुताबिक, जनवरी से मई 2026 के बीच यूरोप में रूस से पाइपलाइन के जरिए आने वाली गैस की खरीद पिछले साल की इसी अवधि के मुकाबले 7% बढ़ी। रूस से तरल प्राकृतिक गैस यानी एलएनजी की खरीद भी 11% बढ़ी। इससे पता चलता है कि प्रतिबंधों के बावजूद यूरोप की रूस पर ऊर्जा निर्भरता पूरी तरह खत्म नहीं हुई है। दूसरे देशों से गैस खरीदना भी आसान नहीं यूरोप अमेरिका और दूसरे देशों से भी गैस खरीदता है। लेकिन दूसरे देशों से गैस मंगाने के लिए अलग इंतजाम और खर्च की जरूरत होती है। पश्चिम एशिया में तनाव बढ़ने से भी ऊर्जा सप्लाई को लेकर चिंता बनी हुई है। ऐसे में रूस से खरीद तुरंत बंद करना यूरोप के लिए आसान नहीं है। पहले से हुए समझौते भी बड़ी वजह यूरोपीय कंपनियों ने रूस के साथ लंबे समय के लिए गैस खरीदने के समझौते कर रखे हैं। यूरोप की ऊर्जा नियामक एजेंसी के मुताबिक, रूसी एलएनजी खरीदने के लिए कुछ कंपनियों के सालाना 20 से 32 अरब घनमीटर तक के अनुबंध हैं। इन समझौतों और दूसरी जगह से गैस लाने के इंतजाम में समय लगने के कारण आयात बंद करना मुश्किल है। रूस की एलएनजी का सबसे बड़ा खरीदार EU है ऊर्जा पर नजर रखने वाली संस्था सेंटर फॉर रिसर्च ऑन एनर्जी एंड क्लीन एयर (सीआरईए) के मुताबिक, दिसंबर 2022 से अगस्त 2026 के बीच रूस से होने वाले एलएनजी निर्यात में यूरोपीय संघ (EU) की हिस्सेदारी 49% थी। चीन की हिस्सेदारी 24% रही। पाइपलाइन के जरिए भेजी जाने वाली रूसी गैस में भी यूरोपीय संघ की हिस्सेदारी 32% थी। चीन की हिस्सेदारी 31% और तुर्किये की 29% रही। यानी रूस से गैस खरीदने में यूरोप अब भी अहम भूमिका निभा रहा है। रूस से एलएनजी खरीदने वाले प्रमुख यूरोपीय देशों में फ्रांस, बेल्जियम, स्पेन समेत नीदरलैंड्स भी शामिल है। ------------------------ ये खबर भी पढ़ें… मस्क ने यूक्रेन में स्टारलिंक इंटरनेट की स्पीड घटाई: रूस के खिलाफ सेना के ऑपरेशन पर असर अमेरिकी अरबपति इलॉन मस्क की कंपनी स्पेसएक्स ने यूक्रेन में स्टारलिंक इंटरनेट की स्पीड पर लिमिट लगा दी है। यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की के सलाहकार सेरही बेस्क्रेस्टनोव ने बुधवार को बताया कि इस फैसले से रूस के खिलाफ लड़ रही यूक्रेनी सेना के कई ऑपरेशन पर असर पड़ा है। पूरी खबर यहां पढ़ें…
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