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गांधीसागर के बैकवाटर्स में आज से रोमांच का नया सफर, लग्जरी टेंट से लेकर पैरामोटरिंग और वाटर स्पोर्ट्स तक मिलेगा मौका

भोपाल। मध्य प्रदेश के गांधीसागर में प्रकृति के बीच रोमांच पसंद करने वाले पर्यटकों के लिए गुरुवार से गांधीसागर फॉरेस्ट रिट्रीट का पांचवां संस्करण शुरू हो रहा है। मंदसौर स्थित गांधीसागर जलाशय के बैकवाटर्स में पर्यटक लग्जरी टेंट में ठहरने के साथ जमीन, पानी और हवा में कई तरह की एडवेंचर एक्टिविटी का आनंद ले सकेंगे।

मध्य प्रदेश टूरिज्म बोर्ड की ओर से लल्लूजी एंड सन्स और इवोक कैंपिंग के सहयोग से इसका आयोजन किया जा रहा है। पर्यटकों के ठहरने के लिए यहां सुविधाओं से लैस लग्जरी टेंट सिटी तैयार की गई है।

पानी से आसमान तक रोमांच के कई विकल्प

गांधीसागर फॉरेस्ट रिट्रीट में हाई रोप, जिपलाइन, एटीवी राइड, साइकलिंग, ड्यूओ साइकिल और एयरगन शूटिंग जैसी गतिविधियां होंगी। आसमान से गांधीसागर को देखने के लिए पैरामोटरिंग की सुविधा रहेगी।

वाटर स्पोर्ट्स में स्पीड बोट, जेट स्कीइंग, बनाना बोट, ड्रैगन बोट और कयाकिंग को शामिल किया गया है। इसके अलावा जंगल सफारी, नाइट वॉक, स्टार गेजिंग और बोट सफारी भी पर्यटकों के लिए उपलब्ध रहेगी। बोट स्पा, योग-वेलनेस सेशन और इनडोर गेम्स की व्यवस्था भी की गई है।

रोमांच के साथ मध्य प्रदेश की संस्कृति से भी रूबरू होंगे पर्यटक

फॉरेस्ट रिट्रीट में आने वाले पर्यटकों के लिए सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे। इनके जरिए मध्य प्रदेश की लोक कलाओं, पारंपरिक जीवनशैली और स्थानीय व्यंजनों को सामने लाया जाएगा।

गांधीसागर फॉरेस्ट रिट्रीट की शुरुआत वर्ष 2023 में हुई थी। आयोजन के जरिए गांधीसागर क्षेत्र में पर्यटन बढ़ाने के साथ स्थानीय युवाओं के लिए प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर बढ़ाने पर भी जोर है।

कैसे पहुंचें गांधीसागर

इंदौर से गांधीसागर की दूरी करीब 250 से 300 किलोमीटर बताई गई है और सड़क मार्ग से करीब 4 से 6 घंटे में पहुंचा जा सकता है। रेल से आने वाले पर्यटक नागदा या भवानी मंडी स्टेशन से आगे स्थानीय परिवहन ले सकते हैं।

भोपाल से गांधीसागर की दूरी करीब 333 किलोमीटर है और सड़क मार्ग से लगभग 7 घंटे का सफर है। ट्रेन से आने वालों के लिए भवानी मंडी करीब 55 किलोमीटर, मंदसौर 70 किलोमीटर और नीमच लगभग 115 किलोमीटर दूर बताए गए हैं।

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उत्तराखंड की ग्लेशियल झील पर अब अंतरिक्ष से भी नजर, वसुंधरा ताल में लगा अर्ली वार्निंग सिस्टम; खतरा बढ़ा तो तुरंत भेजेगा डेटा

देहरादून। उत्तराखंड में ग्लेशियल झील से अचानक बाढ़ आने के खतरे को समय रहते पकड़ने की दिशा में पहली बार एक ग्लेशियल झील पर सेंसर आधारित निगरानी सिस्टम लगाया गया है। चमोली जिले के वसुंधरा ताल में अर्ली वार्निंग सिस्टम की स्थापना का पहला चरण पूरा हो गया है। दुर्गम हिमालयी क्षेत्र से वैज्ञानिक और तकनीकी दल अभियान पूरा कर लौट आया है।

सिस्टम के जरिए झील के जलस्तर से लेकर मौसम, बर्फ की गहराई, तापमान और आसपास की भू-गतिविधियों तक पर नजर रखी जाएगी। सामान्य स्थिति में सेंसर हर दो घंटे में डेटा भेजेंगे, जबकि किसी असामान्य या आपात स्थिति में दो घंटे का इंतजार किए बिना तत्काल जानकारी भेजने की व्यवस्था की गई है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास मंत्री मदन कौशिक ने पहले चरण की सफलता पर प्रसन्नता जताई है। मुख्यमंत्री ने इसे ग्लेशियल झीलों से पैदा होने वाले संभावित खतरे की समय रहते पहचान और संवेदनशील क्षेत्रों की सुरक्षा की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।

मोबाइल नेटवर्क नहीं, इसलिए सैटेलाइट से पहुंचेगा डेटा

वसुंधरा ताल ऐसे उच्च हिमालयी क्षेत्र में है, जहां सामान्य मोबाइल नेटवर्क उपलब्ध नहीं है। इसलिए सेंसरों को इरिडियम सैटेलाइट कम्युनिकेशन सिस्टम से जोड़ा गया है।

सेंसर से मिलने वाला डेटा CBRI रुड़की और उत्तराखंड राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (USDMA) के डैशबोर्ड पर पहुंचेगा। अभियान दल ने लौटने से पहले डेटा ट्रांसमिशन की जांच भी की और सभी डेटा अपेक्षा के मुताबिक मिलने की बात कही है।

जलस्तर से हिमस्खलन तक पर नजर

वसुंधरा ताल में ऑल-इन-वन वेदर सेंसर लगाया गया है। यह हवा की गति और दिशा, बारिश, सौर विकिरण, तापमान और वायुदाब की जानकारी देगा।

झील का जलस्तर मापने के लिए फ्लोटिंग और पानी के भीतर वाटर लेवल सेंसर लगाए गए हैं। भू-कंपन और झुकाव जैसी गतिविधियों के लिए दो एक्सेलेरोमीटर और टिल्ट सेंसर लगाए गए हैं। हिमस्खलन से जुड़ी गतिविधियों की निगरानी के लिए अलग एक्सेलेरोमीटर और टिल्ट सेंसर भी लगाया गया है।

बर्फ की गहराई मापने के लिए स्नो डेप्थ सेंसर और बर्फ के नीचे अलग-अलग गहराई पर तापमान जानने के लिए सात सेंसर लगाए गए हैं। झील की सतह का तापमान मापने के लिए भी अलग सेंसर लगाया गया है।

38.5 मीटर गहरी है वसुंधरा ताल

अभियान दल के प्रमुख और CBRI रुड़की के वैज्ञानिक डॉ. डीपी कानूनगो के मुताबिक वसुंधरा ताल करीब 38.50 मीटर गहरी, 600 मीटर चौड़ी और 900 मीटर लंबी है। पुराने आंकड़ों और मौजूदा स्थिति की तुलना में झील के आकार में कोई विशेष बदलाव नहीं मिला है।

सिस्टम लगाने के लिए ऐसी जगह चुनी गई है, जहां भूस्खलन और हिमस्खलन का जोखिम बेहद कम हो।

धूप नहीं मिली तो भी 10 दिन चलता रहेगा सिस्टम

दुर्गम इलाके में बिजली की समस्या को देखते हुए उपकरणों के लिए सोलर पैनल और बैटरी लगाई गई है। सिस्टम में 280 एम्पीयर क्षमता की बैटरी है। पर्याप्त धूप नहीं मिलने पर भी यह करीब 10 दिन तक बैकअप दे सकती है।

उपकरणों के लिए स्टील के मॉड्यूलर डिजाइन वाला फाउंडेशन तैयार किया गया है। इसमें सीमेंट का इस्तेमाल नहीं किया गया और स्थानीय पत्थरों से इसे मजबूती दी गई है। इलाके में हवा की गति करीब 15 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे आंकी गई है, जबकि फाउंडेशन को 100 किलोमीटर प्रति घंटे तक की हवा सहने के हिसाब से डिजाइन किया गया है।

कई संस्थानों की टीम ने पूरा किया अभियान

यह अभियान राष्ट्रीय ग्लेशियल लेक आउटबर्स्ट फ्लड जोखिम न्यूनीकरण कार्यक्रम के तहत USDMA ने चलाया। इसमें CBRI रुड़की और वाडिया हिमालय भूविज्ञान संस्थान के वैज्ञानिक और तकनीकी विशेषज्ञ शामिल रहे। SDRF, NDRF और ITBP ने भी अभियान में सहयोग किया।

29 सितंबर को मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने टीम को रवाना किया था। अभियान पूरा होने के बाद सचिव आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास विनोद कुमार सुमन ने मंगलवार को USDMA में दल का स्वागत किया।

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  Sports

Harmanpreet Kaur का अनुभव युवाओं के लिए अहम, कप्तान Smriti Mandhana ने बताया

भारत की नवनियुक्त कप्तान स्मृति मंधाना ने युवा खिलाड़ियों को सहयोग देने में पूर्व कप्तान हरमनप्रीत कौर के अनुभव और नेतृत्व के महत्व पर बल दिया, क्योंकि भारतीय महिला क्रिकेट टीम उनकी कप्तानी में एक नए अध्याय की शुरुआत कर रही है। जिम्बाब्वे के खिलाफ तीन मैचों की टी20 अंतरराष्ट्रीय श्रृंखला, जो 16 अक्टूबर से रायपुर में शुरू हो रही है, मंधाना की कप्तानी में पहली चुनौती है। हरमनप्रीत कौर के कप्तानी छोड़ने के बाद, मंधाना घरेलू मैदान पर जिम्बाब्वे के खिलाफ आगामी टी20 अंतरराष्ट्रीय और वनडे मैचों में भारतीय टीम की कप्तानी करेंगी, जिसके साथ ही 'स्मृति युग' की शुरुआत हो रही है।

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जियोस्टार पर सीरीज के पहले मैच से पहले बात करते हुए, मंधाना ने टीम की कप्तानी करने की चुनौतियों और जिम्मेदारियों, ड्रेसिंग रूम में हरमनप्रीत कौर की मौजूदगी के अहम रोल, और भारत में होने वाली ICC महिला चैंपियंस ट्रॉफी 2027 की तैयारियों के बारे में चर्चा की। मंधाना ने कहा कि उन्होंने भारत की कप्तानी की है, वह सबसे लंबे समय तक कप्तान रही हैं और एक बेहतरीन लीडर रही हैं। इसलिए मुझे यकीन है कि उनका अनुभव - खासकर अब जब टीम में कई युवा खिलाड़ी आ रही हैं - और खेल के प्रति उनका नजरिया, कई लोगों के लिए प्रेरणादायक होगा। मुझे उम्मीद है कि युवा खिलाड़ी उन्हें देखेंगी, यह देखेंगी कि वह खेल के लिए कैसे तैयारी करती हैं, और उनसे बहुत कुछ सीखेंगी। इसलिए, युवाओं के बीच उनका होना बहुत महत्वपूर्ण है, ताकि वे उनसे सीख सकें और खुद को बेहतर बना सकें; अक्सर ऐसा होता है कि किसी को देखकर आप समय से पहले ही बहुत कुछ सीखना शुरू कर देते हैं।

एशियन गेम्स 2026 में मंधाना का प्रदर्शन शानदार रहा, जहां हरमनप्रीत कौर की कप्तानी में टीम इंडिया ने अपना गोल्ड मेडल बरकरार रखा। फाइनल में भारत ने श्रीलंका को 147 रनों से हराया, जिसमें मंधाना ने 45 गेंदों पर 79 रन बनाकर भारत के लिए सबसे ज्यादा स्कोर किया। टूर्नामेंट के दौरान उन्होंने दो पारियों में कुल 116 रन बनाए। इन खेलों के बाद, हरमनप्रीत ने कप्तानी छोड़ दी। मंधाना फिलहाल महिला क्रिकेट में T20I में सबसे ज्यादा रन बनाने वाली खिलाड़ी हैं। उनके नाम सबसे ज्यादा अंतरराष्ट्रीय रन और शतक लगाने का रिकॉर्ड भी दर्ज है। उन्होंने 179 T20I मैचों में 31.00 की औसत और 127 से ज्यादा के स्ट्राइक रेट से 4,867 रन बनाए हैं, जिसमें दो शतक और 37 अर्धशतक शामिल हैं। इस साल, उन्होंने 22 मैचों की 21 पारियों में 38.25 की औसत और 148.25 के स्ट्राइक रेट से 765 रन बनाए हैं। इसमें एक शतक और पांच अर्धशतक शामिल हैं, और उनका सर्वोच्च स्कोर 124 रहा है।

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सभी अंतरराष्ट्रीय फॉर्मेट को मिलाकर, मंधाना ने 308 मैचों में 11,066 रन बनाए हैं। उन्होंने 18 शतक लगाए हैं, जो किसी भी बल्लेबाज द्वारा लगाए गए शतकों की संयुक्त रूप से सबसे ज्यादा संख्या है; इस मामले में वह दक्षिण अफ्रीका की लॉरा वोल्वार्ड्ट के बराबर हैं। अपनी नई कप्तानी की भूमिका के बारे में बात करते हुए, मंधाना ने इसे "बहुत बड़ा सम्मान और जिम्मेदारी" बताया। उन्होंने अपनी प्राथमिकताओं का जिक्र करते हुए कहा कि उनका ध्यान ट्रेनिंग के स्तर को बेहतर बनाने, पावर-हिटिंग, फील्डिंग, प्रोफेशनलिज्म और युवा खिलाड़ियों के लिए एक मजबूत टीम कल्चर तैयार करने पर होगा।

Fri, 16 Oct 2026 15:13:00 +0530

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