प्लास्टिक कटिंग बोर्ड से नॉन-स्टिक बर्तनों तक, घर में रखी ये 6 चीजें आपके हार्मोन्स से कर रही खिलवाड़, जानें सेफ ऑप्शन
Hormone Disruptors In House: रोजाना घर में आप कई ऐसी चीजों का इस्तेमाल कर रहे हैं, जिनसे आप ऐसे केमिकल के संपर्क में आ सकते हैं जो आपके हार्मोन्स को डिस्टर्ब कर सकती हैं. ऐसे में चेहरे पर मुहांस, अनचाहे बाल और बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है. इसमें रसोई में सब्जी काटने वाले प्लास्टिक बोर्ड से लेकर नॉन-स्टिक बर्तन, प्लास्टिक की बोतलें और खुशबू वाले एयर फ्रेशनर तक जैसी चीजें शामिल हैं. यहां जानिए इनके सेफ ऑप्शन क्या हैं.
सिवनी में तेज आवाज के बाद जमीन में कंपन महसूस होने की चर्चा, रात 11:24 बजे की घटना से लोगों में हलचल, भूकंप की पुष्टि नहीं
मध्य प्रदेश के सिवनी जिला मुख्यालय में बुधवार रात करीब 11:24 बजे अचानक तेज आवाज सुनाई देने और भूकंप जैसे झटके महसूस होने की चर्चा से लोगों में हलचल मच गई है। दरअसल कुछ लोग एहतियात के तौर पर घरों से बाहर निकल आए जबकि सोशल मीडिया पर भी लोग अपने अनुभव साझा करने लगे। हालांकि खबर लिखे जाने तक घटना की वजह स्पष्ट नहीं हुई थी और भूकंप आने की कोई आधिकारिक पुष्टि सामने नहीं आई थी।
दरअसल सिवनी में रात के समय हुई इस घटना ने लोगों का ध्यान खींचा। स्थानीय लोगों के बीच तेज आवाज सुनाई देने और जमीन में कंपन महसूस होने की बातें सामने आईं। अचानक हुई इस हलचल के बाद कई लोग एक-दूसरे से जानकारी लेने लगे। सोशल मीडिया पर भी घटना को लेकर चर्चा होने लगी। कुछ लोगों ने पिछले साल बारिश के बाद इसी तरह के झटके महसूस होने की बात कही।
सिवनी में भूकंप जैसे झटके
बुधवार रात करीब 11:24 बजे तेज आवाज सुनाई देने के बाद सिवनी में लोगों के बीच चर्चा शुरू हो गई। कुछ लोगों ने आवाज के साथ कंपन महसूस होने की बात कही जबकि कुछ लोग एहतियात के तौर पर घरों से बाहर निकल आए। सोशल मीडिया पर भी लोग एक-दूसरे से पूछते रहे कि क्या उन्हें भी ऐसी आवाज या झटके महसूस हुए हैं। घटना को लेकर लोगों के अनुभव सामने आए लेकिन अब तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया था कि आवाज कहां से आई और कंपन का कारण क्या था। कुछ लोगों ने पिछले साल बारिश के बाद भी इसी तरह के अनुभव होने की बात कही।
सिवनी में भूकंप की आधिकारिक पुष्टि नहीं
फिलहाल सिवनी में भूकंप आने, उसकी तीव्रता, केंद्र या गहराई को लेकर कोई पुष्ट जानकारी सामने नहीं आई है। केवल तेज आवाज सुनाई देने या जमीन में कंपन महसूस होने से यह साबित नहीं होता कि भूकंप आया था। इसकी पुष्टि के लिए भूकंप निगरानी केंद्रों के रिकॉर्ड और संबंधित एजेंसियों की जानकारी देखना जरूरी है।
तेज आवाज या कंपन के पीछे अलग-अलग वजहें हो सकती हैं, लेकिन उपलब्ध जानकारी के आधार पर किसी एक कारण को सही नहीं माना जा सकता। इसलिए घटना को भूकंप घोषित करना या किसी खास वजह से जोड़ना जल्दबाजी होगी। आधिकारिक रिकॉर्ड मिलने पर ही यह साफ हो सकेगा कि उस समय भूकंपीय गतिविधि दर्ज हुई थी या नहीं। फिलहाल घटना की असली वजह का पता लगना बाकी है।
दोबारा झटके महसूस हों तो क्या करें?
अगर दोबारा कंपन महसूस हो, तो घबराने के बजाय अपनी सुरक्षा पर ध्यान दें। घर के अंदर हों तो मजबूत मेज के नीचे बैठकर सिर और गर्दन को बचाएं। खिड़कियों, शीशों, अलमारी और ऐसी चीजों से दूर रहें जो गिर सकती हैं। झटके जारी रहने के दौरान सीढ़ियों की ओर भागने या लिफ्ट का इस्तेमाल करने से बचें। कंपन रुकने के बाद बाहर निकलना जरूरी लगे तो सुरक्षित रास्ते का इस्तेमाल करें और इमारत से दूर किसी खुले स्थान पर जाएं। किसी भी तरह की क्षति या खतरे की स्थिति में स्थानीय प्रशासन और आपातकालीन सेवाओं को सूचना दें।
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