रूस से डीजल सप्लाई को लेकर ट्रंप पर भड़के यूक्रेनी राष्ट्रपति जेलेंस्की, कहा- 'अमेरिका ने चुना गलत रास्ता'
Ukraine-Russia War: यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने रूस से डीजल की आपूर्ति को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के फैसले पर नाराजगी जताई है. उन्होंने कहा कि रूस के साथ ऊर्जा कारोबार को आगे बढ़ाना यूक्रेन के हितों के खिलाफ है. इसके साथ ही जेलेंस्की ने अमेरिका से अपील की कि वह रूस के खिलाफ युद्ध में यूक्रेन का समर्थन जारी रखे और अपनी भूमिका को लेकर स्पष्ट रुख अपनाए.
अमेरिका का फैसला निराश करने वाला- जेलेंस्की
ब्रिटिश पत्रकार पियर्स मॉर्गन के कार्यक्रम पियर्स मॉर्गन अनसेंसर्ड में बातचीत के दौरान जेलेंस्की ने कहा कि अगर अमेरिका इस संघर्ष में तटस्थ रहना चाहता है, तो उसे उसी नीति पर कायम रहना चाहिए. लेकिन तटस्थता के नाम पर रूस का साथ देना सही नहीं है. उन्होंने यह भी कहा कि ट्रंप को सलाह देने वाले लोग उन्हें किस दिशा में ले जा रहे हैं.
जेलेंस्की के मुताबिक, मौजूदा घटनाक्रम से यूक्रेन को अपने एक महत्वपूर्ण रणनीतिक सहयोगी का समर्थन कमजोर पड़ने की चिंता सता रही है. उन्होंने कहा कि अमेरिका और ट्रंप से यूक्रेन को काफी उम्मीदें हैं, इसलिए इस तरह के फैसले निराश करने वाले हैं.
रूस से डीजल सप्लाई को लेकर क्या है विवाद?
बता दें कि यह विवाद उस घोषणा के बाद सामने आया, जिसमें ट्रंप ने रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ डीजल आपूर्ति से जुड़ी व्यवस्था का जिक्र किया. खबरों के मुताबिक, इस व्यवस्था के तहत रूस से 3 लाख मीट्रिक टन से अधिक डीजल की आपूर्ति की बात कही गई है. ट्रंप का तर्क है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में ईंधन की उपलब्धता बढ़ाने से ऊर्जा की बढ़ती कीमतों को नियंत्रित करने में मदद मिल सकती है. हालांकि, रूस के साथ इस तरह की व्यवस्था को लेकर यूक्रेन की चिंता है कि इससे मॉस्को को आर्थिक लाभ मिल सकता है. जो यूक्रेन के लिए घातक साबित हो सकता है.
ऊर्जा क्षेत्र में युद्धविराम का यूक्रेन ने किया समर्थन
यूक्रेनी राष्ट्रपति जेलेंस्की ने कहा कि यूक्रेन ऊर्जा प्रतिष्ठानों पर हमले रोकने के प्रस्ताव के समर्थन में था. उनका कहना है कि इस पहल के पीछे मुख्य उद्देश्य आम नागरिकों की जान बचाना, जरूरी बुनियादी ढांचे को सुरक्षित रखना और सर्दियों के दौरान लोगों को बिजली तथा अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराना था. उन्होंने माना कि ऊर्जा क्षेत्र में युद्धविराम स्थायी शांति का विकल्प नहीं है, लेकिन इसे तनाव कम करने की दिशा में एक कदम माना जा सकता है.
यूक्रेन चाहता है कि दोनों पक्ष ऊर्जा सुविधाओं को निशाना बनाना बंद करें, ताकि आम लोगों को युद्ध के प्रभाव से कुछ राहत मिल सके. हालांकि, राष्ट्रपति जेलेंस्की ने आरोप लगाया कि यूक्रेन ने तीन दिनों तक ऊर्जा से जुड़े रूसी ठिकानों पर हमले नहीं किए और जवाबी कार्रवाई से भी परहेज किया, लेकिन इसके बावजूद रूस की ओर से यूक्रेनी ठिकानों पर हमले जारी रहे.
रूसी हमलों में बिजली व्यवस्था प्रभावित होने का दावा
यूक्रेन के राष्ट्रपति ने रूस पर ऊर्जा क्षेत्र में युद्धविराम के कथित उल्लंघन का आरोप भी लगाया. उन्होंने कहा कि रूसी सेना ने रात के दौरान मिसाइलों और हमलावर ड्रोन के जरिए कीव, कीव क्षेत्र और खार्किव में ऊर्जा प्रतिष्ठानों तथा महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे को निशाना बनाया. जेलेंस्की के दावे के मुताबिक, इन हमलों के कारण करीब 6 लाख लोगों को बिजली की आपूर्ति से वंचित होना पड़ा. उन्होंने कहा कि ऊर्जा सुविधाओं पर हमले जारी रहने से नागरिकों की सुरक्षा और सर्दियों में जरूरी सेवाएं बनाए रखने की चुनौती बढ़ जाती है.
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क्या बोले थे राष्ट्रपति ट्रंप?
वहीं अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 11 अक्टूबर को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर घोषणा की थी कि रूस और यूक्रेन के बीच ऊर्जा प्रतिष्ठानों पर हमले रोकने की व्यवस्था तत्काल प्रभाव से लागू हो गई है. उन्होंने दोनों पक्षों से इस समझौते का पालन करने की अपील की थी. हालांकि, ट्रंप की घोषणा में यह स्पष्ट नहीं किया गया था कि युद्धविराम किन-किन सुविधाओं पर लागू होगा, इसकी निगरानी कैसे की जाएगी और उल्लंघन की स्थिति में क्या कदम उठाए जाएंगे. इसके बाद यूक्रेन की ओर से रूस पर हमले जारी रखने के आरोप लगाए गए.
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Mata Skandmata Aarti Lyrics: शारदीय नवरात्रि के 5वें दिन हो रही है स्कंदमाता मां की पूजा, पढ़ें उनकी आरती
Mata Skandmata Aarti Lyrics: आज यानी 15 अक्टूबर 2026 को गुरुवार के दिन आश्विन मास के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि रहने वाली है. इस समय शारदीय नवरात्रि मनाई जा रही है. आज इस नवरात्र का पांचवा दिन है. इस दिन पर माता स्कंद की परंपरागत रूप से पूजा की जाती है. स्कंद माता को देवताओं के सेनापति भगवान कार्तिकेय की माता कहा जाता है. इसलिए, उनका एक नाम स्कंद भी होता है. स्कंदमाता को जीवन में सुख-समृद्धि और तरक्की के लिए पूजा जाता है.
उनका स्वरूप बहुत अलौकिक है. उनकी गोद में कार्तिकेय भगवान बालरूप में विराजमान है. इनकी चार भुजाएं हैं और माता की सवारी सिंह है. धार्मिक मान्यता है कि स्कंदमाता मां की पूजा का पूर्ण फल प्राप्त करने के लिए आपको पूजा के साथ-साथ आरती भी करनी चाहिए. यहां पढ़ें स्कंदमाता मां की आरती के लिरिक्स.
स्कंदमाता मां की आरती (Mata Skandmata Aarti Lyrics in Hindi)
जय तेरी हो स्कन्द माता। पांचवां नाम तुम्हारा आता॥
सबके मन की जानन हारी।जग जननी सबकी महतारी॥
तेरी जोत जलाता रहूं मैं। हरदम तुझे ध्याता रहूं मै॥
कई नामों से तुझे पुकारा। मुझे एक है तेरा सहारा॥
कही पहाड़ों पर है डेरा। कई शहरों में तेरा बसेरा॥
हर मन्दिर में तेरे नजारे। गुण गाये तेरे भक्त प्यारे॥
भक्ति अपनी मुझे दिला दो। शक्ति मेरी बिगड़ी बना दो॥
इन्द्र आदि देवता मिल सारे। करे पुकार तुम्हारे द्वारे॥
दुष्ट दैत्य जब चढ़ कर आये। तू ही खण्ड हाथ उठाये॥
दासों को सदा बचाने आयी। भक्त की आस पुजाने आयी॥
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स्कंदमाता मां के प्रमुख मंत्र
ध्यान मंत्र
सिंहासनगता नित्यं पद्माञ्चित करद्वया। शुभदास्तु सदा देवी स्कंदमाता यशस्विनी॥
स्तुति मंत्र
या देवी सर्वभूतेषु मां स्कंदमाता रूपेण संस्थिता। नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः॥
बीज मंत्र
ह्रीं क्लीं स्वमिन्यै नम:।।
श्री स्कंदमाता चालीसा (Shree Skandamata Chalisa Lyrics in Hindi)
दोहा
सिंहासनगता नित्यं पद्माश्रितकरद्वया।
शुभदास्तु सदा देवी स्कंदमाता यशस्विनी॥
चौपाई
जयति जयति जगत जननी, जय स्कंद माता।
दीनन पर करुणा करति, सदा सुखदाता॥
सिंह वाहिनी दुर्गा, धरी स्कंद रूप।
पुत्र कार्तिकेय के कारण, जग में प्रसिद्ध॥
पहाड़ों पर वास करे, सिंह संग सवारी।
कमलासन पर विराजती, शुभ्र मूरत प्यारी॥
अत्यन्त मनोहर रूप है, ममता की मूरत।
कृपा दृष्टि से भरे सदा, भक्तन के संकट॥
चतुर्भुजा धारी माता, श्वेत कमल पे बैठी।
संतान सुख देने वाली, दुख हरण करती॥
कमल पुष्प हाथों में, धरे शांति स्वरूपा।
सिंह वाहन पर आरूढ़ा, महिमा अनुपम रूपा॥
जगत पालिका है तू, अघ विनाशिनी माता।
तेरे चरणों में नमन, जयति जय माता॥
ध्यान धरें जो भक्त तेरे, सब कष्ट मिट जाते।
सकल मनोरथ पूर्ण करें, मनवांछित फल पाते॥
तेरे दर पे जो भी आए, खाली ना जाता।
दीन दुखी और निर्धन का, संकट हर जाता॥
शरण में आए जो भी तिहारी, उनको सुख देना।
भव सागर से तार कर, भव भय हर लेना॥
कृपा दृष्टि सदा रखना, संकट हारिणी माता।
सकल जगत की पालनहारी, जयति जय माता॥
जयति जयति जय स्कंदमाता, हम सबकी अंबा।
संतान सुख देने वाली, हमारी तुम शांभवी॥
सिंहासन पर विराजती, श्वेत कमल पे बैठी।
दीनन पर कृपा कर, हमारे कष्ट हरती॥
दोहा
सिंहासनगता नित्यं पद्माश्रितकरद्वया।
शुभदास्तु सदा देवी स्कंदमाता यशस्विनी॥
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(Disclaimer: यहां दी गई जानकारी ज्योतिष शास्त्र पर आधारित है और केवल सूचना के लिए प्रदान की गई है. News Nation इसकी पुष्टि नहीं करता है.)
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