नर्मदापुरम में 4 ब्रांड के घी पर रोक, 1,426 किलो स्टॉक जब्त, लैब जांच में नमूने असुरक्षित मिलने के बाद खाद्य विभाग की कार्रवाई
नर्मदापुरम में घी की गुणवत्ता को लेकर खाद्य सुरक्षा विभाग ने डीलरों और थोक विक्रेताओं के यहां जांच की। दरअसल खाद्य सुरक्षा अधिकारी कमलेश एस. दियावार और बीएस धाकड़ ने औचक निरीक्षण के दौरान अलग-अलग ब्रांड के घी के नमूने लिए थे। इन्हें जांच के लिए राज्य खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला भेजा गया। रिपोर्ट में संबंधित नमूने असुरक्षित पाए जाने के बाद विभाग ने कार्रवाई की। इसके साथ ही संबंधित विक्रेताओं और निर्माताओं को नोटिस भी जारी किए गए हैं।
दरअसल खाद्य सुरक्षा विभाग की कार्रवाई चार ब्रांड के घी के तय बैचों पर लागू है। विभाग ने साफ किया है कि रोक पूरे ब्रांड पर नहीं बल्कि जांच में असुरक्षित पाए गए संबंधित बैचों पर लगाई गई है। इसलिए खरीदारी करते समय पैक पर लिखे ब्रांड के साथ बैच नंबर और पैक का वजन भी देखना जरूरी है।
इन बैच पर रोक लगाई गई
बता दें कि खाद्य सुरक्षा विभाग की कार्रवाई में नंद कृष्णा ब्रांड के बैच नंबर PF-07-26, संगाथ गाय के घी के 1 लीटर पैक के बैच AD07 और 200 मिलीलीटर पैक के बैच AD04 को शामिल किया गया है। संगाथ के 500 मिलीलीटर पैक का बैच नंबर उपलब्ध नहीं बताया गया है। इसके अलावा ब्रजवासी के 1 लीटर पैक के बैच UG05 और मधुसूदन के 450 मिलीलीटर पैक के बैच CFL-1421 पर भी रोक लगाई गई है। इन बैचों के निर्माण, भंडारण, परिवहन और बिक्री पर अगले आदेश तक प्रतिबंध है। विभाग ने कारोबारियों को संबंधित घी बिक्री से हटाने के निर्देश दिए हैं। कार्रवाई में कुल 1,426 किलो घी जब्त किया गया, जिसकी कीमत करीब 7.30 लाख रुपए बताई गई है।
असुरक्षित पाए गए बैच की बिक्री पर रोक
वहीं खाद्य सुरक्षा विभाग ने लोगों से अपील की है कि वे सूची में दिए गए बैच नंबर वाला घी न खरीदें। यदि बाजार में इन बैचों की बिक्री दिखाई देती है तो विभाग को इसकी सूचना दें। दुकानदारों और थोक विक्रेताओं को भी संबंधित स्टॉक अलग करने और बिक्री रोकने के निर्देश दिए गए हैं। आदेश का पालन नहीं करने पर वैधानिक कार्रवाई की जा सकती है।
उज्जैन में सिंहस्थ 2028 की तैयारी तेज, नगर निगम ने नीलगंगा क्षेत्र से हटाया अतिक्रमण
उज्जैन नगर निगम द्वारा अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई लगातार जारी है। अलग अलग क्षेत्रों में किए गए निर्माण तोड़े जा रहे हैं। इसी कड़ी में नीलगंगा क्षेत्र में भी कार्रवाई देखने को मिली। सिंहस्थ 2028 की तैयारियों को देखते हुए प्लेटफॉर्म क्रमांक 8 के सामने किए गए अतिक्रमण को हटाया गया।
बता दें कि प्लेटफार्म के सामने मुख्य मार्ग के किनारे पर लोगों ने अवैध अतिक्रमण कर रखा था। मौके पर पहुंची नगर निगम की टीम ने जेसीबी की मदद से यहां मौजूद अतिक्रमण को हटाया। लोगों के लिए आवागमन सुगम और सुरक्षित हो सके और सिंहस्थ के दौरान आवाजाही के लिए पर्याप्त जगह उपलब्ध रहे। इसी के लिए अतिक्रमण हटाया गया है।
यहां से निकलती है पेशवाई
नीलगंगा तालाब से जो पेशवाई निकलती है। वह इसी रास्ते से होकर गुजरती है। सिंहस्थ के दौरान विभिन्न साधु संतो, श्रद्धालु और अखाड़ों को यहां से आवाजाही करते देखा जाएगा। ऐसे में आवागमन में आ रही है सारी बाधाओं को दूर करना जरूरी था। यही वजह है कि शहर के प्रमुख मार्गो पर कार्रवाई की जा रही है।
पेड़ों को फिर किया प्रत्यारोपित
नगर निगम द्वारा की गई इस कार्रवाई के दौरान पर्यावरण संरक्षण का पूरी तरह से ध्यान रखा जा रहा है। रास्ते में आ रहे हैं दो पीपल के पेड़ों को प्रत्यारोपित कर लोटी स्कूल परिसर में स्थानांतरित किया गया है। महापर्व के दौरान किसी तरह की परेशानी न हो इसलिए निगम सभी मार्गों को व्यवस्थित करने में लगा है।
लोगों को हो रही थी परेशानी
बता दें कि नगर निगम आयुक्त द्वारा मार्ग का निरीक्षण किया गया था। उसके बाद प्लेटफार्म क्रमांक 8 के सामने किए गए अतिक्रमण को हटाने के निर्देश जोनल अधिकारी को दिए गए थे। आयुक्त के निर्देश के बाद ही यह कार्रवाई की गई है। यह कहा जा रहा है कि सड़क पर किए गए अतिक्रमण की वजह से लोगों को परेशानी हो रही थी।
होम
जॉब
पॉलिटिक्स
बिजनेस
ऑटोमोबाइल
गैजेट
लाइफस्टाइल
फोटो गैलरी
Others 
Mp Breaking News








