Surat में पशुओं का टॉनिक बच्चों की दवा बनाकर बेचने वाला मेडिकल स्टोर संचालक अरेस्ट
गुजरात के सूरत में पुलिस ने पशुओं के टॉनिक को दोबारा पैक करके बच्चों की दवा के रूप में अधिक कीमत पर बेचने के आरोप में एक दवा दुकानदार को गिरफ्तार किया है। पुलिस उपायुक्त (डीसीपी) राजदीपसिंह नकुम ने बुधवार को बताया कि सूरत पुलिस के विशेष अभियान समूह (एसओजी) की एक टीम ने शहर के गोपीपुरा इलाका में एक दवा दुकान पर छापा मारा और उसके मालिक मोहम्मद साजिद इब्राहिम मुल्ला (51) को गिरफ्तार किया। उन्होंने कहा, ‘‘मुल्ला हिमालय लिव.52 प्रोटेक लिक्विड वेटरनरी फीड सप्लीमेंट के एक और पांच लीटर के बड़े डिब्बों से तरल पदार्थ निकालता था और उसे खुद ही 60 और 100 मिलीलीटर की बोतलों में भर देता था।
इसके बाद वह इन बोतलों पर हिमालय लिव.52 ड्रॉप्स (बच्चों का उत्पाद) के नकली लेबल लगा देता था। डीसीपी के अनुसार, हिमालय लिव.52 प्रोटेक लिक्विड वेटरनरी फीड सप्लीमेंट पशुओं की दवा है। उन्होंने बताया कि आरोपी इस उत्पाद को उसकी मूल कीमत से दोगुनी कीमत पर बेचता था।
उन्होंने कहा कि छापेमारी के दौरान 31,195 रुपये मूल्य की सामग्री और अन्य सामान जब्त किए गए हैं। इस संबंध में अठवा थाने में भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं के तहत एक प्राथमिकी दर्ज की गई है।
Bihar के Vaishali में गंगा नदी में नाव पलटने से 13 बच्चों की मौत
बिहार के वैशाली जिले में मंगलवार देर रात गंगा नदी में करीब 20 लोगों को ले जा रही एक नाव पलट जाने से 13 बच्चों की मौत हो गई, जबकि छह अन्य लोगों को रातभर चले बचाव अभियान के दौरान सुरक्षित बचा लिया गया। एक अधिकारी ने बुधवार को यह जानकारी दी। वैशाली की जिलाधिकारी वर्षा सिंह ने बताया कि हादसे में मारे गए सभी लोग रामपुर श्यामचंद गांव के रहने वाले थे और एक भोज में शामिल होने के लिए पास के गांव जा रहे थे।
जिलाधिकारी ने फोन पर ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया, “हमने 13 शव बरामद किए हैं। सभी मृतक 15 वर्ष से कम उम्र के बच्चे हैं। चार नाबालिग समेत छह अन्य लोगों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है।” उन्होंने कहा कि नाव पर सवार लोगों की संख्या का कोई आधिकारिक रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं है, लेकिन ग्रामीणों के अनुसार नाव पर करीब 20 लोग सवार थे। शव बरामद होने के बाद किसी ने भी प्रशासन से लापता व्यक्ति की शिकायत नहीं की है। मृतकों में नौ लड़कियां शामिल हैं।
इनमें तीन सगी बहनें थीं, जिनकी उम्र 10 से 13 वर्ष के बीच थी। ग्रामीणों ने यात्रा के लिए निजी नाव किराये पर ली थी, लेकिन इतनी रात में बच्चों को जोखिम भरी यात्रा करने से नहीं रोक पाने के मामले में राघोपुर के थाना प्रभारी और संबंधित अंचल अधिकारी को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने बुधवार को घटनास्थल के अंतर्गत आने वाले अपने संसदीय क्षेत्र हाजीपुर में पीड़ित परिवारों से मुलाकात की।
उन्होंने ग्रामीणों की उन शिकायतों पर चिंता जताई, जिनमें आरोप लगाया गया है कि उन्होंने प्रशासन को नाव की जर्जर स्थिति के बारे में पहले ही सूचित किया था, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई। हालांकि, जिलाधिकारी ने इस आरोप को खारिज करते हुए कहा कि अधिकारियों को नाव की खराब स्थिति के बारे में कोई जानकारी नहीं दी गई थी। उन्होंने बताया कि मामले की जांच के आदेश दे दिए गए हैं और नाव जिस व्यक्ति के नाम पर पंजीकृत है, उसके खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है।
बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने घटना की निष्पक्ष जांच कराने और प्रभावित परिवारों को आर्थिक सहायता देने की मांग की। राघोपुर रवाना होने से पहले उन्होंने पटना में पत्रकारों से कहा, “सरकार को मामले की निष्पक्ष जांच करानी चाहिए और जिनकी लापरवाही के कारण यह घटना हुई, उनके खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए। मृतकों के परिजनों को आर्थिक सहायता के साथ-साथ भूखंड भी उपलब्ध कराया जाना चाहिए।” तेजस्वी ने शोक संतप्त परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की और कहा कि उनकी पार्टी भी पीड़ित परिवारों को आर्थिक सहायता देगी।
बिहार के उपमुख्यमंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव और सहकारिता मंत्री रामकृपाल यादव ने राज्य सरकार के प्रतिनिधि के रूप में मृतकों के गांव पहुंचकर परिजनों से मुलाकात की। उन्होंने स्थिति का जायजा लिया और आश्वासन दिया कि बिहार सरकार हरसंभव मदद के लिए प्रतिबद्ध है। वहीं, केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने राघोपुर के विधायक और नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव पर निशाना साधा।
उन्होंने कहा कि हादसा बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है, लेकिन यह भी दुर्भाग्यपूर्ण है कि स्थानीय विधायक पीड़ित परिवारों के बीच पहुंचने के बजाय दिल्ली में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के विरोध में आयोजित बैठक में शामिल थे। सिंह ने वैशाली में पत्रकारों से कहा, “राघोपुर की घटना वास्तव में दुर्भाग्यपूर्ण है, लेकिन यह भी दुर्भाग्यपूर्ण है कि स्थानीय विधायक, जो नेता प्रतिपक्ष भी हैं, उस समय दिल्ली में बैठक कर रहे थे, जब उन्हें यहां होना चाहिए था।” केंद्रीय मंत्री नित्यानंद राय ने भी आपदा प्रबंधन मंत्री रत्नेश सदा के साथ प्रभावित क्षेत्र का दौरा किया। राय ने कहा कि दुख की इस घड़ी में केंद्र और राज्य सरकारें पीड़ित परिवारों के साथ मजबूती से खड़ी हैं।
उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार के कोष से आर्थिक सहायता की घोषणा पहले ही की जा चुकी है। उन्होंने कहा कि जिलाधिकारी को वैशाली जिले में परिचालन के लिए अनुपयुक्त या जर्जर हालत में मौजूद सभी नावों की पहचान कराने, नाव मालिकों से ऐसी नावों की मरम्मत कराने अथवा उनके परिचालन पर प्रतिबंध लगाने के निर्देश देने को कहा जाएगा।
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