ईरान पर बड़े हमले की तैयारी? ट्रंप बोले- बहुत बड़ा कदम उठाने वाले हैं, फिर खुद हमले की खबरों को नकारा
US Iran Tension: अमेरिका और ईरान के बीच अब जुबानी जंग रुकने का नाम नहीं ले रही है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को एक बार फिर कड़ी चेतावनी दी है. उन्होंने कहा कि अमेरिका ईरान के खिलाफ बड़ा कदम उठाने जा रहा है. ट्रंप ने दोहराया कि उनका मुख्य लक्ष्य ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने से रोकना है. हालांकि, बाद में उन्होंने ईरान पर जल्द नए हमले किए जाने की खबरों को खारिज कर दिया. ट्रंप के मुताबिक, दोनों देशों के बीच बातचीत जारी है और अमेरिका 3 नवंबर को होने वाले मध्यावधि चुनाव से पहले ईरान पर हमला नहीं करेगा.
अलास्का में एक चुनावी रैली को संबोधित करते हुए ट्रंप ने कहा कि देखते रहिए कि हम ईरान के साथ क्या करते हैं. हम बहुत बड़ा कदम उठाने वाले हैं. उन्होंने दावा किया कि अमेरिका ने ईरान के परमाणु कार्यक्रम को भारी नुकसान पहुंचाया है. ट्रंप ने कहा कि ईरान के पास परमाणु हथियार नहीं होने चाहिए और अमेरिका यह सुनिश्चित करेगा कि ऐसा न हो.
ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई की तैयारी की खबरें
ट्रंप का यह बयान उन रिपोर्टों के बीच आया है, जिनमें दावा किया गया था कि अमेरिकी रक्षा विभाग पेंटागन को ईरान के खिलाफ बड़े सैन्य अभियान दोबारा शुरू करने की तैयारी करने का निर्देश दिया गया है.
पिछले सप्ताह आई एक्सियोस की एक रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिकी अधिकारियों ने बताया था कि पेंटागन ने अमेरिकी सेंट्रल कमांड को ईरान में संभावित सैन्य अभियान फिर से शुरू करने की तैयारी पूरी करने को कहा है. हालांकि, इस निर्देश में हमले की कोई निश्चित तारीख नहीं बताई गई थी.
रिपोर्ट में यह भी कहा गया था कि अमेरिकी और इजरायली अधिकारियों को आशंका है कि 3 नवंबर को होने वाले अमेरिकी मध्यावधि चुनाव से पहले सैन्य कार्रवाई दोबारा शुरू हो सकती है. इजरायल में होने वाले चुनाव से पहले भी ऐसी कार्रवाई की संभावना जताई गई थी.
ट्रंप बोले- चुनाव से पहले ईरान पर हमला नहीं करेंगे
हालांकि, ट्रंप ने बाद में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर पोस्ट कर ईरान पर जल्द हमले की अटकलों को खारिज कर दिया. उन्होंने कहा कि अमेरिका और ईरान के बीच सार्थक बातचीत हो रही है. इसलिए अमेरिका 3 नवंबर को होने वाले मध्यावधि चुनाव से पहले ईरान पर हमला नहीं करेगा.
ट्रंप ने यह भी कहा कि बातचीत जारी रहने के बावजूद होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले ईरानी समुद्री यातायात पर अमेरिकी नाकाबंदी जारी रहेगी. उन्होंने दावा किया कि इस रणनीतिक समुद्री मार्ग से बड़ी मात्रा में तेल का परिवहन हो रहा है, लेकिन इसमें ईरान का तेल शामिल नहीं है.
अंकिता भंडारी के माता पिता को इंडिया गेट से हिरासत में लेकर छोड़ा, पवन खेड़ा समेत कई कांग्रेसी अभी भी डिटेन
Ankita Bhandari Case: अंकिता भंडारी केस एक भी चर्चा में आ गया है. अंकिता के माता-पिता ने दुष्यंत कुमार गौतम की राज्यपाल पद पर नियुक्ति रद्द करने के लिए सरकार को 24 घंटे का अल्टीमेटम दिया है. दिल्ली के इंडिया गेट पर न्याय की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे अंकिता के माता-पिता और कांग्रेस नेताओं को पुलिस ने हिरासत में लिया. हालांकि, बाद में अंकिता के माता-पिता को छोड़ दिया गया, जबकि कांग्रेस नेता पवन खेड़ा समेत कई प्रदर्शनकारी हिरासत में रहे. कांग्रेस ने कथित वीआईपी एंगल की निष्पक्ष जांच की मांग दोहराते हुए आंदोलन जारी रखने का ऐलान किया है.
अंकिता भंडारी के माता-पिता अपनी बेटी को न्याय दिलाने और हत्याकांड में कथित वीआईपी कनेक्शन की निष्पक्ष जांच की मांग को लेकर इंडिया गेट पर धरना दे रहे थे. उनकी मांग है कि जब तक मामले में कथित वीआईपी एंगल की सीबीआई जांच पूरी नहीं हो जाती, तब तक दुष्यंत कुमार गौतम की राज्यपाल के रूप में नियुक्ति पर रोक लगाई जाए.
#WATCH | Ankita Bhandari murder case | Delhi | Ankita Bhandari's parents, along with several opposition leaders and protestors, were detained by Delhi Police at India Gate after an overnight protest. pic.twitter.com/JBhQsbMp1c
— ANI (@ANI) October 14, 2026
परिवार ने इस मांग को लेकर सरकार को 24 घंटे का अल्टीमेटम दिया है. अंकिता के पिता ने कहा कि अगर तय समय में नियुक्ति रद्द नहीं की गई, तो देशभर के लोग सड़कों पर उतरेंगे और इसकी जिम्मेदारी सरकार की होगी. वहीं, अंकिता की मां ने कहा कि जब तक उनकी मांग पूरी नहीं होती, वे अपनी बात पर अड़ी रहेंगी. उन्होंने यह भी कहा कि अगर उन्हें सार्वजनिक जगह पर धरना देने की अनुमति नहीं मिली, तो वे अपने घर पर ही भूख हड़ताल करेंगी.
राहुल-प्रियंका ने परिवार को दिया समर्थन
बुधवार को लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने इंडिया गेट पहुंचकर अंकिता के माता-पिता से मुलाकात की थी. दोनों नेताओं ने परिवार को ढांढस बंधाया और न्याय की लड़ाई में पार्टी की ओर से पूरा समर्थन देने की बात कही.
राहुल गांधी ने सोशल मीडिया पर भाजपा सरकार को घेरते हुए कहा था कि अंकिता के परिवार को चार साल बाद भी न्याय नहीं मिला है. उन्होंने आरोप लगाया कि परिवार न्याय की गुहार लगा रहा है, जबकि मामले में कथित आरोपी को संरक्षण और संवैधानिक पद दिया गया है.
कांग्रेस ने पुलिस कार्रवाई पर उठाए सवाल
कांग्रेस नेता और मंगलौर विधायक काजी निजामुद्दीन ने आरोप लगाया कि अंकिता के माता-पिता शांतिपूर्वक धरना दे रहे थे, लेकिन देर रात पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लेना शुरू कर दिया. उन्होंने सवाल उठाया कि कथित वीआईपी एंगल की जांच करने के बजाय पुलिस न्याय की मांग कर रहे परिवार और प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कार्रवाई कर रही है.
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि अंकिता के माता-पिता की मांगों को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए. पार्टी ने दुष्यंत कुमार गौतम की नियुक्ति रद्द करने और कथित वीआईपी कनेक्शन की जांच की मांग दोहराई है. कांग्रेस ने साफ किया कि मांगें पूरी होने तक आंदोलन जारी रहेगा.
क्या है अंकिता भंडारी हत्याकांड?
उत्तराखंड के ऋषिकेश स्थित वनंत्रा रिजॉर्ट में रिसेप्शनिस्ट के तौर पर काम करने वाली 19 वर्षीय अंकिता भंडारी की 18 सितंबर 2022 को हत्या कर दी गई थी. बाद में उसका शव चीला नहर से बरामद हुआ था. मामले में रिजॉर्ट के मालिक पुलकित आर्य समेत तीन दोषियों को अदालत आजीवन कारावास की सजा सुना चुकी है.
हालांकि, अंकिता का परिवार और विपक्षी दल लगातार मामले में कथित वीआईपी की भूमिका की जांच की मांग कर रहे हैं. अब दुष्यंत कुमार गौतम की राज्यपाल पद पर नियुक्ति को लेकर उठे सवालों और दिल्ली में प्रदर्शनकारियों की हिरासत के बाद यह मामला एक बार फिर राजनीतिक बहस के केंद्र में आ गया है.
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