कांग्रेस का कैप्टन को न्योता क्यों:2027 चुनाव से पहले पार्टी में गुटबाजी, 2 बार सरकार बनवाई; सोनिया गांधी के कहने पर पहले भी आ चुके
पंजाब में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस को पूर्व CM कैप्टन अमरिंदर सिंह की याद आ गई है। पंजाब कांग्रेस प्रभारी भूपेश बघेल ने गुरूवार को कहा कि कैप्टन अगर कांग्रेस में आना चाहें तो हाईकमान विचार कर सकता है। बघेल के इस बयान से एक तरफ राजनीतिक गलियारों में हलचल हो गई तो दूसरी तरफ कांग्रेस में CM कुर्सी पर नजरें टिकाए बैठे सीनियर लीडरशिप में हड़कंप मच गया। कांग्रेस के कैप्टन पर डोरे डालने की बड़ी वजह पार्टी में चुनाव से पहले चल रही गुटबाजी है। जिसमें कोई भी एक-दूसरे के अंडर काम करने को तैयार नहीं। राहुल गांधी की चेतावनी के बाद भी किसी पर फर्क नहीं पड़ा। वहीं कांग्रेस ये भी जानती है कि पंजाब में जब बादलों का गोल्डन टाइम चल रहा था तो उसका तोड़ कैप्टन अमरिंदर सिंह ने ही निकाला और 2 बार कांग्रेस की सरकार बनाई। ऐसी कौन सी वजहें, जिनसे कांग्रेस को कैप्टन की याद आई, क्या कैप्टन कांग्रेस जॉइन करेंगे, कैप्टन के आने से कांग्रेस में क्या असर पड़ेगा, जानने के लिए पढ़ें पूरी रिपोर्ट… पहले जानिए, कैप्टन ने कांग्रेस क्यों छोड़ी थी कैप्टन की अगुआई में कांग्रेस ने पंजाब में 2017 में 117 में से 77 सीटें जीतीं और सरकार बनाई। कैप्टन ही मुख्यमंत्री भी बने। हालांकि कैप्टन ने पंजाब में अपने स्टाइल में सरकार चलाई। वह हाईकमान कल्चर को ज्यादा तरजीह नहीं देते थे। इसके चलते कांग्रेस हाईकमान उनसे खुश नहीं था। इसी वजह से कांग्रेस के कैप्टन विरोधी खेमे ने साल 2021 में नवजोत सिद्धू को एक्टिव किया। हाईकमान तक पैरवी कर सिद्धू को पंजाब कांग्रेस का प्रधान बना दिया। सिद्धू ने कैप्टन के खिलाफ बगावत का मोर्चा खोल दिया। कैप्टन को बिना बताए हाईकमान ने विधायक दल की मीटिंग बुलाई। इसका पता चलते ही कैप्टन ने इस्तीफा देकर कांग्रेस छोड़ दी। कैप्टन ने इसे कांग्रेस की गलती करार दिया था कि पार्टी उनकी अगुआई में आराम से सरकार बना सकती थी। कैप्टन के जाने से कांग्रेस को क्या नुकसान हुआ, 5 पॉइंट में जानिए… पंजाब इंचार्ज को कैप्टन को न्योता इतना महत्वपूर्ण क्यों पंजाब की सियासत में कैप्टन की भूमिका कितनी अहम… सोनिया के कहने पर पहले भी कांग्रेस में आ चुके कैप्टन खुद भी कह चुके, कांग्रेस को मिस करता हूं कैप्टन ने कुछ दिन पहले एक इंटरव्यू में कहा था कि आज भी उनके कांग्रेस हाईकमान से अच्छे रिश्ते हैं। कांग्रेस एक फैमिली की तरह है। मैं जब भी फोन करता था, वह मिल लेते थे। मगर, भाजपा में ये सिस्टम नहीं है। दोनों में कई अंतर हैं। कैप्टन ने आगे कहा था- जब से मैं BJP में आया हूं, मुझे नहीं लगता एक-दो बार से ज्यादा बार हाईकमान से मिल पाया हूं। BJP में नियम बहुत हैं। वो कुछ नहीं बताते। किसी से कुछ नहीं पूछते। अभी 2027 में पंजाब का इलेक्शन होना है। मगर मुझसे एक बार भी नहीं पूछा गया कि कैप्टन साहब किस को कहां से चुनाव लड़वाया जा सकता। मैं BJP में हूं लेकिन कांग्रेस को मिस करता हूं। कैप्टन के आने से कांग्रेस को क्या फायदा पंजाब में कांग्रेस लीडरशिप की इगो से जूझ रही है। सभी नेता खुद को एक-दूसरे से बड़े कद का समझ रहे हैं। ऐसे में कांग्रेस वर्कर ग्राउंड लेवल पर खुद को लीडरलैस महसूस कर रहे हैं। उन्हें ये समझ नहीं आ रहा कि किसकी अगुआई पर चलना है। एक के साथ चलो तो दूसरा नाराज हो जाता है। कैप्टन चूंकि पहले भी 2 बार पार्टी प्रधान रह चुके हैं तो वह अगुआई के लिए बैस्ट फेस साबित हो सकते है। दूसरा, कैप्टन ही अकालियों के दबदबे के टाइम में कांग्रेस की सरकार बनाने में कामयाब रहे थे। ऐसे में कांग्रेस सोच रही है कि कैप्टन वह करिश्मा दोबारा कर सकते हैं। कैप्टन के आने से पिछली बार बदलाव के बहाने AAP के हक में शिफ्ट हुए जट्ट सिख वोट बैंक को कांग्रेस की तरफ झुका सकते हैं। खासकर, 117 में से सबसे ज्यादा 69 सीटों वाले मालवा में कांग्रेस को बैनिफिट हो सकता है। पंजाब में इस वक्त लॉ एंड ऑर्डर को लेकर विपक्ष सवाल उठा रहा है। कैप्टन के समय में लॉ एंड ऑर्डर को लेकर सख्ती को विरोधी भी मानते हैं।
हरियाणा मेडिकल ऑफिसर एग्जाम में बाली-मंगलसूत्र बैन:सरकार दे चुकी पहनने के आदेश, सेंटर पर ढाई घंटे पहले बुलाया; साढ़े 12 हजार कैंडिडेट देंगे परीक्षा
हरियाणा मेडिकल ऑफिसर (ग्रुप-A) के 450 पदों पर एग्जाम का शेड्यूल जारी कर दिया गया है। पंडित भगवत दयाल शर्मा यूनिवर्सिटी ऑफ हेल्थ साइंस, रोहतक (UHSR) की ओर से जारी शेड्यूल में परीक्षार्थियों के लिए बाली और मंगलसूत्र समेत सभी तरह के गहने बैन रहेंगे। अभ्यर्थी डॉक्टरों के लिए जारी की गई इस गाइडलाइन को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। कुछ डॉक्टर अभ्यर्थियों ने इसको लेकर ऑब्जेक्शन उठाया है। उन्होंने दैनिक भास्कर एप की टीम से बात करते हुए बताया कि 20 जनवरी को ही हरियाणा सरकार ने आदेश जारी कर सिख अभ्यर्थियों के लिए कृपाण और विवाहित महिलाओं के लिए मंगलसूत्र पहनने की छूट दी थी। सरकार का वही आदेश मेडिकल ऑफिसर (MO) एग्जाम में भी लागू किया जाना चाहिए। कई ऐसी डॉक्टर महिलाएं हैं, जो शादीशुदा हैं और वह मंगलसूत्र पहनती हैं। दरअसल, हरियाणा सरकार राज्य भर के सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में डॉक्टरों की कमी को दूर करने के लिए स्वास्थ्य विभाग में 450 चिकित्सा अधिकारियों की भर्ती कर रही है। इस भर्ती के लिए लिखित परीक्षा आयोजित करने का दायित्व UHSR को सौंपा गया है। अब यहां पढ़िए…परीक्षा में क्या रहेगा बैन UHSR द्वारा जारी किया गया लेटर… एग्जाम के लिए और क्या नियम बने रोहतक जिले के सभी एग्जाम सेंटरों की निगरानी के लिए पर्यवेक्षकों और फ्लाइंग टीम का गठन किया गया है। रोहतक जिला प्रशासन को भी आवश्यक सहयोग देने के लिए सूचित कर दिया गया है। परीक्षा आयोग ने आगे बताया कि परीक्षा केंद्रों पर प्रत्येक उम्मीदवार की फोटो और वीडियो ली जाएगी। उम्मीदवारों को अपना एडमिट कार्ड और सरकार द्वारा जारी फोटो पहचान पत्र साथ लाना अनिवार्य है। इनके बिना अभ्यर्थी को परीक्षा में बैठने की अनुमति नहीं दी जाएगी। लॉगिन-आईडी पर भेजे एडमिट कार्ड कैंडिडेट्स को उनकी लॉगिन आईडी के माध्यम से रोल नंबर भेजे गए हैं। इसे लॉगिन करके कैंडिडेट्स अपना रोल नंबर डाउनलोड कर सकते हैं। एडमिट कार्ड डाउनलोड करने में किसी भी प्रकार की कठिनाई होने पर, उम्मीदवारों को 14 फरवरी को सुबह 10 बजे से शाम 4 बजे के बीच यूएचएसआर, रोहतक स्थित परीक्षा शाखा से संपर्क करने के लिए कहा गया है। यहां ये एडमिट कार्ड की डुप्लीकेट कॉपी ले सकेंगे। पढ़िए क्या कहता है हरियाणा सरकार का ऑर्डर हरियाणा सरकार ने 20 जनवरी को आदेश जारी किया था। जिसमें प्रतियोगी या भर्ती परीक्षाओं में सिख छात्रों को कृपाण और विवाहिताओं को मंगलसूत्र पहनकर एग्जाम देने में छूट दी। यह आदेश स्कूल, कॉलेज, यूनिवर्सिटी और प्रतियोगी परीक्षाओं में लागू होगा। हालांकि, सरकार ने कुछ शर्तें भी रखी हैं। सिख छात्रों को सिर्फ तय लंबाई की कृपाण ले जाने की इजाजत होगी। वहीं, विवाहित महिलाओं को मंगलसूत्र पहनकर परीक्षा केंद्र पर समय से पहले पहुंचना होगा। सरकारी लेटर, जिसमें परीक्षा में मंगलसूत्र पहनने की छूट दी गई… ----------------- यह खबर भी पढ़ें… हरियाणा में महिलाएं परीक्षाओं में मंगलसूत्र पहन सकेंगी: सिख छात्रों को कृपाण ले जाने की छूट; सरकार ने दोनों पर शर्त भी लगाई हरियाणा सरकार ने सिख और विवाहित महिलाओं को परीक्षाओं में छूट दी है। अब सिख छात्र कृपाण पहनकर और विवाहित महिलाएं मंगलसूत्र पहनकर परीक्षा दे सकती हैं। सरकार ने इस बारे में एक आदेश भी जारी किया है। यह आदेश स्कूल, कॉलेज, यूनिवर्सिटी और प्रतियोगी परीक्षाओं में लागू होंगे। (पूरी खबर पढ़ें)
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