अफगान संघर्ष में पाकिस्तान की भागीदारी वैश्विक समर्थन पाने के लिए थी: ख्वाजा आसिफ
इस्लामाबाद, 12 फरवरी (आईएएनएस)। पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने कहा है कि अफगानिस्तान में दशकों से चले आ रहे संघर्ष में पाकिस्तान की भागीदारी धार्मिक कारणों से नहीं, बल्कि राजनीतिक वैधता हासिल करने और वैश्विक शक्तियों, विशेषकर अमेरिका, का समर्थन पाने के उद्देश्य से थी।
नेशनल असेंबली में हालिया संबोधन के दौरान आसिफ ने कहा कि शीत युद्ध के दौर से लेकर 11 सितंबर 2001 के हमलों के बाद तक अफगानिस्तान से जुड़े युद्धों में पाकिस्तान की संलिप्तता एक रणनीतिक फैसला था। अफगान मीडिया आउटलेट ‘आमू टीवी’ के अनुसार, उन्होंने स्पष्ट कहा, “हम इन युद्धों में इस्लाम की रक्षा या जिहाद के लिए शामिल नहीं हुए थे। हम राजनीतिक वैधता और एक महाशक्ति का समर्थन हासिल करने के लिए इसमें उतरे थे।”
आसिफ ने कहा कि सोवियत-अफगान युद्ध के दौरान, जिसे ‘जिहाद’ कहा गया, वह दरअसल एक प्रॉक्सी वॉर था, जिसमें महाशक्तियों की भागीदारी थी। उन्होंने कहा, “वह जिहाद नहीं था, वह एक महाशक्ति का युद्ध था। उस युद्ध के लिए हमने अपनी शिक्षा प्रणाली तक बदल दी। आज भी उस पाठ्यक्रम को पूरी तरह से ठीक नहीं किया गया है।”
रक्षा मंत्री ने स्वीकार किया कि उस दौर में पाकिस्तान ने संघर्ष की कथा के अनुरूप अपना इतिहास दोबारा लिखा और समाज, राजनीति तथा धर्म को उसी ढांचे में ढालने की कोशिश की। उन्होंने कहा, “हमने तथाकथित जिहाद के अनुरूप समाज, राजनीति और धर्म को पुनर्गठित किया।”
आसिफ ने यह भी माना कि सोवियत सेना की वापसी के बाद भी पाकिस्तान ने सबक नहीं सीखा और 9/11 हमलों के बाद फिर से अमेरिका के साथ खड़ा हो गया। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान लगभग दो दशकों तक अमेरिका-नेतृत्व वाले अफगान युद्ध में शामिल रहा।
उन्होंने कहा, “एक दशक नहीं, बल्कि दो दशकों तक हमने खुद को किराए पर दे दिया। उद्देश्य केवल अमेरिकी समर्थन हासिल करना था।”
उन्होंने यह भी कहा कि 9/11 हमलों में शामिल कोई भी व्यक्ति अफगान नहीं था और न ही अफगानिस्तान एक देश के रूप में उसके लिए जिम्मेदार था। इसके बावजूद पाकिस्तान बाद के युद्ध में शामिल हो गया। आसिफ ने माना कि पाकिस्तान का नेतृत्व अतीत की गलतियों को स्वीकार करने में बार-बार विफल रहा है।
--आईएएनएस
डीएससी
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IND vs NAM: सूर्या की कप्तानी में भारत को मिली लगातार दूसरी जीत, दिल्ली मैच में नामीबिया को 93 रनों से हराया
IND vs NAM: सूर्यकुमार यादव की कप्तानी वाली टीम इंडिया ने टी20 वर्ल्ड कप 2026 में लगातार दूसरी जीत हासिल किया है. भारत ने दिल्ली के अरुण जेटली स्टेडियम में खेले गए मैच में नामीबिया को 93 रनों के बड़े अंतर से हरा दिया है. पहले बल्लेबाजी करते हुए भारत ने 209 रन बनाए थे. जवाब में नामीबिया की टीम 18.2 ओवर्स में 116 रनों पर सिमट गई.
88 रन के स्कोर पर नामीबिया की आधी टीम लौट चुकी थी पवेलियन
नामीबिया की आधी टीम 88 रन के स्कोर पर पवेलियन लौट चुकी थी. जेन फ्राइलिनक (22), लॉरेन स्टीनकैंप (29), लोफ्टी-ईटन (13), जे जे स्मिट (0) और कप्तान गेरहार्ड इरास्मस (18) रन बनाकर आउट हो गए. इसके बाद मालन क्रूगर के रूप में नामीबिया ने छठां विकेट गंवाया. उन्हें 5 रन के निजी स्कोर पर अक्षर पटेल ने चलता किया.
इसके बाद रुबेन ट्रम्पेलमैन को जसप्रीत बुमराह ने पवेलियन का रास्ता दिखाया. रुबेन ट्रम्पेलमैन 6 रन बनाए. इसके बाद एक ही ओवर में हार्दिक पांड्या ने लगातार 2 गेंद पर 2 विकेट चटकाए. नामीबिया के 5 खिलाड़ी दहाई का आंकड़ा भी नहीं कर पा सके और पूरी टीम 116 रनों पर सिमट गई है.
वरुण चक्रवर्ती और हार्दिक पांड्या ने की शानदार गेंदबाजी
भारत के लिए वरुण चक्रवर्ती ने शानदार गेंदबाजी की और 2 ओवर में सिर्फ 7 रन देकर 3 विकेट चटकाए. वहीं हार्दिक पांड्या 4 ओवर में 21 रन देकर 2 विकेट लिए. अक्षर पटेल को भी 2 विकेट मिला. इसके अलावा जसप्रीत बुमराह, शिवम दुबे और अर्शदीप सिंह को 1-1 सफलता मिली.
ऐसी रही टीम इंडिया की बल्लेबाजी
टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी टीम इंडिया ने 8 विकेट पर 209 रनों का स्कोर खड़ा किया. ईशान किशन ने 24 गेंदों पर 61 रनों की शानदार पारी खेली. इस दौरान उनके बल्ले से 6 चौका और 5 छक्का निकला. हार्दिक पांड्या ने 28 गेंदों पर 52 रनों की विस्फोटक पारी खेली. उनके बल्ले से 4 चौका और 4 छक्का निकला. तिलक वर्मा 21 गेंद पर 25 रन बनाए. शिवम दुबे 16 गेंद पर 23 रन बनाए. संजू सैमसन ने 22 रन और कप्तान सूर्यकुमार यादव ने 12 रनों का योगदान दिया. नामीबिया के लिए कप्तान गेरहार्ड इरास्मस ने सबसे ज्यादा 4 विकेट अपने नाम किए.
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