अखलाक मुहम्मद खान पुण्यतिथि विशेष: पुलिस अफसर बनाना चाहते थे पिता, लेकिन बन गए 'शहरयार'
मुंबई, 12 फरवरी (आईएएनएस)। उर्दू शायरी के बड़े नाम अखलाक मुहम्मद खान उर्फ शहरयार की जिंदगी का सफर काफी दिलचस्प रहा है। जिस दौर में सरकारी नौकरी को सबसे सुरक्षित और सम्मानजनक माना जाता था, उस दौर में शहरयार ने अपने लिए एक अलग रास्ता चुना। उनके पिता चाहते थे कि बेटा पुलिस अफसर बने, लेकिन शहरयार का मन पुलिस की वर्दी से ज्यादा लफ्जों पर आकर्षित होता था।
अखलाक मुहम्मद खान पुण्यतिथि विशेष: पुलिस अफसर बनाना चाहते थे पिता, लेकिन बन गए 'शहरयार'
मुंबई, 12 फरवरी (आईएएनएस)। उर्दू शायरी के बड़े नाम अखलाक मुहम्मद खान उर्फ शहरयार की जिंदगी का सफर काफी दिलचस्प रहा है। जिस दौर में सरकारी नौकरी को सबसे सुरक्षित और सम्मानजनक माना जाता था, उस दौर में शहरयार ने अपने लिए एक अलग रास्ता चुना। उनके पिता चाहते थे कि बेटा पुलिस अफसर बने, लेकिन शहरयार का मन पुलिस की वर्दी से ज्यादा लफ्जों पर आकर्षित होता था।
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