Safety Guide: ऐसे पहचानें कार के टायरों के फटने का खतरा, बड़े हादसों से होगा बचाव
Safety Guide: भारत में हर दिन बड़ी संख्या में सड़क हादसे होते हैं, जिनका एक बड़ा कारण लोगों की लापरवाही भी होती है। कई बार लोग अपनी कार के टायरों पर ध्यान नहीं देते और खराब होने के बाद भी उनका इस्तेमाल करते रहते हैं। ऐसे में टायर में क्रैक आना एक गंभीर समस्या बन जाती है, जो कभी भी बड़े हादसे का कारण बन सकती है। आइए जानते हैं कि टायर में दरारें क्यों आती हैं और इससे कैसे बचा जा सकता है।
टायर में क्रैक होते हैं खतरनाक
किसी भी वाहन में टायर सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा होता है, क्योंकि यही सड़क के साथ सीधा संपर्क बनाए रखता है। लेकिन अधिकतर लोग टायर की सही तरीके से देखभाल नहीं कर पाते, जिससे कुछ समय बाद उनमें दरारें आने लगती हैं। ये दरारें भले ही शुरुआत में छोटी दिखें, लेकिन यह टायर की मजबूती को कम कर देती हैं और खतरे को बढ़ा देती हैं।
कहां से होता है क्रैक
गाड़ी के टायर में सबसे ज्यादा क्रैक आने का खतरा साइड वॉल पर होता है। अगर साइड वॉल पर हल्की दरारें दिखाई दें और समय पर ध्यान न दिया जाए, तो यह धीरे-धीरे बड़ी हो सकती हैं। इससे टायर के फटने का खतरा बढ़ जाता है। इसके अलावा, क्रैक आने से टायर की हवा भी जल्दी निकलने लगती है, जिससे गाड़ी की माइलेज और परफॉर्मेंस पर असर पड़ता है।
कम उपयोग से भी आते हैं क्रैक
अगर कार का इस्तेमाल बहुत कम किया जाता है और उसे लंबे समय तक एक ही जगह खड़ा रखा जाता है, तो भी टायर में दरारें आने लगती हैं। ऐसा इसलिए होता है क्योंकि लंबे समय तक खड़े रहने से टायर की रबर सूखने लगती है, जिससे उसकी लचक कम हो जाती है।
कब आते हैं क्रैक
किसी भी क्वालिटी के टायर के साथ लापरवाही बरती जाए तो नुकसान होना तय है। मौसम में बदलाव, ज्यादा घिसावट, गलत टायर प्रेशर और धूप में लंबे समय तक खड़े रहने जैसे कारणों से भी टायर में क्रैक आने का खतरा बढ़ जाता है।
क्या है समाधान
अगर आपकी कार के टायर में दरारें आ जाएं, तो उन्हें पूरी तरह से ठीक नहीं किया जा सकता। कुछ लोग अस्थायी रूप से मरम्मत करवाते हैं, लेकिन यह ज्यादा समय तक सुरक्षित नहीं रहती। इसलिए बेहतर और सुरक्षित विकल्प यही है कि ऐसे टायर को समय रहते बदलकर नया टायर लगवा लिया जाए, ताकि सफर सुरक्षित बना रहे।
(मंजू कुमारी)
Electric Scooter: यूरोप के वेटिकन सिटी में दौड़ते नजर आएंगे TVS iQube स्कूटर, जानें डिटेल
Electric Scooter: भारत में इलेक्ट्रिक मोबिलिटी को नई पहचान देने वाली टीवीएस मोटर (TVS Motor) अब ग्लोबल लेवल पर भी अपनी मौजूदगी दर्ज कर रही है। इसी कड़ी में TVS का लोकप्रिय इलेक्ट्रिक स्कूटर iQube अब यूरोप के ऐतिहासिक शहर वेटिकन सिटी की सड़कों पर भी नजर आएगा। कंपनी ने वेटिकन सिटी स्टेट के गवर्नर को दो TVS iQube इलेक्ट्रिक स्कूटर सौंपे हैं। यह पहल TVS मोटर इटालिया और एक्सेलेंटिया के बीच सहयोग के तहत की गई है, जिसका उद्देश्य जीरो-एमिशन मोबिलिटी को बढ़ावा देना है।
जीरो-एमिशन मोबिलिटी की दिशा में अहम कदम
वेटिकन सिटी स्टेट अपने पर्यावरणीय लक्ष्यों को ध्यान में रखते हुए जीरो-एमिशन मोबिलिटी को बढ़ावा दे रहा है। यहां के अनूठे और ऐतिहासिक माहौल को देखते हुए ऐसे वाहनों की जरूरत है, जो शांत, भरोसेमंद और पर्यावरण के अनुकूल हों। TVS iQube इलेक्ट्रिक स्कूटर को इसी सोच के तहत चुना गया है, क्योंकि यह मॉडर्न टेक्नोलॉजी और साइलेंट परफॉर्मेंस का बेहतरीन संयोजन प्रदान करता है।
TVS मोटर कंपनी ने आधिकारिक तौर पर वेटिकन प्रशासन को दो iQube स्कूटर सौंपे हैं, जो वहां के शहरी उपयोग और छोटे दायरे में यात्रा के लिए उपयुक्त माने जा रहे हैं।
अर्बन इलेक्ट्रिक मोबिलिटी पर जोर
TVS मोटर इटालिया के जनरल मैनेजर जियोवानी नोटारबार्टोलो डी फर्नारी के मुताबिक, वेटिकन जैसी प्रतिष्ठित जगह पर iQube की तैनाती कंपनी के अर्बन इलेक्ट्रिक मोबिलिटी विजन को दर्शाती है। यह स्कूटर विश्वसनीयता, आसान उपयोग और वर्ल्ड-क्लास क्वालिटी का प्रतीक है। वहीं, एक्सेलेंटिया के फाउंडर जियोवानी जैप्पिया ने कहा कि यह साझेदारी जीरो-एमिशन ट्रांसपोर्ट को बढ़ावा देने की दिशा में एक मजबूत कदम है।
कीमत और खासियत
भारतीय बाजार में TVS iQube सबसे लोकप्रिय इलेक्ट्रिक स्कूटर्स में से एक है। इसकी एक्स-शोरूम कीमत 1.11 लाख रुपये से शुरू होती है। iQube S की कीमत 1.39 लाख रुपये और iQube ST की कीमत 1.61 लाख रुपये से शुरू होती है। इसमें 2.2 kWh से 5.3 kWh तक के बैटरी पैक मिलते हैं, जो एक बार चार्ज करने पर 95 से 212 किलोमीटर तक की रेंज देते हैं।
(मंजू कुमारी)
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