Responsive Scrollable Menu

Vanakkam Poorvottar: Assam में वन भूमि से अतिक्रमण हटाने और घुसपैठियों को बांग्लादेश भगाने का अभियान जारी

असम में दो समानांतर कार्रवाइयों ने मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा की नीतियों को एक बार फिर देशव्यापी चर्चा के केंद्र में ला दिया है। एक तरफ वन भूमि पर अतिक्रमण के खिलाफ सख्त अभियान, दूसरी तरफ अवैध बांग्लादेशी घुसपैठ पर त्वरित कार्रवाई। यह दोनों कार्रवाई दर्शाती हैं कि राज्य सरकार घुसपैठ और अतिक्रमण के खिलाफ अपने तेवर सख्त रखे हुए है। इस बारे में खुद मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा ने बताया है कि श्रीभूमि जिले में व्यापक अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाकर 880 हेक्टेयर वन भूमि को कब्जे से मुक्त कराया गया है। इस जमीन को अब दोबारा वन और हरियाली के लिए तैयार किया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर इसे मिशन पूरा होने जैसा बताते हुए साफ कहा कि जहां भी वन या सरकारी जमीन पर अवैध कब्जा मिलेगा, सरकार खुद आगे बढ़कर कार्रवाई करेगी। हम आपको बता दें कि श्रीभूमि में यह अभियान उस समय हुआ जब पास के हाइलाकांडी जिले में भी इसी तरह की कार्रवाई हाल ही में की गई थी। वन विभाग ने पाथरकांडी क्षेत्र के आरक्षित वन इलाके में रह रहे करीब 1000 परिवारों को नोटिस जारी कर जमीन खाली करने का निर्देश दिया था। इशारपार, माधबपुर, बालिया, मधुरबंद, चागलमोया, मगुरा और जोगीसोरा जैसे गांवों में नोटिस बांटे गए। समय सीमा मिलते ही कई परिवारों ने अपने घर खुद तोड़ने शुरू किए और दूसरी जगह जाने की तैयारी की।

इसे भी पढ़ें: Assam में Indian Air Force का शक्ति प्रदर्शन, Moran हाईवे बना Runway, PM Modi करेंगे उद्घाटन

हालांकि अनेक परिवारों का कहना है कि वह दशकों से वहां रह रहे थे और पहले कभी प्रशासन ने आपत्ति नहीं जताई। उनका यह भी कहना है कि उनके पास न तो दूसरी जमीन है और न ही पक्का पुनर्वास इंतजाम। प्रभावित लोगों ने सरकार से अपील की है कि मानवीय पहलू को भी ध्यान में रखा जाए।

इसके साथ ही असम सरकार ने अवैध घुसपैठ के मुद्दे पर भी सख्त रुख दिखाया है। मुख्यमंत्री ने बताया कि तड़के अभियान चलाकर 16 अवैध बांग्लादेशी नागरिकों की पहचान कर उन्हें सीमा पार वापस भेजा गया। इससे करीब एक सप्ताह पहले 15 और लोगों को वापस भेजा गया था। मुख्यमंत्री ने दो टूक कहा कि असम के लिए इंतजार करना विकल्प नहीं, निर्णायक कदम ही रास्ता है। उनके अनुसार राज्य ने जीरो टोलरेंस नीति अपनाई है और मातृभूमि की रक्षा के लिए त्वरित कार्रवाई जरूरी है। असम में सीमा इलाकों में निगरानी बढ़ाई गई है और सुरक्षा एजेंसियां तथा पुलिस मिलकर काम कर रही हैं। राज्य सरकार का कहना है कि सारी कार्रवाई कानून के दायरे में और राष्ट्रीय सुरक्षा को ध्यान में रखकर की जा रही है। साफ संकेत है कि यह अभियान आगे भी जारी रहेगा।

देखा जाये तो असम आज एक चौराहे पर खड़ा है। एक रास्ता है ढिलाई, वोट बैंक और आंख मूंद लेने की राजनीति का। दूसरा रास्ता है सख्त फैसलों का, चाहे वे अलोकप्रिय ही क्यों न हों। हिमंत बिस्व सरमा ने साफ कर दिया है कि वे दूसरा रास्ता चुन चुके हैं। वन भूमि पर अतिक्रमण कोई छोटी समस्या नहीं। यह पर्यावरण, जल स्रोत, वन्य जीवन और आने वाली पीढ़ियों के भविष्य से जुड़ा सवाल है। अगर आज 880 हेक्टेयर जमीन वापस मिलती है तो इसका मतलब है कि कल बाढ़, कटाव और जल संकट से कुछ राहत मिल सकती है। इस नजरिए से देखें तो अभियान जरूरी था।

जहां तक अवैध घुसपैठ का सवाल है, यह सच है कि सीमा वाले राज्य के लिए यह केवल कानून का नहीं, पहचान और संसाधनों का भी मुद्दा है। लगातार घुसपैठ से जनसांख्यिकी, जमीन और रोजगार पर असर पड़ता है। इस पर कार्रवाई होना स्वाभाविक है।

Continue reading on the app

प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में डिजिटल क्रांति का हुआ अभूतपूर्व विस्तार: सिंधिया

संसद भवन, नई दिल्ली। केन्द्रीय संचार एवं पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने आज संसद में प्रश्नों के उत्तर देते हुए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में पिछले 11 वर्षों में भारत के डिजिटल इकोसिस्टम में आए ऐतिहासिक बदलावों को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि भारतनेट विश्व की सबसे महत्वाकांक्षी कनेक्टिविटी योजनाओं में से एक है, जिसका उद्देश्य देश के हर नागरिक तक सस्ती और तेज इंटरनेट सुविधा पहुँचाना है।

मोबाइल, इंटरनेट और ब्रॉडबैंड में अभूतपूर्व विस्तार

केन्द्रीय मंत्री ने सदन को अवगत कराया कि वर्ष 2014 में देश में 93 करोड़ मोबाइल उपभोक्ता थे, जो आज बढ़कर 120 करोड़ हो चुके हैं और मोबाइल पेनिट्रेशन 75 प्रतिशत से बढ़कर 92 प्रतिशत तक पहुँच गया है। इंटरनेट कनेक्टिविटी में भी क्रांतिकारी बदलाव आया है। इंटरनेट उपभोक्ताओं की संख्या 2014 के 25 करोड़ से बढ़कर आज 100 करोड़ से अधिक हो गई है, और पेनिट्रेशन 20 प्रतिशत से बढ़कर लगभग 71.8 प्रतिशत तक पहुँच चुकी है। इसी तरह, ब्रॉडबैंड उपभोक्ता 6 करोड़ से बढ़कर 100 करोड़ से अधिक हो गए हैं, जबकि औसत ब्रॉडबैंड स्पीड लगभग 66 एमबीपीएस तक पहुँच चुकी है। सिंधिया ने इसे डिजिटल क्रांति बताते हुए कहा कि कनेक्टिविटी अब शहरी विशेषाधिकार नहीं रही, बल्कि ग्रामीण भारत तक पहुँचने वाला नागरिक अधिकार बन चुकी है।

ग्राम पंचायतों को कनेक्टिविटी से जोड़ने का ऐतिहासिक अभियान है भारतनेट

सिंधिया ने बताया कि ग्रामीण ब्रॉडबैंड कनेक्टिविटी की प्रमुख योजना भारतनेट के तहत देश की 2.56 लाख ग्राम पंचायतों तक ऑप्टिकल फाइबर केबल बिछाई जा रही है। भारतनेट I और II के अंतर्गत लगभग ₹42,000 करोड़ के निवेश से 2.14 लाख ग्राम पंचायतों को सेवा के लिए तैयार किया जा चुका है। अमेंडेड भारतनेट प्रोग्राम, जिसकी कुल लागत लगभग 16.9 बिलियन डॉलर है, आज विश्व की सबसे बड़ी ग्रामीण कनेक्टिविटी पहल बन चुका है। इसका लक्ष्य शेष क्षेत्रों को जोड़कर अंतिम छोर तक निर्बाध इंटरनेट सुविधा सुनिश्चित करना है।

उन्होंने सदन को यह भी बताया कि नेटवर्क आर्किटेक्चर को लाइन टोपोलॉजी से रिंग टोपोलॉजी मॉडल में उन्नत किया जा रहा है। इस बदलाव से यदि किसी एक दिशा से कनेक्टिविटी बाधित होती है, तो दूसरी दिशा से सेवाएँ निर्बाध जारी रहेंगी, जिससे नेटवर्क की विश्वसनीयता और अपटाइम में उल्लेखनीय वृद्धि होगी।

राष्ट्रीय ब्रॉडबैंड मिशन के तहत तमिलनाडु में तेजी की आवश्यकता

तमिलनाडु के संदर्भ में सिंधिया ने सदन को बताया कि राज्य ने भारतनेट को विशेष प्रयोजन वाहन (SPV) के माध्यम से लागू करने का विकल्प चुना। राज्य की 12,525 ग्राम पंचायतों में से 10,886 को जोड़ा जा चुका है। शेष ग्राम पंचायतों और 4,767 गैर-ग्राम पंचायत गाँवों को संशोधित भारतनेट कार्यक्रम के तहत जोड़ा जाएगा।

हालाँकि, मंत्री ने राष्ट्रीय ब्रॉडबैंड मिशन के तहत कार्यान्वयन में आ रही राइट ऑफ वे (RoW) स्वीकृति में देरी जैसी चुनौतियों की ओर ध्यान दिलाया। उन्होंने बताया कि देशभर में RoW आवेदनों के निस्तारण का औसत समय 455 दिनों से घटकर अब मात्र 30.4 दिन रह गया है, जो वैश्विक स्तर पर एक रिकॉर्ड है। 36 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में से 33 ने RoW पोर्टल को लागू कर लिया है, जबकि तमिलनाडु उन तीन राज्यों में शामिल है जहाँ यह अभी लागू नहीं हुआ है।

मंत्री ने कहा कि जहाँ राष्ट्रीय औसत RoW निस्तारण समय 30.4 दिन है, वहीं तमिलनाडु में यह 85 दिन है, जो लगभग तीन गुना अधिक है। उन्होंने बताया कि उन्होंने तमिलनाडु के मुख्यमंत्री को कई पत्र लिखकर RoW पोर्टल लागू करने और नागरिक हित में अनुमतियों में तेजी लाने का अनुरोध किया है।

केरल ने स्थापित किए उच्च उपलब्धता के मानक

इसके विपरीत, मंत्री ने केरल में संशोधित भारतनेट कार्यक्रम के अंतर्गत उत्कृष्ट प्रदर्शन की सराहना की। राज्य की 978 ग्राम पंचायतों में से लगभग 100 प्रतिशत सेवा-तैयार हैं। 547 से अधिक ग्राम पंचायतों ने 98 प्रतिशत से अधिक उपलब्धता हासिल की है। सिक्स सिग्मा मानकों के अनुसार, केरल की लगभग 80 से 90 प्रतिशत ग्राम पंचायतें उच्च विश्वसनीयता मानकों पर खरी उतरती हैं, जो प्रभावी क्रियान्वयन और संचालन दक्षता को दर्शाता है।

केन्द्रीय मंत्री ने की सहयोग की अपील

सहयोग की भावना को रेखांकित करते हुए सिंधिया ने कहा कि जहाँ केन्द्र सरकार पूर्ण वित्तीय सहायता, निगरानी और मार्गदर्शन के लिए प्रतिबद्ध है, वहीं जमीनी स्तर पर क्रियान्वयन के लिए राज्य सरकारों का सक्रिय सहयोग अनिवार्य है। उन्होंने तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल सहित सभी राज्यों से रचनात्मक सहयोग की अपील की, ताकि प्रशासनिक देरी के कारण नागरिक डिजिटल कनेक्टिविटी के लाभ से वंचित न रहें।

अपने संबोधन के अंत में मंत्री ने दोहराया कि डिजिटल कनेक्टिविटी समावेशी विकास, आर्थिक सशक्तिकरण और राष्ट्रीय प्रगति की आधारशिला है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारतनेट और इससे जुड़ी पहलें यह सुनिश्चित कर रही हैं कि भारत की डिजिटल क्रांति हर गाँव, हर संस्थान और हर नागरिक तक पहुँचे।

Continue reading on the app

  Sports

HAL ने निकाली 152 पदों पर भर्ती, 25 फरवरी तक करें आवेदन, जानें डिटेल 

हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड ने टेक्नीशियन, फायरमैन समेत कई पदों पर भर्ती (HAL Recruitment 2026) निकाली है। जिसके लिए आवेदन प्रक्रिया 11 फरवरी से ही शुरू हो चुकी है। योग्य उम्मीदवार 25 फरवरी 2026 तक ऑनलाइन आधिकारिक वेबसाइट https://hal-india.co.in/home पर जाकर फॉर्म भर सकते हैं। अधिसूचना में पात्रता, चयन प्रक्रिया और अन्य जानकारी डिटेल में दी … Thu, 12 Feb 2026 23:48:49 GMT

  Videos
See all

British Maulana Shamsul Huda : 33 करोड़ की प्रॉपर्टी..आजमगढ़ टू लखनऊ पोल खुल रही ! | Hindi News #tmktech #vivo #v29pro
2026-02-12T18:17:12+00:00

इधर बंगाल के ओेवैसी के साथ मुसलमान.. उधर बीजेपी बाबरी को टिकने नहीं देगी..| News Ki Pathshala |tnnb #tmktech #vivo #v29pro
2026-02-12T18:19:42+00:00

Maulana Shamsul Huda Khan: 'ब्रिटिश मौलाना' पर योगी फोर्स का शिकंजा! । ED । R Bharat #tmktech #vivo #v29pro
2026-02-12T18:30:43+00:00

Noida Accident: नोएडा में फिर नाले में गिरी कार, ड्राइवर ने कूदकर बचाई जान | Breaking News #tmktech #vivo #v29pro
2026-02-12T18:27:41+00:00
Editor Choice
See all
Photo Gallery
See all
World News
See all
Top publishers