CM धामी के निर्देशों पर नरेंद्र नगर में पार्किंग निर्माण की प्रक्रिया तेज, ₹1.38 करोड़ की धनराशि जारी करने के निर्देश
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के दिशा-निर्देशों के क्रम में प्रदेश में आधारभूत सुविधाओं के विकास और आमजन को बेहतर यातायात एवं पार्किंग सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में राज्य सरकार लगातार कदम उठा रही है. इसी क्रम में विधानसभा क्षेत्र नरेंद्र नगर में मोटरनाला/पुलिस थाने के समीप प्रस्तावित पार्किंग निर्माण कार्य को गति देने के लिए बुधवार को राज्य सचिवालय में विभागीय वित्त समिति की बैठक आयोजित की गई. बैठक की अध्यक्षता सचिव आवास एवं राज्य संपत्ति डॉ. आर. राजेश कुमार ने की. बैठक में परियोजना के तकनीकी एवं वित्तीय पहलुओं की समीक्षा करते हुए निर्माण कार्य के लिए आवश्यक धनराशि शीघ्र जारी करने के निर्देश दिए गए.
मुख्यमंत्री की घोषणा को धरातल पर उतारने की तैयारी
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की घोषणा संख्या-1097/2021 के अंतर्गत प्रस्तावित इस पार्किंग परियोजना का उद्देश्य नरेंद्र नगर क्षेत्र में स्थानीय नागरिकों और पर्यटकों को बेहतर पार्किंग सुविधा उपलब्ध कराना है. पर्वतीय क्षेत्रों में पर्यटन गतिविधियों के विस्तार और वाहनों की बढ़ती आवाजाही के बीच व्यवस्थित पार्किंग की उपलब्धता महत्वपूर्ण हो जाती है. ऐसे में इस परियोजना के पूरा होने से क्षेत्र में पार्किंग संबंधी सुविधाओं को बेहतर बनाने में मदद मिलने की उम्मीद है.राज्य सरकार की प्राथमिकता मुख्यमंत्री की घोषणाओं को निर्धारित प्रक्रिया के तहत धरातल पर उतारना और विकास कार्यों को समयबद्ध तरीके से आगे बढ़ाना है. इसी उद्देश्य से परियोजना की प्रगति और वित्तीय आवश्यकताओं की समीक्षा की गई.
₹138.20 लाख की डीपीआर लागत का लिया संज्ञान
बैठक में पार्किंग निर्माण परियोजना की कुल अनुमोदित विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) लागत ₹138.20 लाख, यानी लगभग 1.38 करोड़ रुपये का संज्ञान लिया गया. समिति ने परियोजना के वित्तीय प्रावधानों पर विचार करते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई तेजी से पूरी करने के निर्देश दिए. समिति ने वित्त विभाग को पार्किंग निर्माण कार्य के लिए आवश्यक धनराशि शीघ्र जारी किए जाने के निर्देश दिए, ताकि धनराशि उपलब्ध होने के बाद निर्माण कार्य प्रारंभ करने में अनावश्यक विलंब न हो. परियोजना के क्रियान्वयन में वित्तीय स्वीकृतियों और संबंधित औपचारिकताओं को समय पर पूरा करने पर भी जोर दिया गया.
तकनीकी और वित्तीय पहलुओं की विस्तृत समीक्षा
बैठक में परियोजना की वर्तमान प्रगति, तकनीकी आवश्यकताओं, वित्तीय पहलुओं, लागत अनुमान और निर्माण कार्य के क्रियान्वयन से संबंधित विभिन्न बिंदुओं पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया. संबंधित विभागों एवं कार्यदायी संस्था की ओर से प्रस्तुत प्रस्तावों और अभिलेखों का परीक्षण करते हुए परियोजना को आगे बढ़ाने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए. समिति ने निर्माण कार्य में निर्धारित मानकों का पालन सुनिश्चित करने और कार्य की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता पर बल दिया. साथ ही, परियोजना को स्वीकृत प्रावधानों के अनुरूप आगे बढ़ाने तथा विभागों के बीच बेहतर समन्वय बनाए रखने पर जोर दिया गया.
स्थानीय नागरिकों और पर्यटकों को मिलेगी सुविधा
नरेंद्र नगर क्षेत्र में प्रस्तावित पार्किंग का विकास स्थानीय नागरिकों के साथ-साथ क्षेत्र में आने वाले पर्यटकों के लिए भी उपयोगी साबित हो सकता है. व्यवस्थित पार्किंग व्यवस्था से वाहनों को खड़ा करने के लिए उपयुक्त स्थान उपलब्ध कराने और यातायात प्रबंधन को बेहतर बनाने में सहायता मिलेगी.पार्किंग जैसी आधारभूत सुविधाओं का विकास पर्यटन स्थलों और प्रमुख आवागमन क्षेत्रों में विशेष महत्व रखता है. राज्य सरकार का प्रयास है कि विकास परियोजनाओं के माध्यम से स्थानीय जरूरतों को पूरा करने के साथ ही पर्यटकों के लिए भी सुविधाजनक वातावरण तैयार किया जाए.
धनराशि जारी होते ही शुरू होगा निर्माण कार्य
विभागीय वित्त समिति ने स्पष्ट किया कि आवश्यक धनराशि उपलब्ध होते ही पार्किंग निर्माण कार्य को प्राथमिकता के आधार पर प्रारंभ किया जाए. साथ ही, निर्माण कार्य को निर्धारित मानकों के अनुरूप और तय समयसीमा के भीतर पूरा करने की दिशा में प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए.बैठक में आवास विभाग, संबंधित कार्यदायी संस्था और अन्य संबद्ध विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे. राज्य सरकार की मंशा है कि आवश्यक प्रक्रियाओं को समयबद्ध ढंग से पूरा करते हुए विकास योजनाओं का लाभ आमजन तक पहुंचाया जाए.
सचिव आवास एवं राज्य संपत्ति डॉ. आर. राजेश कुमार का बयान
“मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के दिशा-निर्देशों के अनुरूप प्रदेश में विकास कार्यों को गति देने और आमजन को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए सरकार प्रतिबद्ध है. नरेंद्र नगर में मोटरनाला/पुलिस थाने के समीप प्रस्तावित पार्किंग निर्माण परियोजना की विभागीय वित्त समिति में समीक्षा की गई है. परियोजना की कुल अनुमोदित डीपीआर लागत ₹138.20 लाख है. वित्त विभाग को आवश्यक धनराशि शीघ्र जारी करने के निर्देश दिए गए हैं. धनराशि उपलब्ध होते ही निर्माण कार्य प्राथमिकता के आधार पर शुरू कराया जाएगा. हमारा प्रयास है कि परियोजना निर्धारित मानकों के अनुरूप और समयबद्ध तरीके से पूरी हो, ताकि स्थानीय नागरिकों और पर्यटकों को बेहतर पार्किंग सुविधा मिल सके.”
इजरायल में मुस्लिम देशों के क्रू की एंट्री पर बैन? पाकिस्तान-ईरान समेत 31 देशों पर सख्ती
इजरायल के नए विमानन नियमों के बाद अंतरराष्ट्रीय एयरलाइंस के सामने क्रू सदस्यों को लेकर नई शर्तें सामने आई हैं. फ्रांस की एयरलाइन एयर फ्रांस ने पुष्टि की है कि वह इजरायली अधिकारियों के इन नियमों का पालन कर रही है. इन नियमों के तहत कुछ देशों की नागरिकता रखने वाले पायलटों और केबिन क्रू सदस्यों को इजरायल जाने वाली उड़ानों में काम करने की अनुमति नहीं है.
इस सूची में पाकिस्तान, ईरान, सऊदी अरब, अल्जीरिया और ट्यूनीशिया समेत कई देशों के नाम शामिल बताए गए हैं. रिपोर्टों के मुताबिक, कुल 31 देशों के नागरिक इन प्रतिबंधों से प्रभावित हो सकते हैं. हालांकि, यह नियम सभी मुस्लिम देशों पर लागू होने के बजाय उन देशों की नागरिकता से जुड़ा है, जिनके इजरायल के साथ राजनीतिक संबंध नहीं हैं.
एयर फ्रांस ने क्या कहा?
अल जजीरा की रिपोर्ट के मुताबिक, एयर फ्रांस ने स्पष्ट किया है कि वह उन देशों के प्रवेश और सुरक्षा नियमों का पालन करता है, जहां उसकी उड़ानें संचालित होती हैं. एयरलाइन के अनुसार, ये नियम यात्रियों के साथ-साथ कर्मचारियों पर भी लागू हो सकते हैं. कंपनी ने यह भी कहा कि तेल अवीव जाने वाली उड़ानों से जुड़े कर्मचारियों को इजरायली अधिकारियों के नए निर्देशों की जानकारी दे दी गई है. इससे संकेत मिलता है कि एयर फ्रांस अपनी इजरायल जाने वाली उड़ानों में क्रू की तैनाती करते समय इन नियमों को ध्यान में रख रहा है.
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इजरायल ने विदेशी एयरलाइंस को क्या निर्देश दिए?
इजरायली मीडिया संस्थान N12 की रिपोर्ट के अनुसार, परिवहन और सड़क सुरक्षा मंत्रालय ने 1 अक्टूबर को विदेशी एयरलाइंस को नए नियमों के बारे में सूचित किया था. इन निर्देशों के तहत इजरायली हवाई क्षेत्र में उड़ान संचालित करने वाले पायलटों और केबिन क्रू की नागरिकता को लेकर शर्तें तय की गई हैं. रिपोर्टों में बताया गया है कि यह प्रतिबंध उन देशों के नागरिकों पर लागू होता है, जिनके इजरायल के साथ राजनीतिक संबंध नहीं हैं. सूची में पाकिस्तान, ईरान, ओमान, सऊदी अरब, अल्जीरिया, ट्यूनीशिया और नाइजर समेत कई देशों का उल्लेख किया गया है. इन नियमों का उद्देश्य क्या है और इन्हें किस तरह लागू किया जाएगा, इसे लेकर संबंधित अधिकारियों की ओर से जारी निर्देशों को समझना महत्वपूर्ण है.
फ्लाईदुबई की घटना के बाद उठाया गया कदम
मीडिया रिपोर्टों में इजरायल के इस फैसले को फ्लाईदुबई की एक कथित सुरक्षा घटना से जोड़कर देखा गया है. रिपोर्टों के अनुसार, इस घटना में ओमानी पायलट से जुड़ी हाईजैक की कोशिश का दावा किया गया था. विमान को सुरक्षित रखने में भारतीय कैप्टन स्मित मच्छर की भूमिका का भी उल्लेख किया गया है. हालांकि, इस घटना की परिस्थितियों और इजरायल के नए नियमों के बीच आधिकारिक तौर पर स्थापित संबंध की पुष्टि के लिए संबंधित अधिकारियों के बयानों और जांच संबंधी जानकारी को देखना जरूरी है.
किन देशों पर पड़ सकता है असर?
रिपोर्टों में बताए गए 31 देशों की सूची में बड़ी संख्या ऐसे देशों की है, जिनके इजरायल के साथ राजनयिक संबंध नहीं हैं. पाकिस्तान, ईरान, ओमान, सऊदी अरब, अल्जीरिया, ट्यूनीशिया और नाइजर इनमें शामिल बताए गए हैं. इन प्रतिबंधों का असर अंतरराष्ट्रीय एयरलाइंस की क्रू नियुक्ति और उड़ानों की योजना पर पड़ सकता है. एयरलाइंस को इजरायल जाने वाली उड़ानों के लिए कर्मचारियों की नागरिकता और पात्रता की जांच करनी होगी, ताकि वे स्थानीय नियमों का पालन कर सकें. फिलहाल इस मामले में सबसे अहम बात यह है कि एयर फ्रांस ने इजरायल के नियमों का पालन करने की पुष्टि की है. वहीं, प्रतिबंधों के दायरे, सभी प्रभावित देशों की आधिकारिक सूची और इनके लागू होने की विस्तृत शर्तों की पुष्टि संबंधित सरकारी निर्देशों से की जानी चाहिए.
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