Arvind Kejriwal PM आवास के लिए march करते हुए दिल्ली में रोके गए
नयी दिल्ली, चार अगस्त देश में ई-20 पेट्रोल की बिक्री के खिलाफ 2.30 लाख से अधिक ज्ञापनों को सौंपने के लिए प्रधानमंत्री आवास की ओर मंगलवार को करीब 100 लोगों के साथ मार्च कर रहे आम आदमी पार्टी (आप) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल और पार्टी के अन्य नेताओं को दिल्ली पुलिस ने फिरोजशाह मार्ग पर रोक लिया। पुलिस द्वारा रोके जाने के बाद केजरीवाल, दिल्ली के पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया, जैस्मीन शाह और पार्टी के अन्य नेताओं के साथ फिरोजशाह मार्ग पर ही धरने पर बैठ गए। आप ने देश भर के लोगों से एकत्र ज्ञापनों को सौंपने के लिए लगभग 100 लोगों के साथ मार्च शुरू किया था।
ये ज्ञापन सरकार की ई-20 पेट्रोल को बढ़ावा देने वाली नीति के खिलाफ थीं, जिसमें आरोप लगाया गया था कि एथनॉल-मिश्रित ईंधन का वाहन मालिकों पर बुरा असर पड़ रहा है। केजरीवाल ने मार्च से पहले समर्थकों को संबोधित करते हुए कहा कि पार्टी देश भर के लोगों द्वारा हस्ताक्षरित 2.30 लाख से अधिक ज्ञापन लेकर जा रही है और उन्होंने सरकार से करोड़ों वाहन मालिकों की चिंताओं पर संज्ञान लेने की अपील की। उन्होंने कहा, ‘‘हम देश भर के लोगों द्वारा हस्ताक्षरित 2.30 लाख से अधिक ज्ञापन के साथ प्रधानमंत्री आवास जा रहे हैं।
हम चाहते हैं कि सरकार उन करोड़ों वाहन मालिकों की चिंताओं को सुने जो ई20 पेट्रोल के कारण समस्याओं का सामना कर रहे हैं।’’ पुलिस सूत्रों ने बताया कि प्रदर्शनकारियों को पांच फिरोज शाह मार्ग से आगे बढ़ने की अनुमति नहीं दी जाएगी। उन्होंने बताया, ‘‘किसी को भी 5, फिरोज शाह मार्ग से आगे जाने की अनुमति नहीं होगी। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए हमने दिल्ली पुलिस और अर्धसैनिक बलों समेत बड़ी संख्या में सुरक्षा बल तैनात किए हैं।’’ यह विरोध प्रदर्शन आप द्वारा एथनॉल जनसभा आयोजित करने और ई20 ईंधन के खिलाफ हस्ताक्षर अभियान शुरू करने के कुछ दिनों बाद हो रहा है।
केजरीवाल ने इससे पहले प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर एथनॉल-मिश्रित पेट्रोल से जुड़ी चिंताओं पर चर्चा के लिए उनसे मिलने का समय मांगा था।
Kulgam में Omar Abdullah का बयान, बोले- कोई धर्म निर्दोषों की हत्या की अनुमति नहीं देता
श्रीनगर, चार अगस्त जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने कुलगाम जिले में दो प्रवासी श्रमिकों की हत्या को ‘‘बेहद दुर्भाग्यपूर्ण’’ करार देते हुए मंगलवार को कहा कि कोई भी धर्म निर्दोष लोगों का खून बहाने की अनुमति नहीं देता। अब्दुल्ला ने साथ ही उम्मीद जताई कि सुरक्षा तंत्र यह सुनिश्चित करेगा कि ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। अब्दुल्ला ने यहां पत्रकारों से कहा, ‘‘यह घटना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है।
ऐसा नहीं होना चाहिए था। कोई भी धर्म इस तरह निर्दोष लोगों को मारने की इजाजत नहीं देता। इसकी जितनी निंदा की जाए कम है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘जिनकी जिम्मेदारी सुरक्षा बनाए रखना है, उनसे यह अपेक्षा की जाती है कि वे इस तरह के हमलों को रोकेंगे।’’ छत्तीसगढ़ के दो प्रवासी मजदूरों की 31 जुलाई को एक ईंट भट्टे पर हुए आतंकवादी हमले में हत्या कर दी गई थी।
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