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आईएसआईजी समिट: चिप उद्योग के भविष्य पर भारत में होगी वैश्विक चर्चा, शामिल होंगे उद्योग और नीति जगत के नेता

नई दिल्ली, 14 अक्टूबर (आईएएनएस)। इंटरनेशनल सेमीकंडक्टर इंडस्ट्री ग्रुप (आईएसआईजी) 3-4 नवंबर को राष्ट्रीय राजधानी में आईएसआईजी एग्जीक्यूटिव समिट इंडिया 2026 का आयोजन करेगा। बुधवार को जारी एक बयान के अनुसार, इस दो दिवसीय सम्मेलन में वैश्विक सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम से जुड़े वरिष्ठ अधिकारी, प्रौद्योगिकी विशेषज्ञ, शोधकर्ता और नीति निर्माता भाग लेंगे।

यह कार्यक्रम सेमीकंडक्टर उद्योग को आकार देने वाली तकनीकों, नीतिगत विकास और आपूर्ति शृंखला संबंधी प्राथमिकताओं पर चर्चा के लिए एक मंच का काम करेगा।

यह समिट अमेरिका, ताइवान, दक्षिण कोरिया और यूरोप में आयोजित आईएसआईजी की 2026 एग्जीक्यूटिव समिट शृंखला के बाद आयोजित की जा रही है, जिनमें सभी सीटें पूरी तरह भर गई थीं।

आईएसआईजी ने यह भी पुष्टि की है कि यह समिट 30 नवंबर से 1 दिसंबर, 2027 तक फिर से भारत में आयोजित की जाएगी।

भारत सेमीकंडक्टर निर्माण क्षेत्र में अपने लक्ष्यों को इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन (आईएसएम) जैसी नीतिगत पहलों के माध्यम से आगे बढ़ा रहा है। ऐसे में इस समिट का उद्देश्य घरेलू और अंतरराष्ट्रीय हितधारकों के बीच इकोसिस्टम विकास, तकनीकी सहयोग और वैश्विक सेमीकंडक्टर वैल्यू चेन में भारत की भूमिका पर संवाद को बढ़ावा देना है।

आईएसआईजी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) और सह-संस्थापक सलाह नसरी ने कहा, भारत अब सेमीकंडक्टर की कहानी के भविष्य का अध्याय नहीं है, बल्कि वर्तमान का हिस्सा है।

उन्होंने कहा, हम आईएसआईजी की समिट शृंखला को नई दिल्ली लेकर आए हैं क्योंकि यहां एडवांस्ड पैकेजिंग, पावर इलेक्ट्रॉनिक्स और घरेलू विनिर्माण को लेकर लिए जा रहे फैसले अगले दशक की वैश्विक आपूर्ति शृंखला को आकार देंगे। हमारी भूमिका उद्योग जगत के अधिकारियों, नीति निर्माताओं और निवेशकों को एक मंच पर लाना है और फिलहाल भारत वही जगह है, जहां यह बातचीत सबसे ज्यादा जरूरी है।

कार्यक्रम में इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (एमईआईटीवाई) के अतिरिक्त सचिव अमितेश कुमार सिन्हा सहित कई सरकारी प्रतिनिधियों के शामिल होने की उम्मीद है।

समिट के एजेंडे में एडवांस्ड पैकेजिंग, आउटसोर्स्ड सेमीकंडक्टर असेंबली एंड टेस्ट (ओएसएटी), पावर इलेक्ट्रॉनिक्स तथा सिलिकॉन कार्बाइड (एसआईसी) और गैलियम नाइट्राइड (जीएएन) जैसी वाइड-बैंडगैप सेमीकंडक्टर तकनीकों पर सत्र आयोजित किए जाएंगे।

इसके अलावा प्रतिभागी भारत की सेमीकंडक्टर रणनीति, आपूर्ति शृंखला विकास और उभरती प्रौद्योगिकी प्राथमिकताओं पर भी चर्चा करेंगे।

आईएसआईजी में भारत की महाप्रबंधक और पावर सेमीकंडक्टर प्रमुख डॉ. शालू अग्रवाल ने कहा, भारत के पास प्रतिभा, नीतिगत गति और बाजार तीनों मौजूद हैं, जो उसे वैश्विक सेमीकंडक्टर आपूर्ति शृंखला का प्रमुख केंद्र बना सकते हैं।

--आईएएनएस

डीबीपी

डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.

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Expaliner: 'राणाबली' के लिए विजय देवरकोंडा और रश्मिका मंदाना ने कैसे बदला अपना लुक? जानिए पूरी तैयारी

Ranabaali Movie: जब भी कोई एक्टर किसी पुराने जमाने की कहानी में काम करता है, तो उसके लिए सिर्फ कपड़े बदलना ही काफी नहीं होता. उसे अपने किरदार के हिसाब से चलने, बोलने और काम करने का तरीका भी सीखना पड़ता है. विजय देवरकोंडा (Vijay Deverakonda) और रश्मिका मंदाना (Rashmika Mandanna) की फिल्म 'राणाबाली' में भी कुछ ऐसा ही देखने को मिलने वाला है. इस फिल्म में विजय एक योद्धा के रोल में नजर आएंगे, जबकि रश्मिका उनकी पत्नी जयम्मा का किरदार निभा रही हैं.

फिल्म 'राणाबाली' की कहानी 19वीं सदी के दौर की दिखाई गई है. ऐसे में दोनों कलाकारों के लुक से लेकर उनके बोलने के तरीके तक पर काम किया गया है. विजय ने घुड़सवारी और हथियार चलाने की ट्रेनिंग ली है, तो रश्मिका के लुक को पुराने जमाने के हिसाब से तैयार किया गया है. तो आइए जानते हैं कि फिल्म के लिए दोनों ने कैसी तैयारी की.

विजय ने सीखी घुड़सवारी-हथियार चलाना

विजय देवरकोंडा इस फिल्म में राणाबाली नाम के योद्धा का रोल प्ले कर रहे हैं. उनका किरदार अपने लोगों के लिए लड़ता है. ऐसे में विजय के लिए इस रोल को निभाना आसान नहीं था. उन्हें पर्दे पर एक ऐसे इंसान की तरह दिखना था, जिसे लड़ाई करना आता हो और जो मुश्किल हालात में भी पीछे न हटे. रिपोर्ट्स के मुताबिक, विजय ने इस रोल के लिए कई महीनों तक तैयारी की. उन्होंने घुड़सवारी सीखी और हथियार चलाने की प्रैक्टिस भी की. इसके अलावा उन्होंने चाकू से लड़ने और एक्शन सीन करने की ट्रेनिंग भी ली.

सिर्फ लुक नहीं, बोलने का तरीका भी बदला

जब भी कोई कलाकार किसी किरदार को निभाता है तो वो  उसकी भाषा बोलने पर भी काफी मेहनत करता है. ऐसे में राणाबाली के लिए विजय ने भी इस चीज पर काम किया. 'राणाबाली' में उनके किरदार को रायालसीमा की बोली में बात करनी था. ऐसे में उन्होंने अपने डायलॉग बोलने के तरीके पर भी काम किया था. विजय ने एक इंटरव्यू में बताया था कि वो पुट्टपर्थी में करीब 10 साल तक पढ़े थे. इस वजह से उन्हें रायालसीमा की बोली का थोड़ा अंदाजा था. लेकिन फिल्म में किरदार के हिसाब से बोलने के लिए उन्हें करीब दो से तीन महीने तक अलग से प्रैक्टिस करनी पड़ी थी. 

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रश्मिका के जयम्मा किरदार का लुक

वहीं, फिल्म में रश्मिका मंदाना जयम्मा के रोल में नजर आएंगी. वो विजय के किरदार राणाबाली की पत्नी बनी हैं.  फिल्म  19वीं सदी की दिखाई गई है, ऐसे में उनका लुक आजकल की फिल्मों में दिखने वाले स्टाइलिश अंदाज से बेहद अलग है. उनके कपड़ों और गहनों में पुराने जमाने की झलक देखने को मिलती है. फिल्म के एक पोस्टर में रश्मिका पारंपरिक साड़ी और गहनों में नजर आईं. वहीं विजय भी पुराने जमाने के दूल्हे वाले लुक में दिखाई दिए. हालांकि, रश्मिका ने इस रोल के लिए कितने दिन तैयारी की या फिर कोई खास ट्रेनिंग ली, इसकी  जानकारी सामने नहीं आई है. 

पुरानी तस्वीरों से आया पोस्टर का आइडिया

'राणाबाली' का वेडिंग पोस्टर काफी खास रहा, जब इसे मेकर्स ने रिलीज किया तो ये काफी वायरल हुआ. आमतौर पर फिल्मों के पोस्टर में कलाकारों को खास पोज देते हुए दिखाया जाता है. लेकिन इस फिल्म के पोस्टर में पुराने जमाने की तस्वीरों जैसा अंदाज रखा गया था. रिपोर्ट्स के मुताबिक, डायरेक्टर राहुल सांकृत्यायन को पुराने समय की तस्वीरें पसंद हैं और वो चाहते थे कि विजय और रश्मिका की तस्वीर देखकर ऐसा लगे, जैसे किसी पुराने जमाने के कपल की फोटो हो. यही वजह है कि फिल्म के पोस्टर को सादा रखा गया था.

क्या है 'राणाबाली' की कहानी?

'राणाबाली' की कहानी 19वीं सदी की है, जब भारत में अंग्रेजों का राज था. फिल्म में उस दौर को दिखाया गया है, जब मद्रास इलाके में पड़े भीषण अकाल के कारण लोग भूख और गरीबी से परेशान थे. विजय फिल्म में राणाबाली नाम के योद्धा बने हैं, जो अपने गांव और वहां के लोगों को अंग्रेजों के अत्याचारों से बचाने के लिए उनके खिलाफ खड़े होते हैं. वहीं, रश्मिका मंदाना उनकी पत्नी जयम्मा के किरदार में नजर आएंगी. फिल्म में दोनों के रिश्ते के साथ-साथ राणाबाली की लड़ाई भी दिखाई जाएगी. इसमें अर्नोल्ड वॉस्लू अंग्रेज अधिकारी सर थियोडोर हेक्टर का रोल निभा रहे हैं.

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विजय का किरदार पूरी तरह असली नहीं

फिल्म के डायरेक्टर राहुल सांकृत्यायन ने बताया है कि भले ही 'राणाबाली' को इतिहास से प्रेरणा लेकर बनाया गया है, लेकिन इसकी कहानी पूरी तरह इतिहास की घटनाओं की नकल नहीं है. इसमें कल्पना का भी इस्तेमाल किया गया है. विजय का किरदार भी एक काल्पनिक योद्धा है, जिसे रायालसीमा इलाके के पुराने योद्धाओं की कहानियों से प्रेरित होकर तैयार किया गया है. यही वजह है कि फिल्म में उस दौर की घटनाओं के साथ कुछ ऐसे मोड़ भी देखने को मिलेंगे, जो मनोरंजन के लिए हैं.

रश्मिका के किरदार को क्यों माना गया खास?

फिल्म में रश्मिका मंदाना जयम्मा का किरदार निभा रही हैं. विजय ने एक इंटरव्यू में बताया था कि डायरेक्टर राहुल सांकृत्यायन ने जयम्मा के रोल के लिए रश्मिका का नाम सजेस्ट किया था और उन्हें भी लगा था कि वो इस किरदार के लिए सही रहेंगी. वहीं, 'राणाबाली' में साउथ अफ्रीका के एक्टर अर्नोल्ड वॉस्लू भी नजर आएंगे. वह फिल्म में सर थियोडोर हेक्टर नाम के अंग्रेज अफसर का किरदार निभा रहे हैं. इस किरदार को अंग्रेजों के दौर के एक अधिकारी सर रिचर्ड टेंपल से प्रेरित बताया गया है. 

कब रिलीज होगी 'राणाबाली'?

विजय देवरकोंडा और रश्मिका मंदाना की ये फिल्म 16 अक्टूबर 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज होने वाली है. फिल्म का निर्देशन राहुल सांकृत्यायन ने किया है, जबकि इसका म्यूजिक अजय-अतुल ने तैयार किया है. विजय और रश्मिका की जोड़ी को पहले भी दर्शकों ने काफी पसंद किया  था और अब इस फिल्म में दोनों को पुराने जमाने के किरदारों में देखना दिलचस्प होगा. वहीं, शादी के बाद पहली बार ये कपल एक साथ बड़े पर्दे पर नजर आएगा. ऐसे में फैंस दोनों को देखने के लिए और भी ज्यादा एक्साइटेड हैं. 

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न्यूजीलैंड दौरे पर अपने खर्चे पर 5 नेट गेंदबाज ले जाएंगे शुभमन गिल, भारतीय टेस्ट कप्तान का मास्टरस्ट्रोक

Shubman Gill pay out of pocket for 5 net bowlers: भारतीय टेस्ट कप्तान शुभमन गिल ने न्यूजीलैंड के खिलाफ सीरीज की तैयारी को पूरी गंभीरता से लेते हुए अपने खर्चे पर चार से पांच नेट गेंदबाजों को साथ ले जाने का अनूठा फैसला किया है. बीसीसीआई के अनुसार, गिल 23 या 24 अक्टूबर को न्यूजीलैंड रवाना होंगे और इन गेंदबाजों के यात्रा व अन्य खर्चों का भुगतान वह खुद करेंगे. व्यस्त कार्यक्रम के चलते वह भारत ए के मैचों में हिस्सा नहीं ले पाएंगे, इसलिए वह अतिरिक्त समय और अभ्यास के लिए पहले रवाना हो रहे हैं. छत्तीसगढ़ के खिलाफ रणजी मुकाबले से वापसी कर रहे गिल अपनी कप्तानी और बल्लेबाजी दोनों मोर्चों पर इस दौरे को सफल बनाने के लिए पूरी तरह मुस्तैद हैं. Fri, 16 Oct 2026 23:20:09 +0530

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