Moong Cheela: नाश्ते को स्वाद और पोषण से भर देगा मूंग का चीला, बनाने में है आसान
Moong Cheela: आप अगर सुबह के नाश्ते में कुछ ऐसा ढूंढ रहे हैं जो स्वादिष्ट होने के साथ-साथ सेहत के लिए भी फायदेमंद हो, तो मूंग का चीला एक बेहतरीन विकल्प है। यह हल्का, प्रोटीन से भरपूर और पचने में आसान होता है, जिसकी वजह से हेल्थ-कॉन्शस लोग इसे अपनी डाइट में खास जगह देते हैं।
खास बात यह है कि मूंग का चीला न सिर्फ वजन कंट्रोल करने में मदद करता है, बल्कि बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक सभी के लिए फायदेमंद माना जाता है। इसे बनाने में ज्यादा समय या मेहनत नहीं लगती और घर पर उपलब्ध साधारण सामग्री से ही यह पौष्टिक नाश्ता तैयार हो जाता है।
मूंग का चीला बनाने की सामग्री
- साबुत मूंग दाल - 1 कप
- हरी मिर्च - 1-2 (स्वादानुसार)
- अदरक - 1 छोटा टुकड़ा
- जीरा - 1/2 छोटा चम्मच
- हींग - एक चुटकी
- नमक - स्वादानुसार
- हल्दी पाउडर - 1/4 छोटा चम्मच
- हरा धनिया - बारीक कटा
- पानी - जरूरत अनुसार
- तेल - सेकने के लिए
मूंग का चीला बनाने का तरीका
मूंग दाल तैयार करने की विधि
सबसे पहले मूंग दाल को साफ करके 6-7 घंटे या रातभर पानी में भिगो दें। भीगने के बाद दाल का पानी निकाल लें और मिक्सर में हरी मिर्च, अदरक और थोड़ा सा पानी डालकर स्मूद पेस्ट बना लें। ध्यान रखें कि घोल ज्यादा पतला न हो।
चीला बैटर तैयार करने का तरीका
तैयार पेस्ट को एक बर्तन में निकालें। इसमें जीरा, हींग, हल्दी, नमक और बारीक कटा हरा धनिया डालकर अच्छी तरह मिलाएं। जरूरत हो तो थोड़ा पानी मिलाकर बैटर को चीला बनाने लायक कंसिस्टेंसी में रखें।
मूंग का चीला बनाने की विधि
अब तवा गर्म करें और उस पर हल्का सा तेल लगाएं। एक कलछी बैटर तवे पर डालें और गोल आकार में फैलाएं। मध्यम आंच पर चीले को सेकें। जब नीचे की तरफ से सुनहरा होने लगे तो पलट दें और दूसरी तरफ भी अच्छे से सेंक लें।
स्वाद और सेहत का सही मेल
मूंग का चीला बाहर से हल्का क्रिस्पी और अंदर से सॉफ्ट होता है। यह पेट को लंबे समय तक भरा रखता है, जिससे बार-बार भूख नहीं लगती। इसमें मौजूद प्रोटीन और फाइबर पाचन को बेहतर बनाते हैं और दिनभर एनर्जी बनाए रखते हैं।
परोसने का तरीका
गरमागरम मूंग का चीला हरी चटनी, दही या टमाटर सॉस के साथ परोसें। चाहें तो इसे सब्जियों के साथ स्टफ करके और भी हेल्दी बना सकते हैं।
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Turmeric Powder: मिलावटी हल्दी से बचना चाहते हैं? घर पर कच्ची हल्दी से ऐसे तैयार करें शुद्ध मसाला
Turmeric Powder: रसोई की शान और सेहत की पहचान हल्दी भारतीय खानपान का अहम हिस्सा है। लेकिन आजकल बाजार में मिलावटी हल्दी मिलने की खबरें लोगों की चिंता बढ़ा रही हैं। कहीं इसमें रंग मिलाया जाता है तो कहीं स्टार्च या सस्ता पाउडर मिलाकर वजन बढ़ाया जाता है। ऐसे में सवाल उठता है कि आखिर शुद्ध हल्दी कैसे मिले?
अगर आप भी मिलावट से परेशान हैं, तो इसका आसान और भरोसेमंद हल आपके अपने घर में ही मौजूद है। कच्ची हल्दी (फ्रेश टरमेरिक रूट) से घर पर ही शुद्ध हल्दी पाउडर तैयार किया जा सकता है। इससे न सिर्फ मिलावट का डर खत्म होगा, बल्कि आपको ज्यादा सुगंधित और गुणों से भरपूर हल्दी मिलेगी।
मिलावटी हल्दी है खतरनाक
विशेषज्ञों के अनुसार हल्दी में आर्टिफिशियल येलो डाई, मेटानिल येलो या चॉक पाउडर जैसी मिलावट की शिकायतें सामने आती रही हैं। यह सेहत के लिए नुकसानदायक हो सकती हैं। खासतौर पर बच्चों और बुजुर्गों के लिए मिलावटी मसाले जोखिम बढ़ा सकते हैं।
कच्ची हल्दी से पाउडर बनाने की आसान विधि
अच्छी गुणवत्ता की कच्ची हल्दी चुनें
सबसे पहले बाजार से ताजी, सख्त और दाग-धब्बे रहित कच्ची हल्दी लें। कोशिश करें कि ऑर्गेनिक हल्दी मिले।
अच्छी तरह धोकर साफ करें
हल्दी की गांठों को बहते पानी में अच्छी तरह धो लें ताकि मिट्टी पूरी तरह निकल जाए। चाहें तो हल्के ब्रश से रगड़कर साफ कर सकते हैं।
उबालना (वैकल्पिक लेकिन फायदेमंद)
कई लोग हल्दी को 30-45 मिनट तक हल्का उबालते हैं। इससे कच्चापन कम होता है और पाउडर का रंग व स्वाद बेहतर आता है। उबालने के बाद हल्दी को पूरी तरह ठंडा कर लें।
पतले टुकड़ों में काटकर सुखाएं
हल्दी को पतले स्लाइस में काट लें। अब इन्हें धूप में 10-15 दिन तक अच्छी तरह सुखाएं। ध्यान रखें कि नमी बिल्कुल न रहे, वरना पाउडर खराब हो सकता है।
पीसकर छान लें
पूरी तरह सूखने के बाद मिक्सर-ग्राइंडर या मसाला चक्की में बारीक पीस लें। फिर छलनी से छानकर एयरटाइट डिब्बे में भरकर रखें।
घर की हल्दी क्यों है बेहतर?
घर पर तैयार हल्दी पाउडर में मिलावट की कोई संभावना नहीं रहती। इसमें प्राकृतिक खुशबू और करक्यूमिन की मात्रा बेहतर बनी रहती है। यह इम्युनिटी बढ़ाने, सूजन कम करने और घाव भरने में मददगार मानी जाती है।
स्टोरेज के दौरान रखें ये सावधानियां
हल्दी पाउडर को हमेशा सूखी और ठंडी जगह पर रखें। नमी से दूर रखें और गीले चम्मच का इस्तेमाल न करें। सही तरीके से स्टोर की गई हल्दी 6-8 महीने तक सुरक्षित रह सकती है।
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(लेखक:कीर्ति)
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