Responsive Scrollable Menu

भारत में AI बढ़ा सकता है Gender Gap, विशेषज्ञों ने जताई गहरी चिंता

(कोमल शर्मा) नयी दिल्ली, 14 अक्टूबर भारत में लैंगिक असमानता को कम करने की रफ्तार धीमी पड़ने के बीच विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) के क्षेत्र में यह असमानता और बढ़ सकती है। विश्व आर्थिक मंच (डब्ल्यूईएफ) के हाल में जारी वैश्विक लैंगिक अंतर सूचकांक 2026 में भारत 131वें स्थान पर रहा। पाकिस्तान को छोड़कर भारत अपने पड़ोसी देशों बांग्लादेश, नेपाल, भूटान और श्रीलंका से नीचे रहा।

डब्ल्यूईएफ का अनुमान है कि दुनिया में पूरी तरह लैंगिक समानता हासिल करने में अभी 120 साल जबकि मौजूदा रफ्तार को ध्यान में रखते हुए दक्षिण एशिया को ऐसा करने में 149 साल लग सकते हैं। डब्ल्यूईएफ ने भारत के लिए अलग से कोई अनुमान नहीं जताया है, लेकिन देश को इसमें करीब 149 से 150 साल लग सकते हैं। भारत का लैंगिक समानता स्कोर 64.5 प्रतिशत है, जो दक्षिण एशिया के बराबर और वैश्विक औसत 69.2 प्रतिशत से कम है।

‘पॉपुलेशन फाउंडेशन ऑफ इंडिया’ की कार्यकारी निदेशक पूनम मुटरेजा ने कहा कि भारत ने महिलाओं के नेतृत्व में विकास करने को लेकर महत्वपूर्ण प्रतिबद्धताएं की हैं, लेकिन नीतियों में किए गए वादों और महिलाओं की वास्तविक स्थिति के बीच अभी भी बड़ा अंतर है। मुटरेजा ने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा कि आर्थिक भागीदारी और अवसरों के मामले में भारत का प्रदर्शन विशेष रूप से चिंताजनक है। इस मामले में 145 देशों में भारत 143वें स्थान पर है।

उन्होंने कहा, “लड़कियों की शिक्षा में प्रगति उत्साहजनक है, लेकिन इसका लाभ अभी तक आर्थिक भागीदारी, नेतृत्व वाली भूमिकाओं और निर्णय लेने की ताकत के अनुपात में नहीं दिखा है। इस अंतर को कम करने के लिए मौजूदा योजनाओं और कल्याणकारी कार्यक्रमों के अलावा महिलाओं की आर्थिक स्वतंत्रता, सुरक्षा, बच्चों की देखभाल, प्रजनन संबंधी स्वायत्तता और समान अवसरों में काफी अधिक काम करने की जरूरत है।” यह पूछे जाने पर कि क्या एआई लैंगिक असमानता के लिए एक और चुनौती बन रहा है, मुटरेजा ने कहा, “हां, और खतरा यह है कि एआई मौजूदा लैंगिक असमानताओं को और मजबूत कर सकता है तथा उन्हें बढ़ा सकता है।” ट्रांसफॉर्म रूरल इंडिया (टीआरआई) की लैंगिक मामलों की विशेषज्ञ डॉ. सीमा भास्करन ने कहा कि भारत को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि महिलाएं कृत्रिम बुद्धिमत्ता के डिजाइन और विकास में शामिल हों। भास्करन ने कहा कि उन्हें केवल इसके लाभ पाने वालों या इसके दुरुपयोग का शिकार बनने वालों तक सीमित नहीं रखा जाना चाहिए।

डब्ल्यूईएफ में आर्थिक समावेशन की निदेशक सिल्जा बैलर ने एआई के क्षेत्र में लैंगिक असमानता पर कहा कि महिलाओं की संख्या उन नौकरियों में अधिक है, जिन पर एआई के कारण बदलाव का खतरा है। वहीं, उन नौकरियों में महिलाओं की संख्या कम है, जहां एआई से कर्मचारियों की क्षमताएं बढ़ने की उम्मीद है। उन्होंने कहा, “एआई की बढ़ती अर्थव्यवस्था में मौजूदा क्षेत्रीय और पेशागत असमानताएं दोहराई जाती दिख रही हैं।

प्रौद्योगिकी क्षेत्र की मुख्य भूमिकाओं में महिलाओं की संख्या कम है और वे कम वेतन वाली सहायक भूमिकाओं तक सीमित हैं।” बैलर ने कहा कि सूचकांक के अनुसार, भारत की प्रगति वैश्विक औसत प्रगति से धीमी रही है और इससे दूसरे देशों की तुलना में भारत की स्थिति को समझने में मदद मिलती है।

Continue reading on the app

PM Modi की कैबिनेट ने दी मंजूरी, पांच साल के लिए 'नेशनल सोशल असिस्टेंस प्रोग्राम' को रखा जाएगा जारी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने बुधवार को 11,40,770 रेलवे कर्मचारियों के लिए 78 दिनों के वेतन के बराबर 'प्रोडक्टिविटी लिंक्ड बोनस' (PLB) को मंज़ूरी दी। इस पर 2,009.61 करोड़ रुपये का खर्च आएगा। एक आधिकारिक बयान के अनुसार, हर पात्र रेलवे कर्मचारी को अधिकतम 17,951 रुपये का बोनस मिलेगा। यह बोनस पात्र नॉन-गजेटेड रेलवे कर्मचारियों को दुर्गा पूजा और दशहरा की छुट्टियों से पहले दिया जाएगा। यह उनके काम की सराहना करने और उन्हें रेलवे के कामकाज को बेहतर बनाने के लिए प्रोत्साहित करने के मकसद से दिया जा रहा है। 

इसे भी पढ़ें: 'लोकतंत्र दबाने वालों को बख्शा नहीं जाएगा', राहुल गांधी ने युवाओं से 'गैर-कानूनी हिरासत' का रिकॉर्ड रखने को कहा

इस बोनस में रेलवे के कई तरह के कर्मचारी शामिल होंगे, जैसे ट्रैक मेंटेनर, लोको पायलट, ट्रेन मैनेजर (गार्ड), स्टेशन मास्टर, सुपरवाइज़र, टेक्नीशियन, टेक्नीशियन हेल्पर, पॉइंट्समैन, मिनिस्ट्रियल स्टाफ़ और ग्रुप C के अन्य कर्मचारी। रिलीज़ के अनुसार, रेलवे ने 2025-26 के दौरान शानदार प्रदर्शन किया; इस दौरान रिकॉर्ड 1,670 मिलियन टन कार्गो की लोडिंग की गई और लगभग 7.41 अरब यात्रियों ने यात्रा की। 'प्रोडक्टिविटी लिंक्ड बोनस' का सालाना भुगतान रेलवे कर्मचारियों को संगठन के कामकाज में उनके योगदान के लिए प्रोत्साहित करने के मकसद से किया जाता है।

Continue reading on the app

  Sports

IND vs WI: भारत-वेस्टइंडीज के बीच रद्द होगा आखिरी टी20 मैच? मंडरा रहा बड़ा खतरा

IND vs WI 5th T20I: भारत और वेस्टइंडीज के बीच 5 मैचों की टी20 सीरीज का आखिरी मैच बेंगलुरु के एम चिन्नास्वामी स्टेडियम में खेला जाना है. इस मुकाबले पर बारिश का खतरा मंडरा रहा है. Fri, 16 Oct 2026 10:27:58 +0530

  Videos
See all

₹4.84 crore in offerings at Murugan Temple | मुरुगन मंदिर में ₹4.84 करोड़ का चढ़ावा #shorts #viral #tmktech #vivo #v29pro
2026-10-16T06:13:31+00:00

Actress Nushrratt Bharuccha has returned home | घर लौटीं एक्ट्रेस नुसरत भरूचा #shorts #viral #tmktech #vivo #v29pro
2026-10-16T06:15:49+00:00
Editor Choice
See all
Photo Gallery
See all
World News
See all
Top publishers