'अल्लाह' लिखी टी-शर्ट पहनकर बुरी फंसीं अर्जुन बिजलानी की पत्नी, लगा मुस्लिम धर्म के अपमान का आरोप
Neha Swami T-Shirt Controversy: अर्जुन बिजलानी की पत्नी नेहा स्वामी इन दिनों में विवादों में आ गई हैं. हाल ही में नेहा अपने पति और बेटे संग एक फिल्म की स्क्रीनिंग में पहुंची थी. इस दौरान नेहा कैजुअल लॉन्ग टी-शर्ट और ब्लैक जींस पहने नजर आई थी. लेकिन जिस चीज ने लोगों का ध्यान खिंचा, वो थी नेहा की टी-शर्ट, जिसके फ्रंट में कार्टून कैरेक्टर बना था और उसके ऊपर उर्दू में अल्लाह लिखा था. ऐसे में उन्हें अब ट्रोल किया जा रहा है.
नेहा स्वामी की टी-शर्ट पर क्यों मचा बवाल?
नेहा स्वामी की टी-शर्ट की तस्वीरें सामने आने के बाद कुछ सोशल मीडिया यूजर्स ने इस पर नाराजगी जताई. उनका आरोप है कि टी-शर्ट पर धार्मिक नाम को जिस तरह कार्टून कैरेक्टर के साथ दिखाया गया, वो उनकी धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाला है. कुछ यूजर्स ने इसे मुस्लिम धर्म का अपमान बताते हुए नेहा के खिलाफ कार्रवाई की मांग भी की है. वहीं, कुछ लोगों ने इस मामले में नाराजगी जताते हुए उनसे जवाब देने की भी मांग की है.
पाकिस्तान जा पहुंचा मामला
वहीं, जैसे ही नेहा की इस टी-शर्ट में फोटोज, वीडियोज वायरल होने लगी, उसके बाद से मुस्लिम यूजर्स भड़क गए. वहीं, ये मामला भारत में ही नहीं, ला पाकिस्तान तक पहुंच गया है. इस मुद्दे पर पाकिस्तानी एक्ट्रेस मिशी खान का नेहा पर गुस्सा भड़का है. उन्होंने नेहा को शर्म करने को कहा है. बता दें, किसी सेलिब्रिटी के कपड़ों या लुक को लेकर चर्चा होना आम बात है, लेकिन जब मामला धर्म और धार्मिक प्रतीकों से जुड़ जाता है, तो ऐसी बहस तेजी से बढ़ सकती है.
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नेहा पर भड़कीं पाकिस्तानी एक्ट्रेस
पाकिस्तानी एक्ट्रेस मिशी खान ने अपने इंस्टाग्राम पर वीडियो शेयर कर कहा- 'मेरा खून खौल रहा है. नेहा तुम्हें शर्म नहीं आती है. तुमने जो टी-शर्ट पहनी है उस पर मिक्की माउस बना हुआ है. उसके कान के ऊपर हमारे प्रोफेट का नाम लिखा है. तुम्हें कोई शर्म नहीं है. तुम लोगों को दूसरों के धर्म की कोई इज्जत है या नहीं. इस तरह की टी-शर्ट क्यों पहनी है. हमारे आर्टिस्ट ने कभी भी आप लोगों के भगवान के ऊपर ऐसा कृत्य नहीं किया है. मिशी खान ने नेहा से माफी मांगने को कहा है.'
अब तक नहीं आया कोई बयान
दूसरी तरफ इस मामले में नेहा स्वामी या फिर अर्जुन बिजलानी का अब तक कोई रिएक्शन नहीं आया है. नेहा को उनकी टी-शर्ट को लेकर सोशल मीडिया पर आलोचना और माफी की मांग की जा रही है, लेकिन अभी तक उन्होंने चुप्पी साधी हुई है. फिलहाल नेहा स्वामी की टी-शर्ट को लेकर शुरू हुआ ये मामला सोशल मीडिया पर चर्चा में है. अब देखना होगा कि नेहा इस पर कोई सफाई देती हैं या नहीं और विवाद आगे क्या मोड़ लेता है.
नेहा स्वामी और अर्जुन बिजलानी का वर्कफ्रंट
वर्कफ्रंट की बात करें तो अर्जुन बिजलानी टीवी इंडस्ट्री के जाने-माने एक्टर हैं. उन्होंने 'मिले जब हम तुम' और 'नागिन' जैसे शोज से दर्शकों के बीच अपनी खास पहचान बनाई है. इसके अलावा वो कई रियलिटी शोज को होस्ट करते भी नजर आ चुके हैं. अर्जुन 'लेफ्ट राइट लेफ्ट', 'परदेस में है मेरा दिल' और 'इश्क में मरजावां' जैसे सीरियल्स का भी हिस्सा रहे हैं. वहीं, नेहा स्वामी लाइमलाइट से दूर रहना पसंद करती हैं. हालांकि इन दिनों दोनों 'पति पत्नी और पंगा' शो में साथ नजर आ रहे हैं.
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नवरात्रि में मां कूष्मांडा की पूजा को असम में एनीमिया और कुपोषण के खिलाफ अभियान से जोड़ा: हिमंत बिस्वा सरमा
गुवाहाटी, 14 अक्टूबर (आईएएनएस)। असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने बुधवार को नवरात्रि के चौथे दिन मां कूष्मांडा की पूजा को महिलाओं और बच्चों में एनीमिया तथा कुपोषण के खिलाफ राज्य सरकार के प्रयासों से जोड़ा। उन्होंने केंद्र सरकार के पोषण अभियान के तहत संचालित आंगनवाड़ी केंद्रों की भूमिका पर भी प्रकाश डाला।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर साझा किए गए संदेश में मुख्यमंत्री सरमा ने कहा कि नवरात्रि के चौथे दिन पूजी जाने वाली मां कूष्मांडा जीवन, स्वास्थ्य, पोषण और ऊर्जा का प्रतीक हैं।
दिन के धार्मिक महत्व को मातृ एवं बाल स्वास्थ्य से जोड़ते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि सही पोषण की शुरुआत गर्भावस्था के दौरान ही हो जानी चाहिए और बच्चे के शुरुआती वर्षों तक इसका विशेष ध्यान रखा जाना चाहिए।
मुख्यमंत्री ने बताया कि पोषण अभियान के तहत असम भर के आंगनवाड़ी केंद्र गर्भवती महिलाओं, स्तनपान कराने वाली माताओं, किशोरियों और छह वर्ष से कम उम्र के बच्चों को पूरक पोषण, गर्म भोजन, स्वास्थ्य जांच और परामर्श सेवाएं प्रदान करते हैं।
उन्होंने आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं के योगदान की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि ये कर्मचारी लाभार्थियों पर लगातार नजर रखते हैं ताकि माताओं और बच्चों को जरूरी सहायता मिल सके और कोई भी व्यक्ति इस कल्याणकारी योजना से वंचित न रहे।
मुख्यमंत्री ने इस वर्ष के पोषण माह अभियान का उल्लेख करते हुए हमारी आंगनवाड़ी, हमारी जिम्मेदारी संदेश को रेखांकित किया और पोषण संबंधी स्थिति में सुधार के लिए सामूहिक जिम्मेदारी निभाने का आह्वान किया।
सरमा ने कहा कि बेहतर पोषण को केवल सरकारी कार्यक्रम के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए, बल्कि इसे पूरे राज्य के परिवारों और समुदायों की साझा जिम्मेदारी माना जाना चाहिए।
मातृ स्वास्थ्य और आने वाली पीढ़ियों के कल्याण के बीच संबंध पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि स्वस्थ मां ही स्वस्थ बच्चों का पालन-पोषण करती है और अच्छी तरह पोषित बच्चे मजबूत असम के निर्माण के लिए जरूरी हैं।
मुख्यमंत्री ने लोगों से नवरात्रि के इस अवसर पर महिलाओं और बच्चों में एनीमिया तथा कुपोषण को समाप्त करने के संकल्प को और मजबूत करने की अपील की।
मुख्यमंत्री ने अपने संदेश के अंत में मां कूष्मांडा का आशीर्वाद मांगते हुए आशा व्यक्त की कि हर परिवार को अच्छा स्वास्थ्य प्राप्त हो।
मुख्यमंत्री का यह संदेश नवरात्रि के धार्मिक महत्व को जन स्वास्थ्य जागरूकता से जोड़ता है और मातृ एवं बाल पोषण को असम के लोगों के बेहतर स्वास्थ्य और कल्याण के केंद्र में रखता है।
--आईएएनएस
एएमटी/एबीएम
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