कक्षा 6 की छात्रा पायल बनीं एक दिन की DM, छह फरियादियों की सुनीं शिकायतें
उत्तर प्रदेश के फर्रुखाबाद में मिशन शक्ति अभियान के तहत कक्षा छह में पढ़ने वाली छात्रा पायल दीक्षित को एक दिन के लिए जिलाधिकारी (DM) बनने का मौका मिला. डीएम की जिम्मेदारी संभालते हुए पायल कलेक्ट्रेट पहुंचीं, जहां जिलाधिकारी डॉ. अंकुर लाठर ने पुष्पगुच्छ देकर उनका स्वागत किया. इसके बाद पायल ने डीएम की कुर्सी पर बैठकर प्रशासनिक कामकाज को समझा और जनसुनवाई में लोगों की शिकायतें सुनीं.
छह फरियादियों की समस्याएं सुनीं
जिलाधिकारी डॉ. अंकुर लाठर के निर्देशन में मंगलवार को उच्च प्राथमिक विद्यालय पिपरगांव की कक्षा छह की छात्रा पायल दीक्षित, पुत्री राजेश दीक्षित, को प्रतीकात्मक जिलाधिकारी बनाया गया. इस दौरान उन्होंने जनसुनवाई में पहुंचे छह फरियादियों की समस्याओं को गंभीरता से सुना. पायल ने संबंधित अधिकारियों को शिकायतों पर नियमों के अनुसार जरूरी कार्रवाई करने के निर्देश दिए. इस अनुभव के जरिए उन्हें प्रशासनिक व्यवस्था, जनसुनवाई और लोगों की समस्याओं के समाधान की प्रक्रिया को करीब से जानने का अवसर मिला.
आवास की समस्या पर जांच के निर्देश
जनसुनवाई के दौरान राजेपुर विकासखंड क्षेत्र से आवास न मिलने की शिकायत भी सामने आई. इस पर एक दिन की डीएम पायल ने मुख्य विकास अधिकारी को मामले की जांच करने के निर्देश दिए. उन्होंने कहा कि संबंधित अभिलेखों और पात्रता के आधार पर नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई की जाए.
मिशन शक्ति के तहत छात्राओं को मिल रहा नेतृत्व का अवसर
उत्तर प्रदेश में महिलाओं और बालिकाओं को सशक्त बनाने के उद्देश्य से मिशन शक्ति अभियान चलाया जा रहा है. इसके तहत छात्राओं को एक दिन के लिए प्रतीकात्मक प्रशासनिक जिम्मेदारी देकर उनमें आत्मविश्वास और नेतृत्व क्षमता विकसित करने का प्रयास किया जाता है. इस पहल से छात्राओं को सरकारी कार्यालयों के कामकाज, अधिकारियों की जिम्मेदारियों और आम लोगों की शिकायतों के निस्तारण की प्रक्रिया को समझने का मौका मिलता है.
मऊ में भी एक दिन की डीएम बनीं छात्रा अंशिका
फर्रुखाबाद की तरह मऊ जिले में भी मिशन शक्ति अभियान के तहत एक छात्रा को एक दिन के लिए जिलाधिकारी बनाया गया. शारदीय नवरात्र के अवसर पर कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय, कोपागंज की कक्षा 10 की छात्रा अंशिका को यह जिम्मेदारी सौंपी गई. मऊ के जिलाधिकारी आनंद वर्द्धन ने अंशिका का पुष्पगुच्छ देकर स्वागत किया और उन्हें प्रशासनिक कार्यप्रणाली के बारे में जानकारी दी. इसके बाद अंशिका ने डीएम की कुर्सी पर बैठकर जनसुनवाई की और फरियादियों की समस्याओं को ध्यानपूर्वक सुना.
उन्होंने संबंधित अधिकारियों को शिकायतों पर नियमों के अनुसार आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए. इस पहल के माध्यम से अंशिका को भी प्रशासनिक जिम्मेदारियों को समझने और जनसमस्याओं के समाधान की प्रक्रिया का अनुभव प्राप्त हुआ. दोनों जिलों में छात्राओं को एक दिन के लिए जिलाधिकारी की भूमिका सौंपने का उद्देश्य उन्हें प्रशासनिक व्यवस्था से परिचित कराना और भविष्य में नेतृत्व की जिम्मेदारी निभाने के लिए प्रोत्साहित करना है.
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