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Explainer: क्या दिवाली के मजे में खलल डालेगी बारिश? मौसम विभाग ने दिया नवंबर की बारिश पर ये अपडेट...

Diwali Weather Forecast 2026: अक्टूबर का महीना आमतौर पर मॉनसून की रवानगी और हल्की गुलाबी ठंड के अहसास के लिए जाना जाता है. लेकिन इस बार देश के कई राज्यों में बादलों का पहरा और बेमौसम बारिश देखने को मिल रही है. भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के ताजा आंकड़ों के अनुसार इस बारिश के पीछे दो बड़े वैज्ञानिक कारण हैं.

पहले पश्चिमी विक्षोभ दरअसल, उत्तर भारत के मैदानी और पहाड़ी इलाकों में एक वेस्टर्न डिस्टर्बेंस सक्रिय हुआ है. इसके प्रभाव से उत्तर प्रदेश, दिल्ली-NCR, हरियाणा, पंजाब और पहाड़ी राज्यों में अचानक मौसम बदला है और रुक रुककर बारिश देखने को मिली है. 

बिहार, पश्चिम बंगाल, ओडिशा और दक्षिण भारत के राज्यों में झमाझम बारिश

बंगाल की खाड़ी में कम दबाव का क्षेत्र बना है. जानकारी के मुताबिक दक्षिण और मध्य भारत में हवा के कम दबाव का क्षेत्र बनने और मॉनसून की वापसी की रेखा के टकराने से नमी बढ़ गई है. इसी वजह से बिहार, पश्चिम बंगाल, ओडिशा और दक्षिण भारत के राज्यों में झमाझम बारिश दर्ज की जा रही है.

अभी और कितनी बारिश होगी, क्या कहता है मौसम विभाग?

IMD के मौसम बुलेटिन के अनुसार दक्षिण-पश्चिम मॉनसून अब देश के अधिकांश हिस्सों से विदा ले रहा है लेकिन रवानगी के इस दौर में कुछ दिनों तक छिटपुट बारिश जारी रहेगी. मौसम विभाग के मुताबिक उत्तर और मध्य भारत के इलाकों जैसे दिल्ली, यूपी, राजस्थान और मध्य प्रदेश में अगले 2 से 3 दिनों के दौरान हल्की से मध्यम बौछारें पड़ने और 30 से 40 किमी/घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने की उम्मीद है. यहां 17-18 अक्टूबर से उत्तर भारत में आसमान साफ होने लगेगा.

तमिलनाडु, केरल, आंध्र प्रदेश और कर्नाटक के इलाकों में बारिश की तीव्रता अधिक रह सकती है

दक्षिण भारत की बात करें तो यहां तमिलनाडु, केरल, आंध्र प्रदेश और कर्नाटक के तटीय इलाकों में अक्टूबर के बचे हुए दिनों में बारिश की तीव्रता थोड़ी अधिक रह सकती है, क्योंकि वहां 'पूर्वोत्तर मॉनसून' की दस्तक होने वाली है.

आगे नवंबर और दिवाली पर कैसा रहेगा मौसम का मिजाज?

लोगों के मन में सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या दिवाली की तैयारियों या पटाखों के मजे में बारिश खलल डालेगी? इस पर मौसम विशेषज्ञों और IMD के विस्तारित पूर्वानुमान के मुताबिक नवंबर के शुरुआती हफ्ते और दिवाली के आसपास उत्तर और मध्य भारत के ज्यादातर हिस्सों में मौसम बिल्कुल साफ और शुष्क रहने की संभावना है.

सुबह-शाम महसूस होगी गुलाबी ठंड...

दिवाली पर बारिश की संभावना न के बराबर. मौसम विभाग के मुताबिक दिल्ली-NCR, उत्तर प्रदेश, बिहार, राजस्थान, पंजाब और मध्य प्रदेश में दिवाली के समय बारिश होने के आसार बेहद कम हैं. इस दौरान लोगों को तापमान में गिरावट और ठंड का अहसास महसूस होगा. अक्टूबर की इस बारिश के खत्म होते ही हवा की दिशा उत्तर-पश्चिमी हो जाएगी. इससे रातों के तापमान में तेजी से गिरावट आएगी और दिवाली तक सुबह-शाम अच्छी-खासी गुलाबी ठंड महसूस होने लगेगी.

FAQ 

Q: क्या अक्टूबर में हुई ये बारिश मॉनसून की है या बेमौसम बरसात?

A: यह मुख्य रूप से मॉनसून की वापसी के दौरान बनने वाले स्थानीय सिस्टम (लो-प्रेशर) और पश्चिमी विक्षोभ का मिला-जुला असर है.

Q: क्या बारिश से तापमान में गिरावट आएगी?

A: इस बारिश और तेज हवाओं के थमने के बाद न्यूनतम तापमान में 2 से 4 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट आएगी, जिससे ठंड की शुरुआत हो जाएगी.

Q: दिवाली के दौरान मौसम कैसा रहेगा?

A: उत्तर और मध्य भारत में दिवाली के आसपास मौसम पूरी तरह साफ, शुष्क और हल्का ठंड रहेगी. अभी तक मौसम विभाग का बारिश पर कोई बड़ा अलर्ट नहीं है.

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'चिप उद्योग के लिए महत्वपूर्ण मटेरियल इकोसिस्टम विकसित करना होगा', ब्लूमबर्ग न्यू इकोनॉमी फोरम में बोले केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव

Bloomberg New Economy Forum: केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बुधवार को कहा कि तकनीकी संप्रभुता की दिशा में भारत की यात्रा में महत्वपूर्ण सामग्रियों (क्रिटिकल मटेरियल्स) पर निर्भरता सबसे बड़ी कमजोरियों में से एक बनी हुई है। ब्लूमबर्ग न्यू इकोनॉमी फोरम में बोलते हुए मंत्री ने सेमीकंडक्टर और अन्य उन्नत प्रौद्योगिकियों के लिए जरूरी सामग्रियों में घरेलू क्षमताओं को तेजी से विकसित करने की आवश्यकता पर जोर दिया।

उन्होंने कहा कि महत्वपूर्ण सामग्रियों की वैश्विक आपूर्ति शृंखलाओं का कुछ सीमित देशों में केंद्रित होना, भारत के एक विश्वसनीय प्रौद्योगिकी और विनिर्माण केंद्र बनने की महत्वाकांक्षा के सामने बड़ी चुनौती है। उन्होंने केमिकल्स, गैसों, सब्सट्रेट्स और सेमीकंडक्टर निर्माण में इस्तेमाल होने वाले अन्य इनपुट्स को ऐसे प्रमुख क्षेत्र बताया, जहां भारत को घरेलू विशेषज्ञता और उत्पादन क्षमताओं को मजबूत करना होगा।

वैष्णव ने कहा कि जो देश आज मटेरियल इकोसिस्टम पर प्रभुत्व रखते हैं, उन्होंने इन क्षमताओं को विकसित करने में दशकों लगाए हैं। हालांकि भारत के पास इतनी लंबी समयसीमा का इंतजार करने की सुविधा नहीं है और उसे विनिर्माण, प्रसंस्करण, भंडारण तथा महत्वपूर्ण सामग्रियों के प्रबंधन में विशेषज्ञता विकसित करने के प्रयासों को तेज करना होगा।

सेमीकंडक्टर के दूसरे चरण में ध्यान दिया जा रहा- अश्विनी

उन्होंने कहा कि भारत का सेमीकंडक्टर मिशन अब केवल चिप निर्माण और असेंबली तक सीमित नहीं है, बल्कि यह मटेरियल्स, केमिकल्स, गैसों और सब्सट्रेट्स को शामिल करते हुए एक व्यापक इकोसिस्टम के निर्माण की दिशा में आगे बढ़ रहा है। मंत्री ने आगे बताया कि देश के सेमीकंडक्टर कार्यक्रम के दूसरे चरण में इन क्षेत्रों पर अधिक ध्यान दिया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि सरकार की रणनीति तैयार उत्पादों की असेंबली से आगे बढ़कर मॉड्यूल, कंपोनेंट्स, मटेरियल्स और अंततः पूंजीगत उपकरणों के निर्माण तक पहुंचने की है। उन्होंने बताया कि विनिर्माण क्षेत्र में स्थायी विकास के लिए एक मजबूत इकोसिस्टम का निर्माण जरूरी है। वैष्णव ने स्पष्ट किया कि तकनीकी संप्रभुता हासिल करने का भारत का प्रयास अन्य देशों पर निर्भरता पूरी तरह समाप्त करने के लिए नहीं है, बल्कि रणनीतिक कमजोरियों को दूर करने और महत्वपूर्ण क्षेत्रों में मजबूती विकसित करने के लिए है।

हम रणनीतिक निर्भरता और लचीलापन बढ़ाने पर अधिक ध्यान दे रहे- वैष्णव

उन्होंने कहा, "जब हम तकनीकी संप्रभुता की बात करते हैं तो हमें इसे बहुत परिपक्व और जटिल तरीके से देखना होगा। हम रणनीतिक निर्भरता और लचीलापन बढ़ाने पर अधिक ध्यान दे रहे हैं। ऐसे कौन से उत्पाद और क्षेत्र हैं जिनमें हमारे देश के भीतर विनिर्माण, डिजाइन और संपूर्ण उत्पाद विकास क्षमताएं होनी चाहिए? वहीं, वैल्यू चेन के किन हिस्सों में हम अन्य देशों पर निर्भर रह सकते हैं? प्रौद्योगिकी हमेशा एक वैश्विक वैल्यू चेन का हिस्सा होती है।"

उन्होंने आगे कहा, "हम जिस भी क्षेत्र में काम करना चाहते हैं या प्रवेश कर रहे हैं, उसमें एक विश्वसनीय भागीदार बनना चाहते हैं। उदाहरण के लिए, 28 नैनोमीटर से 90 नैनोमीटर के लेगेसी नोड्स में एक मिलियन डॉलर की मशीन का उत्पादन सिर्फ एक डॉलर की चिप के कारण रुक सकता है। ऐसे में क्या हम खुद को डिजाइन, विनिर्माण और अंतिम उत्पाद के पूर्ण मूल्यांकन में एक विश्वसनीय देश के रूप में स्थापित कर सकते हैं? हम इसी दृष्टिकोण से आगे बढ़ रहे हैं।"

(DISCLAIMER: हेडिंग, समरी और सबहेड के अलावा, पूरी खबर IANS न्यूज फीड से ली गई है. न्यूजनेशन खबर में किए गए किसी भी डेटा और फैक्ट्स की पुष्टि नहीं करता है.)

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  Sports

गेंदबाजी में रणनीतियां लागू नहीं कर पाए, चौथे T20I में हार पर बोले कप्तान Shreyas Iyer

टीम इंडिया और वेस्टइंडीज के बीच चल रही T20I सीरीज का चौथा मुकाबला खेला गया। 15 अक्टूबर को हैदराबाद के राजीव गांधी इंटरनेशनल स्टेडियम में दोनों टीमें आमने-सामने थीं, जहाँ वेस्टइंडीज ने शानदार खेल दिखाते हुए जीत हासिल की। मैच की शुरुआत विंडीज़ की बल्लेबाज़ी से हुई। शानदार फॉर्म में चल रहे शाई होप ने पारी की शुरुआत की और 102 रन बनाए। शेरफेन रदरफोर्ड 49 रन बनाकर नाबाद रहे, जिससे मेहमान टीम ने पहली पारी में कुल 247 रन बनाए।

इसे भी पढ़ें: चौथे T20 में हार के बाद बल्लेबाजों को जिम्मेदारी लेने की Sunil Gavaskar की नसीहत

लक्ष्य का पीछा करते हुए भारतीय टीम 223 रनों पर ही सिमट गई। कीमो पॉल ने 5 विकेट लिए, जिससे भारतीय टीम लक्ष्य हासिल नहीं कर सकी और अंततः मेज़बान टीम को हार का सामना करना पड़ा। मैच के बाद, भारतीय कप्तान श्रेयस अय्यर ने टीम की कमियों पर बात की। पोस्ट-मैच प्रेजेंटेशन सेरेमनी में अय्यर ने कहा, "सब कुछ गेंदबाजी से शुरू हुआ। मुझे लगता है कि हम अपनी लाइन और लेंथ को सही से लागू नहीं कर पाए। 250 रन का पीछा करते समय आपको एक खास रणनीति के साथ आगे बढ़ना होता है। मुझे हमारी चेज़िंग अप्रोच अच्छी लगी, लेकिन बदकिस्मती से हम गेंदबाजी में अपनी योजनाओं को सही से लागू नहीं कर सके, और यहीं हम थोड़े पीछे रह गए।"

इस सवाल पर कि क्या शुरुआत में अभिषेक शर्मा के स्ट्राइक पर न होने से भारत की शुरुआत पर असर पड़ा, उन्होंने आगे कहा कि ऐसा नहीं है, उस समय भी हमारा रन रेट 12 प्रति ओवर चल रहा था। बात बस इतनी है कि उन्होंने अपनी योजनाओं को बहुत अच्छे से लागू किया, और विकेट का बर्ताव भी थोड़ा अलग था। गेंद थोड़ी उछल रही थी और उन्होंने फील्डिंग का भी बहुत अच्छा इस्तेमाल किया। इसलिए उन्हें पूरा श्रेय मिलना चाहिए; उनका काम एकदम सटीक था।

इसे भी पढ़ें: Shafali Verma बोलीं: Champions Trophy की तैयारी में टीम खेलेगी निडर और समझदारी भरा T20

यह ध्यान देने वाली बात है कि भारत और वेस्टइंडीज अब इस सीरीज के पांचवें और आखिरी T20I मैच की तैयारी कर रहे हैं। सीरीज 2-2 से बराबर है, इसलिए आने वाला मुकाबला दोनों टीमों के लिए बहुत अहम होगा। इस मुकाबले के लिए दोनों टीमें 17 अक्टूबर को बेंगलुरु के एम. चिन्नास्वामी स्टेडियम में आमने-सामने होंगी, और यह देखना दिलचस्प होगा कि दोनों टीमें कैसा प्रदर्शन करती हैं।
 

Fri, 16 Oct 2026 12:19:00 +0530

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