Honda की पहली Electric SUV की एंट्री तय! 2 दिसंबर को होगा डेब्यू, 400KM से ज्यादा होगी रेंज
Honda भारतीय बाजार में अपनी पहली इलेक्ट्रिक SUV लाने की तैयारी कर रही है. Honda 0 Alpha EV का 2 दिसंबर 2026 को भारत में डेब्यू होगा. इस अपकमिंग इलेक्ट्रिक SUV में 400 किलोमीटर से ज्यादा की संभावित रेंज और 60-75 kWh का बैटरी पैक मिल सकता है. राजस्थान में इसका प्रोडक्शन किया जाएगा. जानिए इसका डिजाइन कैसा होगा, कौन से फीचर्स मिल सकते हैं और Hyundai Creta Electric समेत किन SUVs से मुकाबला होगा.
उत्तराखंड के 610 गांवों तक पहुंचेगी सड़क, ₹2708 करोड़ से बनेंगे 315 मार्ग और 32 पुल
Uttarakhand News: उत्तराखंड के दुर्गम और ग्रामीण इलाकों में सड़क संपर्क मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है. प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (पीएमजीएसवाई)-4 के तहत प्रदेश में 315 मोटर मार्गों और 32 पुलों के निर्माण प्रस्तावों को केंद्र से मंजूरी देने पर सहमति बनी है. इन परियोजनाओं पर कुल 2708 करोड़ रुपये खर्च करने का प्रस्ताव है. इनके पूरा होने पर प्रदेश की 610 बसावटों को सड़क संपर्क से जोड़ने का लक्ष्य है. इससे पहाड़ी क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को आवागमन के साथ-साथ शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि और रोजगार से जुड़ी सुविधाओं तक पहुंचने में मदद मिल सकती है.
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने नई दिल्ली में केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान से मुलाकात कर राज्य में ग्रामीण सड़क संपर्क से जुड़ी परियोजनाओं पर चर्चा की। बैठक में पीएमजीएसवाई-4 के तहत 315 मोटर मार्गों और 32 सेतुओं के प्रस्तावों को शीघ्र स्वीकृति देने पर सहमति बनी. प्रस्ताव के अनुसार, 1777 किलोमीटर लंबाई की 315 सड़कों के निर्माण पर 2526 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे. वहीं, 32 पुलों के निर्माण के लिए 182 करोड़ रुपये प्रस्तावित हैं. इस तरह सड़क और पुल परियोजनाओं की कुल अनुमानित लागत 2708 करोड़ रुपये है.
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213 अतिरिक्त सड़कों के प्रस्ताव पर भी चर्चा
बैठक में मुख्यमंत्री ने 213 अन्य सड़क परियोजनाओं का विषय भी उठाया. इनकी कुल लंबाई 1360 किलोमीटर है. केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री ने इन प्रस्तावों को भी जल्द मंजूरी देने के लिए विचार करने का आश्वासन दिया. यदि इन अतिरिक्त परियोजनाओं को भी स्वीकृति मिलती है, तो प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क नेटवर्क का और विस्तार हो सकेगा. इससे दूरस्थ गांवों तक आवागमन आसान बनाने और स्थानीय जरूरतों के अनुरूप संपर्क मार्ग विकसित करने में मदद मिलेगी.
स्वास्थ्य, शिक्षा और रोजगार के अवसरों को मिलेगी मजबूती
उत्तराखंड के पर्वतीय इलाकों में सड़क संपर्क की कमी लंबे समय से एक बड़ी चुनौती रही है. कई दूरस्थ क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं, शिक्षण संस्थानों और बाजारों तक पहुंचने के लिए लोगों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है. ऐसे में नई सड़क और पुल परियोजनाएं ग्रामीण जीवन को सुविधाजनक बनाने में अहम भूमिका निभा सकती हैं.
सड़क संपर्क बेहतर होने से मरीजों को अस्पतालों तक पहुंचने, विद्यार्थियों को स्कूल और कॉलेज जाने तथा किसानों को अपनी उपज बाजार तक ले जाने में सुविधा मिलने की उम्मीद है. इसके अलावा, पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा देने और स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर विकसित करने में भी बेहतर कनेक्टिविटी मददगार हो सकती है.
धामी ने केंद्र सरकार का जताया आभार
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इन परियोजनाओं पर सकारात्मक रुख अपनाने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान का आभार जताया. उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य दुर्गम और दूरस्थ गांवों को सड़क संपर्क के माध्यम से विकास की मुख्यधारा से जोड़ना है.
मुख्यमंत्री के मुताबिक, पर्वतीय राज्य में सड़कें केवल आवागमन का साधन नहीं हैं, बल्कि शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, पर्यटन और रोजगार जैसी बुनियादी जरूरतों से भी जुड़ी हैं. ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क और पुल निर्माण से स्थानीय लोगों की सुविधाएं बढ़ाने और क्षेत्रीय विकास को गति देने में मदद मिलेगी.
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