क्या सच में ममता बनर्जी की हत्या की थी साजिश? कौन है चाकू लेकर दीदी को मारने आई तन्निष्ठा साहा, कैसे लगी Z+ सुरक्षा में सेंध
Mamata Banerjee Attack: पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी पर हमला करने के आरोप में एक महिला तन्निष्ठा साहा के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई गई है. टीएमसी पार्टी ने इसमें साजिश की आशंका भी जताई है. पुलिस महिला से पूछताछ कर रही है और वीडियो की जांच की जा रही है. अभी यह साफ नहीं है कि घटना के पीछे कोई सुनियोजित योजना थी या नहीं. लेकि अब सुरक्षा व्यवस्था को लेकर अचानक एक बड़ा विवाद खड़ा हो गया है. एक बेहद सुरक्षित और संवेदनशील वीआईपी इलाके में भारी सुरक्षाबलों और मेटल डिटेक्टर्स की तैनाती के बावजूद एक महिला कैसे ममता बनर्जी के पास पहुंच गई? जानें पूरी कहानी.
नीला ड्रम केस में मुस्कान और साहिल को होगी फांसी? मेरठ जिला कोर्ट आज सुनाएगी सजा
Nila drum Case: मेरठ के चर्चित नीला ड्रम हत्याकांड में दोषी साहिल शुक्ला और मुस्कान रस्तोगी की सजा पर आज यानी बुधवार को फैसला सुनाया जाएगा. जिला जज अरविंद कुमार मिश्र की अदालत दोनों की सजा तय करेगी. सौरभ राजपूत की मां और भाई ने दोषियों को फांसी देने की मांग की है.
सुनवाई के दौरान साहिल और मुस्कान वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए अदालत में पेश होंगे. फैसला सुनाने से पहले अदालत दोनों दोषियों को अपना पक्ष रखने का मौका देगी. इसके बाद उनकी सजा पर निर्णय लिया जाएगा. जिला शासकीय अधिवक्ता केके चौबे ने भी कहा है कि अभियोजन पक्ष पर्याप्त सबूतों के आधार पर दोनों के लिए मृत्युदंड की मांग करेगा.
3 मार्च की रात हुई थी सौरभ की हत्या
मामले के मुताबिक, सौरभ राजपूत ने साल 2016 में मुस्कान रस्तोगी से प्रेम विवाह किया था. साल 2019 में विवाद के बाद दोनों अलग हो गए थे. इसी साल मुस्कान ने बेटी पीहू को जन्म दिया, जो फिलहाल अपने नाना-नानी के साथ रहती है. इस दौरान मुस्कान की मुलाकात अपने स्कूल के सहपाठी साहिल शुक्ला से हुई. बाद में परिवार के प्रयासों से सौरभ और मुस्कान फिर साथ रहने लगे. इसके बाद सौरभ काम के सिलसिले में लंदन चला गया.
लंदन से भारत लौटा था सौरभ
24 फरवरी 2025 को सौरभ भारत लौटा था. आरोप है कि इसके बाद साहिल और मुस्कान ने उसकी हत्या की साजिश रची. तीन मार्च की रात दोनों ने कथित तौर पर सौरभ को खाने में नशीला पदार्थ दिया और फिर चाकू से वार कर उसकी हत्या कर दी. इसके बाद शव के चार टुकड़े कर उन्हें सीमेंट से भरे नीले ड्रम में छिपा दिया गया.
18 मार्च को खुला था हत्याकांड का राज
हत्या के बाद साहिल और मुस्कान हिमाचल प्रदेश घूमने चले गए थे. 17 मार्च को लौटने के बाद 18 मार्च को इस हत्याकांड का खुलासा हुआ. पुलिस ने 19 मार्च को दोनों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया. जांच पूरी होने के बाद पुलिस ने अदालत में आरोपपत्र दाखिल किया.
मामले की सुनवाई के बाद 30 सितंबर को अदालत ने साहिल और मुस्कान को दोषी करार दिया था. अब मुकदमे के ट्रायल के 577 दिन बाद दोनों की सजा पर फैसला सुनाया जाना है. इस फैसले पर सौरभ के परिवार के साथ-साथ पूरे मामले पर नजर रखने वाले लोगों की निगाहें टिकी हैं.
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