बिहार के वैशाली में गंगा में नाव डूबने से 13 बच्चों की मौत, घायलों को PMCH और NMCH में कराया गया भर्ती, 25 से ज्यादा लोग सवार थे
बिहार के वैशाली जिले के राघोपुर में मंगलवार रात करीब 8:30 बजे गंगा नदी में नाव डूबने से 13 बच्चों की मौत हो गई। दरअसल हादसा उस समय हुआ, जब 25 से ज्यादा लोग छोटी नाव में सवार होकर रामपुर श्यामचंद पंचायत के भगतान टोला से श्राद्ध के भोज में जा रहे थे। मृतकों की उम्र 6 से 15 साल के बीच बताई गई है। इनमें एक ही परिवार की 7 बच्चियां शामिल हैं।
दरअसल हादसा रामपुर श्यामचंद पंचायत के भगतान टोला के पास माता महारानी स्थान के नजदीक हुआ। स्थानीय लोगों के मुताबिक सिंघेश्वर राय के यहां श्राद्ध का भोज था और लोग नाव से नदी पार कर वहां जा रहे थे। इसी दौरान छोटी नाव बीच गंगा में डूब गई। हादसे में कई लोग घायल भी हुए, जिन्हें अस्पताल पहुंचाया गया। परिवारों ने बच्चों के शवों का पोस्टमॉर्टम कराने से इनकार कर दिया है। हंगामे की आशंका को देखते हुए पुलिस की तैनाती की गई है।
छोटी नाव में 25 से ज्यादा लोग सवार थे
वहीं स्थानीय लोगों के मुताबिक नाव में 25 से ज्यादा लोग सवार थे। इतनी भीड़ के साथ नदी पार करते समय नाव टूट गई और बीच धारा में डूब गई। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। आसपास मौजूद ग्रामीण तुरंत लोगों को बचाने के लिए नदी में उतरे। लोगों ने मोटी लकड़ी में रस्सी बांधकर डूब रहे लोगों को बाहर निकालने की कोशिश की। बचाव के दौरान खाट का भी इस्तेमाल किया गया। इसके बाद घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया।
हादसे में जान गंवाने वालों में बच्चों की संख्या ज्यादा है। पुलिस के मुताबिक मृतकों में पिंकी कुमारी, अंकिता कुमारी, सुनीता कुमारी, आर्यन कुमार, अलीशा कुमारी, सिकी कुमारी, भोणू कुमारी और मीरा कुमारी के नाम शामिल हैं। मरने वालों में एक ही परिवार की सात बच्चियां भी थीं। बच्चों के शव गांव पहुंचने के बाद परिवारों में चीख-पुकार मच गई। परिजनों ने पोस्टमॉर्टम कराने से इनकार कर दिया। प्रशासन की ओर से आगे की कार्रवाई के बीच पुलिस गांव में तैनात है।
घायलों को पटना मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल ले जाया गया
वहीं हादसे में घायल लोगों को इलाज के लिए पटना भेजा गया। सात घायलों को पटना मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल (PMCH) ले जाने की जानकारी दी गई। वहीं नालंदा मेडिकल कॉलेज अस्पताल (NMCH) में चार बच्चों का इलाज चल रहा है। इनमें चांदनी कुमारी (15), कार्तिक कुमार (5), अनुष्का कुमारी (11) और पुटूस कुमार (5) शामिल हैं। घायल सत्येंद्र राय और बिंदेश्वर राय को इलाज के बाद अस्पताल से छुट्टी दे दी गई।
ग्रामीणों ने बचाव की कोशिश की
वहीं हादसे के बाद ग्रामीणों ने अपनी तरफ से बचाव की कोशिश शुरू कर दी। लोगों ने लकड़ी, रस्सी और खाट की मदद से नदी में फंसे लोगों को बाहर निकाला। कई लोगों को बचाने वाले रवि यादव ने बताया कि नदी पार करते समय नाव टूट गई और बीच धारा में डूब गई। गांव वालों ने मिलकर लोगों को बचाने की कोशिश की लेकिन सभी को नहीं बचाया जा सका। रवि के मुताबिक प्रशासन को सूचना दी गई थी लेकिन मदद करीब एक घंटे बाद पहुंची। उन्होंने अस्पताल में ऑक्सीजन और इलाज की व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठाए। उनका कहना था कि समय पर ऑक्सीजन मिलती तो कुछ लोगों की जान बच सकती थी।
17 साल की लड़की ने बचाईं 3 जानें
इस हादसे में 17 साल की एक लड़की के तीन लोगों की जान बचाने की भी जानकारी सामने आई है। वहीं स्थानीय लोगों ने मिलकर कई लोगों को बाहर निकालने की कोशिश की। घटना के बाद अस्पताल में इलाज की व्यवस्था और प्रशासन के पहुंचने में हुई देरी को लेकर सवाल उठे हैं।
बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने हादसे पर दुख जताया
वहीं बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने भी हादसे पर दुख जताया। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा कि वैशाली जिले के राघोपुर में गंगा नदी में नाव पलटने से हुई जनहानि बेहद दुखद है। उन्होंने जान गंवाने वालों के परिवारों के प्रति संवेदना जताई और इस मुश्किल समय में परिजनों को हिम्मत मिलने की कामना की।
इंदौर के होलकर कॉलेज में करणी सेना की भूख हड़ताल जारी, छात्रा बेहोश और छात्र की तबीयत बिगड़ी
इंदौर के ऐतिहासिक होलकर साइंस कॉलेज में अपनी विभिन्न मांगों को लेकर राजपूत करणी सेना छात्र संगठन का विरोध प्रदर्शन लगातार उग्र होता जा रहा है। अपनी मांगों के समर्थन में संगठन के पदाधिकारी और छात्र-छात्राएं कॉलेज परिसर में भूख हड़ताल पर बैठे हुए हैं। सोमवार से शुरू हुई इस भूख हड़ताल का मंगलवार को दूसरा दिन था।
हड़ताल के दूसरे दिन अचानक दो आंदोलनकारियों की हालत बिगड़ने से कॉलेज परिसर में हड़कंप मच गया। भूख और धूप के कारण प्रदर्शन में शामिल एक छात्र की तबीयत खराब हो गई और उसे उल्टियां होने लगीं वहीं एक छात्रा अचानक चक्कर खाकर बेहोश हो गई।
गणेश विसर्जन विवाद में फर्जी तरीके से टीसी देने का आरोप
करणी सेना छात्र संगठन के होलकर कॉलेज उपाध्यक्ष और छात्र हर्ष तिवारी का कहना है कि बीते 25 सितंबर को कॉलेज में गणेश विसर्जन के दौरान दो गुटों के बीच विवाद हुआ था।
इस मामले में कॉलेज प्रशासन ने एकतरफा कार्रवाई करते हुए उन्हें और उनके सात साथियों को टीसी थमा दी और पुलिस में एफआईआर भी दर्ज करा दी जिससे उनका भविष्य खतरे में पड़ गया है।
सस्पेंशन लेटर की तारीख पर उठे सवाल
छात्रों ने कॉलेज प्रशासन की कार्रवाई की टाइमिंग पर गंभीर सवाल उठाए हैं। हर्ष तिवारी का आरोप है कि घटना 25 सितंबर की है लेकिन वेबसाइट पर जो सस्पेंशन लेटर अपलोड किया गया है उस पर 24 सितंबर की तारीख डली हुई है। लेटर में बाकायदा ऑफिशियल सील और दस्तखत भी मौजूद हैं।
जानिए करणी सेना छात्र संगठन की क्या हैं 4 प्रमुख मांगें
- पहली: गणेश विसर्जन विवाद में निलंबित छात्रों का निलंबन तुरंत वापस लिया जाए।
- दूसरी: करणी सेना छात्र इकाई के अध्यक्ष विकेंद्र सिंह की टीसी रद्द कर उन्हें राहत दी जाए।
- तीसरी: कॉलेज में चल रहे इंटर्नशिप विवाद और फीस संबंधी शिकायतों पर की गई कार्रवाई की पूरी रिपोर्ट सार्वजनिक की जाए ताकि पारदर्शिता बनी रहे।पिछला गेट खोलने की मांग नहीं माने तो आंदोलन तेज करने की चेतावनी
- चौथी: मुख्य मांग यह है कि होलकर कॉलेज का पिछला गेट विद्यार्थियों की आवाजाही के लिए तुरंत खोला जाए। गेट बंद होने से छात्रों को लंबा चक्कर लगाकर आना पड़ता है जिससे काफी परेशानी होती है। छात्रों ने साफ कहा है कि जब तक कॉलेज प्रशासन उनकी चारों मांगें पूरी नहीं कर देता तब तक यह भूख हड़ताल खत्म नहीं होगी और वे पीछे नहीं हटेंगे।
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