हनुमान अंश 2 के लिए करना होगा लंबा इंतजार:एक्टर अमित दुबे बोले- स्क्रिप्ट अभी फाइनल नहीं, 2027 में आ सकती है दूसरी फिल्म
फिल्म ‘हनुमान अंश’ में टीसी का किरदार निभाने वाले एक्टर अमित दुबे के मुताबिक, इसके दूसरे पार्ट के लिए दर्शकों को लंबा इंतजार करना पड़ सकता है। स्क्रिप्ट पर अभी काम पूरा नहीं हुआ है। लेखक विशाल चतुर्वेदी चाहते हैं कि अगला पार्ट भी अच्छी कहानी और बेहतर प्रस्तुति के साथ आए। अमित के मुताबिक, 2027 में ‘राम बोला’ या ‘हनुमान अंश’ से जुड़ी कोई फिल्म आ सकती है। दैनिक भास्कर से बातचीत में उन्होंने फिल्म की सफलता, शूटिंग के अनुभव, संघर्ष और एक्टिंग करियर पर भी बात की। सवाल: ‘हनुमान अंश’ की सफलता के बाद इसके दूसरे पार्ट की चर्चा हो रही है। दर्शकों को कब तक इंतजार करना पड़ सकता है? जवाब: फिल्म के डायरेक्टर विशाल चतुर्वेदी जी ने स्पष्ट किया है कि अभी ‘हनुमान अंश 2’ पर काम शुरू नहीं हुआ है। ऐसा नहीं है कि पहली फिल्म हिट हो गई, तो तुरंत दूसरा पार्ट बना दिया जाए। वे चाहते हैं कि अगली फिल्म की कहानी और प्रस्तुति भी अच्छी हो। पहली फिल्म के लिए उन्होंने काफी मेहनत की थी और कई गाने भी इसमें इस्तेमाल किए गए। अगली कहानी को बेहतर बनाने में समय लगेगा। मेरी जानकारी के मुताबिक, 2027 में ‘राम बोला’ नाम की फिल्म आ सकती है। हालांकि, अभी मुझे ‘राम बोला’ के लिए कोई संपर्क नहीं किया गया है। सवाल: फिल्म इतनी बड़ी हिट होगी, इसकी उम्मीद थी? जवाब: शूटिंग के दौरान हमें बिल्कुल अंदाजा नहीं था कि फिल्म इतनी बड़ी हिट होगी और रिकॉर्ड तोड़ेगी। मुझे लगता है कि इसका श्रेय लेखक विशाल चतुर्वेदी की मेहनत और उनकी भक्ति भावना को जाता है। फिल्म बनाने का उद्देश्य सिर्फ पैसा कमाना नहीं था, बल्कि महाराज जी के जीवन और उनकी यात्राओं को लोगों तक पहुंचाना था। शायद इसी भावना के कारण दर्शक फिल्म से जुड़ पाए। सवाल: आपको फिल्म में टीसी का किरदार कैसे मिला? जवाब: नवंबर 2025 में मुझे इस किरदार की स्क्रिप्ट मिली। मैंने ऑडिशन दिया और फिर बताया गया कि मेरा चयन हो गया है। फिल्म का बजट कम था, इसलिए कलाकारों की फीस भी कम थी। लेकिन महाराज जी का नाम जुड़ा था, इसलिए मैंने मना करना ठीक नहीं समझा। मुझे सुबह 5:30 बजे चित्रकूट पहुंचना था। उस समय मैं मुंबई में था। रात में फ्लाइट लेकर लखनऊ पहुंचा और वहां से कार चलाकर चित्रकूट गया। सुबह करीब 5 बजे सेट पर पहुंच गया। फिल्म के लिए मेरा खर्च मेरी फीस से भी ज्यादा था। लेकिन मेरे लिए यह काम पैसों से ज्यादा श्रद्धा का विषय था। सवाल: शूटिंग के दौरान कैसा माहौल था? जवाब: शूटिंग चित्रकूट के परसौजा गांव में हुई थी। वहां आज भी ज्यादातर घर कच्चे हैं और दरवाजे छोटे हैं। गांव के लोगों ने बताया कि घर में प्रवेश करते समय मंदिर की तरह झुककर जाना चाहिए, इसलिए दरवाजे छोटे बनाए जाते हैं। वहां बहुत सकारात्मक माहौल था। मेरे एक सीन में मुझे महाराज जी से माफी मांगनी थी। भावनाओं को सही तरीके से दिखाने के लिए इस सीन के कई टेक हुए। निर्देशक चाहते थे कि हर दृश्य में भाव पूरी तरह उभरकर आए। इसी मेहनत से फिल्म के दृश्य प्रभावशाली बने। सवाल: कम बजट और दूसरी परेशानियों के बीच फिल्म कैसे पूरी हुई? जवाब: शूटिंग के दौरान कई समस्याएं आईं। मेकअप का सामान चोरी हो गया, एक मुख्य कलाकार ने फिल्म छोड़ दी और कॉस्ट्यूम डिजाइनर भी चले गए। शूटिंग का कार्यक्रम 28 दिन का था, लेकिन फिल्म 22 दिनों में पूरी करनी पड़ी। ऐसे समय में सभी ने मिलकर काम किया। किसी ने गाना गाया, किसी ने अभिनय किया और सबने अपनी जिम्मेदारी निभाई। लगा कि यह हम सभी का अपना काम है। मुझे एक पंक्ति याद आती है- ‘अब सौंप दिया इस जीवन का सब भार तुम्हारे हाथों में।’ हमने भी पूरी श्रद्धा के साथ काम किया। सवाल: आपने एक्टिंग के लिए टीचिंग जैसे पेशे को क्यों नहीं छोड़ा? जवाब: मैं केमिस्ट्री का शिक्षक हूं और आईआईटी-जेईई व नीट की तैयारी करने वाले विद्यार्थियों को पढ़ाता हूं। मैंने कई विद्यार्थियों को इंजीनियर और डॉक्टर बनने में मदद की है। एक्टिंग के शुरुआती दिनों में छोटे रोल मिलते थे और एक दिन के काम के लिए करीब 2,000 से 3,000 रुपए मिलते थे। इतने पैसों में खर्च चलाना मुश्किल था, इसलिए पढ़ाना जारी रखा। मैं लखनऊ से मुंबई आने-जाने में अपनी बचत का काफी हिस्सा खर्च करता था। साथ ही थिएटर करता था। भरोसा था कि मेहनत करता रहूंगा, तो एक दिन अच्छा मौका जरूर मिलेगा। सवाल: एक्टिंग में आने की शुरुआत कैसे हुई? जवाब: मैं महेंद्र सिंह धोनी का बड़ा फैन हूं। एक बार मैंने उनके जैसे बाल रंगवा लिए, लेकिन मुझे अपना लुक पसंद नहीं आया। बच्चों को कह दिया कि एक छोटे से रोल के लिए ऐसा किया है। बाद में बच्चों ने पूछा कि वह रोल कब आएगा। उस बात को सच साबित करने के लिए मुंबई आया और ऑडिशन देने लगा। मुझे ‘तुलसी’ नाम के सीरियल में डॉक्टर का छोटा-सा रोल मिला। सेट पर काम करने का अनुभव अच्छा लगा। इसके बाद थिएटर करना शुरू किया और एक साल में छह-सात नाटक किए। धीरे-धीरे छोटे रोल मिलने लगे। सवाल: ‘हनुमान अंश’ के बाद आपके करियर में क्या बदलाव आया? जवाब: मैंने ‘वॉर 2’ और ‘पति पत्नी और वो 2’ जैसी फिल्मों में काम किया है। ‘अनुपमा’ और ‘सीआईडी’ जैसे सीरियल भी किए हैं। पहले सोशल मीडिया पर मेरे करीब 10 फॉलोअर्स थे। अब मेरी पहचान बढ़ी है और लोग मुझे जानने लगे हैं। ‘हनुमान अंश’ मेरे लिए बहुत खास है। मैं इसे अभाव का प्रभाव कहता हूं, क्योंकि कम संसाधनों के बावजूद सभी ने मिलकर इसे बनाया। अब दर्शकों की उम्मीदें भी बढ़ गई हैं। इसलिए आगे कोई भी प्रोजेक्ट चुनते समय ज्यादा जिम्मेदारी महसूस करूंगा।
तनुश्री ने नाना पाटेकर के अंतिम संस्कार पर उठाए सवाल:बोलीं- बॉलीवुड में किसी ने शव नहीं देखा, विदेश में जिंदा हो सकते हैं
अभिनेत्री तनुश्री दत्ता ने वरिष्ठ अभिनेता नाना पाटेकर के निधन और उनके अंतिम संस्कार के समय पर सवाल खड़े किए हैं। इंस्टाग्राम लाइव के दौरान तनुश्री ने दावा किया कि बॉलीवुड या मीडिया से किसी भी व्यक्ति ने नाना पाटेकर का पार्थिव शरीर नहीं देखा। उन्होंने देर रात 11:28 बजे अंतिम संस्कार किए जाने की जल्दबाजी पर भी आपत्ति जताई है। तनुश्री ने आरोप लगाया है कि कानूनी मामलों से बचने के लिए यह नाटक रचा गया हो सकता है। 8 अक्टूबर को 75 वर्ष की उम्र में दिल का दौरा पड़ने से नाना पाटेकर का निधन हुआ था। इंस्टाग्राम लाइव में अंतिम संस्कार पर उठाए सवाल तनुश्री दत्ता ने इंस्टाग्राम लाइव में कहा कि बॉलीवुड और मीडिया के लोगों को श्रद्धांजलि देने के लिए कोई प्रार्थना सभा आयोजित नहीं की गई। उन्होंने कहा कि हिंदू धर्म की परंपरा के अनुसार आमतौर पर सूर्यास्त के बाद अंतिम संस्कार नहीं किया जाता है, लेकिन नाना पाटेकर का अंतिम संस्कार 8 अक्टूबर की रात 11:28 बजे पुणे के पास डोन्जे गांव वाले फार्महाउस पर किया गया। तनुश्री ने सवाल उठाया कि इतनी रात के अंधेरे में अंतिम संस्कार करने की क्या जल्दी थी और क्या उनके परिवार ने भी चेहरा ठीक से देखा था। 'अस्पताल ले जाने के वीडियो और फोटो क्यों नहीं हैं' तनुश्री ने इंस्टाग्राम लाइव में अस्पताल से जुड़ी प्रक्रियाओं पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि जब उनका एक्सीडेंट हुआ था, तब भी फोटो और वीडियो सामने आए थे। हालांकि, नाना पाटेकर को अस्पताल ले जाने, वहां मृत घोषित करने और पोस्टमार्टम किए जाने का एक भी वीडियो या फोटो सामने नहीं आया। उन्होंने दावा किया कि अंतिम संस्कार के समय चेहरा ढका हुआ था, जिससे किसी को असलियत पता नहीं चली। विदेश में जिंदा होने का दावा, डीएनए टेस्ट की मांग तनुश्री दत्ता ने यह भी दावा किया कि जिस शरीर का अंतिम संस्कार किया गया, वह नाना पाटेकर का नहीं था। उन्होंने आशंका जताई कि कानूनी मुकदमों और पुलिस जांच से बचने के लिए फर्जी डेथ सर्टिफिकेट बनवाया गया हो सकता है और अभिनेता सिंगापुर या मलेशिया में मौजूद हो सकते हैं। मीटू आंदोलन से शुरू हुआ था विवाद तनुश्री दत्ता और नाना पाटेकर के बीच विवाद साल 2008 से चला आ रहा है। तनुश्री ने फिल्म 'हॉर्न ओके प्लीज' के एक गाने की शूटिंग के दौरान नाना पाटेकर पर यौन उत्पीड़न के आरोप लगाए थे। साल 2018 में जब भारत में मीटू (#MeToo) आंदोलन शुरू हुआ, तब यह मामला दोबारा सुर्खियों में आया। तनुश्री के वकील नितिन सतपुते ने अक्टूबर 2018 में मुंबई के ओशिवारा पुलिस स्टेशन में अर्जी देकर नाना पाटेकर, कोरियोग्राफर गणेश आचार्य, प्रोड्यूसर समी सिद्दीकी और डायरेक्टर राकेश सारंग का नार्को-एनालिसिस और लाई-डिटेक्टर टेस्ट कराने की मांग की थी। हालांकि, जून 2019 में पुलिस ने जांच के बाद नाना पाटेकर को क्लीन चिट दे दी थी। नाना पाटेकर ने आरोपों पर बात की थी साल 2024 में लल्लनटॉप को दिए इंटरव्यू में नाना पाटेकर से पूछा गया था कि तनुश्री द्वारा उन पर गंभीर आरोप लगाए जाने पर उन्हें गुस्सा आया था। इस पर नाना ने कहा था, “झूठ है, तो गुस्सा किस बात का? अब जो बातें हो गई थीं, उसके बारे में क्या बोलें। मुझे गुस्सा नहीं आया।” एफआईआर के सवाल पर नाना ने कहा था, “वो तो ठीक है, वो बाकी का कुछ भी होता है, उसके लिए मुझे कोई दिक्कत नहीं है, लेकिन अभी इतने सामने अगर कोई एक बच्चा-बच्ची बोले कि हमने... इसने हमसे ज्यादती की, अब सभी मालूम है न सबको क्या हुआ है। कुछ नहीं मालूम, ही नहीं कुछ हुआ ही नहीं था, तो हमें क्या मालूम हुआ होता? हुआ होता तो कुछ हम बयान करते थे, बताते। कोई कहता है कि आपने ऐसे किया, हम क्या कहेंगे? हमने नहीं किया, इसके अलावा क्या कह सकते हैं।” ये खबर भी पढ़ें नाना पाटेकर की पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट सामने आई:हार्ट की नस में खून का थक्का जमने से आया था हार्ट अटैक नाना पाटेकर की पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में सामने आया है कि उनका निधन हार्ट अटैक से हुआ था। गोवा मेडिकल कॉलेज और अस्पताल (GMCH) के एक सीनियर डॉक्टर ने रविवार को न्यूज एजेंसी PTI को यह जानकारी दी। पूरी खबर पढ़ें
होम
जॉब
पॉलिटिक्स
बिजनेस
ऑटोमोबाइल
गैजेट
लाइफस्टाइल
फोटो गैलरी
Others 










