गौतम अदाणी ने माइक ब्लूमबर्ग से की मुलाकात, एनर्जी ट्रांजिशन और एआई पर हुई अहम चर्चा
नई दिल्ली, 13 अक्टूबर (आईएएनएस)। अदाणी ग्रुप के चेयरमैन गौतम अडाणी ने मंगलवार को कहा कि उनकी ब्लूमबर्ग के सह-संस्थापक माइक ब्लूमबर्ग के साथ सार्थक और विस्तृत चर्चा हुई। इस दौरान वैश्विक ऊर्जा परिवर्तन को तेज करने, मजबूत शहरी अवसंरचना के निर्माण, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) के भविष्य और सतत विकास जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विचार-विमर्श किया गया।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर किए गए एक पोस्ट में गौतम अडाणी ने माइक ब्लूमबर्ग से मुलाकात पर प्रसन्नता जताई और कहा कि जलवायु परिवर्तन से निपटने के प्रति उनका विजन और प्रतिबद्धता उन्हें प्रेरित करती है।
अरबपति उद्योगपति ने अपने पोस्ट में कहा, नई दिल्ली में आयोजित ब्लूमबर्ग न्यू इकोनॉमी फोरम में माइक ब्लूमबर्ग से मिलकर खुशी हुई। वैश्विक ऊर्जा परिवर्तन को तेज करने, मजबूत शहरी अवसंरचना, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) के भविष्य और सतत विकास पर बेहद सार्थक चर्चा हुई। जलवायु कार्रवाई के प्रति माइक का दृष्टिकोण और समर्पण लगातार प्रेरित करता है।
वहीं, ब्लूमबर्ग ने ग्लोबल इकोनॉमी में भारत की बढ़ती भूमिका और इनोवेशन व आर्थिक अवसरों में इसके योगदान पर जोर दिया।
एक अलग पोस्ट में उन्होंने कहा कि उन्हें देश की भविष्य की संभावनाओं पर चर्चा करने के लिए भारत के कुछ बिजनेस और परोपकारी लीडर्स से बातचीत करने का मौका मिला।
ब्लूमबर्ग ने कहा, दशकों से भारत में दूरदर्शी लोग ग्लोबल इनोवेशन और आर्थिक अवसरों के दायरे को बढ़ा रहे हैं। देश के कुछ सबसे महत्वाकांक्षी बिजनेस और परोपकारी लीडर्स के साथ बैठकर भविष्य के बारे में बात करना बहुत अच्छा रहा, क्योंकि भारत एक ग्लोबल लीडर के तौर पर उभर रहा है।
उन्होंने यह भी कहा कि बड़े ग्लोबल बदलावों के दौर में भारत दुनिया के प्रमुख ग्रोथ इंजन में से एक के तौर पर उभर रहा है। उन्होंने कहा, दशकों से, भारत में दूरदर्शी लोग ग्लोबल इनोवेशन और आर्थिक अवसरों के दायरे को बढ़ा रहे हैं। देश के कुछ सबसे महत्वाकांक्षी बिजनेस और परोपकारी लीडर्स के साथ बैठकर भविष्य के बारे में बात करना बहुत अच्छा रहा, क्योंकि भारत एक ग्लोबल लीडर के तौर पर उभर रहा है।
ब्लूमबर्ग न्यू इकोनॉमी फोरम ने दुनियाभर के बिजनेस और सरकारी लीडर्स को एक साथ लाया, ताकि वे संबंध बना सकें। ग्लोबल चुनौतियों का समाधान कर सकें और उभरते अवसरों को तलाश सकें।
--आईएएनएस
एससीएच/वीसी
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Ranchi T20I में रनों की बारिश पर Gautam Gambhir बोले- बल्ले और गेंद में संतुलन जरूरी
रांची में वेस्टइंडीज के खिलाफ खेले गए हाई-स्कोरिंग दूसरे T20 इंटरनेशनल मैच के बाद, भारत के हेड कोच गौतम गंभीर ने व्हाइट-बॉल क्रिकेट में बल्ले और गेंद के बीच ज़्यादा संतुलित मुकाबले की ज़रूरत पर ज़ोर दिया। मैच के बाद पत्रकारों से बात करते हुए गंभीर ने कहा कि क्या आप बल्ले और गेंद के बीच अच्छा मुकाबला नहीं देखना चाहते? आप जो देखना चाहते हैं, वही हम भी देखना चाहते हैं। हम भी बराबरी का मुकाबला देखना चाहते हैं। उन्होंने बल्लेबाज़ी के लिए मददगार पिचों का गेंदबाज़ों के करियर पर पड़ने वाले असर को लेकर चिंता जताई और कहा कि ये गेंदबाज़ हमारे हैं, किसी और के नहीं। उनका करियर दांव पर लगा है; इस ड्रेसिंग रूम तक पहुँचने के लिए उन्होंने कड़ी मेहनत की है। अगर मुकाबला बराबरी का होगा, तो हमें क्रिकेट का बेहतर खेल देखने को मिलेगा।
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इस मैच में वेस्ट इंडीज़ ने भारत के 250 रनों के बड़े स्कोर का पीछा करते हुए नौ गेंदें बाकी रहते जीत हासिल की और पांच मैचों की सीरीज़ 1-1 से बराबर कर दी। मैच में कुल 501 रन बने और 38.3 ओवरों में 33 छक्के लगे; पिच सपाट थी और ओस की वजह से गेंदबाज़ों को काफ़ी मुश्किलों का सामना करना पड़ा। इससे पहले गुवाहाटी में दूसरे वनडे में भारत ने वेस्ट इंडीज़ के ख़िलाफ़ 406 रनों का पीछा करते हुए 39 गेंदें बाकी रहते जीत हासिल की थी, तब भी गंभीर ने ऐसी ही चिंताएँ ज़ाहिर की थीं।
मुश्किल हालात के बावजूद, गंभीर ने हार के लिए पिच को ज़िम्मेदार नहीं ठहराया और सुधार की ज़रूरत पर ज़ोर दिया कि आप किसी भी हार को नज़रअंदाज़ नहीं कर सकते। अगर आप लगातार सुधार करना चाहते हैं, तो आप किसी भी बात को छिपाना नहीं चाहेंगे। हम वर्ल्ड-चैंपियन टीम हैं, इसलिए हम लगातार सुधार करना चाहते हैं। ज़ाहिर है, ऐसे हालात में गेंदबाज़ी करना मुश्किल होता है – सपाट विकेट और ओस – यह मुश्किल तो है ही, लेकिन हमें इसका कोई न कोई रास्ता निकालना होगा। खासकर तब, जब विरोधी टीम ने पहले ओवर में दो विकेट और फिर पावरप्ले में तीन विकेट गंवा दिए हों। उन्होंने वेस्ट इंडीज़ के बल्लेबाज़ों के प्रदर्शन की भी तारीफ़ की और कहा कि लेकिन फिर भी, वेस्ट इंडीज़ को इसका श्रेय जाता है; शाई होप और शेरफ़ेन ने जिस तरह से बल्लेबाज़ी की... हम जानते हैं कि वे वर्ल्ड-क्लास बल्लेबाज़ हैं, खासकर इस फ़ॉर्मेट में। हमारे लिए यह मुश्किल था, लेकिन हम सुधार करते रहेंगे।
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भारत ने गेंदबाज़ी की अच्छी शुरुआत की और वेस्टइंडीज़ का स्कोर पहले ओवर में 2 विकेट पर 5 रन और पावरप्ले में 3 विकेट पर 58 रन कर दिया। हालांकि, शाई होप ने 45 गेंदों पर नाबाद 102 रन और शेरफेन रदरफोर्ड ने 37 गेंदों पर 84 रन बनाकर T20 इंटरनेशनल में मेहमान टीम द्वारा सबसे बड़े सफल रन-चेज़ का रिकॉर्ड बनाया। भारत के लिए मयंक यादव का प्रदर्शन शानदार रहा; उन्होंने तीन ओवर में 36 रन देकर 3 विकेट लिए। इस तेज़ गेंदबाज़ ने लगातार लगभग 145 किमी/घंटा की रफ़्तार से गेंदबाज़ी की और रोवमैन पॉवेल को आउट करते समय 149.5 किमी/घंटा की रफ़्तार तक पहुँचे; साथ ही, उन्होंने शुरुआती ओवर में कामिल पूरन और शिमरोन हेटमायर को भी आउट किया।
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