इंस्टाग्राम पर कमेंट, नेता के बयान पर तंज... या किसी सेलिब्रिटी पर बोला जुमला; पहुंचा सकता है सलाखों के पीछे!
Instagram Comment Rules: सोच लीजिए... इंस्टाग्राम या सोशल मीडिया पर किसी की फोटो पर आपका एक 'मजाकिया' कमेंट, किसी नेता के बयान पर तंज, या किसी सेलिब्रिटी को लेकर बोला गया एक जुमला आपको जेल में पहुंचा सकता है. दरअसल, हमें लगता है कि बस ये एक कमेंट ही तो है, इससे क्या फर्क पड़ेगा. लेकिन तमिलनाडु से आई ताजा खबर बताती है कि एक टिप्पणी कैसे बड़े कानूनी बवाल में बदल सकती है.
आखिर मामला क्या है
तमिलनाडु में विपक्ष के नेता उदयनिधि स्टालिन को अभिनेत्री तृषा को लेकर की गई एक कथित द्विअर्थी और अभद्र टिप्पणी के बाद पुलिस ने डिटेन कर लिया और उनके खिलाफ छह अलग-अलग धाराओं में मामला दर्ज किया गया है, वे इस समय अग्रिम जमानत के लिए मद्रास हाईकोर्ट पहुंच चुके हैं. यह पूरा मामला दिखाता है कि सोशल मीडिया पर लिखा गया कमेंट हो या मंच से बोला गया कोई बयान, दोनों ही भारतीय कानून की नजर में बराबर माने जाते हैं.
क्या है नियम, जुर्माना या जाना होगा जेल...
भारतीय कानून कहता है कि अगर कोई किसी की इज्जत को ठेस पहुंचाए, अश्लील हो या महिला-विरोधी हो तो भारतीय न्याय संहिता की धारा 356 के तहत कार्रवाई होती है. बता दें इस धारा में मानहानि, जिसमें बोलना, लिखना और इलेक्ट्रॉनिक माध्यम तीनों शामिल हैं आता है. इसके अलावा कानून की धारा 74-75 में महिला की निजता और अश्लील सामग्री से जुड़े अपराध आते हैं. इसके अलावा ऐसे मामलों में आईटी एक्ट के तहत दो साल तक की कैद, जुर्माना या दोनों की सजा हो सकती है.
पूर्व डिप्टी CM उदयनिधि स्टालिन गिरफ्तार, CM विजय और एक्ट्रेस तृषा से जुड़ा है मामला
क्या किसी के बारे में बोला या लिखा गया कमेंट वाकई जेल तक पहुंचा सकता है?
हां, कानून इसे गंभीरता से लेता है. भारत में यह गलतफहमी बहुत आम है कि 'यह तो बस एक कमेंट था, इसमें कैसी सजा' असल में कानून की नजर में सोशल मीडिया पोस्ट हो या पब्लिक मंच से बोला गया बयान, दोनों ही सार्वजनिक बयान माने जाते हैं. अगर बयान किसी की इज्जत को ठेस पहुंचाए, अश्लील हो या महिला विरोधी हो, तो यह अपराध की श्रेणी में आ जाता है.
खबर अपडेट की जा रही है.
हजारों यूजर्स का व्हाट्सएप अचानक हुआ बंद, मेटा बोला-रिव्यू में है अकाउंट
नई दिल्ली, 4 अगस्त (आईएएनएस)। मेटा-बैक्ड मैसेजिंग प्लेटफॉर्म व्हाट्सएप ने कई अकाउंट्स के खिलाफ एक्शन लिया है, जिनमें यूजर्स ने बताया है कि उनके अकाउंट्स 24 घंटे तक रिव्यू में रहते हैं और वे एप्लिकेशन के खास फीचर्स को एक्सेस नहीं कर पा रहे हैं।
मैसेजिंग प्लेटफॉर्म पर दिखाए गए नोटिफिकेशन में लिखा है, अकाउंट रिव्यू में है। अपील की तारीख: 3 अगस्त 2026। आपके अकाउंट की एक्टिविटी और डिवाइस की जानकारी चेक की जा रही है ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि यह हमारी टर्म्स ऑफ सर्विस को फॉलो करता है। हम आपको रिजल्ट के बारे में बताएंगे, आमतौर पर 24 घंटे के अंदर।
नोटिफिकेशन में अकाउंट की दिक्कतों के बारे में जानें का विकल्प भी है, जो व्हाट्सएप के जिम्मेदार इस्तेमाल के बारे में गाइडेंस देता है, साथ ही चोरी हुए फोन और कॉम्प्रोमाइज्ड अकाउंट के बारे में जानकारी भी देता है।
यूजर्स ने सोमवार शाम को इस दिक्कत की रिपोर्ट की, जिसमें कई लोगों ने दावा किया कि वे कंपनी से पहले से कोई सूचना मिले बिना व्हाट्सएप इस्तेमाल नहीं कर पा रहे थे। माइक्रोब्लॉगिंग प्लेटफॉर्म एक्स पर कई यूजर्स ने इस दिक्कत की रिपोर्ट की।
एक यूजर ने सोशल मीडिया पर लिखा, मेरा व्हाट्सएप अकाउंट बिना किसी वजह के बंद कर दिया गया है। मैंने पहले ही अपील कर दी है, लेकिन रिव्यू पेज पर सिर्फ एक आम मैसेज दिख रहा है जिसमें लिखा है कि इसे आम तौर पर 24 घंटे के अंदर रिव्यू किया जाएगा। मेरी तुरंत मदद करें।
एक और यूजर, सलोनी ने एक्स पर पोस्ट किया, मेरा व्हाट्सएप अकाउंट बिना किसी वॉर्निंग के अचानक बंद कर दिया गया। मैं सिर्फ आधिकारिक ऐप इस्तेमाल करती हूं और मेरा काम व्हाट्सएप पर निर्भर करता है। प्लीज मदद करें। यह बिल्कुल जरूरी नहीं था।
इससे पहले जुलाई में रिपोर्टों ने सुझाव दिया था कि सरकार व्हाट्सएप के प्रस्तावित उपयोगकर्ता नाम फीचर के विवाद के बाद भारत में संचालित मैसेजिंग प्लेटफार्मों के लिए समान मानक पेश करने पर विचार कर रही थी।
रिपोर्टों के अनुसार, इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय एक सामान्य नियामक ढांचे की खोज कर रहा है जो प्लेटफॉर्म-विशिष्ट उपायों को अपनाने के बजाय मैसेजिंग प्लेटफॉर्म पर लागू होगा।
यह चर्चा व्हाट्सएप के प्रस्तावित यूजरनेम फीचर के सरकार के विरोध के बाद हुई है, जिससे यूजर्स अपने फोन नंबर साझा किए बिना बातचीत कर सकेंगे।
--आईएएनएस
केके/पीएम
डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.
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