जायसवाल की विकेटकीपिंग पर वसीम जाफर बोले:यह व्हाइट बॉल टीम में जगह बनाने की बेताबी, न्यूजीलैंड दौरे से पहले बैटिंग पर ध्यान दें
पूर्व भारतीय क्रिकेटर वसीम जाफर ने यशस्वी जायसवाल के विकेटकीपिंग सीखने के फैसले पर सवाल उठाए हैं। जायसवाल रणजी ट्रॉफी सीजन से पहले विकेटकीपिंग की प्रैक्टिस कर रहे हैं। जाफर ने अपने यूट्यूब चैनल पर इसे मजाक बताते हुए कहा- 'जायसवाल भारतीय व्हाइट बॉल टीम में जगह बनाने के लिए बेताब नजर आ रहे हैं। उन्हें विकेटकीपिंग के बजाय अपनी बल्लेबाजी पर ध्यान देना चाहिए।' जायसवाल टेस्ट क्रिकेट में भारत के रेगुलर ओपनर हैं। हालांकि, वनडे और टी-20 टीम की प्लेइंग-11 में उनकी जगह पक्की नहीं है। वनडे में कप्तान शुभमन गिल के साथ रोहित शर्मा ओपनिंग करते हैं। वहीं टी-20 में अभिषेक शर्मा, संजू सैमसन और वैभव सूर्यवंशी जैसे खिलाड़ी हैं। जाफर बोले- विकेटकीपिंग आसान नहीं, बचपन से प्रैक्टिस जरूरी जाफर ने कहा कि जायसवाल के विकेटकीपिंग सीखने की खबर सुनकर उन्हें हैरानी हुई। उन्होंने कहा- ‘अगर आपने बचपन से विकेटकीपिंग नहीं की है, तो यह बहुत मुश्किल है। इसमें काफी मेहनत लगती है। अगर वह विकेटकीपिंग शुरू भी करते हैं, तो उनके लिए जगह कहां है?’ जाफर ने कहा कि ईशान किशन, संजू सैमसन और ऋषभ पंत जैसे विकेटकीपर पहले से मौजूद हैं। उनके मुताबिक, जायसवाल व्हाइट-बॉल क्रिकेट में जगह बनाने के लिए विकेटकीपिंग का विकल्प तलाश रहे होंगे, लेकिन टेस्ट क्रिकेट में ऐसा करना काफी मुश्किल है। जायसवाल ने प्रैक्टिस मैच में 10 ओवर विकेटकीपिंग की यशस्वी ने रणजी ट्रॉफी से पहले एक प्रैक्टिस मैच में 10 ओवर विकेटकीपिंग की। वे अपने खेल में नई स्किल जोड़ने पर काम करते दिखे। यशस्वी रणजी ट्रॉफी में 11 अक्टूबर को मुंबई के लिए चंडीगढ़ के खिलाफ खेलने उतरेंगे। जायसवाल के विकेटकीपिंग पर मुंबई के कप्तान सिद्धेश लाड ने कहा था- ‘यशस्वी विकेटकीपिंग शुरू करने के लिए काफी मेहनत कर रहे हैं। मैंने उनसे यही सुना है। वे मुंबई या भारतीय टीम के लिए विकेटकीपिंग करना चाहते हैं। मुझे लगता है कि उनका यही लक्ष्य है, लेकिन मुझे इसकी पूरी जानकारी नहीं है।’ इसकी पूरी खबर पढ़ें… जाफर ने रणजी ट्रॉफी में सबसे ज्यादा शतक लगाए जाफर घरेलू टूर्नामेंट रणजी ट्रॉफी में 12 हजार रन बनाने वाले पहले खिलाड़ी हैं। वे रणजी में मुंबई और विदर्भ के लिए खेलते थे। जाफर रणजी में 150 से ज्यादा मैच खेलने वाले भी पहले खिलाड़ी हैं। सबसे ज्यादा 40 शतक का रिकॉर्ड भी जाफर के ही नाम है। --------------------------- स्पोर्ट्स की यह खबर भी पढ़ें… गंभीर ने हफ्ते में दूसरी बार पिच पर सवाल उठाया:कहा- बॉलर्स के करियर दांव पर, बैट और बॉल पर बैलेंस जरूरी हेड कोच गौतम गंभीर ने 8 दिन में दूसरी बार भारतीय फ्लैट पिचों पर सवाल उठाया है। शुक्रवार रात को टीम इंडिया वेस्टइंडीज के खिलाफ 250 रन बनाने के बावजूद दूसरा टी-20 हार गई। इस मैच में 500 से ज्यादा रन बने। पूरी खबर पढ़ें…
DU कॉलेज में तय सीटों से ज्यादा एडमिशन पर विवाद:टीचर्स ने कुलपति को चिट्ठी लिखी, कमान अपने हाथ में लें
DU के हिंदू कॉलेज में एडमिशन में धांधली को लेकर घमासान मचा हुआ है। इसके विरोध में खुद दिल्ली यूनिवर्सिटी के शिक्षक और हिंदू कॉलेज स्टाफ एसोसिएशन (HCSA) सड़क पर उतर आए हैं और एडमिशन में धांधली की बात कर रहे हैं। दरअसल शिक्षकों और HCSA का आरोप है कि एडमिशन कमेटी और डिपार्टमेंट हेडस के कड़े विरोध के बाद भी 20% की तय लिमिट से ज्यादा एडमिशन कर दिए गए हैं। शिक्षक- DU कुलपति कॉलेज कमान अपने हाथ में लें DU के ही शिक्षकों और HCSA ने मिलकर DU कुलपति प्रोफेसर योगेश सिंह को एक ज्ञापन सौंपा, जिसमें एडमिशन में हुई धांधली की जांच की मांग की गई है। साथ ही इस ज्ञापन में कुलपति से दिल्ली यूनिवर्सिटी के हिंदू कॉलेज का कंट्रोल अपने हाथ में लेने की रिक्वेस्ट भी है। एडमिशन में धांधली, लिमिट से ज्यादा एडमिशन का आरोप हिंदू कॉलेज में विवाद एडमिशन में धांधली के चलते हो हो रहा है। दरअसल ये पूरा मामला एक्सस्ट्रा करिकुलम एक्टिविटी और स्पोर्ट्स कोटे से हुए एडमिशन को लेकर है। हिंदू कॉलेज स्टाफ एसोसिएशन (HCSA) के मुताबिक ‘एडमिशन के लिए स्पोर्ट्स और एक्स्ट्रा कैरिकुलम एक्टिविटीज (ECA) कोटे के तहत निर्धारित सीमा से ज्यादा सीटें अलॉट की गई हैं। हिंदू कॉलेज स्टाफ एसोसिएशन (HCSA) ने आरोप लगाया था कि BCom (ऑनर्स) और BA (ऑनर्स) पॉलिटिकल साइंस में स्पोर्ट्स और ECA (एक्स्ट्रा करिकुलम एक्टिविटीज) कोटे के तहत एडमिशन, किसी एक अंडरग्रेजुएट प्रोग्राम के लिए तय 20% की लिमिट से ज्यादा किए गए हैं। 10 सीटों पर 17 एडमिशन अलॉट करने का आरोप असल में हिंदू कॉलेज में ECA और स्पोर्ट्स कोटे के तहत कुल 48 सुपरन्यूमेरेरी सीटें हैं। जिनमें 33 स्पोर्ट्स की और 15 ECA कैटेगरी की। जिनका 20% यानी 9.6 एडमिशन दिए जा सकेंगे। इस नियम के मुताबिक एक सिलेबस में अधिकतम 10 सीटें तय हैं, लेकिन इसके उलट ECA और स्पोर्ट्स कोटे से कॉमर्स में 17 और पॉलिटिकल साइंस में 15 सीटें अलॉट की गई। इसी आधार पर HCSA ने आपत्ति उठाई है। हिंदू कॉलेज- एडमिशन एल्गोरिदम में गलती हुई हिंदू कॉलेज ने एडमिशन के इस पूरे मामले पर कहा कि ये उसके अधिकार से बाहर है। साथ ही DU एडमिशन डिपार्टमेंट इसके लिए एडमिशन एल्गोरिदम में हुई गलती को जिम्मेदार बता रहा है। वहीं यूनिवर्सिटी ने ज्यादा एडमिशन को अपने एडमिशन एल्गोरिदम में हुई एक गलती बताया। बता दें कि ECA एडमिशन में डिबेट, म्यूजिक, डांस, थिएटर और फाइन आर्ट्स जैसी एक्टिविटीज में मिली मान्यता प्राप्त उपलब्धियों को शामिल किया जाता है। DU प्रिंसिपल की सफाई- एडमिशन सेल करती है सीट अलॉट DU हिन्दू कॉलेज के प्रिंसिपल ने इस एडमिशन प्रोसेस पर सफाई दी है। DU में एडमिशन प्रोसेस सेंट्रालाइज्ड होता है, जिसके तहत UG और PG सिलेबस में एडमिशन के लिए DU एडमिशन सेल एप्लीकेशन इनवाइट भेजता है। स्टूडेंट्स की पसंद के आधार पर कॉलेज और सब्जेक्ट अलॉटमेंट का फैसला यूनिवर्सिटी करती है। एप्लीकेशन प्रोसेस पूरा होने के बाद CUET स्कोर के आधार पर कैंडिडेट्स को कॉलेज अलॉट किए जाते हैं। वहीं ECA और स्पोर्ट्स कोटे से एडमिशन के लिए भी CUET स्कोर जरूरी होता है। DU ने ये भी कहा कि मेरिट वॉयलेशन नहीं हुआ, क्योंकि जिन स्टूडेंट्स को एडमिशन मिला है, स्पोर्ट्स/ECA के मेरिट स्कोर के आधार पर एलिजिबल थे। दूसरी ओर HCSA ने प्रिंसिपल के खिलाफ नो-कॉन्फिडेंस मोशन पास किया और पूरे मामले की जांच की मांग की है। गवर्निंग बॉडी के चेयरमैन TC A रंगाचारी और प्रिंसिपल अंजू श्रीवास्तव को हटाने की भी मांग की है। जिन स्टूडेंट्स को एडमिशन मिल वो कैंसिल होंगे इन सीटों को भरने के लिए 3 दिन के लिए दोबारा एडमिशन सेल खोला जाना चाहिए और स्टूडेंट्स को मौका मिलना चाहिए। बता दें कि यूनिवर्सिटी एडमिशन रूल के मुताबिक कैटेगरी वायज अनरिजर्व कैटेगरी में 50.5% ओबीसी में 27%, अनुसूचित जाति (SC) 15%, अनुसूचित जनजाति (ST) की 7.5%, EWS के लिए 10% और दिव्यांग (PwD) के लिए 5% सीट भरना जरूरी होता होता है। स्टूडेंट्स और टीचर्स को धमकाने का भी आरोप एसोसिएशन ने छात्र और शिक्षक प्रदर्शनकारियों को डराने-धमकाने का आरोप भी लगाया है। आरोप है कि अनियमित बैठकों और समानांतर समितियों के माध्यम से इसे दरकिनार कर दिया गया था। इसने स्टडी लीव, चाइल्ड केयर लीव, सबैटिकल लीव और प्रमोशन में देरी, और तय कार्यकाल से अधिक समय तक पद पर बने रहने वालों को लेकर भी चिंता जताई है। —---------- ये खबर भी पढ़ें.. NEET PG में 258 स्टूडेंट्स के 0 या नेगेटिव नंबर:क्या फिर माइनस नंबर वाले होंगे क्वालिफाई? एक्सपर्ट बोले-सीटें भरने का नहीं, बेचने का फॉर्मूला 24 सितंबर को जारी हुए NEET-PG 2026 रिजल्ट में इस बार कुल 2,63,535 कैंडिडेट्स ने क्वालिफाई किया है। पूरी खबर पढ़ें..
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