12 माह में महिला ने छोड़ा वृंदावन, बताई वृंदावन वास की सच्चाई, हैरान कर देगी असल वजह
धार्मिक-ऐतिहासिक नगर वृंदावन की भूमि बहुत पवित्र मानी जाती है. पूरा वृज क्षेत्र भगवान श्रीकृष्ण की लीला से जुड़ा हुआ है. यही भगवान श्री कृष्ण का जन्म हुआ. भगवान श्री कृष्ण ने बाल लीलाएं कीं. श्री कृष्ण और राधा रानी के यहां कई मन्दिर हैं. पूरे देश से श्रद्धालु वृंदावन आते हैं. मंदिरों के दर्शन करते हैं. कई श्रद्धालु वृंदावन वास के लिए भी आते हैं. भगवान कृष्ण की भक्ति में जीवन समर्पित करते हैं. वृंदावन की रज यानी धूल को माथे पर लगाते हैं. यमुना मैया के दर्शन करते हैं. कई भक्त वृंदावन छोड़कर यहां की सच्चाई को भी सामने लाते हैं. यहां रहने के दौरान अपने अनुभवों को साझा करते हैं. कानपुर की एक महिला पूरे एक साल वृंदावन में रहीं. फिर वृंदावन उन्हें छोड़ना पड़ा. इसके पीछे क्या वजह रही, आइये जानते हैं.......
Explainer: यामी गौतम की 'नई नवेली' में डायन का कॉन्सेप्ट, कितना सच और कितना अंधविश्वास?
Nayyi Navelli Dayan Concept: बॉलीवुड में हॉरर और फैंटेसी फिल्मों में भूत-प्रेत, चुड़ैल और डायन जैसी कहानियां अक्सर दिखाई जाती हैं. ऐसी कहानियां दर्शकों को डराने के साथ-साथ उनके मन में कई सवाल भी पैदा करती हैं. इस बीच यामी गौतम ( Yami Gautam) की अपकमिंग फिल्म 'नई नवेली' भी डायन के कॉन्सेप्ट की वजह से चर्चा में है. फिल्म में यामी मोहिनी नाम की एक नई दुल्हन का रोल प्ले कर रही हैं, जिसके आने से परिवार में खुशियां तो आती हैं, लेकिन उसके देवर को उस पर डायन होने का शक होने लगता है. फिल्म की कहानी इसी शक, रहस्य और फैंटेसी के इर्द-गिर्द आगे बढ़ती है.
ऐसे में फिल्म का ये कॉन्सेप्ट एक बड़ा सवाल खड़ा कर रहा है कि आखिर डायन किसे कहा जाता है? क्या इसके पीछे कोई वैज्ञानिक आधार है या ये सदियों से चली आ रही लोकमान्यताओं और अंधविश्वास का हिस्सा है? तो आइए समझते हैं डायन से जुड़ी मान्यताओं की कहानी और इसका वास्तविक जीवन से संबंध.
क्या सच में होती हैं डायन?
डायन को लेकर अलग-अलग समाजों और संस्कृतियों में कई तरह की मान्यताएं प्रचलित रही हैं. कहीं माना जाता है कि डायन के पास असाधारण शक्तियां होती हैं, तो कहीं उसे बीमारियों, दुर्घटनाओं या अनहोनी की वजह बताया जाता है. कई लोककथाओं में तो डायन को डरावनी शक्ल और अलौकिक शक्तियों वाली महिला के रूप में भी दिखाया गया है. हालांकि, ये मान्यताएं अपने आप में किसी दावे को सच साबित नहीं करती हैं. वहीं, विज्ञान के नजरिए से देखें तो किसी महिला के डायन होने या उसके पास अलौकिक शक्तियां होने का वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है.
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महिलाओं को डायन कहने के पीछे की वजह
अक्सर भारत में कई जगह महिलाओं को डायन बताकर परेशान करने की घटनाएं सामने आती रही हैं. इसके पीछे की वजह सिर्फ अंधविश्वास ही नहीं, बल्कि जमीन-जायदाद का विवाद, पुरानी दुश्मनी और समाज में महिलाओं के साथ होने वाला भेदभाव भी होते हैं. कई बार किसी महिला को नीचा दिखाने या उसे समाज से बाहर करने के लिए भी उस पर ऐसे आरोप लगाए जाते हैं.वहीं, अक्सर विधवा, अकेले रहने वाली या उम्रदराज महिलाओं को भी निशाना बनाया जाता है और अगर किसी गांव में कोई बीमार पड़ जाए, किसी की मौत हो जाए या जानवरों को नुकसान पहुंचे, तो कुछ लोग इन घटनाओं के लिए भी किसी महिला को जिम्मेदार ठहराने लगते हैं.
बीमारी और अनहोनी को जोड़ना कितना सही?
दूसरी ओर कई इलाकों में बीमारी और अनहोनी को एक साथ जोड़कर भी देखा जाता है. कई बार तो किसी गांव में बच्चा बीमार पड़ जाता है या किसी परिवार में अचानक मौत हो जाती है, तो लोग इसकी वजह तलाशने लगते हैं. कुछ लोग अंधविश्वास के चलते किसी महिला को इसके लिए जिम्मेदार मान लेते हैं जबकि बीमारी या मौत के पीछे की असली वजह जानने के लिए डॉक्टर की जांच नहीं कराते हैं. खासतौर पर ऐसा भारत के गांव वाले इलाकों में देखा जाता है.
डायन के नाम पर होती है प्रताड़ना
ये मुद्दा केवल पुराने किस्सों या फिल्मों तक सीमित नहीं है. भारत में आज भी डायन होने के आरोपों के नाम पर महिलाओं को अपमान, सामाजिक बहिष्कार और हिंसा का सामना करना पड़ता है. राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) ने अगस्त 2023 में झारखंड के लातेहार जिले में एक महिला के साथ डायन होने के आरोप में कथित मारपीट, उत्पीड़न और सामाजिक बहिष्कार की रिपोर्ट पर जांच की थी. आयोग ने इसे गंभीर मानवाधिकार उल्लंघन से जुड़ा मामला बताया था. ऐसे में किसी महिला को केवल आरोप के आधार पर समाज से अलग कर देना या उसके साथ हिंसा करना उसके सम्मान और सुरक्षा का उल्लंघन है.
केंद्र सरकार ने भी स्पष्ट किया है कि डायन बताकर प्रताड़ित करने, हिंसा करने या हत्या जैसे अपराधों पर कानूनी कार्रवाई की जा सकती है. कुछ राज्यों में डायन-शिकार के खिलाफ विशेष कानून भी लागू हैं. यही वजह है कि ऐसी किसी घटना की जानकारी मिलने पर पीड़ित को दोषी मानने के बजाय उसकी सुरक्षा, पुलिस को सूचना और उचित कानूनी मदद पर ध्यान देना चाहिए.
फिल्मों में डायन की छवि कैसी रही?
वहीं, अब मनोरंजन जगत की बात करे तो हॉरर फिल्मों में डायन को अक्सर रहस्यमयी, ताकतवर और डर पैदा करने वाले किरदार के रूप में दिखाया जाता है. मेकअप, कपड़े, बैकग्राउंड म्यूजिक और खास तरह के सीन्स के जरिए इस किरदार को अलौकिक रूप दिया जाता है, लेकिन हर फिल्म में डायन का मतलब एक जैसा नहीं होता है. कुछ कहानियां इसे पूरी तरह डर और फैंटेसी से जोड़ती हैं, जबकि कुछ फिल्में इस कॉन्सेप्ट के जरिए समाज में फैले डर पर सवाल उठाती हैं.
'नई नवेली' को लेकर बना रहस्य
यामी गौतम की 'नई नवेली' की बात करे तो उनके किरदार मोहिनी को लेकर भी रहस्य बना हुआ है. फिल्म की कहानी में एक नई दुल्हन को लेकर परिवार के अंदर शक पैदा होता है. फिल्म के निर्माता आनंद एल राय ने भी फिल्म के बारे में कहा है कि इसमें 'डायन' शब्द के इस्तेमाल से आगे एक मैसेज देने की कोशिश की गई है. हालांकि, फिल्म में दिखाई जाने वाली घटनाओं को वास्तविक जीवन का प्रमाण नहीं माना गया है.
डराने के साथ हंसाएगी भी 'नई नवेली'
यामी गौतम की फिल्म 'नई नवेली' के ट्रेलर की बात करे तो इसमें हॉरर के साथ कॉमेडी का तड़का देखने को मिला है. ट्रेलर की शुरुआत मोहिनी यानी यामी गौतम की नई दुल्हन के रूप में घर में एंट्री से होती है. शुरुआत में सब कुछ नॉर्मल लगता है, लेकिन धीरे-धीरे उसके अजीब व्यवहार और रहस्यमयी अंदाज से परिवार के लोगों को शक होने लगता है. खासतौर पर उसका देवर उसे डायन समझने लगता है. फिल्म में डरावने सीन के साथ मजेदार डायलॉग और परिवार की नोकझोंक भी देखने को मिलती है. यही वजह है कि इस फिल्म में हॉरर के साथ-साथ कॉमेडी भी देखने को मिलेगी और ये बस मनोरंजन के तौर पर बनाई गई है.
फिल्म की स्टार कास्ट और रिलीज डेट
'नई नवेली' में यामी गौतम मोहिनी के किरदार में नजर आएंगी, जबकि आदिनाथ कोठारे उनके पति राजा का रोल प्ले कर रहे हैं. फिल्म में सुनीता राजवार, मीता वशिष्ठ, आदित्य कुलश्रेष्ठ, सुष्मिता मुखर्जी, अनुराग ठाकुर और प्रतीक पचौरी जैसे कलाकार भी अहम भूमिकाओं में हैं. फिल्म का निर्देशन बालाजी मोहन ने किया है, जबकि आनंद एल राय और हिमांशु शर्मा इसके निर्माता हैं. फिल्म की कहानी हिमांशु शर्मा ने लिखी है और इसका म्यूजिक जी. वी. प्रकाश कुमार ने तैयार किया है. 'नई नवेली' 16 अक्टूबर 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज होने वाली है.
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