राहुल-प्रियंका के साथ दिखीं नेहा बोरा या उनकी हमशक्ल? सोशल मीडिया के दावे पर खुद सामने आईं छात्र नेता
एसआईआर और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के विरोध में चल रहे प्रदर्शनों के बीच सोशल मीडिया पर एक अजीब दावा तेजी से फैल रहा है. दावा है कि ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) की अध्यक्ष नेहा बोरा की 'हमशक्ल' है और पुलिस को चकमा देने के लिए उसका इस्तेमाल किया गया. आखिर इस दावे में कितना दम है, आइए सिलसिलेवार समझते हैं.
सोशल मीडिया पर आखिर क्या दावा किया जा रहा है?
दावा यह है कि 11 अक्टूबर को दिल्ली पुलिस ने आरके आश्रम के पास जिस युवती को नेहा बोरा समझकर हिरासत में लिया वह असली नेहा नहीं थी. कहा जा रहा है कि उसी समय असली नेहा बोरा अपने साथियों के साथ कनॉट प्लेस के आउटर सर्कल में देखी गईं. इसी आधार पर यूजर्स ने यह कहानी गढ़ी कि नेहा ने हमशक्ल की मदद से पुलिस को चकमा दिया. पूरी जानकारी के लिए वीडियो पर क्लिक कर उसे पूरा देखें.
11 अक्टूबर को असल में क्या हुआ था?
रिपोर्टों के मुताबिक AISA ने दोपहर करीब एक बजे आरके आश्रम मेट्रो स्टेशन पर प्रदर्शन का ऐलान किया था. इसके बाद सुरक्षाकर्मी सक्रिय हो गए और दोपहर सवा दो से ढाई बजे के बीच वहां तनाव बढ़ गया. पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लेना शुरू किया. इसी दौरान एक वीडियो सामने आया जिसमें दावा किया गया कि पुलिस ने नेहा बोरा को जंतर-मंतर की ओर बढ़ने से रोका है.
तो फिर असली नेहा बोरा कहां मिलीं?
कुछ ही देर बाद नेहा बोरा अपने साथियों के साथ कनॉट प्लेस के आउटर सर्कल में नजर आईं. रिपोर्टों के अनुसार दिल्ली पुलिस ने आखिरकार उन्हें और उनके साथियों को आउटर सर्कल के एच-ब्लॉक के पास से हिरासत में लिया. यह जगह जंतर-मंतर से करीब एक किलोमीटर दूर बताई जाती है.
नेहा बोरा ने इस पूरे दावे पर क्या सफाई दी?
नेहा ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट की, जिसमें साफ किया कि वह युवती उनकी हमशक्ल नहीं, बल्कि उनकी दोस्त है. उनके मुताबिक आरके आश्रम मेट्रो स्टेशन के पास जिस युवती को पुलिस ने उठाया उसने दुपट्टा, काले फ्रेम का चश्मा और मास्क पहन रखा था. इसलिए पुलिस ने उसे नेहा समझ लिया. यानी हिरासत गलतफहमी में हुई थी. नेहा ने इसे महज एक संयोग बताया है.
नेहा बोरा हैं कौन?
नेहा बोरा 29 साल की शोधार्थी हैं और जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय के स्कूल ऑफ आर्ट्स एंड एस्थेटिक्स से जुड़ी हैं. वे वामपंथी छात्र संगठन AISA की राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं. जानकारी के मुताबिक उन्हें दिसंबर 2024 में यह जिम्मेदारी मिली थी. AISA को भाकपा (माले) लिबरेशन का छात्र संगठन माना जाता है.
हाल के दिनों में वे इतनी चर्चा में क्यों आई हैं?
पुलिस से बचकर आगे बढ़ना, हिरासत के बाद भी नारे लगाना, बैरिकेड्स पर चढ़ना और राहुल गांधी के साथ मार्च करना, इन सब वजहों से वे मौजूदा प्रदर्शनों में एक चर्चित युवा चेहरा बनकर उभरी हैं. रिपोर्टों में बताया गया है कि पिछले एक हफ्ते में उन्हें कई बार हिरासत में लिया गया है.
Kal Ka Mausam: मौसम का यू-टर्न! पश्चिमी विक्षोभ एक्टिव; दिल्ली-NCR समेत इन राज्यों में बारिश और तूफान का अलर्ट
कल का मौसम, 14 अक्टूबर: उत्तर भारत के कई इलाकों में मौसम एक बार फिर करवट लेने जा रहा है. दक्षिण-पश्चिम मॉनसून भले ही विदा हो चुका हो, लेकिन आसमान से बरसने वाली आफत अभी टली नहीं है. हाल ही में हुई हल्की बारिश के बाद अब भारत मौसम विज्ञान विभाग ने एक नया चेतावनी बुलेटिन जारी कर दिया है. मौसम विभाग के अनुसार अगले तीन दिनों के भीतर दिल्ली, हरियाणा, पंजाब और चंडीगढ़ में तेज बारिश के साथ ओलावृष्टि और आंधी-तूफान का जोरदार असर देखने को मिल सकता है. इस दौरान 60 किलोमीटर प्रति घंटा तक की रफ्तार से हवाएं चलने का अनुमान है, जिससे जनजीवन के साथ-साथ खेतों में खड़ी फसलों और बिजली आपूर्ति को बड़ा नुकसान पहुंच सकता है.
सक्रिय हुआ नया पश्चिमी विक्षोभ
मौसम विभाग ने जानकारी दी है कि इस समय एक मजबूत पश्चिमी विक्षोभ उत्तर भारत के मौसम को पूरी तरह प्रभावित कर रहा है. यह प्रणाली उत्तर-पश्चिमी उत्तर प्रदेश के ऊपर एक चक्रवाती हवाओं के क्षेत्र के रूप में बनी हुई है. इसके साथ ही ऊपरी वायुमंडल में एक ट्रफ रेखा भी सक्रिय है. इसी मौसमी तंत्र की वजह से मैदानी इलाकों में ठंडी हवाएं चलने लगी हैं और तापमान में गिरावट देखी जा रही है. हालिया आंकड़ों के मुताबिक हरियाणा के करनाल में रात का पारा गिरकर 15 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जो मैदानी इलाकों में सबसे कम न्यूनतम तापमान रहा. विभाग ने लोगों से अपील की है कि आंधी और बिजली कड़कने के दौरान पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहें तथा बिना काम के बाहर न निकलें.
दिल्ली-एनसीआर का मिजाज
दिल्ली-एनसीआर में शुरुआत में आसमान साफ रहने और हल्के बादल छाए रहने की संभावना जताई गई है. हालांकि इसके तुरंत बाद मौसम का रुख अचानक बदल जाएगा. विभाग का अनुमान है कि 15 और 16 अक्टूबर को राजधानी और आसपास के शहरों में गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की जा सकती है. इस दौरान 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से धूल भरी आंधी चल सकती है. तेज हवाओं और बादलों के डेरे के कारण दिन का अधिकतम तापमान घटकर 30 से 32 डिग्री सेल्सियस तक आ सकता है, जिससे लोगों को हल्की ठंडक का अहसास होने लगेगा.
पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ में ओलावृष्टि का डर
पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ के लिए मौसम विभाग ने खास चेतावनी जारी की है. यहां 14 और 15 अक्टूबर के दौरान कुछ हिस्सों में तेज बारिश के साथ ओले गिरने की प्रबल आशंका है. हवाओं के झोंके 60 किलोमीटर प्रति घंटा की गति को छू सकते हैं. इस बिगड़े मौसम के कारण किसानों की चिंता बढ़ गई है, क्योंकि खेतों में तैयार खड़ी फसलों को ओलावृष्टि और तेज आंधी से भारी क्षति हो सकती है. स्थानीय प्रशासन को भी बिजली और परिवहन व्यवस्था दुरुस्त रखने के निर्देश दिए गए हैं ताकि तेज हवाओं से पेड़ गिरने की स्थिति में रास्ते जल्दी साफ किए जा सकें.
राजस्थान, यूपी और मध्य प्रदेश की स्थिति
राजस्थान के पश्चिमी जिलों में 15 अक्टूबर तक और पूर्वी हिस्सों में 16 अक्टूबर तक कहीं-कहीं बूंदाबांदी और तेज हवाएं चलने का अनुमान है. यहां हवा के झोंके 50 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकते हैं. उत्तर प्रदेश में भी 13 से 15 अक्टूबर तक पश्चिमी इलाकों में और इसके बाद पूर्वी जिलों में बादलों की आवाजाही के साथ बारिश हो सकती है. मध्य प्रदेश के कुछ भागों में हफ्ते के अंत तक पानी बरसने के आसार हैं, जबकि छत्तीसगढ़ में 18 अक्टूबर तक छिटपुट बारिश का अनुमान है.
पहाड़ों पर भारी बारिश और बर्फबारी के आसार
मैदानी इलाकों के साथ-साथ पहाड़ी राज्यों में भी पश्चिमी विक्षोभ का असर बहुत ज्यादा दिखाई देगा. जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में गुरुवार को बहुत भारी बारिश होने की संभावना जताई गई है. वहीं हिमाचल प्रदेश में बुधवार और गुरुवार को मूसलाधार बारिश का अनुमान है. उत्तराखंड में भी 13 से 19 अक्टूबर के बीच लगातार बारिश का दौर जारी रह सकता है, जबकि 15 अक्टूबर को ओले गिरने का अलर्ट जारी हुआ है. पहाड़ों पर होने वाली इस बारिश और ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी के कारण मैदानी राज्यों में ठंड और तेजी से दस्तक देगी.
बिहार और बंगाल में बारिश की संभावना
पूर्वी भारत के ओडिशा, बिहार और पश्चिम बंगाल में 16 से 18 अक्टूबर के बीच बारिश होने की उम्मीद है. पूर्वोत्तर के असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में भी आंधी-तूफान के साथ बिजली चमकने का अंदेशा है.
वहीं दक्षिण भारत में उत्तर-पूर्व मॉनसून की शुरुआत के संकेत मिल रहे हैं. बंगाल की खाड़ी में बनने वाले नए कम दबाव के क्षेत्र के असर से आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु, केरल और कर्नाटक के कई जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है.
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