झोपड़ी से शुरू हुआ सफर, अब पांचवीं पीढ़ी संभाल रही विरासत; 800 लीटर दूध से बनती है बालूशाही
Bhutahi Balushahi Mithai: बिहार के सीतामढ़ी जिले का भुतही गांव अपनी ऐतिहासिक मिठास के लिए देश ही नहीं, बल्कि विदेशों में भी खास पहचान बनाया हुआ है. यहां पिछले 150 से 200 वर्षों से चली आ रही पारंपरिक ‘बालूशाही’ स्वाद के शौकीनों के बीच बेहद लोकप्रिय है. मिट्टी और झोपड़ी की छोटी सी दुकान से शुरू हुआ यह सफर आज पांचवीं पीढ़ी तक पहुंच चुका है. सबसे खास बात यह है कि 10 दिनों तक बिना खराब हुए तरोताजा रहने वाली यह मिठाई अपनी शुद्धता और पारंपरिक विधि के कारण आज भी हर वर्ग की पहली पसंद बनी हुई है.
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