नयी दिल्ली, चार अगस्त बाहरी उत्तरी दिल्ली में पुलिस के साथ मुठभेड़ के बाद नीरज बवाना-नवीन बाली गिरोह के एक संदिग्ध सदस्य को गिरफ्तार किया गया है। एक अधिकारी ने मंगलवार को यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि आरोपी ने पुलिस टीम पर कथित तौर पर गोली चलाई जिसके बाद जवाबी कार्रवाई में उसके पैर में गोली लगी।
आरोपी की पहचान सविंदर (36) के रूप में हुई है। उसे सोमवार देर रात अलीपुर इलाके में एक अभियान के दौरान पकड़ा गया। पुलिस ने कहा कि खुफिया जानकारी मिली थी कि अलीपुर और नरेला इलाकों में व्यापारियों और प्रॉपर्टी डीलर से कथित जबरन वसूली में संलिप्त सविंदर जीटीके रोड-हिरनकी पुश्ता रोड के रास्ते से गुजरेगा।
एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया, ‘‘जब पुलिस टीम ने उसे रुकने का इशारा किया और आत्मसमर्पण करने के लिए कहा, तो आरोपी ने कथित तौर पर कर्मियों पर गोलीबारी की। एक गोली उप निरीक्षक विशाल की बुलेटप्रूफ जैकेट पर लगी। हालांकि वह बच गए।’’
अधिकारी ने कहा कि पुलिस ने आत्मरक्षा में जवाबी कार्रवाई की, जिसमें सविंदर के बाएं पैर में गोली लगी।
उन्होंने बताया कि सविंदर को गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस के मुताबिक, उसे पहले राजा हरिश्चंद्र अस्पताल ले जाया गया और बाद में एलएनजेपी अस्पताल स्थानांतरित कर दिया गया। अधिकारी ने बताया कि पुलिस ने मौके से एक पिस्तौल, तीनकारतूस व पांच खोखे बरामद किये।
पुलिस के अनुसार, सविंदर नीरज बवाना-नवीन बाली गिरोह का एक सक्रिय सदस्य है और उसके खिलाफ छह मामले दर्ज हैं, जिनमें हत्या, हत्या के प्रयास, हमले और शस्त्र अधिनियम के तहत अपराध के मामले शामिल हैं। पुलिस ने कहा कि वह कथित तौर पर एक और हमले की साजिश रच रहा था।
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ग्रेटर नोएडा के औद्योगिक क्षेत्र ईकोटेक-3 स्थित इलेक्ट्रॉनिक्स बनाने वाली एक फैक्टरी में 3 और 4 अगस्त की दरमियानी रात भीषण आग लग गई। आग पर काबू पाने के दौरान फैक्टरी की दीवार और भारी लोहे का बीम अचानक गिरने से दो जांबाज दमकलकर्मियों की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि तीन अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार, दुर्घटना ईकोटेक-3 इंडस्ट्रियल एरिया में स्थित ILGIM कंपनी परिसर में हुई, जहां इलेक्ट्रॉनिक चिप्स का निर्माण किया जाता है। आग की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और दमकल विभाग की लगभग 10 गाड़ियां (फायर टेंडर्स) तुरंत मौके पर पहुंचीं और रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। सूचना मिलने पर स्थानीय पुलिस और लगभग 10 फ़ायर टेंडर मौके पर पहुँचे और आग पर काबू पा लिया।
लोहे के बीम में फँसे फ़ायरफ़ाइटर
आग बुझाने के ऑपरेशन के दौरान, फ़ैक्ट्री की एक साइड की दीवार और लोहे का बीम अचानक गिर गया, जिससे फ़ायर सर्विस के पाँच कर्मचारी उसमें फँस गए। घायलों की पहचान हेड कॉन्स्टेबल ड्राइवर राजपाल सिंह, फ़ायरमैन मनीष कुमार, हेड कॉन्स्टेबल ड्राइवर तीरथपाल सिंह, फ़ायरमैन अमित कुमार और फ़ायरमैन रोहित यादव के तौर पर हुई। पाँचों को तुरंत इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया।
अस्पताल पहुँचने पर डॉक्टरों ने फ़ायरमैन रोहित यादव और हेड कॉन्स्टेबल ड्राइवर तीरथपाल सिंह को मृत घोषित कर दिया, जबकि बाकी तीन घायल कर्मचारियों की हालत स्थिर और खतरे से बाहर बताई जा रही है।
पुलिस के सीनियर अधिकारी और स्टेट डिज़ास्टर रिस्पॉन्स फ़ोर्स (SDRF) की टीमें मौके पर मौजूद हैं और आगे की कानूनी कार्रवाई चल रही है। अधिकारी आग लगने के कारण की भी जाँच कर रहे हैं।
पुलिस के मुताबिक तीन अन्य लोग घायल
DCP (सेंट्रल नोएडा) शैलेंद्र कुमार सिंह के अनुसार, सोमवार रात फ़ैक्ट्री में आग लगी। सूचना मिलने के बाद फ़ायर सर्विस की टीमें मौके पर पहुँचीं।
आग बुझाने के ऑपरेशन के दौरान, बिल्डिंग की दीवार का एक हिस्सा और लोहे का बीम गिर गया, जिससे फ़ायरफ़ाइटर तीरथपाल सिंह और रोहित यादव की मौत हो गई। इस घटना में फ़ायर सर्विस के तीन अन्य कर्मचारी घायल हो गए।
फ़्लिपकार्ट, अमेज़न के ऑर्डर बदलने के आरोप में 5 गिरफ्तार, 75 लाख रुपये का सामान बरामद
एक अलग घटना में, नोएडा पुलिस ने एक संगठित गिरोह के पाँच सदस्यों को गिरफ्तार किया है। इन पर फ़्लिपकार्ट और अमेज़न जैसे बड़े ई-कॉमर्स प्लेटफ़ॉर्म से ऑर्डर किए गए महंगे प्रोडक्ट्स को बदलने का आरोप है। पुलिस ने लगभग 75 लाख रुपये का चोरी का सामान भी बरामद किया है।
नोएडा के डिप्टी कमिश्नर ऑफ़ पुलिस (DCP) साद मिया खान ने बताया कि दो अन्य आरोपी अभी भी फरार हैं और उन्हें पकड़ने की कोशिशें जारी हैं। गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान वारिस खान, सुनील कुमार, विजय सिंह, धर्मेंद्र और सूरज सिंह के तौर पर हुई है, जबकि भूपेंद्र और असलम उर्फ राजू खान अभी भी फरार हैं।
पुलिस के मुताबिक, यह गैंग पिछले तीन-चार महीनों से काम कर रहा था और बड़े ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म के ज़रिए दिए गए महंगे ऑर्डर को निशाना बनाता था। आरोप है कि डिलीवरी के दौरान आरोपी महंगे प्रोडक्ट्स की जगह सस्ते या अलग सामान रख देते थे, जिससे ग्राहकों, सेलर्स और कंपनियों के साथ धोखाधड़ी होती थी।
असली प्रोडक्ट्स हटाने के बाद, गैंग कथित तौर पर चोरी का सामान खुले बाज़ार में बेच देता था। ऑपरेशन के दौरान पुलिस ने चोरी का काफी सामान बरामद किया, जिसमें प्रोटीन सप्लीमेंट्स, जूते, कपड़े, इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स, बच्चों के लिए वायरलेस डिवाइस, कान और ब्लड प्रेशर मॉनिटरिंग मशीनें, स्मार्ट डिवाइस और ऑनलाइन शॉपिंग कंपनियों के पैकिंग मटीरियल व टैग शामिल हैं। पुलिस ने बताया कि बरामद सामान की कुल कीमत लगभग 75 लाख रुपये आंकी गई है।
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