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न्यूजीलैंड टेस्ट सीरीज से पहले केएल राहुल की खराब फॉर्म ने बढ़ाई टीम इंडिया की टेंशन, रणजी ट्रॉफी में बुरी तरह हुए फेल

Ranji Trophy: भारतीय क्रिकेट टीम के स्टार बल्लेबाज केएल राहुल का खराब फॉर्म घरेलू क्रिकेट में भी उनका पीछा नहीं छोड़ रहा है. रणजी ट्रॉफी 2026-27 के पहले ही मुकाबले में वह बुरी तरह फ्लॉप साबित हुए. पहली पारी में महज 4 रन पर आउट होने के बाद दूसरी पारी में भी वह सिर्फ 1 रन बनाकर पवेलियन लौट गए. आगामी न्यूजीलैंड दौरे से पहले सीनियर बल्लेबाज का यह निराशाजनक प्रदर्शन भारतीय टीम मैनेजमेंट और चयनकर्ताओं के लिए बड़ी सिरदर्द बन गया है.

रणजी ट्रॉफी में केएल राहुल का निराशाजनक प्रदर्शन

भारतीय टीम से बाहर चल रहे या फॉर्म की तलाश में जुटे खिलाड़ियों के लिए रणजी ट्रॉफी हमेशा से वापसी का एक बेहतरीन मंच रहा है. हालांकि, केएल राहुल इस मौके का फायदा उठाने में पूरी तरह नाकाम रहे. पहली पारी में वह क्रीज पर कुछ समय बिताने के बाद 4 रन के निजी स्कोर पर विकेट गंवा बैठे थे. फैंस और टीम को उम्मीद थी कि वह दूसरी पारी में संभलकर खेलेंगे और उनके बल्ले से रन निकलेंगे, लेकिन वहां भी उनकी तकनीकी खामियां उजागर हुईं और वह सिर्फ 1 रन बनाकर चलते बने.

न्यूजीलैंड सीरीज से पहले बढ़ी टीम इंडिया की चिंता

भारतीय टीम को आगामी टेस्ट सीरीज न्यूजीलैंड के खिलाफ खेलनी है. इसके लिए टीम इंडिया को न्यूजीलैंड का दौरा करना है, जहां की पिचें काफी उछाल वाली होती हैं. यह सीरीज वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप के लिहाज से टीम इंडिया के लिए 'करो या मरो' जैसी है. ऐसे में, एक अनुभवी बल्लेबाज के रूप में केएल राहुल का इस तरह आउट ऑफ फॉर्म होना टीम इंडिया की रणनीति को प्रभावित कर सकता है. राहुल के इस फ्लॉप शो के बाद, प्लेइंग इलेवन 11 उनकी जगह को लेकर भी सवाल खड़े होने लगे हैं.

भारत को ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ भी खेलना है टेस्ट सीरीज

यह सिर्फ न्यूजीलैंड सीरीज की बात नहीं है, बल्कि इसके ठीक बाद भारतीय टीम को ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ घर पर बॉर्डर गावस्कर ट्रॉफी खेलने है. ऑस्ट्रेलिया की उछाल भरी पिचों पर खेलने के लिए बल्लेबाज का आत्मविश्वास सातवें आसमान पर होना जरूरी है. रणजी ट्रॉफी में 'सिंगल डिजिट' पर आउट होने के बाद राहुल के आत्मविश्वास को बड़ा झटका लगा होगा. अगर वह जल्द ही अपनी लय हासिल नहीं करते हैं, तो चयनकर्ता भविष्य की ओर देखते हुए कड़े फैसले ले सकते हैं. 

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Ladakh के 28 रणनीतिक इलाकों की मैपिंग से बौखलाया China, भारत ने खारिज किया दावा

चीन ने भारत की निर्विवाद संप्रभुता को चुनौती देने की बेताब कोशिशें कीं। उसने तब बेकार की आपत्तियां उठाईं जब केंद्र सरकार ने आधिकारिक मैपिंग के लिए केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख में 28 रणनीतिक जगहों और भौगोलिक विशेषताओं के नामों की पहचान की और उन्हें स्टैंडर्ड रूप दिया। गृह मंत्रालय के अनुसार, केंद्र सरकार ने केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख के साथ मिलकर आधिकारिक तौर पर 28 जगहों जिनमें चोटियां, दर्रे, ज़मीन के हिस्से और जल निकाय शामिल हैं—की पहचान उनके स्टैंडर्ड नामों से की, ताकि उन्हें 'सर्वे ऑफ इंडिया' (SoI) के आधिकारिक नक्शे में शामिल किया जा सके। गृह मंत्रालय ने इस महीने की शुरुआत में एक बयान में कहा, "केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख के 'सर्वे ऑफ इंडिया' के नक्शे पर आधिकारिक तौर पर इनकी पहचान करने का मकसद इनकी सही पहचान और आम जनता के बीच इनके बारे में बेहतर जानकारी को बढ़ावा देना है।

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अपनी भौगोलिक स्थिति को पक्का करने के लिए नई दिल्ली के निर्णायक कदम पर प्रतिक्रिया देते हुए, बीजिंग ने अपनी जानी-पहचानी बयानबाजी का सहारा लिया। 'ग्लोबल टाइम्स' की रिपोर्ट के अनुसार, चीनी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता माओ निंग ने मंगलवार को भारतीय क्षेत्र पर दावा करते हुए आरोप लगाया कि भारत का यह कदम गैर-कानूनी है। माओ ने 'ग्लोबल टाइम्स' के हवाले से कहा चीन ने भारत द्वारा एकतरफा और गैर-कानूनी ढंग से बनाए गए तथाकथित 'केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख' को कभी मान्यता नहीं दी है और वह भारत द्वारा तथाकथित मानक नामों की घोषणा का कड़ा विरोध करता है। यह कदम गैर-कानूनी और अमान्य है और इस सच्चाई को नहीं बदल सकता कि चीन-भारत सीमा के पश्चिमी सेक्टर में संबंधित इलाके हमेशा से चीन का हिस्सा रहे हैं।" हालांकि, अपनी क्षेत्रीय अखंडता पर भारत के दृढ़ और अडिग रुख के सामने बीजिंग के बेताब तर्क पूरी तरह से बेकार साबित होते हैं। भारत ने ऐसे सभी राजनीतिक रूप से प्रेरित दावों को खारिज कर दिया है और बार-बार इस क्षेत्र पर अपनी क्षेत्रीय संप्रभुता की घोषणा की है। भारत का कहना है जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के पूरे केंद्र शासित प्रदेश भारत का अभिन्न और अविभाज्य हिस्सा हैं, और राजनीतिक रूप से प्रेरित दुष्प्रचार को बार-बार दोहराने से यह सच्चाई नहीं बदल सकती।

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चुनी गई 28 जगहों में इस इलाके की अहम भौगोलिक विशेषताएं शामिल हैं: चोटियां और पहाड़: अतिशा गिरी (चोटी), कनिष्क पीक (चोटी), करुण पीर (पहाड़), मार्तंड गिरी (चोटी), ड्रैक कार्पो (पहाड़), जोल्मोरी (पहाड़), रिंचेन ज़ंगपो (चोटी), शाक्यश्री गिरी (चोटी), मारपा लोत्सावा री (चोटी), मिलारेपा कांगरी (चोटी), शिव री (चोटी), ज़ोरावर पीक (चोटी) और महेश्वर री (चोटी)। दर्रे और ग्लेशियर: चापचिंगल दर्रा (दर्रा), शचमिर्क दर्रा (दर्रा), पारपिक (ग्लेशियर) और स्कमरी ग्लेशियर (ग्लेशियर)। ज़मीन के इलाके: ब्रांगसा लैंड (इलाका), कुकसेल (ज़मीन का इलाका), डेहरा कंपास (ज़मीन का इलाका), गोगरा (ज़मीन का इलाका), कुमारयण पॉइंट (ज़मीन का इलाका), पांगलुंग (ज़मीन का इलाका) और शामल लुंगपा (ज़मीन का इलाका)। घाटियां और जल स्रोत: श्कोर्गा घाटी (घाटी), गुरु रिंपोचे (झील), यांगपा नदी (नदी) और हॉट स्प्रिंग (जल स्रोत)।

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  Sports

London में Prince William ने Sourav Ganguly और Ajinkya Rahane संग खेला Cricket

लंदन की मशहूर सड़क द मॉल पर मंगलवार को नजारा कुछ अलग देखने को मिला। आमतौर पर शाही जुलूस और बड़े सार्वजनिक कार्यक्रमों के लिए इस्तेमाल होने वाली इस सड़क पर ब्रिटेन के प्रिंस विलियम ने क्रिकेट का मैदान सजा दिया। इस अनौपचारिक मुकाबले में कई मौजूदा और पूर्व अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटर शामिल हुए। खास बात यह रही कि भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान सौरव गांगुली और हाल ही में क्रिकेट के सभी प्रारूपों से संन्यास लेने वाले अजिंक्य रहाणे भी इस आयोजन का हिस्सा बने।

बकिंघम पैलेस की बैकड्राप में हुए इस खेल में वेस्टइंडीज के दिग्गज क्रिकेटर ब्रायन लारा, इंग्लैंड के जो रूट और हैरी ब्रूक भी मौजूद रहे। यह आयोजन ब्रिटिश शाही परिवार से जुड़े एक सम्मान समारोह से पहले किया गया था। इसमें खिलाड़ियों ने टेनिस बॉल से क्रिकेट खेला और खेल के मैदान से जुड़ी अपनी यादें साझा कीं।

प्रिंस विलियम ने भी हाथ में बल्ला थामा और सौरव गांगुली की गेंदों का सामना किया। शर्ट और स्वेटर पहने प्रिंस ने कुछ शॉट लगाए। इस दौरान वहां मौजूद लोगों ने उनके साथ तस्वीरें भी खिंचवाईं। जब गांगुली से प्रिंस विलियम की बल्लेबाजी के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने संक्षिप्त प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उन्होंने ठीक-ठाक बल्लेबाजी की।

गौरतलब है कि द मॉल लंदन के बीचोंबीच स्थित एक प्रमुख सड़क है, जो बकिंघम पैलेस की ओर जाती है। यहां आमतौर पर शाही समारोह, परेड और राष्ट्रीय उत्सव आयोजित होते हैं। ऐसे स्थान पर क्रिकेट का आयोजन अपने आप में खास रहा, क्योंकि इसने खेल को शाही परंपराओं से जुड़े एक अलग माहौल में पेश किया।

अजिंक्य रहाणे ने बुधवार को लिंक्डइन पर अपनी इस मुलाकात का अनुभव साझा किया। उन्होंने लिखा कि दुनिया के कई शानदार मैदानों पर क्रिकेट खेलने का मौका मिला है, लेकिन बकिंघम पैलेस के सामने द मॉल पर टेनिस बॉल से क्रिकेट खेलना लंबे समय तक याद रहने वाला अनुभव रहेगा।

रहाणे ने प्रिंस विलियम के साथ समय बिताने और सौरव गांगुली, ब्रायन लारा, जो रूट, हैरी ब्रूक तथा दूसरे खिलाड़ियों से मिलने को भी खास बताया। उनके मुताबिक, इस दौरान क्रिकेट की उस ताकत पर चर्चा हुई, जो अलग-अलग देशों और लोगों को एक साथ जोड़ती है। खिलाड़ियों ने इंग्लैंड और भारत में खेलने के अपने अनुभवों के साथ खेल के भविष्य के प्रति अपनी जिम्मेदारी पर भी बात की।

बता दें कि क्रिकेट केवल मैदान पर जीत और हार तक सीमित नहीं है। यह अलग-अलग देशों के खिलाड़ियों और प्रशंसकों को जोड़ने का माध्यम भी है। भारत, इंग्लैंड और वेस्टइंडीज के दिग्गजों का एक साथ आना इसी भावना को दिखाता है। प्रिंस विलियम की इस पहल ने क्रिकेट को शाही समारोह से पहले एक अनौपचारिक और दोस्ताना रंग दिया है, जिसे खिलाड़ी लंबे समय तक याद रखने वाले हैं।

Wed, 14 Oct 2026 21:08:00 +0530

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