AAP लड़ेगी Himachal Pradesh विधानसभा चुनाव, Arvind Kejriwal नवंबर में करेंगे दौरा
आम आदमी पार्टी (AAP) 2027 के हिमाचल प्रदेश विधानसभा चुनाव लड़ने की तैयारी कर रही है। पार्टी का फ़ोकस अपने ज़मीनी संगठन को मज़बूत करने पर है ताकि वह भारतीय जनता पार्टी (BJP) और कांग्रेस के विकल्प के तौर पर खुद को पेश कर सके। यह जानकारी AAP के हिमाचल प्रदेश प्रभारी ऋतुराज झा ने दी। झा ने यह बात 13 अक्टूबर को शिमला में लोअर मॉल पर 7/11 कॉम्प्लेक्स के पास बावा कॉम्प्लेक्स में पार्टी के नए राज्य कार्यालय का उद्घाटन करने के बाद कही। उन्होंने बताया कि AAP के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल के 15 नवंबर के आसपास शिमला आने की उम्मीद है, जहाँ वे पार्टी की भविष्य की रणनीति तय करेंगे। उन्होंने यह भी बताया कि इस दौरे के दौरान सात से आठ नेताओं के पार्टी में शामिल होने की संभावना है।
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झा ने कहा कि हिमाचल प्रदेश के लोग बीजेपी और कांग्रेस, दोनों से तंग आ चुके हैं। वे कभी एक पार्टी को वोट देते हैं तो कभी दूसरी को, लेकिन हमारी नज़र में दोनों पार्टियां लूट-खसोट वाली राजनीति करती हैं। वे अपने वादे पूरे करने में नाकाम रही हैं, चाहे वह अच्छे स्कूल बनाना हो, महिलाओं को 1,500 रुपये देना हो, 300 यूनिट मुफ्त बिजली देना हो या युवाओं के लिए रोज़गार पैदा करना हो। उन्होंने दावा किया कि AAP ने पंजाब में अपने वादे पूरे किए हैं और हिमाचल प्रदेश में भी अपने गवर्नेंस मॉडल को लागू करने की पार्टी की मंशा ज़ाहिर की।
उन्होंने आगे कहा कि आम आदमी पार्टी काम की राजनीति में यकीन रखती है, जबकि बीजेपी और कांग्रेस लूट-खसोट की राजनीति में लगी हैं। हिमाचल प्रदेश के लोग एक विकल्प चाहते हैं और हम उन्हें वह विकल्प देने की तैयारी कर रहे हैं। झा ने कहा कि पार्टी पिछले एक साल से संगठन के विस्तार पर काम कर रही है, जिसमें संभावित नेताओं की पहचान करना और ज़मीनी स्तर पर अपने नेटवर्क को मज़बूत करना शामिल है। उन्होंने कहा कि अगले तीन से चार महीनों में हमारा संगठन बूथ स्तर से लेकर राज्य स्तर तक तैयार हो जाएगा। हम लगभग एक साल बाद होने वाले विधानसभा चुनावों के लिए व्यापक स्तर पर तैयारी कर रहे हैं।
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झा के अनुसार, हिमाचल प्रदेश में 20,000 से ज़्यादा नए सदस्य AAP से जुड़े हैं और 50 से ज़्यादा विधानसभा क्षेत्रों में सदस्यता अभियान चल रहे हैं। पार्टी ने कम से कम पाँच लाख नए सदस्य बनाने का लक्ष्य रखा है। केजरीवाल का शिमला दौरा अभी के लिए 15 नवंबर के आसपास तय है, हालांकि तारीख में कुछ दिनों का बदलाव हो सकता है। झा ने कहा कि अरविंद केजरीवाल जी शिमला में प्रेस कॉन्फ्रेंस करेंगे और सात-आठ नेता पार्टी में शामिल होंगे। यह आपके लिए एक सरप्राइज़ है और आपको उस दिन पता चल जाएगा।
Kochi Mini Cooper हादसे में जांच निष्पक्ष रहेगी, Ramesh Chennithala ने दी सख्त कार्रवाई की गारंटी
केरलम के गृह मंत्री रमेश चेन्निथला ने मंगलवार को आश्वासन दिया कि कोच्चि के पास मिनी कूपर कार से हुए उस हादसे की जांच में कोई हस्तक्षेप नहीं किया जाएगा, जिसमें तीन युवाओं की मौत हो गई थी। इस बीच, पुलिस ने मामले में आरोपी के खिलाफ गैर इरादतन हत्या समेत कई अतिरिक्त धाराएं जोड़ी हैं। चेन्निथला ने कहा कि सरकार, पुलिस और अभियोजन पक्ष यह सुनिश्चित करेंगे कि आरोपी को कानून के तहत निर्धारित अधिकतम सजा मिले।
उन्होंने नयी दिल्ली में संवाददाताओं से कहा, ‘‘नेदुंबस्सेरी में जो हुआ, वह बेहद दुखद है। इस घटना ने पूरे केरलम को झकझोर दिया है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘आरोपी को बचाने की कोशिश करने वाला कोई भी व्यक्ति सफल नहीं होगा। हम सुनिश्चित करेंगे कि आरोपी को कानून के तहत निर्धारित सजा मिले।’’ उन्होंने कहा कि इस मामले में कोई समझौता नहीं किया जाएगा।
रविवार तड़के कोच्चि के पास नेदुंबस्सेरी में तेज रफ्तार मिनी कूपर कार ने एक स्कूटर को टक्कर मार दी थी। आरोप है कि कार चला रहा युवक शराब के नशे में था। इस हादसे में करीब 21 वर्ष की उम्र के तीन युवाओं की मौत हो गई।
आरोपी 19 वर्षीय सुहैल कोच्चि का रहने वाला है। हादसे के तुरंत बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया था और उसके खिलाफ गैर इरादतन हत्या का मामला दर्ज किया गया था। अदालत में दाखिल रिमांड रिपोर्ट के अनुसार, पुलिस ने मामले में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की तीन और धाराएं जोड़ी हैं।
शुरुआत में मामला बीएनएस की धारा 105 (गैर-इरादतन हत्या) के तहत दर्ज किया गया था। आगे की जांच और गवाहों के बयान दर्ज किए जाने के बाद इसमें धारा 281, 49 और 3(5) भी जोड़ दी गई हैं। चेन्निथला ने स्पष्ट किया कि आरोपी को बोर्स्टल स्कूल (युवा सुधार गृह) भेजने का फैसला पुलिस ने नहीं, बल्कि अदालत ने लिया था।
उन्होंने कहा कि संबंधित नियमों के तहत 21 वर्ष से कम उम्र के लोगों को ऐसे संस्थानों में भेजा जाता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इसका यह मतलब नहीं है कि आरोपी सजा से बच गया है। मंत्री ने इस आशंका को भी खारिज किया कि आरोपी के अलप्पुझा जिले का निवासी होने के कारण मामले में राजनीतिक हस्तक्षेप हो सकता है।
उन्होंने कहा, ‘‘इससे क्या फर्क पड़ता है कि वह किस जिले का रहने वाला है? कोई मंत्री हस्तक्षेप नहीं करेगा।’’ उन्होंने बताया कि आरोपी उनके जिले का रहने वाला है, लेकिन उनके विधानसभा क्षेत्र का नहीं है। प्राथमिकी में आरोपी के शराब के नशे में होने का उल्लेख कथित तौर पर नहीं किए जाने के बारे में पूछे जाने पर चेन्निथला ने कहा कि नशे की पुष्टि के लिए चिकित्सकीय जांच और प्रमाणपत्र जरूरी है।
उन्होंने कहा, ‘‘जब कोई दुर्घटना होती है, तो यह पता लगाने के लिए व्यक्ति के खून की तुरंत जांच जरूरी है कि वह शराब के नशे में था या नहीं। चिकित्सकीय प्रमाणपत्र लेना होता है और उसके बाद ही इस तथ्य को दर्ज किया जा सकता है।’’ इस बीच, हादसे में जान गंवाने वाली गोपिका के परिवार ने जांच को लेकर चिंता जताई है और न्याय की मांग की है। गोपिका के पिता ऑटो रिक्शा चालक हैं।
गोपिका के पिता ने कहा कि उन्होंने वर्षों की कड़ी मेहनत से अपने बच्चों का पालन-पोषण किया था। गोपिका अपनी पढ़ाई पूरी करने के बाद विदेश जाने की तैयारी कर रही थी। गोपिका के पिता ने कहा, ‘‘हम न्याय चाहते हैं।
हमें और कुछ नहीं चाहिए।’’ परिवार ने पीड़ितों के बारे में सोशल मीडिया पर की जा रही टिप्पणियों, खासकर कुछ दक्षिणपंथी समूहों की टिप्पणियों पर भी दुख जताया है। पुलिस ने बताया कि सुहैल की मां ने उसे जन्मदिन पर महंगी कार उपहार में दी थी। पुलिस को कथित तौर पर ऐसे वीडियो भी मिले हैं, जिनमें वह 200 किलोमीटर प्रति घंटे से अधिक की रफ्तार से कार चलाता दिखाई देता है।
हादसे के समय कार में मौजूद उसके दोस्त निनव, अमीर और जोएल को भी गिरफ्तार कर लिया गया है।
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