छिंदवाड़ा में बिजली कटौती पर कांग्रेस का धरना, विधायक नीलेश उईके ने दी चक्काजाम की चेतावनी
मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा जिले के मोहखेड़ क्षेत्र में इन दिनों बिजली की आवाजाही से आम जनता और किसान काफी ज्यादा परेशान हैं। इसी अघोषित बिजली कटौती के खिलाफ सोमवार को स्थानीय लोगों का गुस्सा फूट पड़ा और विरोध प्रदर्शन शुरू हो गया। क्षेत्र की जनता की समस्याओं को देखते हुए पांढुर्णा से कांग्रेस विधायक नीलेश उईके ने मोर्चा संभाल लिया है।
विधायक नीलेश उईके अपनी पार्टी के कार्यकर्ताओं के साथ सीधे सावरी स्थित एमपीईबी (MCB) कार्यालय के बाहर धरने पर बैठ गए। प्रदर्शन के दौरान विधायक की मुख्य मांग थी कि बिजली विभाग के जिम्मेदार बड़े अधिकारियों को तुरंत मौके पर बुलाया जाए और उन्हें जनता की परेशानियों से जुड़ा ज्ञापन सौंपा जाए।
अघोषित बिजली कटौती से आम जनजीवन और खेती प्रभावित
दरअसल विधायक नीलेश उईके और वहां मौजूद कांग्रेस कार्यकर्ताओं का कहना है कि मोहखेड़ इलाके में बिजली विभाग बिना किसी सूचना के लगातार कटौती कर रहा है। बिजली न रहने की वजह से आम नागरिकों के रोजमर्रा के जरूरी काम-धंधे बुरी तरह ठप हो रहे हैं। इसके साथ ही इस समय किसानों को अपनी फसलों की सिंचाई के लिए बिजली की सख्त जरूरत है, लेकिन कटौती के कारण खेती के काम भी नहीं हो पा रहे हैं।
प्रदर्शन कर रहे लोगों ने बिजली विभाग से दोटूक मांग की है कि इलाके की बिजली व्यवस्था को तुरंत सुधारा जाए और जनता को तय समय पर नियमित बिजली दी जाए। उनका कहना है कि विभाग को बिना किसी पूर्व सूचना के बिजली काटने की इस समस्या से निजात पाने के लिए जल्द से जल्द कोई ठोस कदम उठाना चाहिए।
वरिष्ठ अधिकारियों को मौके पर बुलाने की मांग पर डटे रहे विधायक
धरना प्रदर्शन के दौरान विधायक और सभी कार्यकर्ता इस बात पर अड़े रहे कि जब तक बिजली विभाग के वरिष्ठ अधिकारी खुद मौके पर आकर उनकी बात नहीं सुनते, तब तक धरना खत्म नहीं होगा। वे चाहते थे कि अधिकारी आएं, जनता की समस्याओं को खुद समझें और बिजली कटौती की इस समस्या का पक्का समाधान करें। साथ ही विभाग से यह भी स्पष्ट करने को कहा गया कि आखिर बार-बार बिना बताए बिजली क्यों काटी जा रही है।
मांगें पूरी न होने पर छिंदवाड़ा-बैतूल हाईवे पर चक्काजाम की चेतावनी
धरने के अंत में विधायक नीलेश उईके ने प्रशासन और बिजली विभाग को चेतावनी दी कि यदि इस गंभीर समस्या को जल्द नहीं सुलझाया गया और जनता की मांगों पर कोई कार्रवाई नहीं हुई, तो कांग्रेस कार्यकर्ता सड़क पर उतर जाएंगे। उन्होंने कहा कि इसके बाद छिंदवाड़ा-बैतूल हाईवे पर जोरदार चक्काजाम किया जाएगा। फिलहाल बिजली विभाग के अधिकारियों के अगले कदम और इस समस्या के समाधान पर सभी की नजर टिकी हुई है।
बैतूल में खेत में घुसी अनियंत्रित स्कूल बस, ग्रामीणों ने बच्चों को निकाला बाहर, कुछ को मामूली चोट
बैतूल के चिचोली क्षेत्र में मंगलवार की सुबह 9 के करीब एक स्कूल बस अनियंत्रित होकर खेत के घुस गई। जिस समय हादसा हुआ उसे समय बस में 20 से ज्यादा बच्चे बैठे हुए थे। गनीमत यह रही कि किसी भी बच्चे को ज्यादा चोट नहीं आई है। 3 से 4 बच्चों को हल्की फुल्की चोट लगी है।
जानकारी के मुताबिक चुनागोसाई क्षेत्र में हुई ये दुर्घटना शिव मंदिर के पास देखने को मिली। ये शारदा पब्लिक स्कूल की बस थी। प्रथम दृष्टया बस का स्टीयरिंग फेल होने की वजह से हादसा होने की जानकारी सामने आई है। घटना के बाद बस का फिटनेस चेक कराया जा रहा है।
ग्रामीणों ने की मदद
बस जैसे ही अनियंत्रित होकर खेत में घुसी उसमें बैठे बच्चे घबरा गए। हादसे के बाद मौके पर ग्रामीणों की भीड़ इकट्ठा हो गई। लोगों ने बच्चों को बस से बाहर निकाल कर सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया। ये सभी बच्चे एक ही गांव के है। रोजाना स्कूल बस इन्हें लेने छोड़ने आती है। घटना की सूचना मिलने के बाद एसडीएम अभिजीत सिंह चिचोली बीएमओ को साथ लेकर गांव पहुंचे। यहां बच्चों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। 3-4 बच्चों को हल्की चोट लगी है। बस का फिटनेस परीक्षण किया जा रहा है।
परिजनों का क्या कहना
इस बस हादसे को लेकर ग्रामीणों और बच्चों के अभिभावकों का कहना है कि बस लंबे समय से जर्जर हो रही थी। कई बार बस संचालक को दूसरी बस की व्यवस्था करने को कहा गया लेकिन इस पर कोई ध्यान नहीं दिया गया। अब अभिभावकों ने बस संचालक के खिलाफ कार्रवाई करने और बच्चों की सुरक्षा के लिए दूसरी बस उपलब्ध कराने की मांग की है। बस का फिटनेस टेस्ट पूरा होने के बाद ही इसकी असली स्थिति की जानकारी सामने आएगी।
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