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शेयर बाजारों को बूस्टर डोज की जरूरत, इन उपायों से मार्केट को लग सकते हैं पंख

कई डेटा भारतीय अर्थव्यवस्था में मजूबती का संकेत देते हैं। इस वित्त वर्ष की पहली तिमाही (जून तिमाही) में निफ्टी 50 की रेवेन्यू ग्रोथ 20 फीसदी से ज्यादा रही है। टैक्स बाद प्रॉफिट (PAT) 21 फीसदी बढ़ा है। सितंबर में ऑटो सेल्स रिकॉर्ड 25.4 लाख यूनिट्स पर पहुंच गई। लेकिन, इनका असर शेयर बाजारों पर नहीं दिख रहा

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परीक्षाओं में Paper Leak रोकने के लिए AI का इस्तेमाल जरूरी: Nandan Nilekani

 इन्फोसिस के सह-संस्थापक नंदन नीलेकणि ने मंगलवार को कहा कि प्रश्नपत्र लीक होने की समस्या का व्यवस्थित तरीके से समाधान किया जा सकता है। साथ ही उन्होंने इससे निपटने के लिए प्रौद्योगिकी के इस्तेमाल की वकालत की। राष्ट्रीय राजधानी में ‘ब्लूमबर्ग न्यू इकोनॉमी फोरम 2026’ में नीलेकणि ने कहा कि परीक्षा के प्रश्नपत्र लीक होने की समस्या का समाधान संभव है और इसके लिए प्रौद्योगिकी का इस्तेमाल जरूरी है। उन्होंने कहा, ‘‘अगर हम इस समस्या को व्यवस्थित तरीके से देखें, इसके मूल कारणों तक पहुंचें और समाधान के लिए प्रौद्योगिकी का इस्तेमाल करें, तो इन समस्याओं को हल किया जा सकता है।’’ 

नीलेकणि ने कहा, ‘‘ये सभी व्यवस्था से जुड़ी समस्याएं हैं, जिनका समाधान हमारी समिति करेगी। मुझे लगता है कि प्रधानमंत्री हमारे सुझावों को लागू करने के लिए काफी उत्सुक हैं।’’ नीलेकणि परीक्षा सुधारों पर गठित उच्चस्तरीय कार्यबल के प्रमुख हैं। इस कार्यबल का गठन जुलाई में किया गया था। मई में राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा स्नातक (नीट-यूजी) का प्रश्नपत्र लीक होने के बाद चिकित्सा प्रवेश परीक्षा रद्द कर दी गई और फिर दोबारा परीक्षा करानी पड़ी थी। इस घटना के बाद देशभर में कई सप्ताह तक छात्रों ने विरोध प्रदर्शन किए थे।

 इन प्रदर्शनों के बाद तत्कालीन केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने इस्तीफा दे दिया था। इन्फोसिस के सह-संस्थापक ने कहा कि प्रश्नपत्र लीक होने से रोकने का एक तरीका यह है कि पहले से तय प्रश्नपत्र तैयार करने के बजाय प्रश्नों के बड़े संग्रह से परीक्षा के लिए आखिरी समय में प्रश्नपत्र बनाया जाए। यह पूछे जाने पर कि क्या कृत्रिम मेधा (एआई) की मदद से परीक्षा वाले दिन प्रश्नपत्र तैयार किया जा सकता है, नीलेकणि ने ‘‘हां’’ में जवाब दिया।

 उन्होंने कहा कि समिति सभी परीक्षाओं को कंप्यूटर आधारित परीक्षा में बदलने के विकल्प पर भी विचार कर रही है। इसके लिए उन केंद्रों का नेटवर्क बढ़ाना होगा, जहां फिलहाल छात्र ऐसी परीक्षाएं दे सकते हैं। इन केंद्रों की संख्या करीब 1.5 लाख है। भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (यूआईडीएआई) के संस्थापक चेयरमैन रह चुके और आधार डिजिटल पहचान प्रणाली के निर्माण का नेतृत्व करने वाले नीलेकणि ने कहा कि बड़े पैमाने पर प्रौद्योगिकी का इस्तेमाल करते समय उनका हमेशा ध्यान इस बात पर रहता है कि इससे लोगों के लिए ऐसा समाधान कैसे तैयार हो, जिससे सभी को लाभ हो।

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  Sports

AFG vs BAN: हार टालने के लिए अफगानिस्तान ने खेले 142 ओवर, बांग्लादेश के हाथ से ऐसे फिसली जीत

AFG vs BAN Test: अफगानिस्तान और बांग्लादेश के बीच एक रोमांचक टेस्ट मैच खेला गया, जो ड्रॉ पर खत्म हुआ. इस मैच में हार से बचने के लिए अफगानिस्तान ने आखिरी पारी में 142 ओवर बल्लेबाजी की. Tue, 13 Oct 2026 21:43:28 +0530

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