Ladli Behna Yojana: खत्म होने वाला है 1.25 करोड़ लाडली बहनों का इंतजार… इस दिन आएगी योजना की 41वीं किस्त!
मध्य प्रदेश की 1.25 करोड़ लाड़ली बहनों के लिए खुशखबरी है। मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना की अगली किस्त का इंतजार जल्द खत्म होने वाला है। खबर है कि मंगलवार, 14 अक्टूबर को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव उमरिया जिले से पात्र महिलाओं (लाड़ली बहनों) के खाते में 41वीं किस्त के 1500 – 1500 रुपए जारी कर सकते हैं।
इससे पहले 13 सितंबर 2026 को आगर मालवा जिले से प्रदेश की 1 करोड़ 25 लाख 10 हजार 150 पात्र महिलाओं के बैंक खातों में 40वीं किस्त के 1,835 करोड़ 09 लाख 22 हजार 450 रुपये की राशि जारी की गई थी। जून 2023 में योजना की शुरुआत से लेकर सितंबर 2026 तक महिलाओं के खातों में 65,395.99 रुपये की सहायता राशि अंतरित की गई है।
बता दें कि मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना मध्य प्रदेश की महिलाओं को आर्थिक सहायता देने के लिए चलाई जा रही एक महत्वपूर्ण योजना है। इसके तहत 1.25 करोड़ से अधिक राज्य की पात्र महिलाओं (लाड़ली बहनों) को हर महीने 1500 (18000 रु सालाना) की आर्थिक सहायता दी जाती है।
इस योजना की शुरुआत मई 2023 में की गई थी और 10 जून को योजना की पहली किस्त जारी की गई थी। योजना के प्रारंभ में प्रत्येक पात्र महिला को 1,000 रुपये प्रतिमाह प्रदान किए जाते थे। अक्टूबर 2023 में राशि 1000 से बढ़ाकर 1,250 रुपये प्रतिमाह की गई। इसके बाद नवंबर 2025 से राशि में पुनः 250 रुपए की वृद्धि कर इसे 1,500 रुपये प्रतिमाह कर दिया गया।
इसके अतिरिक्त रक्षाबंधन के अवसर पर अगस्त 2023, अगस्त 2024, अगस्त 2025 और अगस्त 2026 में लाभार्थी महिलाओं को 250 रुपये की विशेष आर्थिक सहायता भी दी गई है।
वित्तीय वर्ष 2026-27 में सितंबर 2026 तक योजना के अंतर्गत 11,300 करोड़ रुपये व्यय होने का अनुमान है। वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना के तहत 23,882.81 करोड़ रुपये का बजट प्रावधान किया है। ध्यान रहे पात्र के खाते में राशि आने की स्थिति उसकी योजना के अंतर्गत पात्रता और बैंक खाते से जुड़ी आवश्यक प्रक्रियाओं पर निर्भर करती है, ऐसे में पात्रों को सलाह दी जाती है कि अपने बैंक खाते की स्थिति और भुगतान संबंधी जानकारी अच्छी से चेक कर लें।
लाभार्थी सूची में कैसे चेक करें अपना नाम
यदि आप अपनी किस्त का स्टेटस चेक करना चाहते हैं, तो आधिकारिक पोर्टल (cmladlibahna.mp.gov.in) पर जाकर अपडेट चेक कर सकते हैं। ध्यान रखें कि इस राशि का लाभ लेने के लिए आपका बैंक खाता आधार से लिंक और डीबीटी (DBT) एक्टिव होना जरूरी है। आइए जानते हैं प्रोसेस…
- सबसे पहले लाड़ली बहना की आधिकारिक वेबसाइट https://cmladlibahna.mp.gov.in/ पर जाएं।
- वेबसाइट के मुख्य पृष्ठ पर “आवेदन एवं भुगतान की स्थिति” वाले विकल्प पर
क्लिक करें। - दूसरे पृष्ठ पर पहुंचने के बाद, अपना आवेदन नंबर या सदस्य समग्र क्रमांक दर्ज करें।
- कैप्चा कोड सबमिट करने के बाद, मोबाइल पर एक ओटीपी भेजा जाएगा।
- मोबाइल नंबर पर प्राप्त ओटीपी दर्ज करें और वेरिफाई करें।
- ओटीपी वेरिफाई करने के बाद “सर्च” विकल्प पर क्लिक करें और आपका भुगतान स्थिति खुल जाएगी।
MP में शराब ठेकों में गड़बड़ी पर जीतू पटवारी ने पीएम मोदी से किए 7 सवाल, कार्रवाई की मांग
मध्यप्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने प्रदेश में शराब ठेकों के आवंटन और हस्तांतरण में कथित अनियमितताओं को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से जवाब मांगा है। उन्होंने कहा कि शराब ठेकों से जुड़े मामले में 2 करोड़ 75 लाख रुपये से अधिक की ऐसी ई-एफडीआर स्वीकार की गई, जिसे संबंधित बैंक ने जारी करने से ही इनकार कर दिया। इसके अलावा, ठेका दिलाने के नाम पर एक करोड़ रुपये की कथित रिश्वत का आरोप भी सामने आया है।
कांग्रेस नेता ने इस मामले में सात सवाल उठाते हुए पूछा कि इतनी गंभीर अनियमितताएं सामने आने के बावजूद जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई में देरी क्यों हुई। उन्होंने आरोप लगाया कि मध्यप्रदेश में शराब ठेकों से जुड़ा यह पूरा मामला किसके संरक्षण में चल रहा था। कांग्रेस अध्यक्ष ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव पर मामले में चुप्पी साधने का आरोप लगाते हुए प्रधानमंत्री कार्यालय से हस्तक्षेप करने की मांग की है।
जांच में मिलीं अनियमितताएं
यह मामला भोपाल के टीटी नगर क्षेत्र की दो शराब दुकानों के ठेकों और उनके हस्तांतरण से जुड़ा है। विभागीय जांच में वित्तीय दस्तावेजों, सिक्योरिटी जमा करने और लाइसेंस हस्तांतरण की प्रक्रिया में सात अनियमितताएं सामने आईं। जांच रिपोर्ट के आधार पर आबकारी विभाग के अधिकारी दीपम रायचूरा को निलंबित किया गया।
जांच के अनुसार, 2 करोड़ 75 लाख 53 हजार 535 रुपये की ई-एफडीआर के साथ सत्यापन प्रतिवेदन लगाया गया था। दोबारा सत्यापन कराने पर एयू स्मॉल फाइनेंस बैंक ने एफडीआर जारी करने से इनकार कर दिया। जांच समिति को सत्यापन रिपोर्ट में भी गड़बड़ी मिली। फाइल में बैंक को पत्र भेजने का रिकॉर्ड नहीं था और एफडीआर पर शाखा का नाम भी दर्ज नहीं था।
जांच में यह भी सामने आया कि शेष सिक्योरिटी 30 अप्रैल 2024 तक जमा होनी थी, लेकिन इसे 12 मई को जमा किया गया। इसके बावजूद देरी के मामले में नियमानुसार कार्रवाई नहीं की गई। जांच समिति ने बैंक की पात्रता से जुड़े नियमों और लाइसेंस हस्तांतरण की प्रक्रिया में भी अनियमितताएं पाईं।
एक अन्य मामले में विजय सिंह की ओर से 76 लाख रुपये की ई-बैंक गारंटी जमा की गई थी। जांच के अनुसार, वह न तो मूल लाइसेंसी थे और न ही हस्तांतरण के समय संबंधित फर्म के भागीदार थे। इसके बावजूद उनकी बैंक गारंटी स्वीकार कर ली गई। लाइसेंस हस्तांतरण के लिए पेश किए गए दस्तावेजों और फर्म की भागीदारी से जुड़े रिकॉर्ड में भी विसंगतियां मिलीं।
जीतू पटवारी ने प्रधानमंत्री से पूछे सात सवाल
जीतू पटवारी ने पूछा कि शराब ठेकों से जुड़े मामले में सात गंभीर गड़बड़ियां सामने आने के बावजूद कार्रवाई में इतनी देरी क्यों हुई। उन्होंने सवाल किया कि जब संबंधित बैंक ने 2 करोड़ 75 लाख रुपये से अधिक की ई-एफडीआर जारी करने से इनकार कर दिया, तो विभाग ने उसे स्वीकार कैसे कर लिया। उन्होंने यह भी पूछा कि निर्धारित समयसीमा से 22 दिन बाद जमा की गई सिक्योरिटी को नियमों के विरुद्ध स्वीकार करने की अनुमति किसने दी।
कांग्रेस नेता ने बैंक गारंटी के बिना 76 लाख रुपये की सिक्योरिटी स्वीकार किए जाने पर भी सवाल उठाया। उन्होंने पूछा कि शराब ठेके दिलाने के नाम पर एक करोड़ रुपये की कथित रिश्वत का मामला किसके इशारे पर चला और इस आरोप में शामिल लोगों की भूमिका की जांच कब होगी। कांग्रेस अध्यक्ष ने यह भी सवाल किया कि फर्जी दस्तावेज स्वीकार करने वाले अधिकारियों की जवाबदेही कब तय की जाएगी और वल्लभ भवन में कथित तौर पर शामिल अन्य जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई कब होगी। जीतू पटवारी ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव इस मामले पर मौन हैं, इसलिए अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को जवाब देना चाहिए। उन्होंने मामले में सभी जिम्मेदार लोगों की भूमिका की जांच कर कार्रवाई करने की मांग की है।
प्रधानमंत्री जी,
मप्र में शराब ठेकों का खेल, 2.75 करोड़ की फर्जी FDR, एक करोड़ की कथित घूस! आखिर किसके संरक्षण में चल रहा था यह पूरा खेल?ज्यादा नहीं, 07 सवाल हैं!
लेकिन, हमारे मुख्यमंत्री तो मौन हैं!
इसलिए अब @PMOIndia ही जवाब दे!01 – वसूली की 07 बड़ी और गंभीर गड़बड़ियां… pic.twitter.com/34aMsoZnub
— Jitendra (Jitu) Patwari (@jitupatwari) October 13, 2026
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