नवरात्र स्पेशल: मां चंद्रघंटा से जुड़ा है ये चमत्कारी औषधीय पौधा, देता है बल और ऊर्जा
नई दिल्ली, 13 अक्टूबर (आईएएनएस)। नवरात्र के नौ दिनों में मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की पूजा-अर्चना की जाती है। तीसरे दिन मां चंद्रघंटा की पूजा का विधान है। मां चंद्रघंटा को साहस, शांति और शक्ति का प्रतीक माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के साथ-साथ आयुर्वेद में भी नवरात्र के नौ दिनों का विशेष महत्व बताया गया है। पारंपरिक मान्यताओं के अनुसार, मां चंद्रघंटा का संबंध चन्द्रसूर (हलीम) नामक औषधीय पौधे से जोड़ा जाता है। इसका वैज्ञानिक नाम लेपिडियम सैटिवम है।
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