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दोस्तों के कपड़े-जूते पहन किए शो, अब जीते ₹1 करोड़:सोनीपत का धड़कन MTV हसल 0.5 विनर बना, खर्च निकालने के लिए वीडियो एडिटिंग की

कभी रैप शो में जाने के लिए दोस्तों से कपड़े, जूते और जैकेट मांगनी पड़ती थी। दिल्ली और गुरुग्राम में स्टेज पर पहुंचने के लिए बस और शेयरिंग टैक्सी का सहारा लेना पड़ता था। खर्च निकालने के लिए वीडियो एडिटिंग और अपने हुनर को निखारने के लिए रात ढाई बजे तक जागना दिनचर्या का हिस्सा था। सोनीपत के दक्ष उर्फ धड़कन पेंढरकर ने इन मुश्किलों के बीच अपने सपने को जिंदा रखा। अब MTV हसल 0.5 का विजेता बनने के बाद वह एक करोड़ रुपए जीतकर घर लौटे। पैराडॉक्स की टीम की ओर से शो में हिस्सा लेने वाले धड़कन ने अपने ठेठ हरियाणवी अंदाज और दमदार रैप से दर्शकों के साथ जजों का भी दिल जीता। सोमवार को सोनीपत के सेक्टर-10 स्थित वर्धमान गार्डेनिया में पहुंचने पर उनका स्वागत किया गया। आठवीं कक्षा से शुरू हुआ रैप का सफर दक्ष ने आठवीं कक्षा में ही रैप लिखना और गाना शुरू कर दिया था। समय के साथ उसने म्यूजिक कंपोज करने से लेकर मिक्सिंग, मास्टरिंग और वीडियो एडिटिंग तक का काम खुद सीखा। 12वीं के बाद उसने रैप पर और ज्यादा मेहनत शुरू कर दी। परिवार के मुताबिक, वह शुरुआत से ही हर क्षेत्र में आगे रहने की कोशिश करता था और अपने काम के दम पर पहचान बनाना चाहता था। दक्ष के पिता सुधीर पेंढरकर मूल रूप से उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं। उन्होंने 2009 में सोनीपत के सेक्टर-10 स्थित वर्धमान गार्डेनिया में फ्लैट खरीदा था। वर्ष 2015 में परिवार सोनीपत में रहने लगा। इसी दौरान दक्ष का दाखिला घर के सामने स्थित ब्राइट स्कॉलर स्कूल में चौथी कक्षा में कराया गया। दोस्तों के कपड़े पहनकर स्टेज पर पहुंचता था दक्ष के पिता सुधीर बताते हैं कि कॉलेज के बाद जब उसे दिल्ली और गुरुग्राम में रैप शो करने जाना होता था, तो कई बार वह रात को दोस्तों के पास ही रुक जाता था। उसके पास स्टेज पर पहनने के लिए अच्छे कपड़े, जूते और जैकेट नहीं होते थे। ऐसे में दोस्त उसे अपने कपड़े और जूते देते थे। वह किराए की टैक्सी या दूसरे साधनों से शो करने पहुंचता था। दोस्तों ने संघर्ष के दिनों में दक्ष की काफी मदद की। उसने इन परिस्थितियों को अपने रास्ते की रुकावट नहीं बनने दिया और लगातार अपने हुनर को बेहतर करने में लगा रहा। गुरुग्राम जाकर समझता था लोगों की पसंद सुधीर बताते हैं कि दक्ष ने रैपिंग को सिर्फ गाने तक सीमित नहीं रखा। वह गुरुग्राम जाकर समझने की कोशिश करता था कि लोग किस तरह का म्यूजिक पसंद करते हैं। इसके बाद वह अपनी प्रस्तुति और गानों पर उसी हिसाब से काम करता था। धीरे-धीरे उसके रैप सॉन्ग गुरुग्राम और दिल्ली यूनिवर्सिटी में लोकप्रिय होने लगे। वर्ष 2015 में सोनीपत आने के बाद उसने दोस्तों के साथ रहकर हरियाणवी बोली और संस्कृति को समझना शुरू किया। पिता के अनुसार, दक्ष की खासियत है कि वह जहां भी जाता है, वहां की बोली सीखने और उसे अपने अंदाज में अपनाने की कोशिश करता है। उसके ठेठ हरियाणवी अंदाज ने भी उसे अलग पहचान दिलाई। बस और शेयरिंग टैक्सी से कॉलेज जाता था बहन दीक्षा बताती हैं कि दक्ष के पास अपना निजी वाहन नहीं था। वह कभी बस तो कभी शेयरिंग टैक्सी से कॉलेज जाता था। कई बार रात नौ बजे तक कॉलेज से लौटने के बाद फ्लैट पहुंचने में परेशानी होती थी। इसके बावजूद वह पढ़ाई और संगीत दोनों के लिए समय निकालता था। खर्च पूरे करने के लिए वह दीक्षा की कंपनी में वीडियो एडिटिंग का काम भी करता था। इससे उसे शो में आने-जाने का खर्च निकालने में मदद मिलती थी। संगीत के प्रति उसकी लगन का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि वह रैप की बारीकियां सीखने के लिए रात ढाई बजे तक जागता था। दोस्त रचित के साथ लिखता था रैप दक्ष अपने दोस्त रचित के साथ मिलकर रैप लिखता था। दोनों ने साथ काम करते हुए अपने हुनर को निखारा। अब रचित उसकी टीम में मैनेजर की भूमिका निभा रहे हैं। पिता सुधीर के मुताबिक, वह बेटे को आर्थिक रूप से ज्यादा मदद नहीं दे पाए, लेकिन दक्ष ने भी कभी पैसों की बड़ी मांग नहीं की। परिवार का कहना है कि दक्ष ने अपनी मेहनत और दोस्तों के सहयोग से यह मुकाम हासिल किया है। बहन दीक्षा के अनुसार, उसमें आत्मसम्मान की भावना है और वह अपने काम के दम पर आगे बढ़ना चाहता था। MTV हसल में जाने के लिए दो साल इंतजार किया परिवार के मुताबिक, दक्ष लंबे समय से MTV हसल में हिस्सा लेना चाहता था। इसके लिए उसे दो साल तक इंतजार करना पड़ा, क्योंकि शो में आवेदन करने के लिए निर्धारित उम्र पूरी करनी थी। 18 साल का होने के बाद उसने आवेदन किया और पहली बार में ही विजेता बन गया। पिता सुधीर बताते हैं कि दक्ष ने मार्च में ऑडिशन दिया था। उसे उसी महीने मुंबई जाना था, लेकिन शो की तारीख आगे बढ़ गई। इसके बाद 17 जून को वह शो में हिस्सा लेने के लिए मुंबई रवाना हुआ। उसके लिए यह केवल एक प्रतियोगिता नहीं, बल्कि लंबे समय से देखे जा रहे सपने को पूरा करने का मौका था। बेटे की सफलता से पिता को मिली नई पहचान सुधीर कहते हैं कि पहले लोग उन्हें दक्ष के पिता के रूप में जानते थे, लेकिन अब बेटे की सफलता के कारण उनकी अपनी पहचान बन रही है। मां सरिता बताती हैं कि दक्ष को खाना बनाने और अलग-अलग व्यंजन तैयार करने का भी शौक है। इस सफर में परिवार को अपनी दादी को खोने का दर्द भी सहना पड़ा। इसके बावजूद दक्ष ने संगीत के प्रति अपनी लगन बनाए रखी। माता-पिता और बहन ने दैनिक भास्कर से बातचीत में उसके संघर्ष के दिनों से लेकर MTV हसल 0.5 जीतने तक का सफर साझा किया। परिवार के मुताबिक, दक्ष ने अपनी मेहनत, दोस्तों के सहयोग और हरियाणवी संस्कृति को समझने की लगन के दम पर यह मुकाम हासिल किया।

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जोस बटलर ने बाईं जांघ की सर्जरी कराई:पाकिस्तान ट्राई-सीरीज से बाहर, ऑस्ट्रेलिया दौरे पर भी संशय

इंग्लैंड के बल्लेबाज जोस बटलर की बाईं हैमस्ट्रिंग की सर्जरी सफल रही है। उन्होंने पूरी फिटनेस हासिल कर मजबूत वापसी का भरोसा दिया है। 36 साल के बटलर ने सोमवार को अपनी सर्जरी की जानकारी दी। उन्होंने अस्पताल के बिस्तर से अंगूठा दिखाते हुए अपनी तस्वीर साझा की। उनका बायां पैर ब्रेस में बंधा हुआ था। बटलर ने लिखा, ‘सर्जरी सफल रही और अब रिकवरी पर हूं। पहले से ज्यादा मोटिवेट फील कर रहा हूं।’ बटलर को यह चोट 24 सितंबर को हेडिंग्ले में श्रीलंका के खिलाफ दूसरे वनडे में लगी थी। वे बैटिंग के दौरान चोटिल हुए और रिटायर्ड हर्ट हुए थे। ऑस्ट्रेलिया दौरे के लिए आज जारी होगी टीम बटलर इंग्लैंड की पाकिस्तान में होने वाली आगामी ट्राई-सीरीज से बाहर हो चुके हैं। इंग्लैंड की टीम इस हफ्ते के अंत में पाकिस्तान रवाना होगी। नवंबर में होने वाले इंग्लैंड के ऑस्ट्रेलिया दौरे से भी बटलर के बाहर रहने की संभावना है। इस सीरीज के लिए टीम की घोषणा मंगलवार सुबह होनी है। ECB ने बटलर के साथ कॉन्ट्रैक्ट बढ़ाया सोमवार को बटलर और इंग्लैंड के एक अन्य अनुभवी व्हाइट-बॉल खिलाड़ी आदिल राशिद को इंग्लैंड एंड वेल्स क्रिकेट बोर्ड (ECB) ने एक साल का अनुबंध विस्तार दिया। इस विस्तार के बाद बटलर का मौजूदा अनुबंध अगले साल दक्षिण अफ्रीका में होने वाले 50 ओवर के विश्व कप से पहले खत्म होगा। -------------------------------------------------- इंग्लिश क्रिकेट से जुड़ी यह खबर भी पढ़िए… इंग्लैंड के सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट में ओली रॉबिन्सन की वापसी, 30 खिलाड़ियों को जगह इंग्लैंड क्रिकेट बोर्ड (ECB) ने सोमवार को सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट लिस्ट जारी की। इसमें तेज गेंदबाज ओली रॉबिन्सन की वापसी हुई है। बोर्ड ने इस बार 30 खिलाड़ियों को सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट और 9 को डेवलपमेंट कॉन्ट्रैक्ट दिया है। पढ़ें पूरी खबर

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  Sports

तिलक वर्मा की मेहरबानी से शाई होप ने बनाया शतक, निकाला टीम इंडिया के गेंदबाजों का धुआं, रनों की बहती गंगा में धोया हाथ

shai hope century no4: वेस्टइंडीज के भारत दौरे को शाई होप शो का नाम दे दिया जाए तो गलत नहीं होगा. चौथे टी-20 में एक बात तो तय थी कि जो भी टीम पहले बल्लेबाजी करेगी वो 250 रन जेहन में लेकर ही उतरेगी क्योंकि पाटा पिच और छोटी बाउंड्री को देखते हुए कोई भी स्कोर सेफ नहीं माना जा सकता और इसीलिए शाई होप ने वो किया जिसकी सिर्फ उनसे उम्मीद की जा सकती है. शाई होप इस दौरे पर चौथा शतक जड़ने में कामयाब रहे.  Wed, 14 Oct 2026 20:52:10 +0530

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