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Aaj Ka Panchang 13 October 2026: आज शारदीय नवरात्रि का तीसरा दिन है, जानें शुभ मुहूर्त व राहुकाल का समय

Aaj Ka Panchang 13 October 2026: ज्योतिषाचार्य डॉक्टर अरविंद त्रिपाठी के अनुसार, आज यानी 13 अक्टूबर 2026 को शारदीय नवरात्रि का तीसरा दिन है. इस दिन मां चंद्रघंटा की पूजा की जाएगी. मंगलवार को रात 8 बजकर 24 मिनट तक प्रीति योग रहने वाला है. आज देर रात 1 बजकर 43 मिनट तक विशाखा नक्षत्र रहेगा. चलिए पढ़ते हैं आज का पंचांग विस्तार से.

पढ़ें आज का पंचांग 13 अक्टूबर 2026 

आज की तिथि, वार और नक्षत्र

  • तारीख- 13 अक्टूबर 2026 
  • दिन- मंगलवार
  • तिथि- तृतीया
  • नक्षत्र- विशाखा
  • सूर्योदय- सुबह 6:20 बजे
  • सूर्यास्त- शाम 5:54 बजे 
  • करण- तैतिल, गर 
  • चंद्रमा- तुला राशि 
  • शुभ मुहूर्त- 11:44 से दोपहर 12:30 तक
  • राहुकाल- 3:00 से शाम 4:27 तक
  • दिशा शूल- उत्तर
  • दिशा शूल उपाय- गुड़ खाकर घर से निकलें

आज का महामंत्र

या देवी सर्वभूतेषु मां चंद्रघंटा रूपेण संस्थिता. नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः॥

चंद्र गोचर

चंद्रमा का गोचर तुला राशि में शाम 07 बजकर 12 मिनट तक उसके बाद वृश्चिक राशि में होगा.

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संवत

  • विक्रम संवत- 2083, रौद्र
  • शक संवत- 1948, पराभव

चंद्रमास

  • सूर्योदय- आज सुबह 06.21 पर हुआ है.
  • सूर्यास्त-  आज शाम 05 बजकर 50 मिनट पर होगा. 
  • चंद्रोदय- 13 अक्टूबर सुबह 08.40 बजे पर होगा.
  • चंद्र अस्त- 13 अक्टूबर को शाम 07.37 मिनट पर होगा.

आज का शुभ समय

  • ब्रह्म मुहूर्त- सुबह 04:50 मिनट से सुबह 05:38 मिनट तक
  • अमृत काल- शाम 04:13 बजे से शाम 05:56 मिनट तक
  • अभिजीत मुहूर्त सुबह 11:44 बजे से दोपहर 12:30 बजे तक

आज का अशुभ समय

  • राहुकाल- दोपहर 03 बजे से शाम 04 बजकर 27 मिनट तक
  • यम गण्डक- सुबह 09:19 मिनट से सुबह 10:46 मिनट तक
  • गुलिक काल- दोपहर 12:13 मिनट से दोपहर 01:39 बजे तक
  • आज का दुर्मुहूर्त- सुबह 08:45 बजे से सुबह 09:31 बजे तक और सुबह 10:58 बजे से सुबह 11:48 बजे तक

मां चंद्रघंटा के नुस्खे

पहला- ॐ देवी चन्द्रघण्टायै नमः

यह माता का मूल मंत्र है. इस मंत्र का जप करने से भक्तों के जीवन में सुख-शांति आती है साथ ही माता के आशीर्वाद से धन-धान्य भी प्राप्त होता है. इस मंत्र का कम से कम 108 बार जप भक्तों को करना चाहिए.

दूसरा- वाञ्छितलाभाय चन्द्रार्धकृतशेखराम्

यह मां चंद्रघंटा का प्रार्थना मंत्र है. इस मंत्र का जप करने से माता आपकी मनोकामनाओं को पूरा करती हैं. साथ ही आप इस मंत्र का जप करके माता के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करते हैं. 

तीसरा- पिण्डज प्रवरारूढ़ा चण्डकोपास्त्रकैर्युता. प्रसादं तनुते मह्यम् चन्द्रघण्टेति विश्रुता॥

यह माता का ध्यान मंत्र है. इस मंत्र का जप करने से आपको मानसिक शांति प्राप्त होती है. साथ ही आपका मणिपुर चक्र भी इस मंत्र के जप से सक्रिय होता है. मणिपुर चक्र नाभि में स्थित होता है और इसके जागृत होने से आपकी ऊर्जा और आत्मविश्वास में वृद्धि होती है. 

चौथा- या देवी सर्वभू‍तेषु मां चन्द्रघण्टा रूपेण संस्थिता. नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः॥

यह माता चंद्रघंटा का स्तुति मंत्र है. इसका निरंतर जप करने से माता अति प्रसन्न होती हैं. पूजा के दौरान तो आपको इस मंत्र का जप करना ही चाहिए वहीं नवरात्रि के तीसरे दिन किसी भी समय इस मंत्र का जप करने से आपको शुभ फल प्राप्त हो सकते हैं. 

पांचवा-ऐं श्रीं शक्तयै नम:

यह माता चंद्रघंटा का बीज मंत्र है. इस मंत्र का जप करने से मानसिक स्थिरता आपको प्राप्त होती है और आध्यात्मिक क्षेत्र में आप अच्छे अनुभव प्राप्त करते हैं.

आपका दिन मंगलमय हो.

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Actor: 34 की उम्र में दुनिया को अलविदा गए RJ Mitte , 'ब्रेकिंग बैड' स्टार के निधन से सदमें में फैंस, क्या है मौत का कारण

RJ Mitte Death News: हॉलीवुड के मशहूर सितारे आरजे मिट्टे के निधन की खबर ने उनके चाहने वालों को गहरे सदमे में डाल दिया है. 'ब्रेकिंग बैड' में अपनी दमदार अदाकारी से पहचान बनाने वाले अभिनेता ने बेहद कम उम्र में दुनिया को अलविदा कह दिया. उनके जाने से जुड़ी खबरें सामने आने के बाद फैंस उनकी जिंदगी, संघर्ष और करियर को याद कर रहे हैं. वहीं, उनकी मौत की असली वजह जानने के लिए भी लोग बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं.

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  Sports

क्या क्रिकेट में बदलेंगे रिकॉर्ड दर्ज करने के नियम? Sunil Gavaskar ने T20I और रणजी आंकड़ों पर उठाए गंभीर सवाल

भारत के पूर्व महान कप्तान और दिग्गज बल्लेबाज सुनील गावस्कर ने अंतरराष्ट्रीय और घरेलू क्रिकेट में रिकॉर्ड्स दर्ज करने और उनके वर्गीकरण के मौजूदा तरीके पर गंभीर सवाल उठाए हैं। गावस्कर ने क्रिकेट गवर्निंग बॉडी से मांग की है कि प्रतिद्वंद्वी टीम के स्तर (Standard of Competition) के आधार पर प्रदर्शन का अंतर स्पष्ट करने के लिए फुटबॉल जैसा 'डिवीजन-आधारित सिस्टम' लागू किया जाना चाहिए। गावस्कर का मानना है कि टी20 अंतरराष्ट्रीय (T20I) में बड़ी टीमों (Full Members) और उभरती हुई टीमों (Associate Members) के बीच काफी अंतर होता है, इसलिए दोनों तरह के मुकाबलों में बने आंकड़ों को एक ही तराजू में तोलना बिल्कुल भी न्यायसंगत नहीं है। उन्होंने रणजी ट्रॉफी (विशेषकर प्लेट ग्रुप) के रिकॉर्ड्स पर भी इसी तरह पुनर्विचार करने की बात कही।

खास बात यह है कि गावस्कर की यह टिप्पणी तब आई जब पुरुषों के T20 वर्ल्ड कप सब-रीजनल एशिया क्वालीफायर A में थाईलैंड के खिलाफ 193 रनों का पीछा करते हुए मंगोलिया की टीम 13 रनों पर आउट हो गई। इसके बाद, गावस्कर ने सवाल उठाया कि क्या ऐसे मैचों को स्थापित अंतरराष्ट्रीय टीमों के बीच होने वाले मुकाबलों के बराबर आँकड़ों का महत्व दिया जाना चाहिए।

गावस्कर ने मिड-डे में अपने कॉलम में लिखा, "बेशक, यह इस प्रारूप में सबसे कम स्कोर नहीं है। यह शर्मनाक रिकॉर्ड आइवरी कोस्ट के नाम है, जो नाइजीरिया के खिलाफ सिर्फ 7 रनों पर आउट हो गई थी। 2024 में मंगोलिया ने एक और T20 अंतरराष्ट्रीय मैच में सिंगापुर के खिलाफ केवल 10 रन बनाए थे।"

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इस महान बल्लेबाज ने माना कि ये मैच अंतरराष्ट्रीय माने जाते हैं क्योंकि टीमें अपने-अपने देशों का प्रतिनिधित्व करती हैं। हालाँकि, उन्होंने तर्क दिया कि केवल आधिकारिक मान्यता खेल के स्तर में अंतर को ठीक से नहीं समझा सकती।

गावस्कर ने आगे कहा, "जब कोई टीम इतने कम स्कोर पर आउट हो जाती है, तो गेंदबाज के आँकड़े तभी बेहतर हो सकते हैं जब उभरते हुए ICC एसोसिएट सदस्य देश एक-दूसरे के खिलाफ खेलें। इसकी तुलना उन आँकड़ों से करना, जब पूर्ण सदस्य देशों की टीमें एक-दूसरे के खिलाफ खेलती हैं, बिल्कुल भी उचित नहीं है।"

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रिकॉर्ड्स बनाए रखने के लिए गावस्कर का प्रस्ताव

गावस्कर ने फुटबॉल लीग जैसा मॉडल अपनाने का प्रस्ताव दिया, जहाँ डिवीज़न टीमों को अलग करते हैं और प्रमोशन व डिमोशन से स्तरों के बीच आवाजाही तय होती है। 77 साल के गावस्कर ने लिखा, "फ़ुटबॉल लीग में अलग-अलग डिवीज़न होते हैं, जहाँ सीज़न के आखिर में प्रमोशन और रेलीगेशन होता है। इसलिए जो भी रिकॉर्ड बनते हैं, उन्हें उसी डिवीज़न के रिकॉर्ड के तौर पर देखा जाता है जिसमें वे बने हैं। शायद क्रिकेट में भी कुछ ऐसा ही सोचा जाना चाहिए, ताकि यह साफ़ हो सके कि देश किस डिवीज़न में खेल रहे हैं।"

गावस्कर ने नेपाल के बल्लेबाज़ दीपेंद्र सिंह ऐरी की नौ-बॉल में T20I हाफ़-सेंचुरी के संदर्भ पर भी सवाल उठाए। ऐरी ने 2007 T20 वर्ल्ड कप में इंग्लैंड के ख़िलाफ़ युवराज सिंह की 12-बॉल वाली हाफ़-सेंचुरी का रिकॉर्ड तोड़ा था।

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उन्होंने नेपाल की तरक्की का ज़िक्र किया, जिसमें इस साल की शुरुआत में भारत में हुए T20 वर्ल्ड कप में इंग्लैंड को लगभग हराने की उनकी कोशिश भी शामिल थी, लेकिन उन्होंने सवाल उठाया कि क्या एसोसिएट टीमों के ख़िलाफ़ किए गए प्रदर्शन को उसी तरह मापा जाना चाहिए।

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Tue, 13 Oct 2026 11:42:00 +0530

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