नवरात्र पर तमन्ना भाटिया माता की चौकी में शामिल हुईं:मृणाल ठाकुर के साथ गाए भजन; लिखा- 5 घंटे भक्ति में डूबी रही
अभिनेत्री तमन्ना भाटिया ने नवरात्र पर माता की चौकी में हिस्सा लिया। अपनी एक दोस्त के घर आयोजित इस धार्मिक कार्यक्रम में उनके साथ अभिनेत्री मृणाल ठाकुर भी मौजूद थीं। तमन्ना ने सोशल मीडिया पर इस कार्यक्रम की तस्वीरें और वीडियो शेयर किए हैं, जिनमें वे मृणाल ठाकुर के साथ भजन गाती और आरती में शामिल होती नजर आ रही हैं। तमन्ना ने एक भावुक नोट शेयर कर बताया कि लगातार 5 घंटे तक चले इस कार्यक्रम में उन्हें शांति और आध्यात्मिक अनुभव मिला। शेयर किए आरती और भजनों के वीडियो तमन्ना भाटिया ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर माता की चौकी की कई झलकियां पोस्ट की हैं। वीडियो में मेहमान भजनों पर झूमते और आरती करते हुए दिखाई दे रहे हैं। इनमें से एक वीडियो में तमन्ना अपनी सह-कलाकार मृणाल ठाकुर के साथ बैठकर देवी मां के भजन गाती नजर आ रही हैं। तमन्ना ने इस धार्मिक अनुष्ठान में शामिल होने के अवसर के लिए आभार जताया और अपनी आध्यात्मिक यात्रा के बारे में बात की। '5 घंटे का समय एक पल जैसा महसूस हुआ' कार्यक्रम के अनुभव को बयां करते हुए तमन्ना ने लिखा कि भजनों की गूंज और माता रानी की कहानियों के जरिए उन्हें ऐसा लगा जैसे वे वैष्णो देवी की यात्रा कर रही हों। उन्होंने लिखा कि कमरे में उठती संगीत की तरंगों और भक्ति के माहौल के बीच इंसान अंदर से शांत हो जाता है। तमन्ना के अनुसार, संगीत, प्रार्थना और समर्पण के वे 5 घंटे उन्हें एक ही पल के समान महसूस हुए। 'द वन' फिल्म और छठ पूजा से जुड़ी रही हैं यादें तमन्ना भाटिया पिछले कुछ समय से लगातार अपनी आध्यात्मिक यात्रा को लेकर चर्चा में रही हैं। भारतीय पौराणिक कथाओं पर आधारित फैंटेसी ड्रामा फिल्म 'द वन' की शूटिंग के बाद से ही उनका झुकाव धार्मिक परंपराओं की तरफ बढ़ा है। दैनिक भास्कर से बातचीत में तमन्ना ने बताया था की वे छठी मैया गाने की शूटिंग के दौरान भावुक हो गईं थीं। उन्होने कहा जब मैंने पहली बार विशाल मिश्रा की आवाज में यह गाना सुना, तो लगा कि यह हर भक्त की अंदरूनी भावना है। शूटिंग के दौरान जब मैं सूर्य देव को अर्घ्य देने का रिचुअल कर रही थी, तब मुझे एक बहुत बड़ी बात समझ में आई, जिस चीज का अस्त होता है, उसका उदय भी निश्चित है। हम जिंदगी में कई बार उतार-चढ़ाव देखकर निराश हो जाते हैं, लेकिन छठ महापर्व हमें सिखाता है कि डूबते सूरज के बाद उगता सूरज जरूर आता है। इस गाने ने मुझे ग्रेटिट्यूड का गहरा भाव महसूस कराया। 4 साल पहले शुरू हुई स्पिरिचुअल जर्नी बातचीत में तमन्ना ने आगे कहा की करीब चार साल पहले जब मैं अपने गुरु से मिली, तब मेरी असल स्पिरिचुअल जर्नी शुरू हुई। मुझे लगता है कि अगर यह फिल्म मुझे 4 साल पहले ऑफर होती, तो शायद मैं इसे उस तरह नहीं कर पाती। क्योंकि भक्ति एक ऐसा भाव है जिसमें आप कोई मिलावट या झूठी एक्टिंग नहीं कर सकते। अगर आपके अंदर वह भाव सच्चा नहीं है, तो दर्शक तुरंत पकड़ लेते हैं। पटना में एक स्टूडेंट ने मुझसे कहा था कि आप यह गाना इसलिए कर पाईं क्योंकि ऊपर वाले ने आपको इसके लिए चुना है। ये खबर भी पढ़ें पहली फिल्म फ्लॉप, सेट पर ‘हीरोइन बदल दो’ सुनना पड़ा:फिर ‘बाहुबली’ से बनीं पैन-इंडिया स्टार; तमन्ना भाटिया बोलीं- सबसे मुश्किल चीज थी टिके रहना मुंबई की एक स्कूल गर्ल ने 13-14 साल की उम्र में फिल्म साइन की थी। शायद उन्हें भी नहीं पता था कि कैमरे के सामने खड़े होने का यह फैसला उन्हें भारतीय सिनेमा की लंबे समय तक टिकने वाली अभिनेत्रियों में शामिल कर देगा। पूरी खबर पढ़ें
ट्रम्प को जिताने पिछले चुनाव से ज्यादा खर्च रहे मस्क:रिपब्लिकन पार्टी को ₹2,600 करोड़ चंदा दिया, यह मिडटर्म इलेक्शन के इतिहास में सबसे ज्यादा
दुनिया के सबसे अमीर व्यक्ति इलॉन मस्क ने जुलाई से अब तक रिपब्लिकन पार्टी को 276 मिलियन डॉलर यानी करीब 2,600 करोड़ रुपए से ज्यादा चंदा दिया है। मस्क यह पैसा अमेरिका के मिडटर्म चुनाव में रिपब्लिकन उम्मीदवारों की मदद के लिए खर्च कर रहे हैं। इतना पैसा अब तक किसी शख्स ने मिडटर्म चुनाव में खर्च नहीं किया। यह रकम इतनी बड़ी है कि डेमोक्रेटिक पार्टी के समर्थन वाले संगठन ने उस तिमाही में अपने सभी चंदा देने वालों से मिलकर भी इससे कम पैसा जुटाया। 2024 के चुनाव से भी ज्यादा पैसा खर्च कर रहे मस्क मस्क ने 2025-26 में अब तक रिपब्लिकन पार्टी को करीब 366 मिलियन डॉलर (करीब 3500 करोड़ रुपए) दिए हैं। यह रकम 2024 के चुनाव में दिए गए उनके करीब 290 मिलियन डॉलर (करीब 2800 करोड़ रुपए) से काफी ज्यादा है। हालांकि, मस्क ने दोनों चुनावों के दौरान कुछ ऐसे चंदे भी दिए हैं, जिनकी जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई। मस्क के नए खर्च से मिडटर्म चुनाव में रिपब्लिकन पार्टी को आर्थिक बढ़त मिली है। इसके मुकाबले डेमोक्रेटिक पार्टी का कोई भी अरबपति चंदा देने वाला व्यक्ति मस्क जितना पैसा खर्च नहीं कर रहा है। मस्क के चंदे से यह भी साफ हुआ है कि वे अमेरिकी राजनीति में लंबे समय तक सक्रिय रहना चाहते हैं। मई 2025 में उन्होंने कहा था कि भविष्य में वे राजनीतिक खर्च काफी कम कर देंगे। ट्रम्प की मस्क से फिर नजदीकी बढ़ी मस्क के पास कई बड़ी कंपनियां हैं, जिनमें से कुछ को अमेरिकी सरकार से बड़े ठेके भी मिले हैं। पिछले साल ट्रम्प के साथ विवाद के बाद से मस्क ने अपने राजनीतिक कामकाज को लेकर काफी कम सार्वजनिक बयान दिए थे। हालांकि, अब दोनों के रिश्ते फिर सुधरते दिख रहे हैं। पिछले दो हफ्तों में दोनों तीन कार्यक्रमों में साथ दिखाई दिए और एक-दूसरे की तारीफ भी की। मस्क के इतना पैसा खर्च करने से जाहिर है कि वे दक्षिणपंथी राजनीति के साथ अपनी भागीदारी बनाए रखना चाहते हैं। 3,000 लोगों की टीम घर-घर जाकर वोट मांग रही रिपब्लिकन पार्टी को ज्यादातर चंदा मस्क के बनाए राजनीतिक संगठन अमेरिका PAC के जरिए मिलता है। यह संगठन रिपब्लिकन पार्टी के उम्मीदवारों के समर्थन में प्रचार करता है। अमेरिका PAC के प्रवक्ता एंड्रयू रोमियो ने कहा कि अगर नवंबर में डेमोक्रेटिक पार्टी चुनाव जीत जाती है, तो अमेरिका के कम्युनिष्ट, वोक और बिना सीमा वाला देश बनने का खतरा है। उन्होंने कहा कि मस्क के बड़े निवेश से रिपब्लिकन पार्टी को अपना पक्ष लोगों तक पहुंचाने का मौका मिला है, ताकि वह चुनाव में इतिहास के रुझान को बदलने की कोशिश कर सके। मस्क सिर्फ बेहिसाब पैसा खर्च नहीं, बल्कि उनकी टीम के 3000 लोग घर-घर जाकर मतदाताओं से संपर्क कर रहे हैं। वे उन मतदाताओं को वोट डालने के लिए तैयार कर रहे हैं, जो आमतौर पर चुनाव में कम हिस्सा लेते हैं। टेक्सास में सबसे बड़ा दांव, एक उम्मीदवार पर ₹1500 करोड़ खर्च मस्क के चुनावी अभियान का सबसे दिलचस्प हिस्सा टेक्सास का सीनेट चुनाव है। यहां रिपब्लिकन उम्मीदवार केन पैक्सटन के समर्थन में करीब 1500 करोड़ रुपए के विज्ञापन अभियान की शुरुआत हुई है। मस्क के लिए टेक्सास का चुनाव इसलिए भी अहम है, क्योंकि वे राज्य की राजधानी ऑस्टिन में रहते हैं और यहां उनका बड़ा कारोबारी निवेश है। उनकी टीम सिर्फ टीवी विज्ञापनों के जरिए प्रचार नहीं कर रही, बल्कि घर-घर जाकर मतदाताओं से संपर्क भी कर रही है। प्रचारक लोगों के दरवाजों पर पर्चे लगा रहे हैं। इन पर्चों में दावा किया जा रहा है कि डेमोक्रेटिक पार्टी के नेता पूरे अमेरिका में चुनाव जीत रहे हैं और टेक्सास में भी ऐसा हो सकता है। ट्रांसजेंडर और समाजवाद के खिलाफ टार्गेटेड विज्ञापन मस्क का चुनावी संगठन ट्रांसजेंडर और समाजवाद के मुद्दों पर ज्यादा जोर दे रहा है। मस्क की अपनी ट्रांसजेंडर बेटी के साथ अनबन रही है। मस्क ने कहा था कि बेटी के साथ हुए मतभेदों का असर उनकी राजनीति में बढ़ती दिलचस्पी पर भी पड़ा। अब उनका संगठन इसी मुद्दे पर डेमोक्रेटिक पार्टी के उम्मीदवारों को घेर रहा है। एक विज्ञापन में मेकअप लगाए एक व्यक्ति को दिखाया गया है। इसमें कहा गया है- उन्होंने तो वोटिंग करने की ठान ली है। क्या आप वोट डालने जा रहे हैं? इस विज्ञापन के जरिए लोगों से कहा जाता है कि वे घर पर न बैठें और कट्टरपंथियों को चुनाव जीतने का मौका न दें। एक और वीडियो में डेमोक्रेटिक नेताओं को मुस्कुराते हुए दिखाया है। इसमें यह कहा जा रहा है कि वे इसलिए खुश हैं क्योंकि ‘क्रिस्टोफर’ ने वोट डालने का कोई प्लान अभी तक नहीं बनाया है। इसमें भी यही मैसेज है कि अगर रिपब्लिकन समर्थक वोट डालने नहीं गए, तो डेमोक्रेटिक उम्मीदवारों को इसका फायदा मिल सकता है। मस्क के प्रचार का तरीका बदला 2024 के अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव में मस्क ट्रम्प के समर्थन में खुलकर प्रचार कर रहे थे। वे चुनावी रैलियों में शामिल होते थे, सोशल मीडिया पर लगातार पोस्ट करते थे और वोटरों को अपने पक्ष में करने के लिए 10 लाख डॉलर देने जैसी योजना भी चलाते थे। 2026 के मिडटर्म चुनाव में उनका तरीका बदल गया है। इस बार वे खुद सामने आकर प्रचार करने के बजाय पर्दे के पीछे रहकर काम कर रहे हैं। अब उन्होंने प्रचार की जिम्मेदारी अपने संगठन और सलाहकारों को सौंप दी है। सोशल मीडिया पर भी उनकी सक्रियता पहले के मुकाबले काफी कम है।
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